GSSS BINCHAWA

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हिमालय का प्रादेशिक विभाजन

  

         हिमालय का प्रादेशिक विभाजन
     हिमालय को प्रादेशिक आधार पर (
हिमालय का प्रादेशिक विभाजन) चार भागों में विभाजित किया जा सकता है 
  1. कश्मीर हिमालयहिमालय का प्रादेशिक विभाजन
    इसे हिमांचल हिमालय, पंजाब हिमालय व पश्चिमी हिमालय भी कहा जाता है
    सिंधु और सतलुज नदियों के बीच का हिमालय क्षेत्र कश्मीर हिमालय के नाम से जाना जाता है
    इसकी लम्बाई 560 किमी है
    कश्मीर हिमालय का अधिकांश हिस्सा जम्मू- कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में है।
    काराकोरम, लद्दाख, ज़ास्कर, धौलाधार पर्वत श्रेणियां कश्मीर हिमालय में स्थित है
    कश्मीर हिमालय करेवा झिलीय निक्षेप के लिए प्रसिद्ध है जहाँ ज़ाफ़रान(केसर) की खेती की जाती हैं।
    दक्षिण एशिया के महत्वपूर्ण ग्लेशियर जैसे बोल्टोरोरो व सियाचिन ग्लेशियर इसी हिमालय में पाए जाते हैं।
    वैष्णोदेवी का मंदिर व अमरनाथ गुफा कश्मीर हिमालय के अन्तर्गत महत्वपूर्ण तीर्थ हैं |
    प्रसिद्ध कश्मीर घाटी ,कुल्लू-कांगड़ा, लाहोल व स्पीती घाटी कश्मीर हिमालय में स्थित है
    जोजिला, बनिहाल, पीरपंजाल, बुर्जिल, खर्दुंगला, रोहतांग व बरालाचा दर्रे कश्मीर हिमालय में स्थित है
    प्रसिद्ध डल झील व वुलर झील कश्मीर हिमालय में स्थित है 
  2. कुमाऊँ हिमालय
    हिमालय का प्रादेशिक विभाजन
    सतलुज से काली नदियों के बीच का हिमालय क्षेत्र कुमाऊँ हिमालय के नाम से जाना जाता है
    इसकी लम्बाई 320 किमी है
    कुमाऊँ हिमालय उत्तराखंड में स्थित है
    बद्रीनाथ ,केदारनाथ , त्रिशूल, गंगोत्री ,नन्दा देवी, कामेत, नन्दाकोट, आदि मुख्य चोटियाँ कुमाऊँ हिमालय
    हिमालय में स्थित है
    नंदा देवी कुमाऊँ हिमालय सबसे ऊँची चोटी है
    गंगा व यमुना नदियों का उद्गम क्षेत्र क्रमशः गंगोत्री व यमुनोत्री ग्लेशियर इसी हिमालय में स्थित हैं
    इसके दो भाग गढ़वाल हिमालय तथा कुमाऊँ हिमालय हैं।
    कुमाऊँ हिमालय में लघु हिमालय की मसूरी और नागटिबा पर्वतमाला स्थित है।
    प्रसिद्ध ‘फूलो की घाटी’ इसी हिमालय में स्थित हैं
  3. नेपाल हिमालय
    हिमालय का प्रादेशिक विभाजन
    यह पश्चिम में काली नदी और पूर्व में तीस्ता नदी के बीच मे स्थित है।
    इसकी लम्बाई 800 किमी है
    यह हिमालय सिक्किम, दार्जिलिंग तथा भूटान में फैला हुआ है।
    हिमालय की प्रसिद्ध काठमांडू घाटी इसी भाग में स्थित है।
    धौलागिरी, अन्नपूर्णा, माउंट एवरेस्ट, मकालू, कंचनजंगा आदि प्रसिद्ध चोटियां नेपाल हिमालय में स्थित है
    इस क्षेत्र में लघु हिमालय को महाभारत श्रेणी के नाम से जाना जाता है
  4. असम हिमालय
    हिमालय का प्रादेशिक विभाजन
    हिमालय का यह हिस्सा पश्चिम में तीस्ता नदी और पूर्व में ब्रह्मपुत्र नदी के बीच स्थित है
    इसकी लम्बाई 720 किमी है
    यह हिमालय सिक्कम, अरुणाचल प्रदेश व असम में फैला हुआ है
    हिमालय की सबसे पूर्वी चोटी नामचा बरवा चोटी असम हिमालय में स्थित है  

भौगोलिक हिमालय


हिमालय का भौगोलिक वर्गीकरण


  • हिमालय का भौगोलिक वर्गीकरण :-
    उत्तर का पर्वतीय प्रदेश पश्चिम में जम्मू-कश्मीर से पूर्व में अरुणाचल प्रदेश तक 2500 किमी. में फैला है। पूर्व में इसकी चौड़ाई 200 किलोमीटर व पश्चिम में इसकी चौड़ाई 500 किमी. है हिमालय पर्वत का निर्माण यूरेशियाई प्लेट और इंडिक प्लेट के टकराने से हुआ है। हिमालय के निर्माण के सम्बन्ध में कोबर का भू-सन्नति सिद्धांत व हैरी हैस का प्लेट विवर्तनिकी सिद्धांत सर्वाधिक मान्य है हिमालय का निर्माण टेथीस सागर से हुआ है अतः टेथीस सागर को 'हिमालय का गर्भ-गृह' या जन्म स्थल कहा जाता हैं। हिमालय विश्व के नवीनतम मोड़दार पर्वतों में से एक है। इसका निर्माण अल्पाइन भूसंचलन के तहत् टर्शियरी काल में हुआ उत्तरी पर्वतीय प्रदेश को तीन भागों में बाँटा जा सकता है-
    ट्रांस हिमालय
  1. ट्रांस हिमालय या 'तिब्बत हिमालय श्रेणी
    यह वृहद् हिमालय के उत्तर में स्थित है। इसमें काराकोरम, लद्दाख, जॉस्कर एवं कैलाश पर्वत श्रेणियाँ शमिल है ।
    काराकोरम श्रेणी - काराकोरम श्रेणी को एशिया की रीढ़ (Backbone of High Asia) कहा जाता है। इसका प्राचीन नाम कृष्णगिरी है  इसी श्रेणी में भारत (POK) की सर्वोच्च पर्वत चोटी K2 या गॉडविन ऑस्टिन (8,611 मी.) स्थित है। गॉडविन ऑस्टिन पर्वत को गौरी नन्दा पर्वत के नाम से भी जाना जाता है। ये चोटी माउंट एवरेस्ट के बाद विश्व की दूसरी उच्चतम पर्वत चोटी है
    भारतीय भूभाग में काराकोरम श्रेणी पाक-अधिकृत कश्मीर में स्थित है। सियाचिन,बियाफो, बल्तोरा, व हिस्पार ग्लेशियर काराकोरम श्रेणी में स्थित हैं। काराकोरम श्रेणी पश्चिम में पामीर की गाँठ से मिल जाती है
    लद्दाख श्रेणी - काराकोरम श्रेणी के दक्षिण में लद्दाख श्रेणी है। यह श्रेणी श्योक और सिन्धु नदी के बीच में स्थित है (लद्दाख श्रेणी के उत्तर में श्योक तथा दक्षिण में सिन्धु नदी बहती है) लद्दाख श्रेणी के दक्षिण में सिन्धु नदी के दाहिने तट पर लद्दाख की राजधानी “लेह” स्थित है विश्व की सर्वाधिक तीव्र ढाल वाली चोटी “राकपोशी चोटी” लद्दाख श्रेणी में स्थित है
    जासकर श्रेणी - लद्दाख श्रेणी के दक्षिण में जॉस्कर श्रेणी स्थित है सिन्धु नदी जॉस्कर और लद्दाख श्रेणियों के मध्य बहती है, भारत का सबसे ठंडा क्षेत्र द्रास यंही स्थित है
    कैलाश श्रेणी – कैलाश श्रेणी लद्दाख श्रेणी का विस्तार है जो तिब्बत में स्थित है
    हिमालय (भारत)

  2. हिमालय पर्वतीय प्रदेश- हिमालय पर्वतीय प्रदेश के अंतर्गत तीन प्रमुख पर्वत श्रेणियाँ हैं-
    1. वृहद् हिमालय या आंतरिक हिमालय श्रेणी- वृहद् हिमालय का विस्तार पश्चिम में नंगा पर्वत (सिन्धु नदी के मोड़) से लेकर पूर्व में नामचा बरवा (ब्रह्मपुत्र के मोड़) तक है वृहद् हिमालय को आंतरिक हिमालय श्रेणी, हिमाद्रि, मुख्य हिमालय या बर्फीला हिमालय भी कहते है। ट्रांस हिमालय व वृहद् हिमालय के मध्य का क्षेत्र शचर जोन कहलाता है विश्व की सर्वाधिक ऊँची चोटियाँ इसी श्रेणी में पायी जाती हैं। वृहद् हिमालय की औसत ऊँचाई 6100 मीटर है। वृहद् हिमालय में पूर्व (असम हिमालय) में हिम रेखा की ऊँचाई 4400 मीटर के करीब है जबकि पश्चिम (कश्मीर हिमालय) में 5100 मीटर के करीब है।गंगोत्री व यमुनोत्री प्रमुख ग्लेशियर वृहद् हिमालय में स्थित है
    वृहद् हिमालय की प्रमुख चोटियाँ
    नंगा पर्वत इसकी ऊंचाई 8126 मी. है नंगा पर्वत गिलगित-बल्तिस्तान (POK) में स्थित है नंगा पर्वत विश्व की आठवीं सबसे ऊँची चोटी है
    माउंट एवरेस्ट-सकी ऊंचाई 8848 मीटर है यह चोटी नेपाल में स्थित है माउंट एवरेस्ट विश्व की सर्वोच्च चोटी चोटी है। माउंट एवरेस्ट को नेपाल में सागरमाथा के नाम से भी जाना जाता है।
    धौलागिरि - इसकी ऊंचाई 8172 मीटर है यह चोटी नेपाल में स्थित है धौलागिरि विश्व की सातवीं सबसे ऊँची चोटी है इसे सफ़ेद पर्वत कहा जाता है
    अन्नपूर्णा - इसकी ऊंचाई 8076 मीटर है यह चोटी नेपाल में स्थित है अन्नपूर्णा विश्व की दसवीं सबसे ऊँची चोटी है
    नंदा देवी -इसकी ऊंचाई 7817 मीटर है  यह चोटी उत्तराखंड में स्थित है यह उत्तराखंड की सर्वाधिक ऊँची चोटी है 
    मकालू - इसकी ऊंचाई 8481 मीटर है यह चोटी नेपाल में स्थित है मकालू विश्व की पांचवी सबसे ऊँची चोटी है
    कंचनजंघा - इसकी ऊंचाई 8598 मीटर है कंचनजंघा भारत में स्थित हिमालय की सबसे ऊँची चोटी है जो सिक्किम और नेपाल की सीमा पर स्थित है कंचनजंघा विश्व की तीसरी सबसे ऊँची चोटी है
    नामचा बरवा - इसकी ऊंचाई 7756 मी.है यह चोटी तिब्बत में स्थित है यह हिमालय की सबसे पूर्व में स्थित है
    2. लघु हिमालय या हिमाचल श्रेणी- इसका विस्तार मुख्य हिमालय के दक्षिण में है। यह नेपाल तक फैली हुई है इसकी औसत ऊँचाई 3700 से 4500 मी. के बीच है। लघु हिमालय की ढाल पर छोटे-छोटे घास के मैदान पाये जाते हैं, जिन्हें कश्मीर में 'मर्ग' तथा उत्तराखंड में 'बुग्याल' या 'पयार' कहा जाता है। गुलमर्ग शीतकालीन खेलों के केन्द्र के रूप में प्रसिद्ध है।
    लघु हिमालय के अंतर्गत पीरपंजाल श्रेणी, धौलाधर श्रेणी , नागटिब्बा श्रेणी(कुमायूं), महाभारत (नेपाल) श्रेणियाँ हैं पीरपंजाल श्रेणी में 'बनिहाल' और 'पीरपंजाल' दो प्रमुख दर्रे हैं।
    3. शिवालिक श्रेणी या बाह्य हिमालय या उप हिमालय-  हिमालय की सबसे बाहरी एवं दक्षिणी (निचली) श्रृंखला को शिवालिक हिमालय कहा जाता है शिवालिक श्रेणी लघु हिमालय के दक्षिण में अवस्थित है। यह हिमालय का सबसे नवीन भाग है। शिवालिक को लघु हिमालय से अलग करने वाली घाटियों को पश्चिम में 'दून' (जैसे-देहरादून) तथा पूरब में 'द्वार' (जैसे-हरिद्वार) कहते है शिवालिक हिमालय सर्वाधिक वर्ष प्राप्त करता है
    पूर्वांचल हिमालय

