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उपार्जित अवकाश [Privilege leave]


उपार्जित अवकाश [Privilege leave]
Rajasthan Service Rule : 91 & 92

नियम : 91 - उपार्जित अवकाश(PL) की देयता

नियम : 91 [1]

(a) प्रत्येक स्थायी या अस्थायी राज्य कर्मचारी को एक कलेण्डर वर्ष में 30 दिन का उपार्जित अवकाश देय है 

(b) भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों के अतिरिक्त राजस्थान सशस्त्र पुलिस(RAC) के सदस्य,जो भारतीय रिजर्व बटालियन में प्रतिनियुक्त हो या देश की सीमाओं पर तैनात हो, को एक कैलेंडर वर्ष में 42 दिन का उपार्जित अवकाश देंय होता है।

(c) [i] एक कर्मचारी अपने अवकाश लेखों में अधिकतम 300 दिन का उपार्जित अवकाश अंकित कर सकता है। परंतुक

[ii] भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों के अतिरिक्त राजस्थान सशस्त्र पुलिस(RAC) के सदस्य,जो भारतीय रिजर्व बटालियन में प्रतिनियुक्त हो, द्वारा आवेदित उपार्जित अवकाश को जनहित की आवश्यकता के कारण पूर्णतः या आंशिक लिखित में कारण बताते हुए अस्वीकृत कर दिया जाए तो वे अपने अवकाश लेखे में इन अस्वीकृत अवकाशों को 300 दिन की अधिकतम सीमा के अतिरिक्त संचित रख सकेंगे।

नियम : 91 [2]

(a) [i]  प्रत्येक कर्मचारी के उपार्जित अवकाश के लेखो में वर्ष में दो बार (1 जनवरी तथा 1 जुलाई को) 15-15 उपार्जित अवकाश (राजस्थान सशस्त्र पुलिस बल के सदस्यों के मामले में 21 उपार्जित अवकाश) अग्रिम जमा किए जायेंगें परंतुक यदि किसी कर्मचारी के खाते में दिसंबर या जून के अंतिम दिन 300 उपार्जित अवकाश या उससे कम परंतु 285 से अधिक (RAC के सदस्यों के मामले  में 279 दिन से अधिक) उपार्जित अवकाश जमा हो तो 1 जनवरी या 1 जुलाई को 15 उपार्जित अवकाश (RAC के सदस्यों के मामले  में 21 उपार्जित अवकाश) अलग से जमा किए जायेंगे इस अग्रिम जमा अवकाश का लेखा पृथक से रखा जाएगा एवं आगामी छ:माही में कर्मचारी द्वारा लिए गए उपार्जित या समर्पित अवकाश को सर्वप्रथम इन्हीं से समायोजित किया जाएगा समायोजन के उपरांत भी कोई अवकाश शेष रहता है तो उसे छमाही की समाप्ति पर अवकाश लेखे में जोड़ दिया जाएगा। परंतु शर्त यह है कि इस प्रकार अग्रिम जमा किए के उपार्जित अवकाश व पूर्व से ही जमा उपार्जित अवकाश का योग 300 दिन की अधिकतम सीमा से ज्यादा नहीं होगा।

वित्त विभाग के आदेश दिनांक 12/12/2012

प्रश्न -एक कार्मिक के खाते में 300 + 10 PL जमा है अब कर्मचारी 15 पीएल का नगद भुगतान उठाता है तो उसके अवकाश लेखे में अवकाश का इंद्राज कैसे होगा और शेष अवकाश को किस प्रकार अंकित किया जाएगा ?

वित्त विभाग के आदेश क्रमांक -एफ-1 (4) एफडी/रुल्स/98 दिनांक 12/12/12 के द्वारा उन कर्मचारियों के जिनके 1 जनवरी एवम 1 जुलाई को अग्रिम रूप से 15-15 पीएल जुड़ती है उनके अवकाश खाते में 300+15 दिन तक PL जोड़ने की अनुमति दी गई है। उक्त अतिरिक्त प्लस की गई 15 दिन की PL को आगामी 6 महीने में उपयोग करना पड़ेगा यदि आगामी 6 महीने में इसका उपयोग नही किया गया तो यह यह लेप्स हो जायेगी।

लेखाविज्ञ जुलाई 16 के पृष्ठ 36 पर वित्तीय विभाग द्वारा गए स्पष्टीकरण के अनुसार उक्त 15 दिन पीएल के उपयोग (टेकन) में अवकाश के समर्पण अथवा अवकाश पर रहना दोनों माने जायेंगे। इसलिए इस केस में 300+10 दिन में से 15 दिन का समर्पित अवकाश लेने के बाद अवकाश खाते में 295 दिन पीएल शेष रहेगी।

[ii] Rajasthan Civil Services (Joining Time) Rules, 1981 के नियम 5 के उपनियम 4 के अनुसार देय कार्यग्रहण अवधि का पूर्ण उपयोग किए बिना ही जब कोई कर्मचारी अपने नवीन पद पर कार्य ग्रहण कर लेता है, तो अनुपयोजित कार्यग्रहण अवधि के बराबर संख्या में (अधिकतम 15 दिन तक) उपार्जित अवकाश उसके उपार्जित अवकाश खाते में जोड़ दिए जाते हैं। परंतु कर्मचारी के उपार्जित अवकाश खाते में पहले से बकाया अवकाश तथा अनूपयोजित कार्यग्रहण अवधि के बदले जोड़े गए उपार्जित अवकाश मिलाकर 300 दिवस से अधिक नहीं होगा।

(b) असाधारण अवकाश के अलावा अन्य किसी भी अवकाश के उपभोग पर उपार्जित अवकाश कम नहीं किए जाएंगे यदि कोई कर्मचारी किसी कलैण्डर वर्ष की एक छमाही में असाधारण अवकाश पर रहता है तो उपार्जित अवकाश खाते में प्रत्येक 10 दिनों के असाधारण अवकाश पर एक दिन का उपार्जित अवकाश (अधिकतम 15 दिन / RAC के मामले में 21 दिन ) कम कर दिया जायेगा।

नियम : 91 [3]

एक राज्य कर्मचारी को एक समय में अधिकतम 120 दिन तक का उपार्जित अवकाश स्वीकृत किए जा सकते है।यदि ऐसा अवकाश उसे किसी मान्यता प्राप्त सेनिटोरियम/ अस्पताल में टी.बी./कैंसर या मानसिक रोग के निदान/चिकित्सा के लिये आवश्यक हो तो एक समय में 300 दिन तक स्वीकृत किया जा सकता है

नियम : 91 [4]

(a) किसी छ: माही के बीच में नियुक्त राज्य कर्मचारी को प्रत्येक माह की पूर्ण सेवा 2.5 उपार्जित अवकाश (RAC के मामले में 3.5 उपार्जित अवकाश) देय है

(b) किसी छ: माही के बीच में सेवानिवृत्ति /मृत्यु /बर्खास्तगी पर ऐसी घटनाएं घटित होने के माह के अंत तक राज्य कर्मचारी को प्रत्येक माह की पूर्ण सेवा 2.5 उपार्जित अवकाश (RAC के मामले में 3.5 उपार्जित अवकाश) देय है

नियम : 91 A - सेवा में रहते हुए उपार्जित अवकाशों के बदले नगद भुगतान

[i] प्रत्येक राज्य कर्मचारी एक अप्रैल 1982 से प्रत्येक दो वर्ष के ब्लॉक में अधिकतम 30 दिन का उपार्जित अवकाश समर्पित कर उनके एवज में नगद भुगतान प्राप्त कर सकता है इस नियम का लाभ आस्थायी कर्मचारी को एक वर्ष की सेवा पूर्ण करने पर मिलेगा

वित्त विभाग के आदेश दिनांक 18/06/2010 के अनुसार, प्रत्येक राज्य कर्मचारी प्रत्येक वित्तीय वर्ष में अधिकतम 15 दिन उपार्जित अवकाश समर्पित कर उनके एवज में नकद भुगतान प्राप्त कर सकता है।