  3. पूर्वांचल की पहाड़ियाँ
    ये भारत के उत्तर पूर्वी राज्यों में फैली हैं। दिहांग गॉर्ज के बाद हिमालय दक्षिण की ओर मुड़ जाता है और भारत की पूर्वी सीमा का निर्धारण करता है| हिमालय के इस भाग को ‘पूर्वांचल पहाड़ियाँ’ कहा जाता है पूर्वांचल निम्नलिखित पहाड़ियाँ स्थित है 
    फला पहाड़ियाँ -नका विस्तार अरूणाचल प्रदेश राज्य में पाया जाता है  ये पहाड़ियां शिवालिक हिमालय का भाग है 
    मिरी पहाड़ियाँ - नका विस्तार अरूणाचल प्रदेश राज्य में पाया जाता है  ये पहाड़ियां शिवालिक हिमालय का भाग है 
    अबोर पहाड़ियाँ- नका विस्तार अरूणाचल प्रदेश राज्य में पाया जाता है  ये पहाड़ियां शिवालिक हिमालय का भाग है 
    मिश्मी पहाड़ियाँ:- इनका पूर्वी व उत्तरी भाग चीन की सीमा को स्पर्श करता है| इनका विस्तार अरूणाचल प्रदेश राज्य में पाया जाता है
    पटकोई बूम पहाड़ियाँ:- ये पहाड़ियाँ भारत व म्यांमार की सीमा के सहारे विस्तृत है इनका विस्तार भी अरूणाचल प्रदेश राज्य में पाया जाता है
    नागा पहाड़ियाँ:- ये पहाड़ियाँ भारत व म्यांमार की सीमा का निर्माण करती और और इनका विस्तार भारत के नागालैंड राज्य में पाया जाता है|
    मणिपुर पहाड़ियाँ:- इन पहाड़ियाँ का विस्तार मुख्यतः मणिपुर राज्य में मिलता है |
    मिज़ो पहाड़ियाँ:- मिजोरम में स्थित इन पहाड़ियों को पूर्व में ‘लुशाई पहाड़ियों’ के नाम से जाना जाता था| ये पहाड़ियाँ अराकान योमा तंत्र के उत्तरी भाग का निर्माण करती हैं|
    त्रिपुरा पहाड़ियाँ:- ये पहाड़ियाँ त्रिपुरा राज्य में अवस्थित हैं|
    मीकिर पहाड़ियाँ:- असम के काजीरंगा राष्ट्रीय पार्क के दक्षिण में ये पहाड़ियाँ स्थित हैं और कार्बी-आंगलांग पठार का एक हिस्सा हैं| इस क्षेत्र में धनसिरी व जमुना नदियाँ प्रवाहित होती हैं|
    गारो पहाड़ियाँ:- मेघालय राज्य में स्थित इन पहाड़ियों को पृथ्वी के सर्वाधिक आर्द्र स्थानों में से एक माना जाता है|
    ख़ासी पहाड़ियाँ: -मेघालय राज्य में स्थित इन पहाड़ियों का नाम ख़ासी जनजाति के नाम पर रखा गया है, जोकि इस क्षेत्र में निवास करती हैं| चेरापूँजी, जोकि विश्व का सर्वाधिक वर्षा वाला स्थान है, पूर्वी ख़ासी पहाड़ियों में ही स्थित है
    जयंतिया पहाड़ियाँ:- ये मुख्य रूप से मेघालय राज्य में गारो पहाड़ियों के पूर्व में स्थित हैं|


भारत : सामान्य परिचय



  • ग्लोब पर भारत की अवस्थिति दक्षिण एशिया में है।
  • अक्षांशीय दृष्टि से भारत की अवस्थिति उत्तरी गोलार्द्ध में तथा देशान्तरीय दृष्टि से पूर्वी गोलार्द्ध में है।
  • भारत का अक्षांशीय विस्तार 8° 4' उत्तरी अक्षांश से 37°6' उत्तरी अक्षांश तक है ।
  • भारत का देशान्तरीय विस्तार 68° 7' पूर्वी देशान्तर से 97° 25' पूर्वी देशान्तर तक है ।
  • भारत का सबसे उत्तरी बिन्दु 'इन्दिरा-कॉल' को माना जाता है जो लद्दाख में है। इसके दक्षिणी भाग में सियाचिन ग्लेशियर एवं उत्तरी भाग में उरडोक (Urdok) ग्लेशियर स्थित है।
  • भारत का सबसे दक्षिणी बिन्दु 'इन्दिरा-प्वाइन्ट' है जो अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के ग्रेट निकोबार द्वीप का दक्षिणी बिन्दु (6° 45' उत्तरी अक्षांश) है। इंदिरा प्वाइन्ट को पहले 'पिगमेलियन प्वाइन्ट' अथवा, 'पारसन प्वाइन्ट' के नाम से जाना जाता था । भूमध्य रेखा से इसकी दूरी लगभग 876 किमी. है।
  • भारत की मुख्य भूमि का दक्षिणतम बिन्दु (8° 4' उत्तरी अक्षांश) कन्याकुमारी/ केप कमोरिन अंतरीप (तमिलनाडु) है।
  • कर्क रेखा भारत के मध्य भाग से 8 राज्यों गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखण्ड, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा एवं मिजोरम से होकर गुजरती है कर्क रेखा भारत को लगभग दो बराबर में बाँटती है
  • 82° 30' पूर्वी देशान्तर रेखा को देश का मानक याम्योत्तर (देशांतर) माना गया है। यह मानक याम्योत्तर उत्तर प्रदेश के (इलाहबाद के निकट) मिर्जापुर से होकर गुजरती है। भारतीय मानक समय (I.S.T.) ग्रीनविच मीन टाइम (G.M.T) से 5 घंटा 30 मिनट आगे है। हमारे देश के सबसे पूर्वी व सबसे पश्चिमी भागों के समय में लगभग 2 घंटों का अंतर है। यह रेखा भारत के पांच राज्यों (उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश ,छतीसगढ़, ओडिशा, आंध्र प्रदेश) से होकर गुजरती है
  • भारत का पश्चिमी बिन्दु गौरमोता (गुजरात) और पूर्वी बिन्दु किबिथु (अरूणाचल प्रदेश) है
 भारत : आकार 
India Area

  • भारत की आकृति पूर्णतः त्रिभुजाकार न होकर चतुष्कोणीय है।
  • भारत की उत्तर से दक्षिण तक दूरी 3214 किलोमीटर और पूर्व से पश्चिम तक दूरी 2933 किलोमीटर है
  • भारत का कुल 32,87,263 वर्ग किमी. है। जो विश्व के स्थलीय धरातल का 2.4 प्रतिशत भाग है। इस प्रकार क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत विश्व का सातवाँ बड़ा देश है क्षेत्रफल की दृष्टि भारत से बड़े देशों का क्रम निम्नानुसार है
  • कनाडा > चीन > संयुक्त राज्य > अमेरिका > ब्राजील > ऑस्ट्रेलिया > भारत
  • भारत की स्थलीय सीमा की लम्बाई 15200 कि.मी. है स्थलीय सीमा भारत के 16 राज्यों एवं 2 केन्द्रशासित प्रदेशों को छूती है।
  • भारत की समुद्र तटीय सीमा की कुल लम्बाई (लक्षद्वीप समूह, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह की तटीय लम्बाई सहित) 7516.6 किमी. है । मुख्य भूमि की तटीय लम्बाई 5422.6 किमी. है।' तटीय सीमा 9 राज्यों एवं 4 केन्द्रशासित प्रदेशों को छूती है।
  • तटीय राज्यों में गुजरात की तटीय लम्बाई (1214.70 किमी) सर्वाधिक है। इसके बाद आन्ध्र प्रदेश का स्थान है। केन्द्रशासित प्रदेशों में अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह की तटीय लम्बाई (1962.00 किमी) सर्वाधिक है।
  • प्रादेशिक जल सीमा (Territorial Sea) - भारत की 'प्रादेशिक जल सीमा' तट रेखा से 12 समुद्री मील (लगभग 21.9 किलोमीटर) की दूरी तक है। इस क्षेत्र के उपयोग का भारत को संपूर्ण अधिकार प्राप्त है।
  • संलग्न क्षेत्रमण्डल (Contiguous Zone) - प्रादेशिक जल सीमा से आगे तथा तट रेखा से 24 समुद्री मील की दूरी तक के क्षेत्र को 'संलग्न क्षेत्रमण्डल' कहते हैं। इस क्षेत्र में भारत को राजकोषीय अधिकार, सीमा शुल्क से संबंधित अधिकार, प्रदूषण नियंत्रण से संबंधित अधिकार तथा आप्रवासी कानून लागू करने का अधिकार प्राप्त है।
  • 'अनन्य आर्थिक क्षेत्र' (Exclusive Economic Zone) – इस क्षेत्र के अंतर्गत 'संलग्न क्षेत्र' के आगे के वे समुद्री क्षेत्र आते हैं जो तट रेखा से 200 समुद्री मील की दूरी तक हैं। इस क्षेत्र के अंतर्गत भारत को खनिज सम्पदा , सागरीय जल शक्ति, सागरीय जीवों का सर्वेक्षण, विदोहन, सरक्षण व अनुसन्धान का अधिकार है
 भारत : राज्य व केंद्र शासित प्रदेश  



Union Territories of India

  • वर्तमान में भारत में 28 राज्य एवं 8 केन्द्रशासित प्रदेश हैं।
  • क्षेत्रफल की दृष्टि से चार बड़े राज्य (घटते क्रम में)- राजस्थान >मध्यप्रदेश > महाराष्ट्र > उत्तर प्रदेश
  • क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे छोटा राज्य गोवा है।
  • भारत में वर्तमान में 8 केंद्र शासित प्रदेश है
  1. अण्डमान और निकोबार द्वीप समूह 
  2. चण्डीगढ़
  3. दादरा नागर हवेली और दमन दीव
  4. लक्षद्वीप
  5. पुदुचेरी
  6. दिल्ली
  7. जम्मू और कश्मीर
  8. लद्दाख
  • अंडमान निकोबार द्वीप समूह के प्रमुख द्वीप - उत्तरी अंडमान, मध्य अंडमान, दक्षिणी अंडमान, लघु अंडमान, कार निकोबार, छोटा निकोबार, बड़ा (ग्रेट) निकोबार है
  • अंडमान निकोबार द्वीप समूह की राजधानी 'पोर्ट ब्लेयर'( दक्षिणी अंडमान द्वीप) है।
  • भारत का दक्षिणतम बिन्दु 'इन्दिरा प्वाइंट' ग्रेट निकोबार द्वीप का दक्षिणी बिन्दु है।
  • बैरन द्वीप जो भारत का एकमात्र जाग्रत ज्वालामुखी है, मध्य अंडमान के पूर्वी भाग में अवस्थित है।
  • नारकोंडम द्वीप (उत्तरी अंडमान के उत्तर पूर्वी भाग में स्थित) एक ज्वालामुखी द्वीप है।
  • डंकन दर्रा दक्षिणी अंडमान और लघु अंडमान के बीच है।
  • अंडमान निकोबार द्वीप समूह 'मरकत द्वीप' (एमराल्ड आईलैंड) के नाम से भी प्रसिद्ध है।
  • 26 जनवरी 2020 को दो केंद्रशासित प्रदेश दादरा व नागर हवेली तथा दमन व दीव को मिलाकर “दादरा नागर हवेली और दमन दीव” नया केन्द्रशासित प्रदेश बनाया
  • 31अक्टूबर 2019 को जम्मू कश्मीर राज्य के दो केन्द्रशासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर तथा लद्दाख बनाए गए
  • लक्षद्वीप की राजधानी कवरत्ती है।
  • लक्षद्वीप प्रवाल भित्ति द्वारा निर्मित द्वीप हैं।
  • पुदुचेरी की राजधानी पुदुचेरी है।
  • पुडुचेरी (पांडिचेरी) एक ऐसा केन्द्रशासित प्रदेश है जिसका फैलाव तीन राज्यों में है।
  • पुडुचेरी (पांडिचेरी) केन्द्रशासित प्रदेश के अंतर्गत पुडुचेरी (मुख्य), यनम, कराईकल, माहे चार क्षेत्र आते हैं।
  • पांडिचेरी (मुख्य)         ⇒ तमिलनाडु की सीमा में अवस्थित
  • कराईकल                ⇒ तमिलनाडु की सीमा में अवस्थित
  • यनम                   ⇒ आन्ध्र प्रदेश की सीमा में अवस्थित
  • माहे                    ⇒ केरल की सीमा में अवस्थित
  • दादरा नागर हवेली और दमन दीव की राजधानी दमन है 
 भारत : पड़ोसी देश 
  • भारतीय उपमहाद्वीप में पाकिस्तान, नेपाल, भूटान, बांग्लादेश और भारत आते हैं।
  • भारत की सीमाओं से लगे कुल सात पड़ोसी देश हैं। भारत के 16 राज्य व 2 केन्द्रशासित प्रदेश 7 पड़ोसी देशों की स्थलीय सीमाओं से जुड़े हैं।
  • भारत एवं पाकिस्तान सीमा - भारत एवं पाकिस्तान के बीच 3323 किमी लम्बी अन्तर्राष्ट्रीय सीमा है भारत एवं पाकिस्तान के बीच इस सीमा का निर्धारण 1947 में सर सीरिल रेडक्लिफ द्वारा किया गया। इसलिए इसे रेडक्लिफ रेखा कहते है भारत के दो केन्द्रशासित प्रदेश (जम्मू-कश्मीर व लद्दाख) तथा तीन राज्य (पंजाब, राजस्थान, गुजरात) पाकिस्तान के साथ सीमा बनाते है
  • भारत-चीन सीमा- भारत एवं चीन के बीच 3488 किमी लम्बी अन्तर्राष्ट्रीय सीमा है इस सीमा रेखा का निर्धारण 1914 में सर हेनरी मैकमोहन द्वारा किया गया। इसलिए इसे मैकमोहन रेखा कहते है है भारत के एक केन्द्रशासित प्रदेश (लद्दाख) तथा चार राज्य (हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश) चीन के साथ सीमा बनाते है
  • भारत-अफगानिस्तान सीमा – भारत एवं अफगानिस्तान के बीच 106 किमी लम्बी अन्तर्राष्ट्रीय सीमा है इस सीमा रेखा का निर्धारण 1896 में सर मोर्टीमर डूरण्ड द्वारा किया गया। इसलिए इसे डुरण्ड रेखा कहते है है भारत एवं अफगानिस्तान की सीमा रेखा सबसे छोटी अन्तेर्राष्ट्रीय सीमा है यह वर्तमान में पाक अधिकृत कश्मीर (POK) एवं अफगानिस्तान के बीच सीमा रेखा का निर्धारण करती है।
  • भारत - म्यांमार सीमा रेखा – भारत एवं म्यांमार सीमा के बीच 1643 किमी लम्बी अन्तर्राष्ट्रीय सीमा है भारत के चार राज्य (अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम ) म्यांमार के साथ सीमा बनाते है
  • भारत – नेपाल सीमा – भारत एवं नेपाल सीमा के बीच 1751 किमी लम्बी अन्तर्राष्ट्रीय सीमा है भारत के पांच राज्य (उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, प. बंगाल, सिक्किम।) नेपाल के साथ सीमा बनाते है
  • भारत – भूटान सीमा - भारत एवं भूटान सीमा के बीच 699 किमी लम्बी अन्तर्राष्ट्रीय सीमा है भारत के चार राज्य (सिक्किम, प. बंगाल, असम,अरुणाचल प्रदेश।) भूटान के साथ सीमा बनाते है
  • भारत- बांग्लादेश सीमा - भारत एवं बांग्लादेश के बीच 4096.7 किमी लम्बी अन्तर्राष्ट्रीय सीमा है भारत के पांच राज्य (पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय,त्रिपुरा, मिजोरम।) बांग्लादेश के साथ सीमा बनाते है यह भारत के साथ लगने वाली सबसे लम्बी अन्तर्राष्ट्रीय स्थलीय सीमा है
  • 8° चैनल (8° उत्तरी अक्षांश) मिनीकाय एवं मालदीव के बीच है।
  • 9° चैनल (9° उत्तरी अक्षांश) मिनीकाय को मुख्य लक्षद्वीप समूह से अलग करता है।
  • 10° चैनल (10° उत्तरी अक्षांश रेखा) अंडमान को निकोबार से अलग करता है।
  • कोको स्ट्रेट कोको द्वीप(म्यांमार ) और उत्तरी अंडमान द्वीप के बीच में
  • 'पाक स्ट्रेट' तमिलनाडु एवं श्रीलंका के मध्य स्थित है।
  • 'आदम ब्रिज' तमिलनाडु एवं श्रीलंका के मध्य स्थित है। 'पम्बन द्वीप' आदम ब्रिज का हिस्सा है।
  • आदम ब्रिज के उत्तर में पाक की खाड़ी एवं दक्षिण में मन्नार की खाड़ी स्थित है।