[ii] समर्पित उपार्जित अवकाश को किसी विशेष अवधि के लिए नहीं माना जाएगा बल्कि उन्हें समर्पित करने की प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करने की दिनांक को कर्मचारी के लेखे में से कम कर दिया जाएगा

[iii] उपार्जित अवकाश स्वीकृत करने के लिए सक्षम प्राधिकारी ही उपार्जित अवकाशों के समर्पण एवं उसके बदले नगद भुगतान की स्वीकृति देने में भी सक्षम होगा।

[iv] समर्पित उपार्जित अवकाशों के बदले में अवकाश वेतन का भुगतान नियम-97 के प्रावधान अनुसार किया जाएगा तथा वेतन के साथ तत्समय प्रभावी दर पर महंगाई भत्ता भी देय होगा। समर्पित उपार्जित-अवकाशों के बदले में उस दर से वेतन तथा भत्ते दिए जाएंगे जो अवकाशों के समर्पण का प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करने की तिथि को प्रभावी थी। अवकाश वेतन तथा भत्ते की गणना के लिए माह का तात्पर्य 30 दिवस है।

नियम : 91 B सेवा-निवृति पर खाते में शेष उपार्जित अवकाशों के बदले नगद भुगतान

[1] एक राज्य कर्मचारी को सेवानिवृत्ति पर उसके खाते में बकाया उपार्जित अवकाश (अधिकतम 300) के बदले नगद भुगतान सेवानिवृत्ति के समय किया जाएगा 

परंतु जिन कर्मचारियों को राजस्थान सिविल सेवा (वर्गीकरण,नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1958 के अधीन दंड (Penalty) के रूप में अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी गई है उन्हें यह लाभ दें नहीं होगा।

[2] सेवानिवृत्ति के समय उपार्जित अवकाश का नगद भुगतान एकमुश्त व एक ही समय में किया जाएगा

[3] अनूपयोजित उपार्जित अवकाश के एवज में नगद भुगतान कर्मचारी के सेवानिवृत्ति के दिन के मूल वेतन व उस दिन प्रभावी DA की दर से किया जाएगा इसके साथ शहरी क्षतिपूरक भत्ता या मकान किराया भत्ता नहीं दिया जाएगा।

[4] अनुपयोजित उपार्जित अवकाश के बदले नगद भुगतान की गणना निम्न सूत्र से की जाएगी

(अनुपयोजित उपार्जित अवकाश के बदले नगद भुगतान की गणना के लिए सेवानिवृत्ति के दिन मूल वेतन तथा महंगाई भत्ते की प्रभावी दर को जोड़कर 30 से भाग देने पर प्राप्त राशि को कर्मचारी के अवकाश लेखों में बकाया उपार्जित अवकाशों की संख्या से गुणा किया जाता है।)

सेवानिवृत्ति के समय यदि कुल उपार्जित अवकाश भिन्न के रूप में है तो आधे दिन से कम उपार्जित अवकाश को छोड़ दिया जाता है और आधा दिन या आधे दिन से अधिक उपार्जित अवकाश को एक मान लिया जाए

➥ वित्त विभाग का आदेश दिनांक 17/11/2014 

[5] कार्यालय अध्यक्ष सेवानिवृत्ति पर अनूपयोजित उपार्जित अवकाश के बदले नगद भुगतान की स्वीकृति देने तथा 300 दिन की सीमा तक एकमुश्त भुगतान करने के लिए सक्षम है।

[6] जिन कर्मचारियों को अधिवार्षिकी आयु (सेवा-निवृति आयु) के बाद सेवा वृद्धि स्वीकृत की जाती है उन्हें अनुपयोजित उपार्जित अवकाशों के बदले एकमुश्त नकद भुगतान, सेवा वृद्धि की अवधि की समाप्ति पर अंतिम रुप से सेवानिवृत्त होने पर दिया जाएगा।

[7]  निलंबन, अनुशासनिक या आपराधिक कार्यवाही लंबित रहते हुए अधिवार्षिकी आयु (सेवा-निवृति आयु) प्राप्त कर सेवानिवृत्त होने वाले सरकारी कर्मचारी के प्रकरण में अवकाश स्वीकृति प्राधिकारी उपार्जित अवकाश के बदले नगद की संपूर्ण या आंशिक राशि को रोक सकेगा यदि उस की राय में कर्मचारी के विरुद्ध कार्यवाही समाप्त होने पर उससे कुछ राशि वसुली योग्य निकलने की संभावना हो। कार्यवाही समाप्त होने पर सरकारी देयताओं का समायोजन करने के बाद रोकी गई राशि का भुगतान कर्मचारी को किया जायेगा।

अतः राजस्थान सेवा नियम, 1951 के नियम 91 बी के उपनियम (1) के तहत सेवानिवृति पर शेष रहे उपार्जित अवकाश का भुगतान उन्हीं प्रकरणों में देय नहीं होगा जहाँ कार्मिक से विभागीय कार्यवाही / आपराधिक कार्यवाही के समापन पर कतिपय राशि वसूली की संभावना हो। शेष प्रकरणों में उपार्जित अवकाश का भुगतान किया जा सकेगा।

उपार्जित अवकाश के बदले नगद भुगतान की स्वीकृति सेवानिवृत्ति के एक माह पूर्व कर दी जाएगी परंतु भुगतान सेवानिवृत्ति के बाद किया जाएगा

नियम : 91 C सेवा में रहते कर्मचारी की मृत्यु पर PL का भुगतान 

[1] सेवा में रहते हुए एक कर्मचारी की मृत्यु होने पर मृत्यु की तारीख को उसके लेखे में जमा अनुपयोजित उपार्जित अवकाश (अधिकतम 300) की एवज में उसकी नॉमिनी को नगद भुगतान किया जाएगा

[2] मृतक सरकारी कर्मचारी के प्रकरण में परिवार पेंशन स्वीकृत करने हेतु सक्षम प्राधिकारी ही अवकाश के बदले देय एक मुश्त राशि स्वीकृत कर सकेगा।

नियम : 92 विश्राम कालीन विभागों के अधिकारियों पर लागू विशेष नियम

(a) [i] विश्रामकालिन विभाग में कार्यरत स्थाई या अस्थाई कर्मचारी को किसी कैलेंडर वर्ष, जिसमें वह विश्रामकाल का पूर्ण उपभोग कर लेता है, के लिए उपार्जित अवकाश अग्रलिखित उपनियम (ii) के अनुसार दिए जाएंगे।

[ii] विश्रामकालीन विभाग जैसे विद्यालयों/पॉलिटेक्निक संस्थानों, कला/विज्ञान महाविद्यालयों में अध्यापन कार्य कराने वाले अधिकारियों/कर्मचारियों को एक कलैण्डर वर्ष में 15 उपार्जित अवकाश देय होंगें जो प्रत्येक कर्मचारी के खाते में कैलेंडर वर्ष की समाप्ति पर (31 दिसंबर) जोड़ दिया जाएगा

[iii] (1) कैलेंडर वर्ष के बीच में नियुक्त कर्मचारी को प्रत्येक पूर्ण मास की सेवा पर 1.25 उपार्जित अवकाश देय होगा

(2) कैलेंडर वर्ष के बीच में सेवानिवृत्ति या मृत्यु पर प्रत्येक पूर्ण वर्ष की सेवा पर 1.25 उपार्जित अवकाश देय होगा

(b) विश्रामकालीन विभाग का अध्यापन कार्यरत एक कर्मचारी यदि किसी कलेण्डर वर्ष में विश्रामकालों का उपभोग नहीं कर सके तो उसे ऐसे अनुपयोजित विश्रामकालों के एवज में 15 दिनों के अनुपात में उपार्जित अवकाश देय हांगें। (तीन दिन के एवज में एक उपार्जित अवकाश) यदि किसी कैलेंडर वर्ष में वह विश्रामकालों का बिल्कुल उपभोग नहीं कर सके तो उसे उस वर्ष में विश्राम काल के बदले 15 दिन का उपार्जित अवकाश देय होगा।

(c) (i) इस नियम के उपनियम (a) व (b) के प्रावधानों के बावजूद सिविल न्यायालय के अधिकारी या कर्मचारी को एक कैलेंडर वर्ष में 12 दिन की ही उपार्जित अवकाश देय है। उनके उपार्जित अवकाश लेखों में प्रत्येक 1 जनवरी व 1 जुलाई को 6-6 उपार्जित अवकाश अग्रिम जमा किए जायंगे

(ii) किसी छ: माही के बीच में नियुक्त सिविल न्यायालय के अधिकारी या कर्मचारी को प्रत्येक माह की पूर्ण सेवा 1 उपार्जित अवकाश देय होगी

(iii) असाधारण अवकाश के अलावा अन्य किसी भी अवकाश के उपभोग पर उपार्जित अवकाश कम नहीं किए जाएंगे सिविल न्यायालय का अधिकारी/कर्मचारी किसी कैलेंडर वर्ष की छमाही में असाधारण अवकाशों पर रहता है तो उपार्जित अवकाश खाते में प्रत्येक 10 दिनों के असाधारण अवकाश पर एक दिन का उपार्जित अवकाश (अधिकतम 6 दिन) कम कर दिया जायेगा

(iv) जिस कैलेंडर वर्ष में सिविल न्यायालय का अधिकारी या कर्मचारी विश्राम काल का उपभोग नहीं कर सके उस वर्ष कुल विश्रामकाल की अवधि के बदले 18 दिनों के अनुपात में उपार्जित अवकाश देय होंगे।

(v) किसी कैलेंडर वर्ष की एक छमाही के बीच में सेवा से त्यागपत्र, सेवा समाप्ति, सेवा से निष्कासन/बर्खास्तगी, सेवा में रहते मृत्यु या सेवानिवृत्ति आदि के कारण सेवा में नहीं रहे तो कर्मचारी को एक जनवरी या एक जुलाई से उस घटना के घटित होने की तिथि वाले माह के अंत तक पूर्ण होने वाले प्रत्येक माह हेतु एक दिन का उपार्जित अवकाश देय होगा।

(d) विश्राम काल का उपयोग किसी भी अन्य अवकाश के साथ किया जा सकता है परंतु विश्राम काल व उपार्जित अवकाश की अवधि नियम 91(3) के अनुसार एक साथ स्वीकृत अवकाशों की संख्या से अधिक नहीं होनी चाहिए

RGHS

GOVERNMENT OF RAJASTHAN
FINANCE (INSURANCE) DEPARTMENT
No. 5(5)FD/lnsurance/2020                                            Jaipur, dated: 09.04.2021
NOTIFICATION
  1. Rajasthan Government Health Scheme (RGHS) अर्थात् राजस्थान सरकार स्वास्थ्य योजना एक कैशलेस स्वास्थ्य लाभ योजना है RGHS में इनडोर चिकित्सा उपचार व्यय, डेकेयर उपचार , आउटडोर उपचार, जांच और चिकित्सा देखभाल तथा आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी चिकित्सा पद्धति के तहत उपचार और राज्य सरकार द्वारा निर्दिष्ट या निर्दिष्ट किए जाने वाले अन्य उपचार शामिल हैं। 
    इस योजना में  मंत्री, अखिल भारतीय सेवा के अधिकारी, विधायक और पूर्व विधायक, सेवारत और सेवानिवृत्त न्यायिक अधिकारी, सेवारत सरकारी कर्मचारी  और पेंशनभोगी/पारिवारिक पेंशनभोगी शामिल होंगे। 
    साथ ही, यह योजना स्वायत्त निकायों, बोर्डों, निगमों आदि के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए भी लागू होगी। योजना में अंशदान का निर्णय राज्य सरकार द्वारा समय रहते लिया जाएगा।
  2. RGHS विभिन्न श्रेणियों के संबंधित नियमों/योजनाओं के तहत निर्धारित शर्तों और प्रक्रियाओं के अनुसार निम्न चिकित्सा सुविधाओं को कवर करेगा,
    (i) राजस्थान मंत्री (चिकित्सा उपस्थिति) नियम, 1961 
    (ii)राजस्थान न्यायिक अधिकारी (चिकित्सा सुविधाएं) नियम, 2008 
    (iii) अखिल भारतीय सेवाएं(चिकित्सा उपस्थिति) नियम, 1954 
    (iv) राजस्थान विधान सभा सदस्य (चिकित्सा सुविधाएं) नियम, 1964 
    (v) राजस्थान विधान सभा पूर्व सदस्य और परिवार पेंशनभोगी (चिकित्सा सुविधाएं) नियम, 2010 
    (vi) राजस्थान सिविल सेवा (चिकित्सा उपस्थिति) नियम, 2013 
    (vii) राजस्थान राज्य पेंशनभोगी चिकित्सा रियायत योजना, 2014
    (viii) राज मेडिक्लेम पॉलिसी  
  3. नए लाभार्थियों को फैमिली फ्लोटर आधार पर प्रति वर्ष 5.00 लाख रुपये तक के उपचार की अनुमति दी जाएगी। इस योजना में लाभार्थी सदस्य के किसी भी सरकारी/निजी पैनलबद्ध अस्पताल में गंभीर बीमारी के लिए प्रति वर्ष प्रति परिवार 5.00 लाख रुपये से अधिक के अस्पताल में भर्ती होने से संबंधित अतिरिक्त व्यय को कवर किया जाएगा
  4. उपचार किसी भी स्वास्थ्य सेवा नेटवर्क प्रदाता (HCNP) यानी सरकारी अस्पताल, स्वीकृत अस्पताल, PPP अस्पताल, रेफरल अस्पताल में कराया जा सकता है। टीपीए को प्रतिपूर्ति (भरपाई) RGHS दरों के अनुसार दी जाएगी। जहाँ कैशलेस उपचार उपलब्ध है वहां RGHS कार्ड धारक को कोई प्रतिपूर्ति(भरपाई) नहीं दी जाएगी। हालाँकि, RGHS कार्ड धारक द्वारा गैर-स्वीकृत अस्पताल में गंभीर आपातकालीन स्थिति में और अन्य असाधारण परिस्थितियों में किए गए चिकित्सा उपचार के लिए प्रतिपूर्ति (भरपाई) ली जा सकती है। ऐसी परिस्थितियों में, RGHS पोर्टल पर बिल जमा करने के बाद ही दावे की प्रतिपूर्ति (भरपाई)की जाएगी।
  5. कुछ उपचार ऐसे हैं जो आरजीएचएस के अंतर्गत कवर नहीं हैं। ऐसे बहिष्करणों का विवरण आरजीएचएस की वेबसाइट पर अपलोड की गई योजना में उपलब्ध होगा। ऐसे बहिष्करणों की प्रतिपूर्ति थर्ड पार्टी एडमिनिस्ट्रेटर (टीपीए) के माध्यम से नहीं की जाएगी। 
  6. राज्य सरकार आरटीपीपी अधिनियम और नियमों के माध्यम से टीपीए का चयन करेगी। 
  7. इस योजना के तहत लाभार्थियों का नामांकन 10-4-2021 से शुरू होगा और 30-04-2021 तक पूरा हो जाएगा। उपर्युक्त श्रेणी का प्रत्येक व्यक्ति 30-04-2021 से पहले आश्रितों के साथ अपना नामांकन सुनिश्चित करेगा ताकि राज्य बीमा और भविष्य निधि विभाग 31-05-2021 तक आरजीएचएस कार्ड वितरित कर सके। नामांकन की अवधि केवल वैध कारणों पर सक्षम प्राधिकारी द्वारा बढ़ाई जा सकती है। नए भर्ती के लिए नामांकन की अवधि सेवा में शामिल होने की तारीख से 3 महीने होगी।
  8. सभी श्रेणियों के लिए नामांकन फॉर्म आरजीएचएस वेबसाइट www.rghs.gov.in पर उपलब्ध होंगे, साथ ही ऐसे फॉर्म भरने की प्रक्रिया भी बताई जाएगी। फॉर्म केवल ऑनलाइन भरे जा सकते हैं। उपर्युक्त श्रेणी के प्रत्येक व्यक्ति को नामांकन के बारे में विशिष्ट आरजीएचएस कार्ड नंबर के साथ सूचित किया जाएगा। कार्ड के खो जाने/कार्ड की अनुपलब्धता की स्थिति में, इस विशिष्ट आरजीएचएस कार्ड नंबर का उपयोग एचसीएनपी में उपचार लेने के लिए किया जा सकता है।
  9. निजी अस्पतालों, डायग्नोस्टिक प्रयोगशालाओं, इमेजिंग केन्द्रों और ई-फार्मा स्टोर्स का पैनलीकरण:
    जिन अस्पतालों/डायग्नोस्टिक केन्द्रों, इमेजिंग केन्द्रों के पास NABH / NABL मान्यता है तथा जिन अस्पतालों के पास CGHS के तहत पैनलीकरण है, वे आरजीएचएस वेबसाइट पर सीधे आरजीएचएस के तहत आवेदन करेंगे।
    जिन अस्पतालों और डायग्नोस्टिक प्रयोगशालाओं/इमेजिंग केन्द्रों के पास NABH / NABL मान्यता नहीं है तथा जिन अस्पतालों का CGHS के तहत पैनलीकरण नहीं है, वे आरजीएचएस द्वारा निर्धारित मानदंडों और मापदंडों के अनुसार RGHS की वेबसाइट (www.rghs.gov.in) पर आवेदन कर सकते हैं। जिन अस्पतालों/लैबों का HBEC द्वारा पहले ही पैनलीकरण हो चुका है, उन्हें RGHS वेबसाइट पर पुनः ऑनलाइन आवेदन करना होगा। ई-फार्मा स्टोर्स के लिए प्रक्रिया और नियम व शर्तें समय आने पर तय की जाएंगी।
  10. राजस्थान सरकार स्वास्थ्य योजना के लिए राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग नोडल विभाग होगा तथा वित्त (बीमा) विभाग प्रशासनिक विभाग होगा।
  11. पैरा 2 में सूचीबद्ध संबंधित नियमों/योजनाओं में आवश्यक संशोधन यथासमय जारी किए जाएंगे।
  12. वित्त (बीमा) विभाग, RGHS के कार्यान्वयन के लिए विभिन्न अनुलग्नकों, परिपत्रों, स्पष्टीकरणों आदि के साथ विस्तृत परिचालन दिशा-निर्देश जारी करेगा।
  13. यदि इस योजना के क्रियान्वयन में कोई कठिनाई उत्पन्न होती है, तो संबंधित अस्पताल/हितधारक मामले को निदेशक, राज्य बीमा एवं भविष्य निधि विभाग को संदर्भित करेगा तथा यदि निदेशक, एस.आई.पी.एफ. के स्तर पर मामला हल नहीं होता है, तो वित्त (बीमा) विभाग का निर्णय अंतिम होगा। अपीलीय प्राधिकारी ए.सी.एस./प्रमुख सचिव, वित्त होंगे।
  • अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारियों एवं न्यायिक सेवा के अधिकारियों, जिनकी नियुक्ति दिनांक 01.01.2004 के पश्चात हुई है, को राज मेडिक्लेम पॉलिसी जारी नही की जाती है बल्कि ये अधिकारी अपने संबंधित चिकित्सा परिचर्या नियमों के अन्तर्गत चिकित्सा सुविधा प्राप्त करते हैं और इनसे RPMF के अंशदान की राशि प्राप्त की जाती है। अतः उक्त अधिकारियों के संबंध में समसंख्यक आदेश दिनांक 07.07.2021 के कॉलम संख्या 3 में उल्लेखित दर ही लागू होगी, अर्थात जो पूर्व में RPMF के अन्तर्गत कटौती थी, वही अब RGHS लागू होने से आरजीएचएस फण्ड के अन्तर्गत की जायेगी ।
  • परिवीक्षाधीन कार्मिकों के संबंध में GPF और State Insurance की कोई कटौती नहीं होती है। परिवीक्षा काल पूर्ण होने के उपरान्त ही कटौती की जाती है, परन्तु परिवीक्षाधीन अवधि में राज मेडिक्लेम की सुविधा देय है। अतः आदेश दिनांक 07.07.2021 में दिनांक 01.01.2004 एवं उसके पश्चात नियुक्त कार्मिकों के अनुसार RGHS फण्ड के अन्तर्गत कटौती की जानी है। इस हेतु परिवीक्षाधीन कार्मिक जिस पद पर नियुक्त हुए हैं, उस पद की पे-मैट्रिक्स के अनुसार निर्धारित स्लेब में, जो कि दिनांक 01.01.2004 एवं उसके पश्चात नियुक्त कार्मिकों पर लागू है, उक्त आदेश के नोट संख्या 2 का विकल्प देते हुए कटौती की जानी है।  (आदेश दिनांक 20.07.2021)
RGHS  की 01.07.2021 से दरें 