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भारत की नदियाँ

  1. सिंधु नदी का उदगम स्थल कहां है
    बोखर चू , कैलाश पर्वत (तिब्बत)
  2. सिंधु नदी को तिब्बत में किस नाम से जाना जाता है
    सिंगी खंबान /शेर मुख 
  3. पंचनद क्या है
    सतलज,व्यास, रावी,  चेनाब, झेलम नदियों को संयुक्त रूप से पंचनद कहते हैं
  4. सतलज नदी कहां से निकलती है
    राकसताल झील, मानसरोवर (तिब्बत)
  5. भाखड़ा नंगल बांध परियोजना किस नदी पर है
    सतलज नदी पर
  6. सिंधु नदी की सबसे बड़ी सहायक नदी कौन सी है
    चिनाब
  7. सिंधु समझौते के अनुसार भारत सिन्धु नदी के कितने % जल का प्रयोग कर सकता है
    20% 
  8. सिंधु जल संधि कब हुई
    सिंधु जल संधि 1960 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुई
  9. भारत में सिंधु नदी किस राज्य में बहती है
    लेह (जम्मू कश्मीर) 
  10. सिंधुजल संधि के तहत किन नदियों का पानी भारत को देना तय किया गया
    व्यास, रावी, सतलज
  11. सिंधु जल संधि के तहत किन नदियों का पानी पाकिस्तान को देना तय किया गया
    सिंधु, चिनाब, झेलम 
  12. सिंधुनदी की लंबाई कितनी है
    2880 किमी (भारत में 1114 किमी)
  13. व्यास नदी कहां से निकलती है
    व्यास कुंड ,रोहतांग दर्रा
  14. चिनाब किन दो सरिताओं के मिलने से बनती है
    चंद्रा और भागा
  15. किस नदी को चंद्रभागा के नाम से भी जाना जाता है
    चिनाब
  16. झेलम नदी कहां से निकलती है
    वेरीनाग झरना(कश्मीर)
  17. गंगा नदी की लंबाई कितनी है
    2525 कि मी 
  18. गंगा नदी का उदगम स्थल कहां है
    गंगोत्री हिमनद (उत्तराखंड) 
  19. विश्व का सबसे बड़ा डेल्टा कौन सा है
    सुंदरवन डेल्टा
  20. मंदाकिनी और अलकनंदा का संगम कहां होता है
    रुद्रप्रयाग
  21. पिंडार और अलकनंदा का संगम कहां होता है
    कर्णप्रयाग
  22. धौलीगंगा और अलकनंदा का संगम कहां होता है
    विष्णुप्रयाग
  23. भारत में बहने के अनुसार भारत की सबसे लंबी नदी कौन-सी है
     गंगा 
  24. किस स्थान पर भागीरथी और अलकनंदा मिलकर गंगा का निर्माण करती है
    देवप्रयाग में 
  25. गंगा को बांग्लादेश में किस नाम से जाना जाता है
     पद्मा 
  26. गंगा एवं ब्रह्मपुत्र की संयुक्त जलधारा किस नाम से जानी जाती है
     मेघना 
  27. गंगा नदी की सबसे लंबी सहायक नदी कौन सी है
    यमुना 
  28. भारत की कौन-सी नदी सुंदरवन डेल्टा बनाती है
     गंगा व ब्रह्मपुत्र 
  29. सांग्पो(ब्रह्मपुत्र) नदी किस राज्य से होकर भारत में प्रवेश करती है
    अरुणाचल प्रदेश 
  30. ब्रह्मपुत्र नदी का उद्गम स्थल कहां है
    चेमांयुंगडुंग हिमनद ,मानसरोवर झील 
  31. कौन-सीनदी विश्व का सबसे बड़ा द्वीप 'मजुली' बनाती है
    ब्रह्मपुत्र
  32. कौन-सी नदी बांग्लादेश में जमुना के नाम से जानी जाती है
    ब्रह्मपुत्र (तिस्ता व ब्रह्मपुत्र) 
  33. ब्रह्मपुत्र नदी को तिब्बत में किस नाम से जाना जाता है
    सांग्पो
  34. प्रायद्वीपीय भारत की सबसे बड़ी नदी कौन-सी है-
    गोदावरी  
  35. किसनदी को वृहद् गंगा(बूढ़ी गंगा)/ दक्षिण की गंगा के नाम से जाना जाता है
    गोदावरी 
  36. कौन-सी नदी सतपुड़ा विंध्याचल के बीच भ्रंश घाटी से होकर बहती है
    नर्मदा 
  37. धुआंधार जलप्रपात किस नदी पर है
    नर्मदा नदी
  38. नर्मदा नदी का उद्गम स्थल कहां है
    अमरकंटक पठार (छत्तीसगढ़)
  39. अरब सागर में गिरने वाली प्रायद्वीपीय भारत की सबसे लंबी नदी कौन सी है
     नर्मदा नदी
  40. सरदार सरोवर परियोजना किस नदी पर बनाई गई है
    नर्मदा नदी पर
  41. किस नदी को 'बिहार का शोक' कहा जाता है-
    कोसी 
  42. अपना मार्ग बदलने के लिए कौन-सी नदी प्रसिद्ध है
    कोसी 
  43. दामोदर नदी कहाँ से निकलती है-
    छोटा नागपुर के पठार से 
  44. कौन-सी नदी 'बगाल का शोक' कही जाती है
    दामोदर नदी 
  45. भारत की सबसे प्रदूषित नदी कौन सी है
    दामोदर नदी
  46. रिफ्ट घाटी से होकर बहने वाली नदी कौनसी है
    दामोदर नदी
  47. गोवा राज्य की जीवन रेखा किस नदी को जाना जाता है
    मांडवी नदी को 
  48. दूधसागरजलप्रपात किस नदी पर है
    मांडवी नदी पर
  49. चंबल नदी का उद्गम स्थल कहां पर है
    जनापाव पहाड़ी, महू (मध्य प्रदेश)
  50. हीराकुंड बांध किस नदी पर बनाया गया
    महानदी पर
  51. आयतन की दृष्टि से भारत का सबसे बड़ा जलप्रपात शिवसमुद्रम जलप्रपात किस नदी पर है
    कावेरी नदी पर  
  52. भारतका सबसे बड़ा जलप्रपात जोग गरसोप्पा जलप्रपात किस नदी पर है
    शरावती नदी (कर्नाटक)



भारत : जनसंख्या वितरण, घनत्व एवं वृद्धि

  1. भारत का क्षेत्रफल विश्व के क्षेत्रफल का कितने प्रतिशत है  
    2.4%
  2. भारत में विश्व की कितने प्रतिशत जनसंख्या पाई जाती है
     17.5%
  3. भारत की कुल जनसंख्या कितनी है? (2011)
    1,21,01,93,422 व्यक्ति(121.01 करोङ) 
  4. जनसंख्या की दृष्टि से भारत का विश्व में कौन सा  स्थान है 
    दूसरा 
  5. भारत के सर्वाधिक व न्यूनतम जनसंख्या वृद्धि दर वाले  राज्य कौन से है 
    मेघालय व नागालैण्ड
  6. 2001-2011 में  भारत की औसत जनसंख्या वृद्धि दर  कितनी थी
    17.64%
  7. भारत में पहली  जनगणना कब हुई !         
     1872 ई. में 
  8. भारत की पहली  सम्पूर्ण जनगणना कब हुई
     1881ई. में
  9. भारत में उच्चतम व न्यूनतम जनसंख्या वाले केंद्र शासित प्रदेश कौन से हैं 
    दिल्ली व लक्ष्यद्वीप 
  10. भारत के अधिकतम जनसंख्या वाले पांच राज्य है
    उत्तरप्रदेश,महाराष्ट्र,पश्चिम बंगाल,बिहार, आन्ध्र प्रदेश
  11. भारत के न्यूनतम जनसंख्या  वाले पांच राज्य है–
    सिक्किम,मिजोरम,अरूणाचल प्रदेश,गोवा, नागालैण्ड
  12. भारत का जनसंख्या घनत्व कितना है
    382 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर 
  13. भारत के अधिकतम जनसंख्या घनत्व वाले पांच राज्य है–
    बिहार (1102), पश्चिम बंगाल , केरल , उत्तर प्रदेश,हरियाणा
  14. भारत के न्यूनतम जनसंख्या घनत्व वाले पांच राज्य है 
    अरुणाचल प्रदेश(17), मिजोरम, सिक्किम,  नागालैण्ड, मणिपुर 
  15. भारत में उच्चतम व न्यूनतम जनसंख्या घनत्व वाले केंद्र शासित प्रदेश कौन से हैं
    दिल्ली (11297)व अण्डमान निकोबार (46)
  16. जनसंख्या वितरण से क्या अभिप्राय है
    पृथ्वी तल पर जनसंख्या का स्थानिक फैलााव ही जनसंख्या वितरण कहलाता हैं
  17. जनसंख्या वृद्धि किसे कहते हैं?
    किसी भौगोलिक क्षेत्र की जनसंख्या के आकार में निश्चित समय में होने वाले परिवर्तन को जनसंख्या वृद्धि कहलाता है
  18. जनसंख्या वृद्धि को नियंत्रित करने के उपाय लिखिए(Board Exam 2020)
    1.विवाह की आयु में वृद्धि- विवाह की वर्तमान आयु में वृद्धि से लड़कियों को शिक्षा पूरी करने तथा सामाजिक व सांस्कृतिक कार्यो में भाग लेने का समय मिलेगा जिससे उनमें जनसंख्या नियंत्रण के प्रति रुचि जागृत होगी
    2.उत्पादन में वृद्धि- उत्पादन में वृद्धि से जीवन स्तर में सुधार होता है तथा मानव भविष्य के लिए योजनाओं का निर्माण करता है जिससे जनसंख्या नियंत्रण को बल मिलता है
    3.परिवार कल्याण कार्यक्रम में विस्तार- सरकारी एवं गैर सरकारी संस्थानों द्वारा  परिवार कल्याण कार्यक्रमों के प्रति आम जनता में रुचि जागृत करने से जनसंख्या नियंत्रण को बल मिलता है
    4.शिक्षा- शिक्षा मनुष्य को जीना सिखाती है शिक्षित व्यक्ति परिवार को छोटा रखने एवं जीवन स्तर को ऊंचा उठाने का प्रयास करते हैं जिससे जनसंख्या वृद्धि स्वत: ही नियंत्रित हो जाती है
  19. भारत में जनसंख्या वृद्धि के कारण लिखिए
    1. शिक्षा का निम्न स्तर- भारत में आज भी लगभग एक चौथाई लोग निरक्षर है निरक्षर लोग जनसंख्या वृद्धि के दुष्प्रभावों को समझ नहीं पाते हैं  इसलिए जनसंख्या नियंत्रण के साधन नहीं अपनाते हैं
    2.रूढ़ियां एवं अंधविश्वास-
    भारत में ग्रामीण जनसंख्या पर रूढ़िवादिता एवं अंधविश्वास का प्रभाव अधिक होता है अतः उनको समझाना कठिन होता है क्योंकि ये लोग जन्म नियंत्रण को प्रकृति केेेे विरुद्ध मानते हैं
    3 संयुक्त परिवार प्रथा
    - संयुक्त परिवार प्रथा में  बच्चों के भरण पोषण की जिम्मेदारी माता-पिता पर न हो कर संपूर्ण परिवार की होती है  अतः जनसंख्या नियंत्रण को आवश्यक नहीं समझा जाता है
    4. समाज में स्त्रियों की उपेक्षा-
    भारतीय समाज में स्त्रियों को केवल बच्चा पैदा करने की मशीन समझा जाता है तथा उनकी समाज में स्थिति अच्छी नहीं है इस कारण जनसंख्या वृद्धि हो रही है
    5. ग्रामीण जनसंख्या-
    भारत की दो-तिहाई जनसंख्या गांव में निवास करती है ग्रामीण जनसंख्या में बाल विवाह की प्रवृत्ति पाई जाती है तथा परिवार नियोजन में कोई रुचि नहीं दिखाते हैं 
  20. जनसंख्या घनत्व क्या है? समझाइए
    प्रति वर्ग किलोमीटर में निवास करने वाले लोगों की संख्या जनसंख्या घनत्व कहलाती है जनसंख्या घनत्व जनसंख्या जमाव की मात्रा का मापन है जनसख्या घनत्व किसी प्रदेश में निवास करने वाली कुल जनसंख्या तथा उस प्रदेश के कुल क्षेत्रफल का अनुपात होता है
  21. भारत में जनसंख्या वृद्धि कालो को स्पष्ट कीजिए
    1.मंद वृद्धि काल (1901 - 1921)- इस काल जनसंख्या वृद्धि अत्यंत धीमी गति (0.27% प्रतिवर्ष) से हुई । 1911-1921  के दशक में भीषण अकाल, महामारी व अन्नाभाव के कारण उच्च जन्म दर के साथ मृत्यु दर भी उच्च रही । अतः इस दशक में जनसंख्या में नकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई
    2. स्थिर वृद्धि काल (1921-1951)- वर्ष 1921 को महान  जनांकिकीय विभाजक वर्ष कहा जाता है इस काल में अकाल व महामारियों पर नियंत्रण के कारण मृत्युदर में तो कमी आयी परन्तु जन्मदर पूर्व की भांति उच्च बनी रही जिससेे औसत वार्षिक जनसंख्या वृद्धि दर बढ़कर 1.45% हो गई।
    3. तीव्र वृद्धि काल(1951-1981)- वर्ष 1951 को द्वितीय  जनांकिकीय विभाजक कहा जाता है इस काल में विकास कार्यों में तेजी व स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार के कारण मृत्युदर में तेजी से गिरावट आयी जबकि जन्मदर में मामूली गिरावट दर्ज की गई । परिणामस्वरुप इस काल में औसत वार्षिक जनसंख्या वृद्धि दर बढकर 2.2% हो गई
    4. घटती वृद्धि काल(1981-2011)- इस काल में परिवार नियोजन कार्यक्रम की सफलता व छोटे परिवार की प्रेरणा के कारण जन्म दर में काफी गिरावट आई और जनसंख्या वृद्धि में ह्रास हुआ इस काल औसत वार्षिक जनसंख्या वृद्धि दर गिरकर 1.76 प्रतिशत आ गई
  22. भारत में जनसंख्या वृद्धि के प्रभाव/ सामाजिक-आर्थिक प्रभाव लिखिए
    1.जनसंख्या वृद्धि के कारण प्राकृतिक संसाधनों का गलत तरीके से अत्यधिक उपयोग किया जाता है जिससे प्राकृतिक असंतुलन पैदा हो जाता है
    2.आवासीय समस्या के समाधान के लिए कृषि भूमि का उपयोग आवास हेतु किया जाने लगा है फल स्वरुप कृषि भूमि में कमी के कारण खाद्यान्नों की समस्या उत्पन्न हो गई है
    3.बढ़ी हुई जनसंख्या के लिए खाद्यान्न पूर्ति हेतु कीटनाशक और रासायनिक खाद का अत्यधिक प्रयोग किया जाता है जिसका मानव स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है 4.जनसंख्या वृद्धि से उत्पन्न अपशिष्ट पदार्थों से विभिन्न प्रकार के पर्यावरण प्रदूषण की समस्या उत्पन्न हो जाती है
    5.जनसंख्या वृद्धि से प्रकृति के साथ अनावश्यक छेड़छाड़ बढ़ गई है जिससे जलवायु परिवर्तन, मौसम परिवर्तन, ग्लोबल वार्मिंग, ओजोन क्षय जैसी समस्याएं उत्पन्न हो गई है 6.जनसंख्या वृद्धि से बहुमूल्य प्राकृतिक संसाधन जैसे वन्य जीव आदि के विलुप्त होने का खतरा उत्पन्न हो गया है 7.जनसंख्या वृद्धि से देश का आर्थिक विकास व वृद्धि अवरुद्ध हो जाती है
    8.जनसंख्या वृद्धि से रोजगार के अवसर सीमित हो गये हैं जिससे बेरोजगारी की समस्या उत्पन्न हो रही है
    9.जनसंख्या वृद्धि से समाज में झगड़े, जातिवाद, धर्मवाद अपराध आदि समस्याएं उत्पन्न हो जाती है जिससे कानून व्यवस्था प्रभावित होती है
    10. जल के अत्यधिक दोहन से भूजल स्तर लगातार नीचे जा रहा है जिससे आने वाले समय में जल की गंभीर समस्या उत्पन्न हो जाएगी
  23. जनसंख्या वितरण को प्रभावित करने वाले कारक लिखिए!
    1.धरातल-समतल धरातल पर सघन जनसंख्या व उबड़ खाबड़ विषम धरातल पर विरल जनसंख्या पाई जाती है विषम धरातलीय क्षेत्रों में कृषि योग्य भूमि की कमी हुए परिवहन के साधनों के अभाव के कारण विरल जनसंख्या पाई जाती है
    2.जल की उपलब्धता - जल की उपलब्धता वाले क्षेत्रों में सघन जनसंख्या पाई जाती है राजस्थान के मरुस्थलीय भागों में विरल जनसंख्या जल अभाव के कारण ही पाई जाती है
    3.जलवायुसुखद एवं स्वस्थ जलवायु मानव बसाव के लिए अनुकूल होती है जबकि अतिशीत, अति उष्ण व अति आर्द्र जलवायु मानव निवास एवं उसके क्रियाकलापों के लिए प्रतिकूल होती है इसी कारण हिमालय के पर्वतीय प्रदेश, राजस्थान का शुष्क मरुस्थल एवं पूर्वी हिमालय में विरल जनसंख्या पाई जाती है
    4.परिवहन की सुविधा- मैदानी भागों में पर्वतीय भागों की तुलना में परिवहन की उत्तम सुविधाएं पाई जाती है इस कारण मैदानी भाग सघन बसे हुए हैं
    5.खनिज -खनिज संपन्न प्रदेशों में तीव्र औद्योगीकरण व आर्थिक विकास के कारण सघन जनसंख्या पाई जाती है दामोदर घाटी में छोटा नागपुर क्षेत्र में खनिज उपलब्धता के कारण जनसंख्या का अधिक जमाव पाया जाता ह
    6.राजनीतिक कारक- राजनीतिक अशांति वाले क्षेत्रों में विरल जनसंख्या पाई जाती है जम्मू-कश्मीर, असम व पंजाब में आतंकवाद के कारण ही जनसंख्या विरल पाई जाती है