सरकारी कर्मचारियों की श्रेणी

.

1-1-2004 से पहले नियुक्त सरकारी कर्मचारी के लिए प्रति माह अंशदान (रु.)

1-1-2004 को या उसके बाद नियुक्त सरकारी कर्मचारी के लिए प्रति माह अंशदान (रु.)

वेतन मैट्रिक्स में 18000/- रुपये तक का मूल वेतन पाने वाले कर्मचारी

265.00

135.00

वेतन मैट्रिक्स में 18000/- रुपये से अधिक परंतु 33500/- रुपये तक मूल वेतन पाने वाले कर्मचारी

440.00

220.00

वेतन मैट्रिक्स में 33500/- रुपये से अधिक परंतु 54000/- रुपये तक मूल वेतन पाने वाले कर्मचारी

658.00

330.00

वेतन मैट्रिक्स में 54000/- रुपये से अधिक मूल वेतन पाने वाले कर्मचारी

875.00

440.00



RGHS  की 01.04.2022 से दरें 

सरकारी कर्मचारियों की श्रेणी

 सरकारी कर्मचारी के लिए प्रति माह अंशदान (रु.)

वेतन मैट्रिक्स में 18000/- रुपये तक का मूल वेतन पाने वाले कर्मचारी

265.00

वेतन मैट्रिक्स में 18000/- रुपये से अधिक परंतु 33500/- रुपये तक मूल वेतन पाने वाले कर्मचारी

440.00

वेतन मैट्रिक्स में 33500/- रुपये से अधिक परंतु 54000/- रुपये तक मूल वेतन पाने वाले कर्मचारी

658.00

वेतन मैट्रिक्स में 54000/- रुपये से अधिक मूल वेतन पाने वाले कर्मचारी

875.00

संशोधित सुनिश्चित कैरियर प्रगति (MACP ) योजना

वित्त विभागराजस्थान सरकार की अधिसूचना  क्रमांक एफ. 15(1)एफडी/नियम/2017 पं.जयपुर, दिनांकः  06 0ct. 2023 द्वारा देय संशोधित सुनिश्चित कैरियर प्रगति (MACP )  योजना

भारत के संविधान, के अनुच्छेद 309 के परंतुक द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुएराजस्थान के राज्यपाल राजस्थान सिविल सेवा (संशोधित वेतन) नियम, 2017 में और संशोधन करने के लिए निम्नलिखित नियम बनाते हैं, अर्थात्: -

1.   संक्षिप्त शीर्षक और प्रारंभ. - (1) इन नियमों को राजस्थान सिविल सेवा (संशोधित वेतन) (पांचवां संशोधन) नियम, 2023 कहा जा सकता है

(2) इन्हें 01.04.2023 से लागू माना जाएगा।

2.   नियम 14 का संशोधन- मौजूदा नियम 14 को निम्नलिखित द्वारा प्रतिस्थापित किया जाएगा,

अर्थात् –

"14. संशोधित सुनिश्चित कैरियर प्रगति (MACP )  योजना – योजना तीन वित्तीय उन्नयनों के साथ संशोधित सुनिश्चित कैरियर प्रगति (MACP )निम्नानुसार उपलब्ध होगी:-

(1) यह योजना चतुर्थ श्रेणी, मंत्रालयिक, अधीनस्थ, राज्य सेवाओं एवं एकल पदों पर कार्यरत सभी सरकारी कर्मचारियों (L-20 से ऊपर पे लेवल वाले पदों और राजस्थान चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवा और राजस्थान चिकित्सा शिक्षा सेवा के राज्य सेवा अधिकारी जो Dynamic Assured Carrer Progressiion Scheme (DACP) के तहत पदोन्नति के लिए पात्र हैं। को छोड़कर) इन नियमों के तहत अलग-अलग पद रखने वाले और वेतन पाने वाले लोगों के लिए उपलब्ध होगी,

(2) (i) संशोधित सुनिश्चित कैरियर प्रगति योजना (MACP ) योजना के लिए, सेवा की गणना सेवा नियमों के प्रावधानों के अनुसार सरकारी सेवा में नियमित नियुक्ति की तारीख से की जाएगी। MACP के तहत पहला, दूसरा और तीसरा वित्तीय उन्नयन क्रमशः 9, 18 और 27 वर्ष की नियमित सेवा पूरी होने पर स्वीकार्य होगा।

(ii) एक कर्मचारी जिसे एक सेवा/संवर्ग से दूसरी सेवा/संवर्ग में पदोन्नत किया जाता है, उसकी MACP के लिए सेवा की गणना सरकारी सेवा में प्रारंभिक नियमित नियुक्ति की तारीख से की जाएगी और वह नियमों के तहत प्राप्त चयन ग्रेड, ACP, पदोन्नति या MACP  सहित कुल तीन वित्तीय उन्नयन का हकदार होगा।

(iii) जो सरकारी कर्मचारी पहले ही चयन ग्रेड सहित ACP के तहत तीन वित्तीय उन्नयन का लाभ ले चुके हैं, वे MACP  के लिए पात्र नहीं होंगे।

वे सरकारी कर्मचारी जो एक ACP/एक पदोन्नति का लाभ ले चुके हैं, वे नियमित सेवा के क्रमशः 18 और 27 वर्ष पूरे करने पर दूसरे और तीसरे MACP  के लिए पात्र होंगे। इसी प्रकार, जिन सरकारी कर्मचारियों ने दो ACP/दो पदोन्नति/एक पदोन्नति और एक ACP का लाभ उठाया है, वे नियमित सेवा के 27 वर्ष पूरे होने पर तीसरे MACP  के लिए पात्र होंगे।

हालाँकि, जो सरकारी कर्मचारी पहले ही चयन ग्रेड सहित ACP के तहत वित्तीय उन्नयन के एक या दो या तीन लाभ प्राप्त कर चुके हैं, वे पहले या दूसरे या तीसरे MACP  पे लेवल के पे लेवल में इन नियमों के तहत वेतन के पुन: निर्धारण के लिए पात्र होंगे, इनका  पुन: वेतन निर्धारण निम्नलिखित तरीके से होगा

1 अप्रैल, 2023 को भुगतान के पुनर्निर्धारण की विधि - एक सरकारी कर्मचारी जो इन नियमों के तहत 01.04.2023 को जिसपे लेवल में वेतन प्राप्त कर रहा है;यदि पहले या दूसरे या तीसरे ACP का वर्तमान पे लेवल , इन नियमों के तहत स्वीकार्य पहले, दूसरे या तीसरे MACP  के पे लेवल से कम है, तो उसका वेतन क्रमशः पहले या दूसरे या तीसरे MACP  के स्वीकार्य पे लेवल में उस लागू पे लेवल के बराबर सेल पर,यदि लागू पे लेवल में ऐसा कोई सेल उपलब्ध नहीं है, तो पे पेमैट्रिक्स में उस लागू पे लेवल के तत्काल अगले सेल परजैसा भी मामला हो, फिर से तय किया जाएगा पे लेवल

यदि वर्तमान पे लेवल में वेतन,MACP  के स्वीकार्य पे लेवल के पहले सेल  न्यूनतम से कम है, तो उसे पे मैट्रिक्स में संशोधित MACP  पे लेवल के पहले सेल पर तय किया जाएगा।  

उदाहरण

1

वर्तमान पे लेवल: L-13

 

वर्तमान पे लेवल

MACP स्वीकार्य पे लेवल

2

L-13 में मूल वेतन- 58000

3

MACP  स्वीकार्य पे लेवल :L-14

लेवल

L-13

L-14

4

MACP पे लेवल एल-14: 59500 में पुनः वेतन निर्धारित किया गया

 

 

सेल

53100

56100

54700

57800

56300

59500 

58000

61300

59700

63100

61500

65000

63300

67000


(3) (i) चतुर्थ श्रेणी/मंत्रालयिक/अधीनस्थ सेवा के कर्मचारियों के लिए इन नियमों के तहत प्रथम MACP उसी सेवा/संवर्ग में अगले पदोन्नति पद के पे लेवल पर देय होगी
बशर्ते कि यदि उसी सेवा/संवर्ग में कोई अगला पदोन्नति पद न हो या कर्मचारी के पास पदोन्नति के लिएमें निर्धारित शैक्षणिक योग्यता न हो,एकल पद हो तो प्रथम MACP उसके पद या ACP के पे लेवल के अनुरूप उप-नियम (5) में निर्दिष्ट पे लेवल में दिया जायेगा ।
(ii)चतुर्थ श्रेणी/मंत्रालयिक/अधीनस्थ सेवा के कर्मचारियों के लिएइन नियमों के तहत द्वितीय MACP उसी सेवा/संवर्ग में दूसरे पदोन्नति पद के पे लेवल पर देय होगी।
बशर्ते कि दूसरी पदोन्नति के मामले में, उसी सेवा/संवर्ग में उपलब्ध पद का वेतनमान पे-लेवल -14 से अधिक हो या उसी सेवा/संवर्ग में कोई दूसरा पदोन्नति पद न हो या कर्मचारी के पास पदोन्नति के लिए निर्धारित शैक्षणिक योग्यता न हो या एकल पद हो तो दूसरी MACP उसके पद या ACP के पे लेवल के अनुरूप उप-नियम (5) में निर्दिष्ट पे लेवल में दिया जायेगा
(iii) चतुर्थ श्रेणी/मंत्रालयिक/अधीनस्थ सेवा के कर्मचारियों के लिए इन नियमों के तहत तीसरी MACP उसी सेवा/संवर्ग में तीसरे पदोन्नति पद के पे लेवल पर देय होगी।
बशर्ते कि दूसरी पदोन्नति के मामले में, उसी सेवा/संवर्ग में उपलब्ध पद का वेतनमान पे-लेवल -14 से अधिक हो या उसी सेवा/संवर्ग में कोई दूसरा पदोन्नति पद न हो या कर्मचारी के पास पदोन्नति के लिए निर्धारित शैक्षणिक योग्यता न हो या पृथक पदों के संबंध में, तीसरी MACP उसके पद या ACP के पे लेवल के अनुरूप उप-नियम (5) में निर्दिष्ट पे लेवल में दिया जायेगा।
(iv) राज्य सेवा में सीधे भर्ती होने वाले कर्मचारियों के लिए इन नियमों के तहत पहली, दूसरी और तीसरी MACP , क्रमशः 9, 18 और 27 साल की सेवा पूरी होने के बाद उसी सेवा/कैडर में उपलब्ध पहले, दूसरे या तीसरे पदोन्नति पद के पे लेवल परस्वीकार्य होगी
बशर्ते कि पदोन्नति पद का पे लेवल धारित पद से तीन पे लेवल से अधिक हो, तो MACP पदोन्नति पद के पे लेवल के बजाय मौजूदा पद से अगले तीसरे पे लेवल में प्रदान किया जाएगा।
बशर्ते कि MACP का अनुदान पे लेवल एल-20 तक ही सीमित रहेगा।
(v) जिस कर्मचारी को एक सेवा/संवर्ग से दूसरी सेवा/संवर्ग में पदोन्नत किया जाता है, तो वह उस सेवा/संवर्ग से संबंधित पदोन्नति पद की 18 वर्ष या 27 वर्ष की सेवा के बाद, यदि देय हो, आगे MACP के लिए पात्र होगा।
बशर्ते कि पदोन्नति पद का पे लेवल धारित पद से तीन पे लेवल से अधिक हो, तो MACP , पदोन्नति पद के पे लेवल के बजाय मौजूदा पद से अगले तीसरे पे लेवल में प्रदान किया जाएगा।