    1. भारत में जनसंख्या वितरण का वर्णन कीजिए
      भारत में 50% जनसंख्या मात्र पांच राज्यों उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, पश्चिम बंगाल व आंध्र प्रदेश में निवास करती है जबकि 4% जनसंख्या उत्तरी एवं उत्तरी पूर्वी 10 पर्वतीय राज्यों में निवास करती है जनसंख्या वितरण की दृष्टि से भारत को तीन भागों में बांटा जा सकता है 
      1.मैदानी क्षेत्र- जनसंख्या वितरण की दृष्टि से भारत का यह क्षेत्र प्रथम स्थान रखता है भारत के मध्यवर्ती मैदानी क्षेत्र में उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, पंजाब, हरियाणा व राजस्थान में लगभग 42.7% जनसंख्या निवास करती है
      2.दक्षिणी पठारी भाग- जनसंख्या वितरण की दृष्टि से पठारी भाग का दूसरा स्थान है इस क्षेत्र में महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश व कर्नाटक राज्यों में लगभग 23.3% जनसंख्या निवास करती है 
      3.तटवर्ती, पर्वतीय व मरुस्थलीय भाग - जनसंख्या दृष्टि से भारत का यह क्षेत्र  तीसरा स्थान रखता हैं इस क्षेत्र में प्रायद्वीपीय तटवर्ती राज्य, उत्तरी व उत्तरी-पूर्वी राज्य व राजस्थान का मरुस्थलीय भाग सम्मिलित है इन क्षेत्रों में धरातलीय विषमता व यातायात के साधनों के अभाव के कारण विरल जनसंख्या पाई जाती है
    2. भारत में जनसंख्या घनत्व के वितरण का वर्णन कीजिए जनसंख्या घनत्व के आधार पर भारत को तीन प्रदेशों में बांटा गया है 
      1.उच्च घनत्व के क्षेत्र -इन क्षेत्रों में जनसंख्या घनत्व 500 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर से अधिक पाया जाता है समतल मैदान, उपजाऊ मिट्टी ,सिंचाई व पेयजल की उपलब्धता के कारण यहां सघन जनसंख्या पाई जाती है इस क्षेत्र में बिहार, पश्चिम बंगाल, केरल, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, तमिलनाडु व पंजाब सहित 7 राज्य एवं 6 केंद्र शासित प्रदेश शामिल है 2.मध्यम घनत्व क्षेत्र -यहां जनसंख्या घनत्व 300-500 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर पाया जाता है  यहां धरातलीय विषमता व जल की कमी के कारण कृषि का विकास कम हुआ है इसलिए जनसंख्या घनत्व कम पाया जाता है महाराष्ट्र, गुजरात आंध्र प्रदेश, झारखंड, असम, गोवा, त्रिपुरा व कर्नाटक सहित आठ राज्यों में मध्यम घनत्व पाया जाता है 
      3.निम्न घनत्व के क्षेत्र- यहां 300 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर से कम जनसंख्या घनत्व पाया जाता है पर्वतीय धरातल व मरुस्थलीय प्रदेश जहां भौतिक अवरोधों के कारण कृषि विकास नहीं हो पाया है वहां विरल जनसंख्या पाई जाती है भारत के 13 राज्य एवं एक केंद्र शासित प्रदेश इस क्षेत्र में सम्मिलित है
    3. भारत में जनसंख्या वृद्धि के स्थानिक प्रतिरूप को समझाए
      2001-2011 के दशक में जनसंख्या वृद्धि दर के आधार पर भारत को तीन क्षेत्रों में बांटा गया है 
      1. तीव्र जनसंख्या वृद्धि क्षेत्र- इस क्षेत्र में 30% से अधिक जनसंख्या वृद्धि दर वाले राज्य व केंद्र शासित प्रदेश आते है इस क्षेत्र में केवल दादरा नगर हवेली व दमन दीव दो केंद्र शासित प्रदेश आते हैं 
      2.मध्यम जनसंख्या वृद्धि क्षेत्र-इस क्षेत्र में 20 से 30% के मध्य जनसंख्या वृद्धि दर वाले राज्य व केंद्र शासित प्रदेश सम्मिलित हैं  अरुणाचल प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, जम्मू कश्मीर, झारखंड, मध्य प्रदेश, मेघालय, मिजोरम व उत्तर प्रदेश सहित 10 राज्य तथा दिल्ली व पांडिचेरी 2 केंद्र शासित प्रदेश इस क्षेत्र में आते हैं 
      3.कम जनसंख्या वृद्धि क्षेत्र- इस क्षेत्र में 20% से कम जनसंख्या वृद्धि दर वाले 18 राज्य व 3 केंद्र शासित प्रदेश सम्मिलित है 18 राज्य आंध्र प्रदेश, असम, गोवा, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल तथा 3 केंद्र शासित प्रदेश अंडमान निकोबार दीप समूह, चंडीगढ़ व लक्ष्यद्वीप आते हैं