(4)      संशोधित सुनिश्चित कैरियर प्रगति (MACP) योजना के तहत वित्तीय उन्नयन के अनुदान के लिए, नौ, अठारह या सत्ताईस साल की सेवा की अवधि, जैसा भी मामला हो, प्रासंगिक भर्ती नियमों में निहित प्रावधानों के अनुसार नियमित नियुक्ति की तारीख से गिना जाएगा ।जिस अवधि के दौरान एक सरकारी कर्मचारी में डिकल प्रमाण पत्र के साथ या उसके बिना असाधारण छुट्टी पर रहा/रहता है, उसे भी (परिवीक्षा प्रशिक्षु की विस्तारित अवधि को छोड़कर) MACP की सेवा की अवधि की गणना के लिए गिना जाएगा।

(5)       यदि एक ही सेवा/संवर्ग में प्रथम, द्वितीय या तृतीय पदोन्नति के लिए कोई पद नहीं है या कर्मचारी के पास पदोन्नति के लिए निर्धारित शैक्षणिक योग्यता नहीं है या पृथक पद होने पर , MACP नीचे निर्दिष्टअनुसार स्वीकृत की  जाएगी।

क्र.सं.

पे लेवल

MACP  में पे लेवल

1

L-l

L-2

2 .

L-2

L-3

3

L-3

L-4

4

L-4

L-5

5

L-5

L-8

6

L-6

L-8

7

L-7

L-8

8

L-8

L-10

9

L-9

L-10

10

L-10

(i)L-12- -उन मामलों में जहां अगला प्रमोशन पद राज्य सेवा में हो।

(ii)L-11 -अन्य मामलों में।

11

L-11

L-12

12

L-12

L-14

13

L-13

L-15

14

L-14

L-15

15

L-15

L-16

16

L-16

L-17

17

L-17

L-18

18

L-18

L-19

19

L-19

L-20





(6)  एक सरकारी कर्मचारी जो MACP योजना के तहत वित्तीय उन्नयन के लिए पात्र है, उसके पास मौजूदा ACP योजना के पे लेवल या MACP  योजना के तहत पे लेवल का चयन करने का विकल्प है, जो भी पदोन्नति या अगले वित्तीय उन्नयन तक उसके लिए फायदेमंद हो। सरकारी सेवक इस नियम के प्रकाशन की तारीख से तीन महीने के भीतर लिखित रूप में विकल्प प्रस्तुत करेगा एक बार दिया गया  विकल्प अंतिम होगा

(7)    सरकारी कर्मचारी द्वारा धारित पद पर नियुक्ति करने में सक्षम प्राधिकारी MACP  देने में सक्षम होगा।

(8)  संशोधित वेतन संरचना में एक लेवल  से दूसरे लेवल  पर MACP  योजना के तहत वित्तीय उन्नयन के मामले में वेतन का निर्धारण निम्नलिखित तरीके से किया जाएगा, अर्थात्: -एक वेतन वृद्धि वर्तमान पे लेवल  में दी जाएगी जिससे (वर्तमान पे लेवल ) कर्मचारी को MACP  प्रदान किया जाता है। इस प्रकार प्राप्त आंकड़े को MACP  के पे लेवल  में अगले सेल में रखा जाएगा।

उदाहरण (i)

1. संशोधित वेतन संरचना में पे लेवल  L-5

 

वर्तमान पे लेवल

MACP  पे लेवल

2. L-5 में मूल वेतन: 27100

लेवल

L-5

L-8

3. MACP  में स्वीकृत पे लेवल  L-8

सेल

26300

26300

4. पे लेवल  -5 में एक वेतन वृद्धि के बाद वेतन : 27900

27100

27100

5. MACP  पे लेवल   यानी L-8 में वेतन : 28700

27900

27900

28700

28700

29600

29600

30500

30500

31400

31400

उदाहरण (ii)


1. संशोधित वेतन संरचना में पे लेवल  L-11

 

वर्तमान पे लेवल

MACP  पे लेवल

2. L-11 मेंमूल वेतन: 50800

लेवल

L-11

L-12

3. MACP  में स्वीकृत पे लेवल L-12

सेल

49300

48400

4. पे लेवल -11 में एक वेतन वृद्धि के बाद वेतन :52300

50800

49900

5. MACP  पे लेवल  यानी L-12 में वेतन : 52900

52300

51400

53900

52900

55500

54500

57200

56100

58900

57800

 

(9)  यदि पदोन्नति, ACP/MACP  के तहत दिए गए समान पे लेवल पर दी गई है, तो नियमित पदोन्नति के समय वेतन का कोई और निर्धारण नहीं किया जाएगा।

हालाँकि, यदि पदोन्नति उच्च पे लेवल वाले पद पर है तो पे मैट्रिक्स में पदोन्नति के पे लेवल में वेतन समान सेल पर तय किया जाएगा और यदि कोई समान सेल नहीं है तो तत्काल अगले सेल पर।

(10) संशोधित सुनिश्चित कैरियर प्रगति (MACP ) के अनुदान के लिए विस्तृत दिशानिर्देश इन नियमों से जुड़ी अनुसूची-VI में निहित होंगे।"

3.    नियम 15 में संशोधन- मौजूदा नियम 15 को हटा दिया जाएगा.

4.   अनुसूची-VI में संशोधन - नियम 14 से जुड़ी मौजूदा अनुसूची VI को निम्नलिखित द्वारा प्रतिस्थापित किया जाएगा, अर्थात्: -

अनुसूची VI

(नियम क्रमांक 14)

राज्य सरकार के कर्मचारियों को संशोधित सुनिश्चित कैरियर प्रगति योजना (MACP ) के अनुदान के लिए दिशानिर्देश

इन नियमों के नियम 14 के तहत, सरकारी कर्मचारी 'तीन वित्तीय उन्नयन' के लिए पात्र हैं। संशोधित सुनिश्चित कैरियर प्रगति (MACP ) के अनुदान के लिए विस्तृत दिशानिर्देश निम्नानुसार होंगे: -

(1)      (i) MACP  अनुदान के प्रयोजन के लिए नियमित सेवा नीचे दिए गए नियम 5 (xiii) में परिभाषित अनुसार होगी; -

"5 (xiii) "नियमित सेवा" का अर्थ है और इसमें उस पद के लिए प्रासंगिक भर्ती नियमों में निहित प्रावधानों के अनुसार नियमित चयन के बाद एक सरकारी कर्मचारी द्वारा की गई सेवा शामिल है। तदर्थ आधार पर या अत्यावश्यक अस्थायी आधार पर प्रदान की गई सेवा की अवधि को नियमित सेवा के रूप में नहीं गिना जाएगा। दूसरे शब्दों में, सेवा की वह अवधि जो वरिष्ठता के लिए गणनीय है, केवल नियमित सेवा के रूप में गिनी जाएगी।"

(ii) MACP  योजना के तहत लाभ देने के लिए नियमित सेवा की गणना सीधी भर्ती पर नियमित आधार पर सीधे प्रवेश लेवल में किसी पद पर शामिल होने की तारीख से की जाएगी।

(iii) नियमित नियुक्ति से पहले तदर्थ अनुबंध के आधार पर प्रदान की गई सेवा को गणना में नहीं लिया जाएगा। हालाँकि, किसी नए विभाग में नियमित नियुक्ति से पहले समान लेवल के पद पर किसी अन्य सरकारी विभाग में बिना किसी रुकावट के की गई निरंतर नियमित सेवा को भी केवल MACP  के प्रयोजन के लिए अर्हता प्राप्त नियमित सेवा में गिना जाएगा (और नियमित पदोन्नति के लिए नहीं) ). हालाँकि, ऐसे मामलों में MACP  के तहत लाभ पर नए पद पर परिवीक्षा अवधि के संतोषजनक समापन तक विचार नहीं किया जाएगा। उदाहरण के लिए, यदि नियमित रूप से भर्ती किए गए पटवारी(L-5) को उसी लेवल पर एलडीसी के किसी अन्य पद पर नियुक्त किया जाता है, तो उसके द्वारा पटवारी के रूप में प्रदान की गई सेवा की अवधि को परिवीक्षा अवधि के संतोषजनक समापन के बाद एलडीसी के रूप में MACP  प्रदान करने के उद्देश्य से गिना जाएगा।

(iv) 'नियमित सेवा' में प्रतिनियुक्ति/विदेश सेवा, अध्ययन अवकाश और अन्य सभी प्रकार के अवकाश (असाधारण अवकाश को छोड़कर जिसके लिए परिवीक्षा प्रशिक्षु अवधि सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी से बढ़ा दी गई है) पर बिताई गई सभी अवधियां शामिल होंगी।

(2)      (i) वित्तीय उन्नयन गैर-कार्यात्मक आधार संतोषजनक सेवा रिकॉर्ड के अधीन होगा, जिसके आधार पर संबंधित कर्मचारी उच्च पद पर पदोन्नति के लिए पात्र है।इसके लिए संबंधित कर्मचारी की पिछले लगातार 9 वर्षों की सेवा का सर्विस रिकॉर्ड देखा जाना है। ऐसे मामलों में जहां पिछले लगातार 9 वर्षों का सेवा रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है, निम्नलिखित प्रक्रिया अपनाई जाएगी: -

(a) यदि किसी सरकारी कर्मचारी की 9 साल की वार्षिक प्रदर्शन मूल्यांकन रिपोर्ट (एपीएआर) MACP  के अनुदान के लिए उपलब्ध नहीं है, तो उस स्थिति में कर्मचारियों के पिछले वर्षों के 2 APAR को ध्यान में रखा जाएगा।

(b) 9 वर्षों के बाद भी APAR उपलब्ध नहीं है, शेष APAR को MACP  के अनुदान के लिए अगले वर्षों के लिए माना जा सकता है।

(c) कोई भी विभागीय या आपराधिक कार्यवाही लंबित नहीं होनी चाहिए।

(d)पिछले वर्षों में वार्षिक वेतन वृद्धि नियमित रूप से दी जाती थी।

(e) नियंत्रण अधिकारी संतोषजनक सेवा का प्रमाण पत्र जारी करेगा।

(ii) ऐसे कर्मचारी के मामले में, जिसे उसके असंतोषजनक रिकॉर्ड के कारण MACP  प्रदान नहीं किया जा सका, उसे  इस संबंध में निर्धारित अन्य शर्तों की पूर्ति के लिए संतोषजनक सेवा रिकॉर्ड के आधार पर उच्च पद पर पदोन्नति के लिए पात्र होने की तिथि से ACP प्रदान किया जाएगा।

(iii)नियुक्ति प्राधिकारी को MACP  देने से पहले कर्मचारी से 01.06.2002 को या उसके बाद केवल दो बच्चे होने के संदर्भ में एक शपथ पत्र भी प्राप्त करना होगा। जिस कर्मचारी के 01.06.2002 को या उसके बाद दो से अधिक बच्चे हैं, उसे उस तारीख से तीन साल तक MACP /अगला MACP  नहीं दिया जाएगा, जिस दिन उसका MACP  देय होगा और इसका अगले/बाद के अनुदान पर कोई परिणामी प्रभाव नहीं होगा। MACP  दो से अधिक बच्चों वाले कर्मचारी को तब तक अयोग्य नहीं माना जाएगा, जब तक कि 01.06.2002 को उसके बच्चों की संख्या में वृद्धि न हो जाए।

बशर्ते कि जहां किसी कर्मचारी के पहले प्रसव से केवल एक बच्चा हो, लेकिन एक ही बाद के प्रसव से एक से अधिक बच्चे पैदा हों, तो बच्चों की कुल संख्या की गणना करते समय इस प्रकार पैदा हुए बच्चों को एक इकाई माना जाएगा।

बशर्ते कि किसी कर्मचारी के बच्चों की कुल संख्या की गणना करते समय, पहले प्रसव से पैदा हुए विकलांगता वाले बच्चे की गणना नहीं की जाएगी।

बशर्ते कि कोई भी सरकारी कर्मचारी जिसने पुनर्विवाह किया है, जो किसी भी कानून के खिलाफ नहीं है और ऐसे पुनर्विवाह से पहले वह इस खंड के तहत संशोधित सुनिश्चित कैरियर प्रगति के अनुदान के लिए अयोग्य नहीं है, वह संशोधित सुनिश्चित कैरियर प्रगति का हकदार होगा। यदि कोई बच्चा ऐसे पुनर्विवाह से एकल प्रसव से पैदा हुआ हो।

(3)      अनुशासनात्मक कार्यवाही के मामले में, MACP s के तहत लाभ का अनुदान सामान्य पदोन्नति को नियंत्रित करने वाले नियमों के अधीन होगा। इसलिए, ऐसे मामलों को राजस्थान सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण और अपील) नियम, 1958 के प्रावधानों और उसके तहत जारी निर्देशों के तहत विनियमित किया जाएगा।

(4)      MACP  अनुदान पर जुर्माने का प्रभाव निम्नानुसार दिया जाएगा: -

दंड के प्रकार

MACP  परप्रभाव

निंदा

निंदा के प्रत्येक आदेश के दंड के लिए MACP  को एक वर्ष के लिए स्थगित कर दिया जाएगा।

वार्षिक वेतन वृद्धि रोकना

संचयी प्रभाव के बिना वार्षिक वेतन वृद्धि रोकने के दंड के प्रत्येक आदेश के लिए MACP  को एक वर्ष के लिए स्थगित कर दिया जाएगा।

संचयी प्रभाव से वार्षिक वेतन वृद्धि (ओं) की संख्या रोकना

MACP  को उतने वर्षों के लिए स्थगित कर दिया जाएगा जितने वर्षों के लिए वार्षिक वेतन वृद्धि रोकने का जुर्माना लगाया गया है। प्रत्येक आदेश का MACP  अनुदान पर अलग-अलग प्रभाव पड़ेगा।

पदोन्नति रोकने का दंड

जिस अवधि के लिए पदोन्नति से वंचित किया गया है, उस अवधि के लिए MACP  को स्थगित कर दिया जाएगा। यदि पदोन्नति से वंचित करने के आदेश में अवधि का उल्लेख नहीं किया गया है तो ऐसी स्थिति में MACP  को 7 वर्ष की अवधि के लिए स्थगित कर दिया जाएगा।

लापरवाही या किसी कानून, नियम या आदेश के उल्लंघन के कारण सरकार को हुई किसी भी आर्थिक हानि की पूरी या आंशिक भरपाई वेतन से की गई

जुर्माने के प्रत्येक आदेश के लिए MACP  को एक वर्ष के लिए स्थगित कर दिया जाएगा।

किसी निचली सेवा, ग्रेड या पद पर, या निचले समयमान पर या समयमान पर निचले लेवल पर कटौती