    विश्व की जनजातीयाँ

    विश्व की जनजातीयाँ 




    जैविक एवं अजैविक संसाधन

    1. भारत में कितने प्रतिशत पशुधन पाया जाता है
        20%
    2. भारत का विश्व में गाय-बैल पालन में कौनसा स्थान है
       द्वितीय (प्रथम- ब्राजील)
    3. भारत का विश्व में भेङ पालन में कौन सा स्थान है I
       द्वितीय (प्रथम- चीन)
    4. भारत का विश्व में भैंस पालन में कौन सा स्थान है I
       प्रथम 
    5. भारत में कितने प्रतिशत वन क्षेत्र है
      21.34%
    6. भारत में विश्व का कितने प्रतिशत पशु संसाधन पाया जाता है 
      20%
    7. भारत का राष्ट्रीय वृक्ष क्या है
      अशोक
    8. नीरू-मीरू कार्यक्रम किस राज्य में चलाया जा रहा है
      आन्ध्र प्रदेश 
    9. अरवारी पानी संसद कार्यक्रम कहाँ संचालित है
      अलवर
    10. सर्वाधिक ऊंट कहाँ पाले जाता है
      राजस्थान 
    11. भारत की सबसे लम्बी नदी का नाम लिखिए
      गंगा
    12. दक्षिण की गंगा किस नदी को कहते हैं
      कावेरी
    13. वन निति के अनुसार देश में कितने प्रतिशत भाग पर वन होने चाहिए
      33%
    14. एल्युमिनियम के अयस्क का नाम लिखिए
      बाक्साइट 
    15. वैदिक काल में नहर व कुए को क्या कहते थे
      कुल्या व अवर
    16. सुन्दरी वृक्ष व मेन्ग्रोव वृक्ष ( ज्वारीय वन)कहाँ पाये जाते हैं
      गंगा ब्रह्मपुत्र डेल्टा व हुगली नदी डेल्टा
    17. भारत में पाई जाने वाली भैसों की देशी नस्लों के नाम लिखिए
      मुर्रा, जाफरावादी, मेहसाना, भदावरी
    18. बंगाल मणिक क्या है
      झारखण्ड व बिहार में पाया जाने वाला लाल रंग का उत्तम किस्म का अभ्रक बंगाल मणिक कहलाता है 
    19. निम्न को सुम्मेलित कीजिए
      लौहा              -   कर्नाटक
      ताम्बा             -   मध्यप्रदेश
      एल्युमिनियम    -  उड़ीसा
      अभ्रक            – आन्ध्र प्रदेश
    20. लौह अयस्क के नाम लिखिए
      (1)हेमाटाइट  (2)मेग्नेटाइट (3)लिमोनाइट
    21. भारत में जल स्रोतों के नाम लिखिए
      (1) भूमिगत- नलकूप, कुएँ, बावङी
      (2) धरातलीय- तालाब, नदी, झील, बांध  
    22. सिंचाई किसे कहते हैं
      वर्षा की कमी या अभाव के कारण शुष्क मौसम में खेतो में कृत्रिम ढंग से जल आपूर्ति की क्रिया को सिंचाई कहते है
      है
    23. जल संभर प्रबंधन किसे कहते हैं
      वर्षा जल संग्रहण, भौम जल के संचयन व पुनर्भरण द्वारा धरातलीय व भूमिगत जल संसाधनों का दक्ष प्रबंधन जल संभरण प्रबंधन कहलाता है 
    24. जल संभर प्रबंधन के दो उद्देश्य लिखो (2014)
      -भूमिगत जल का संचयन व पुनर्भरण
      -प्राकृतिक संसाधनों व समाज के बीच सन्तुलन बनाना 
    25. भारत में धरातलीय जल व भूमिगत जल का विभिन्न सैक्टर में उपयोग बताइए
       धरातलीय जल – कृषि 89%, घरेलू कार्य 9% व उद्योग 2%
      भूमिगत जल - कृषि 92% घरेलू कार्य 5% व उद्योग 10%
    26. आयस्टर कल्चर क्या है
      आयस्टर मच्छलियो से कृत्रिम विधि से मोती प्राप्त करना आयस्टर कल्चर है
    27. भारत में मत्स्य उपलब्धता की अनुकूल दशाएं बताइए
      (1) छिछले समुद्र (2) नदियों के मुहाने
      (3) ठण्डी व गर्म जल धाराओं के मिलन स्थल
    28. भारत के मत्स्य क्षेत्रों के नाम लिखिए
      (1) समुद्र तटीय मत्स्य क्षेत्र  (2) नदी मुख मत्स्य क्षेत्र
      (3) मीठे जल के मत्स्य क्षेत्र  (4) मोती मत्स्य क्षेत्र
      (5) शंख मत्स्य क्षेत्र 
    29. भारतीय वनों से प्राप्त प्रमुख उपजे बताइए
      1.मुख्य उपजे-  मुख्य उपज में वनों से लकड़ियां प्राप्त होती है जैसे साल, शीशम, देवदार, चीड़, चंदन, बबूल आदि से लकड़िया प्राप्त होती है
      गौण उपजे - लाख, कत्था, रबर, गोंद, शहद, औषधियां,  जड़ी-बूटियां, रंग, तारपीन का तेल आदि
    30. भारत में मत्स्य उद्योग का महत्त्व लिखिए
      (1) प्रोटीन युक्त आहार की प्राप्ति - मछलियां प्रोटीन का उत्तम स्रोत है अतः यह भोजन को संतुलित बनाकर कुपोषण से बचाती है
      (2) रोजगार की प्राप्ति-  मत्स्य व्यवसाय व इससे सम्बंधित व्यवसायों में करोड़ों लोग रोजगार लगे हुए हैं जिससे उनका जीवन स्तर सुधर रहा है
      (3) विदेशी मुद्रा की प्राप्ति - मछलियों के निर्यात से विदेशी मुद्रा की प्राप्ति होती है जो व्यापार संतुलित में सहायक है
      (4) राष्ट्रीय आय में वृद्धि- मत्स्य व्यवसाय से रोजगार व अन्य सहायक व्यवसायों का सृजन हुआ है जिससे राष्ट्रीय आय में वृद्धि होती है 
    31. भारत मे पशु संसाधन विकास के उपाय बताइए
      (1)पशुओं के पौष्टिक व पूर्ण आहार के लिए चारागाह का विकास किया जाना चाहिए
      (2)गांवों में पशु चिकित्सालय व कृत्रिम गर्भाधान केन्द्र खोलने चाहिए ताकि पशुओं की नस्ल सुधार हो सके।
      (3) वैज्ञानिक तरीके से पशुपालन किया जाना चाहिए ताकि पशु उत्पादन में वृद्धि हो सके।
      4.ग्रामीण क्षेत्रों में पशु चिकित्सालय की सुविधा उपलब्ध करवाई जाए ताकि बीमार पशुओं को दूर नहीं ले जाना पड़े एवं पशुओं के समय पर टीके लगाए जा सके।
    32. ऊंट को रेगिस्तान का जहाज क्यों कहते है 
      ऊंट के गद्देदार पैर रेत में नहीं धंसते है इसलिए ऊंट रेगिस्तान में तेजी से दौड़ सकता है ऊंट का मल मूत्र गाढा एवं चमड़ी मोटे होने के कारण पसीना कम आता है इसलिए ऊंट को पानी कीऊंट को पानी की कम आवश्यकता होती है ऊंट की कूबड़ में चर्बी जमा रहती है जिसका उपयोग यह जल पूर्ति के लिए करता है इसलिए ऊंट सात दिन तक बिना पानी पिए रह सकता है एक में वर्षों बाद भी मार्ग पहचानने की अदभुत क्षमता पाई जाती है  इसलिए गर्म और शुष्क मरुस्थल में ऊंट को आसानी से पाला जा सकता है 
    33. भारत में पशुधन कमी के कारण लिखिए
      (1)पौष्टिक आहार व हरे चारे की कमी- भारत में बढ़ती जनसंख्या के उदर पूर्ति के लिए खाद्य उत्पादन प्रथम कार्य  है इसलिए पशुओं को वर्षभर उत्तम चारागाह एवं हरा चारा उपलब्ध नहीं हो पाता है
      (2) पशु बिमारियां- पशुओं को एक साथ चराने, एक साथ पानी पिलाने एवं एक साथ बांधने के कारण अनेक संक्रामक बीमारियां हो जाती है
      (3) अच्छी पशु नस्लों का अभाव-  भारत में सामान्यता कम दूध देने वाले पशु पाले जाते हैं  जो उत्तम नस्ल के नहीं होते हैं
      (4)पशुपालको की अज्ञानता व लापरवाही- पशुपालकों की अज्ञानता एवं लापरवाही के कारण पशुपालन में सावधानियां नहीं बरतते हैं जिससे पशु कमजोर होते हैं एवं कम दूध देते हैं
    34. भारत में वन विनाश के कारण लिखिए
      (1)कृषि भूमि की मांग में वृद्धि- बढ़ती जनसंख्या के भरण पोषण के लिए खाद्यान्न आपूर्ति के लिए वनों को काट कर  कृषि भूमि का विस्तार किया जा रहा है जिससे वन क्षेत्र लगातार घट रहेे है 
      (2)तीव्र औद्योगीकरण व शहरीकरण- तीव्र औद्योगीकरण व नगरीकरण के कारण  उद्योग, आवास, कार्यालय एवं सड़कों के लिए जमीन की आवश्यकता होती है इसलिए वनों की अन्धाधुन कटाई की जा रही है 
      (3)अनियंत्रित चराई- पशुओं की अनियंत्रित चढ़ाई से वन नष्ट हो रहे हैं हरे चारे के लिए पेड़ काटे जा रहे है पेेड़ो को पशु खा जाते हैं  या फिर खुरों से नष्ट कर देते हैं 
      (4) स्थानांतरित कृषि- स्थानांतरित कृषिि में पेड़ों को काट कर जला दियाा जाता है जिससे पेड़ों की संख्या घट रही है
      (5)घरेलू आवश्यकता हेतु वनों की कटाई- बढ़ती जनसंख्या के लिए इमारती लकड़ी की आपूर्ति के लिए वनों की अंधाधुंध कटाई की जा रही ।जिससे वन क्षेत्र घट रहे हैं
    35. भारत में पशु संसाधन का महत्त्व लिखिए
      1.कृषि कार्य- पशुओं का उपयोग अनेक कृषि कार्यो जैसे हल व पटेला चलाने, कुओं से पानी खींचने, फसलें व चारा ढोने आदि में किया जाता है
      2.खाद्य पदार्थों की प्राप्ति- पशुओं से दूध, दुग्ध उत्पाद  जैसे पौष्टिक आहार तथा मांस प्राप्त होते है 
      3.खाद निर्माण-पशुओं के मलमूत्र, गोबर व हड्डियों से खाद बनाई जाती है 
      4.परिवहन- पशुओं का उपयोग यातायात के साधनों के रूप में किया जाता है 
      5.चमङा व ऊन प्राप्ति- पशुओं से चमङा व ऊन प्राप्त होते है 
      6. पशुओं के सिंगों से  विभिन्न प्रकार की कलात्मक वस्तुएं एवं कंघे बनाए जाते हैं
    36. मत्स्य उपलब्धता की अनुकूल दशाएं बताइए
      (1) छिछले समुद्र- छिछले समुद्र (600 फुट) में सूर्य की किरणें आसानी से पहुँचती है अतः यहाँ प्लवक व काई पर्याप्त मात्रा में पाये जाते है इसलिए यहांं मछलियां खाने के लिए  एवं अंडे देने के लिए अधिक मात्रा में एकत्रित होती है 
       (2)नदियों के मुहाने- नदियों के मुहाने पर प्लवको की पर्याप्त मात्रा में उपस्थिति के कारण मछलियां अधिक पाई जाती है
      (3) ठण्डी व गर्म जल धाराओं के मिलन स्थल- ठंडी व गर्म जल धाराओं के मिलन स्थल पर प्लवको का विकास एवं वृद्धि अधिक होती है अतः यहाँ भोजन की उपलब्धता के कारण मछलियां अधिक पायी जाती है
    37. भारत में सिंचाई के लिए जल की आवश्यकता बताइए
       (1) जनसंख्या वृद्धि के कारण फसल उत्पादन की अधिक आवश्यकता की पूर्ति के लिए सिंचाई आवश्यक है
       (2) अनिश्चित व अनियमित वर्षा के कारण फसलो को पानी की आवश्यकता होती है
       (3) गहन कृषि व बहुफसलीकरण के लिए सिंचाई आवश्यक है
       (4) सुखे की समस्या का समाधान के लिए सिंचाई की आवश्यक है
       (5) व्यावसायिक फसलों के उत्पादन में वृद्धि के लिए सिंचाई की जाती है
       (6) शुष्क क्षेत्रो में फसलोत्पादन के लिए सिंचाईकी आवश्यकता होती है
       (7) संकर फसलों को पानी की अधिक आवश्यकता होती है
       (8) वर्षा का असमान वितरण व मौसमी होने के कारण फसलो को पानी की आवश्यकताा होोती है 
    38. वन विनाश के दुष्प्रभाव लिखिए
      1.वन विनाश से वर्षा कम होती है जिससे जलवायु शुष्क होती है एवं भूजल स्तर गिरता है
      2.वन विनाश से वायुमंडल में कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा बढ़ती है जो हरित गृह प्रभाव को जन्म देती है
      3.वन विनाश से वन्यजीव का प्राकृतिक आवास नष्ट हो जाता है और उनका जीवन संकट में पड़ जाता है
      4.वन विनाश से इमारती एवं ईंधन की लकड़ी खत्म होने का खतरा उत्पन्न हो जाता है 
      5.वन विनाश से वन आश्रित उद्योग बंद हो जायेंगे 
      6.वन विनाश से पारिस्थितिकी संतुलन बिगड़ जाता है
      7.वन विनाश से मृदा अपरदन बढ़ता है
      8.वन विनाश से वायु प्रदूषण बढ़ता है
      9.वन विनाश से मरुस्थलीकरण बढ़ता है 
    39. जल संरक्षण के उपाय/ सुझाव लिखिए
      (1)जल प्रदूषण पर नियंत्रण- जल प्रदूषण के कारण शुद्ध जल की मात्रा तेजी से घट रही है अतः जल प्रदूषण का प्रभावी निवारण कर जल को संरक्षित किया जा सकता है
      (2)जल का पुनर्चक्रण व पुनः उपयोग- कम गुणवत्ता वाले जल का उपयोग शीतलन व आग बुझाने में किया जा सकता है नगरीय क्षेत्रों में स्नान करने, बर्तन धोने, व वाहन धोने में प्रयुक्त जल का उपयोग बागवानी में किया जा सकता है
      (3)जल संभरण प्रबंधन-  वर्षा जल, धरातलीय जल व भौम जल का दक्ष प्रबंधन जल संभरण प्रबंधन कहलाता है इसमें बहते जल को रोककर विधियों जैसे बांध, पुनर्भरण कुओं, अंतस्रवण तालाब आदि द्वारा भूमिगत जल का संचयन व पुनर्भरण किया जा सकता है
      (4)वर्षा जल संचयन - वर्षा जल संचयन वर्षा जल को रोककर एकत्रित करने की विधि है वर्षा जल संचयन भूमिगत जल स्रोतों के पुनर्भरण के लिए किया जाता है यह कम मूल्य आधारित पारिस्थितिकी विधि है 
    40. भारत के पशुपालन क्षेत्र बताइए
      (1)हिमालय पर्वतीय प्रदेश- इसमें उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, असम व पूर्वोत्तर राज्यों के कुछ भाग सम्मिलित हैं इस क्षेत्र में मुख्यतः भेड़-बकरियां पाली जाती हैै जिनसे उन्नत किस्मम की श्वेत ऊन प्राप्त होती है
      (2)उत्तरी पश्चिमी जलवायु क्षेत्र- इस क्षेत्र में राजस्थान, दक्षिण-पूर्व पंजाब,हरियाणा, गुजरात और पश्चिमी उत्तर प्रदेश आदि सम्मिलित है यहाँ भेङ-बकरियां, ऊंट, गाय आदि पशु पाले जाते है
      (3) पूर्वी व पश्चिमी तट क्षेत्र-इस क्षेत्र में पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, असम, उड़ीसा, आन्ध्र प्रदेश, पूर्वी तमिलनाडू, व केरल व पश्चिमी केरल सम्मिलित है यहाँ मुख्यतः भैंसे पाली जाती है
      (4)मध्य वर्षा वाले क्षेत्र- इस क्षेत्र में दक्षिणी उत्तर प्रदेश,पश्चिमी आन्ध्र प्रदेश, पश्चिमी तमिलनाडू, पूर्वी महाााराष्ट्र, मध्य प्रदेश व कर्नाटक सम्मिलित है यह भारत का प्रमुख भेेङ पालन क्षेत्र है 
    41. भारत में पाये जाने वाले वनों का वर्णन कीजिए 
      (1)उष्णकटिबंधीय सदाबहार वन- ये वन 200 सेमी या इससे अधिक वर्षा और 28°C वार्षिक तापमान वाले क्षेत्रों में पाये जाते है ये सदा हरे-भरे रहते हैं ये वन उत्तरी पूर्वी भारत, पश्चिमी घाट के पश्चिमी ढाल तथा अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में पाए जाते हैं। वृक्ष- नारियल, ताङ, रबङ, साल, आम
      (2)मानसूनी या पतझड़ वन-  ये वन 100 सेेे 200 से.मी. औसत वर्षा व 26-30°C औसत तापमान वाले क्षेत्रों में पाए जाते हैं ग्रीष्म ऋतु आते ही इनकी पत्तियांं झड़ जाती है ये वन हिमालय की निचली ढाल, मध्य भारत, पश्चिमी घाट के पूर्वी ढाल व पूर्वी घाट के दक्षिणी भाग पर पाए जाते हैं वृक्ष- सागवान, साल, शीशम, चन्दन, आंवला 
      (3)उष्णकटिबंधीय वन- ये वन 50 सेेे 100 से.मी. औसत वर्षा व 20-35°C औसत तापमान वाले क्षेत्रों में पाए जाते हैं ये वन उत्तरी पश्चिमी भारत व दक्षिणी प्रायद्वीप के शुष्क भागों में पाये जाते है वृक्ष- बबूल, खेजङा, आम, नीम, कीकर
      (4)मरुस्थलीय वन-ये वन 50से.मी.से कम औसत वर्षा व 25-35°C औसत तापमान वाले क्षेत्रों में पाए जाते हैं ये वन पश्चिमी राजस्थान, दक्षिणी-पश्चिमी पंजाब, गुजरात व मध्य प्रदेश के कम वर्षा वाले भागो में पाये जाते है वृक्ष- नागफनी, कैर, खरे, खेजङा, बबूल, खजूर
      (5)पर्वतीय वन- येे वन शीतोष्ण सदाबहार वन कहलाते है ये वन हिमालय क्षेत्र, असम पहाड़ियोंं, मध्य प्रदेश के पंचमढी, महाराष्ट्र के महाबलेश्वर के पहाङी भागो में पाये जाते है
      वृक्ष- चीङ, देवदार, फर, सनोवर, बर्च
      (6) ज्वारीय वन- येे वन नदी के गंगाा-ब्रह्मपुत्र व हुगली नदी के डेल्टा तथा कृष्णा, कावेरी, महानदी व गोदावरी नदी के मुहाने पर कीचङ व दलदल में पाये जाते है ज्वार भाटा के कारणइन वृक्षों की जड़ें खारे पानी में डूबी रहती है गंगा-ब्रह्मपुत्र डेल्टा में सुंदरी वृक्ष तथा हुगली नदी के डेल्टा में मैंग्रोव वृक्ष पाए जाते हैं वृक्ष- सुन्दरी, मैंग्रोव, रोजीफोरा, बेंत, ताज
    42. वन संसाधनों का महत्व लिखिए
      A. प्रत्यक्ष लाभ
      1.वन संसाधन से लाखों लोगों को रोजगार मिलता है 
      2.वनों से इमारती उपयोग, फर्नीचर, रेल के डिब्बे व ईंधन के लिए लकड़ी प्राप्त होती है 
      3.वनों से पशुओं के लिए चारा प्राप्त होता है 
      4.वन आदिवासियों की जीविका के प्रमुख साधन है
      5.वन वन्यजीवों को भोजन व आश्रय प्रदान करते हैं
      6. भारत की राष्ट्रीय आय का 2% वन संसाधन से प्राप्त होता है
      7. वनों से गौण उपज के रूप में लाख, रबर, कागज, शहद गोंद, कत्था आदि प्राप्त होते हैं
      8. वनों से विभिन्न प्रकार की जड़ी-बूटियां एवं औषधियां प्राप्त होती है
      B. अप्रत्यक्ष लाभ 
      1.वन ध्वनि को अवशोषित कर ध्वनि प्रदूषण रोकते हैं 
      2.वन मरुस्थल के प्रसार व मृदा अपरदन को रोकते हैं
      3.वन वाष्पोत्सर्जन द्वारा वायु को आर्द्र बनाकर वर्षा में सहायक होते हैं 
      4.वन जैविक संतुलन, सौंदर्य व उत्तम स्वास्थ्य के प्रतिक है 
      5. वन कार्बन डाइऑक्साइड का उपयोग कर हरित गृह प्रभाव को रोकते है
      6. वन वायुमंडल में कार्बन डाइऑक्साइड और ऑक्सीजन का संतुलन बनाए रखते हैं
      7. भूमि में दबे वनों से दीर्घकाल में कोयले का निर्माण होता है
      8. वन मृदा में ह्यूमस की मात्रा बढ़ाकर मृदा को उपजाऊ बनाते हैं



        भारत : जनसंख्या संरचना

        1. 2011 में भारत में कितने गांव थे
          6,40,867
        2. 2011 में भारत की नगरीय व ग्रामीण जनसंख्या का प्रतिशत कितना था
          31.2% व 68.8%
        3. भारत में सर्वाधिक गांवो वाले राज्य कौनसे हैं
          उत्तरप्रदेश,मध्यप्रदेश,उङिसा
        4. भारत में सर्वाधिक ग्रामीण जनसंख्या प्रतिशत वाले राज्य कौनसे है
          हिमाचल प्रदेश, बिहार,असम
        5. 2011 में भारत में कुल कितने नगर थे
          7935
        6. भारत में सर्वाधिक व न्यूनतम हिन्दू जनसंख्या प्रतिशत किन राज्यो में है
          हिमाचल प्रदेश व मिजोरम
        7. 2011 में भारत की साक्षरता दर कितनी थी
          74 .04%(पुरुष 82.14%  व स्त्री 65.46%)
        8. भारत में  अधिकतम व न्यूनतम साक्षरता वाले  राज्य कौन से है
          केरल व बिहार
        9. भारत में सर्वाधिक व न्यूनतम मुस्लिम जनसंख्या प्रतिशत किन राज्यो में है
          जम्मू कश्मीर व मिजोरम
        10. 2011 में भारत का लिंगानुपात कितना था
          940 
        11. भाषा के आधार  पर भारत को कितने भाषायी प्रदेशों में बांटा गया है 
          12
        12. भारत का  सर्वाधिक व न्यूनतम  लिंगानुपात वाले राज्य  कौन से है
          केरल (1084) व  हरियाणा
        13. भारत में सर्वाधिक नगरो वाले राज्य कौन से हैं
          तमिलनाडू,उत्तरप्रदेश,मध्यप्रदेश
        14. भारत में सर्वाधिक नगरीय जनसंख्या प्रतिशत वाले राज्य कौनसे हैं
          गोवा,मिजोरम ,तमिलनाडू
        15. भारत का  सर्वाधिक व न्यूनतम  लिंगानुपात वाले   केंद्र शासित प्रदेश  कौन से है
          पाण्डिचेरी व  दमन व दीव
        16. भारत में सबसे अधिक मुस्लिम जनसंख्या किस राज्य में निवास करती है 
          उत्तर प्रदेश में 
        17. भारतीय संविधान में कितनी भाषाएं अनुसूचित है 
          22 भाषाएं
        18. भारत का सबसे बड़ा भाषा परिवार कौन सा है
          इण्डो-यूरोपीयन/हिन्द-यूरोपीय भाषा परिवार
        19. भारत का आयु पिरामिड किस प्रकार का है 
          भारत का आयु पिरामिड चोड़े आधार तथा नुकीले शिखर वाला है जो जनसंख्या की गतिशीलता का घोतक है
        20. लिंगानुपात से क्या अभिप्राय है
          जनसंख्या में स्त्री और पुरुषों की संख्या के बीच का अनुपात लिंगानुपात कहलाता है भारत में प्रति हजार पुरुषों पर स्त्रियों की संख्या को लिंगानुपात कहा जाता है
        21. जनसंख्या संरचना से क्या अभिप्राय है
          जनसंख्या संरचना में जनसंख्या की मापने योग्य विशेषताओं जैसे आयु संरचना, लिंगानुपात, ग्रामीण नगरीय जनसंख्या संगठन, साक्षरता, व्यवसाय आदि पहलूओ (घटकों)का अध्ययन किया जाता है
        22. भारत के भाषा परिवारो के नाम लिखिए
          1.इण्डो-यूरोपीयन/हिन्द-यूरोपीय भाषा परिवार या आर्य 
          2.द्रविङियन भाषा परिवार 
          3.साइनो-तिब्बतन् /चीनी तिब्बत भाषा परिवार या किराथ
          4.आस्ट्रो-एशियाटिक  भाषा परिवार या निषाद
        23. भारत में स्वतंत्रता के पश्चात साक्षरता में वृद्धि होने के मुख्य कारण लिखिए
          1. शैक्षणिक सुविधाओं में विस्तार
          2. आम जनता में जागरूकता
          3. शिक्षा के प्रति सरकारी नीतियां
          4. यातायात की सुविधाओं में विस्तार
        24. भारत में नगरीय जनसंख्या वृद्धि के कारण  लिखिए
          1. ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अभाव
          2.नगरीय आकर्षण
          3.औद्योगिकीकरण
          4.शिक्षा का प्रसार
          5.परिवहन एवं संचार के साधनों का विकास
          6.कृषि का अलाभकारी होना
          7.लघु व कुटीर उद्योगों की समाप्ति
          8.नगरों में गांवो की अपेक्षा अधिक सुविधाएं 
        25. साक्षरता से क्या अभिप्राय है साक्षरता को प्रभावित करने वाले कारक लिखिए (Board Exam 2020)
          साक्षरता किसी भी सभ्य समाज के विकास का मापदंड है जिसका प्रभाव जनता के मानसिक, शारीरिक व आर्थिक स्थिति पर पड़ता है भारत में साक्षरता कुल जनसंख्या में उन लोगों की संख्या को इंगित करती है जो साधारण भाषा मे पढ़ें, लिख व समझ सके।
          साक्षरता को प्रभावित करने वाले कारक
          1.अर्थव्यवस्था का प्रसार 2.मूल्य प्रणाली
          3.नगरीकरण का स्तर     4.शैक्षिक सुविधाओं की उपलब्धता
          5.जीवन स्तर                6.यातायात व संचार के साधन
          7.जातीय संरचना           8.समाज में स्त्रियों की स्थिति
          9.तकनीकी विकास       10.सार्वजनिक नीति
        26. भारत में लिंगानुपात कम होने के कारण लिखिए
          1.बालिकाओं की अपेक्षा बालकों को प्राथमिकता देना- भारतीय समाज में पुत्र की इच्छा के कारण लडकियो को जन्म से पूर्व गर्भ में ही मार दिया जाता है
          2.बाल विवाह- बाल विवाह के कारण बालिकाओं की कम उम्र में मातृत्व भार व खराब स्वास्थ्य के कारण प्रसव काल में मृत्यु हो जाती है
          3.स्त्रियों की आर्थिक परतंत्रता- भारत में स्त्रियाँ आर्थिक रूप से पुरूषों पर निर्भर रहती है अतः गरीबी में आर्थिक संकटों से जूझने, चिन्ताग्रस्त रहने व प्रयाप्त स्वास्थ्य सेवाओं के अभाव बालिकाओं की कम उम्र में मृत्यु हो जाती है
          4.बालिका शिक्षा का अभाव- बालिका शिक्षा के अभाव में स्त्रियाँ आर्थिक रूप से आत्म निर्भर नहीं है अतः वे स्वयं के साथ हुए सामाजिक, मानसिक व शारीरिक अन्याय का प्रतिरोध नही कर पाती है
          5.नगरीकरण में वृद्धि- नगरीकरण के कारण ग्रामीण व नगरीय लिंगानुपात में असन्तुलन पैदा होता है 
        27. भारत में प्रजातीय संगठन की विवेचना कीजिए
          1.निग्रिटो- ये भारत के प्रथम मूल आदिवासी है इनका कद व सिर  छोटा, ललाट उभरा हुआ, बाल सुन्दर व रंग काला होता है भारत में नागालैण्ड की अंगमाली नागालैण्ड व झारखंड की बाडगिस जनजाति इस प्रकार की विशेषताएं रखती है 
          2.प्रोटो-आस्ट्रेलाइट - यह भारत की मूल प्रजाति है इनके बाल घुंघराले, कद छोटा, होठ मुङे हुए व रंग गहरा भूरा होता है मुण्डा, संथाल, कोल व भील इसी प्रजाति के वंशज है 
          3. मंगोलाइड- ये चीन व मंगोलिया से आयी हुई प्रजाति हैं इनका मुंह चप्प, गाल उभरे हुए व आंखें बादाम जैसी होती है भारत में यह प्रजाति मुख्यतः पूर्वोत्तर राज्यों में पायी जाती है 
          4.भूमध्य सागरीय- इस प्रजाति का भारतीय संस्कृति में विशेष महत्व है प्राचीन भूमध्य सागरीय प्रजाति, भूमध्य सागरीय प्रजाति व पूर्वी भूमध्य सागरीय प्रजाति 
          5.नार्डिक - यह प्रजाति भारत में सबसे अन्त में आई।
        28. आयु संरचना से क्या अभिप्राय है आयु वर्ग की दृष्टि से भारत की जनसंख्या का वर्गीकरण कीजिए
          जनसंख्या का विभिन्न आयु वर्गों के  अनुसार वर्गीकरण आयु  संरचना कहलाता है आयु संरचना से श्रम शक्ति, आश्रित जनसंख्या व कार्यशील जनसँख्या की जानकारी मिलती है
          आयु वर्ग के अनुसार भारतीय जनसंख्या को तीन भागों में बांटा गया है
          1.किशोर वर्ग (15 वर्ष से कम आयु)- भारत में 29.5% जनसंख्या किशोर/बाल आयुवर्ग की है यह आश्रित आयु वर्ग है किशोर आयु वर्ग का उच्च प्रतिशत भविष्य में तीव्र जनसंख्या वृद्धि को इंगित करता है
          2.प्रोढ या युवा आयु वर्ग (15 से 59 वर्ष)- भारत में 62.5% जनसंख्या प्रोढ या युवा आयुवर्ग की है भारत में  इस आयुवर्ग की जनसंख्या सबसे अधिक है यह आयु वर्ग कार्यशील जनसंंख्या का है
          3.वृद्ध आयु वर्ग( 60 वर्ष से अधिक)- भारत में 8.0% जनसंख्या वृद्ध आयुवर्ग की है यह आश्रित जनसंख्या का वर्ग है स्वास्थ्यय सेवाओं में विस्तार के कारण वृद्ध जनसंख्या का प्रतिशत धीरे-धीरे बढ़ रहा है