MACP  को 7 साल की अवधि के लिए स्थगित कर दिया जाएगा।

 

नियमों के तहत देय राशि से कम राशि की पेंशन के मामले में

MACP  को उस अवधि के लिए स्थगित कर दिया जाएगा जिसके लिए पेंशन/पेंशन का हिस्सा बरकरार रखा गया है। 100% पेंशन रोके जाने की स्थिति में MACP  की अनुमति नहीं दी जाएगी।प्रत्येक आदेश का MACP  अनुदान पर अलग-अलग प्रभाव पड़ेगा।

 

(5)      MACP  केवल वित्तीय लाभ के लिए प्रासंगिक लेवल पर व्यक्तिगत आधार पर नियुक्ति पर विचार करता है और संबंधित कर्मचारियों की वास्तविक/कार्यात्मक पदोन्नति नहीं होगी।

(6)      यदि 9 साल की संतोषजनक APAR की अनुपलब्धता या APAR में प्रतिकूल टिप्पणियों या राजस्थान सिविल सेवा (सीसीए) नियम, 1958 के नियम 17 के तहत दंड के कारण MACP  के तहत वित्तीय उन्नयन स्थगित कर दिया गया है और अनुमति नहीं दी गई है, आगामी वित्तीय उन्नयन अनुदान पर परिणामी प्रभाव नहीं पड़ेगा।

बशर्ते कि राजस्थान सिविल सेवा (सीसीए) नियम, 1958 के नियम 16 के तहत दंड के कारण MACP  को स्थगित कर दिया जाता है, इसका परिणामी प्रभाव बाद के वित्तीय उन्नयन पर पड़ेगा, जो पिछले वित्तीय उन्नयन के अनुदान में देरी की सीमा तक भी स्थगित हो जाएगा।

(7)      योजना के तहत वित्तीय उन्नयन प्रदान करने पर पदनाम, वर्गीकरण या उच्च स्थिति में कोई परिवर्तन नहीं होगा।

(8)      MACP  के तहत वित्तीय उन्नयन कर्मचारी के लिए पूरी तरह से व्यक्तिगत होगा और उसकी वरिष्ठता स्थिति से कोई प्रासंगिकता नहीं होगी। इस प्रकार, वरिष्ठ कर्मचारियों के लिए इस आधार पर कोई अतिरिक्त वित्तीय उन्नयन नहीं होगा कि लेवल  में कनिष्ठ कर्मचारी को MACP  के तहत उच्च लेवल मिला है।

(9)      MACP  योजना के तहत अनुमत लेवल में आहरित वेतन को सेवानिवृत्त कर्मचारी के संबंध में टर्मिनल लाभों के निर्धारण के लिए आधार के रूप में लिया जाएगा।

(10)  यदि किसी कर्मचारी को उसके विभाग में अधिशेष घोषित किया जाता है और नए विभाग में उसी लेवल या निचले लेवल पर नियुक्त किया जाता है, तो उसके द्वारा पिछले विभाग में की गई नियमित सेवा को उसके नए विभाग में नियमित सेवा के लिए गिना जाएगा, जिसका उद्देश्य MACP s के तहत वित्तीय उन्नयन करना है।

(11)  यदि एक नियमित पदोन्नति की पेशकश की गई है लेकिन कर्मचारी द्वारा वित्तीय उन्नयन का हकदार बनने से पहले इनकार कर दिया गया था, तो कोई वित्तीय उन्नयन की अनुमति नहीं दी जाएगी क्योंकि ऐसे कर्मचारी को अवसरों की कमी के कारण रोक दिया गया है। हालांकि, यदि ठहराव के कारण वित्तीय उन्नयन की अनुमति दी गई है और कर्मचारी ने बाद में पदोन्नति से इनकार कर दिया है, तो यह वित्तीय उन्नयन वापस लेने का आधार नहीं होगा।

तथापि, वह और अधिक वित्तीय उन्नयन के लिए तब तक विचार करने के लिए पात्र नहीं होगा जब तक कि वह फिर से पदोन्नति के लिए विचार करने के लिए सहमत नहीं हो जाता है और अगले वित्तीय उन्नयन को भी इनकार के कारण स्थगन की अवधि तक स्थगित कर दिया जाएगा।

(12)  उदाहरण:

(i)   यदि L-5 के किसी सरकारी कर्मचारी (जूनियर सहायक/ क्लर्क ग्रेड-ii) को 8 वर्ष की सेवा पूरी होने पर L-8 में प्रथम नियमित पदोन्नति मिलती है और फिर बिना किसी पदोन्नति के 10 वर्ष की अतिरिक्त सेवा पूरी की जाती है तो वह 18 वर्ष (8+10 वर्ष) पूरा होने के बाद MACP  के तहत दूसरे वित्तीय उन्नयन के लिए पात्र होगा।

(ii) यदि उसे उसके बाद कोई पदोन्नति नहीं मिलती है तो उसे अगले 9 वर्षों की सेवा पूरी होने पर तीसरा वित्तीय उन्नयन प्राप्त होगा। 27 वर्षों के बाद (8+10+9 वर्ष)

(13)  MACP  के अनुदान के बाद अगली वार्षिक वृद्धि तिथि अपरिवर्तित रहेगी।

(14)  'लेवल ' शब्द में 'ग्रेड पे एंड स्केल ऑफ पे' भी शामिल होगा।

5.       यदि कोई और स्पष्टीकरण आवश्यक हो तो उसे वित्त विभाग के नियम प्रभाग को संबोधित किया जाना चाहिए।

 

 

 

 

 

 

 

Munna Lal Kala

Lecturer(Geography)

GSSS Burod

हिंदी रूपांतरण केवल सुविधा के लिए किया गया है  किसी विवाद की स्थिति में अंतिम निर्णय वित्त विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ. 15(1) एफडी/नियम/2017 पं.जयपुर, दिनांकः 06 0ct. 2023 के अनुसार ही मान्य होगा

 

 

 

 

राजस्थान सिविल सेवा (पुनरीक्षित वेतन) नियम 2017 के नियम 14,  Modified Assured Career Progression Scheme (MACP) योजना

के संबंध में  FAQ वित्त (नियम) विभाग की समसंखक अधि सूचना दिनांक 06.10.2023 के द्वारा राजस्थान सिविल सेवा (पुनरीक्षित वेतन) नियम 2017 के नियम 14 में  Modified Assured Career Progression Scheme (MACP) योजना दिनांक 01.04.2023 से लागूकी गई है। उक्त  योजना के सबंध  में  नियमों की व्याख्या के कर्म में  FAQ निम्नानुसार है:-

1.         क्या 01.04.2023 से पहले सेवानिवृत कार्मिकों को MACP का लाभ देय होगा ?

MACP के प्रावधान  दिनांक 01.04.2023 से पभावी किये गये है। अतः इससे पूर्व सेवानिवृत कार्मिकों को MACP का लाभ देय नहीं है।

2.         क्या  दिनांक 01.04.2023 से पहले स्वीकृत  ACP की तिथि से काल्पनिक  रूप से MACP में  वेतन का निर्धारण किया जायेगा एवं दिनांक 01.04.2023 से उसका नकद लाभ देय होगा ?

MACP योजना दिनांक 01.04.2023 से लागू की गई है। अतः इससे पूर्व की अवधि में  काल्पनिक  रूप से वेतन का निर्धारण नहीं किया जायेगा। MACP के तहत दिनांक 01.04.2023 को नियमानुसार देय पे-लेवल में  वेतन का पुनर्निर्धारण नियम 14(2) (iii) के प्रावधानों के अनुसार दिनांक 01.04.2023 को किया जायेगा।

3.    क्या  आगामी पदोनात्ति  अथवा ACP तक ACP योजना मेंबने रहने अथवा MACP योजना का लाभ लेने के लिये विकल्प दिया जाना अनिवार्य र्है?

अधि सूचना दिनांक 06.10.2023 से 05.01.2024 तक अर्थार्त तीन माह के अन्दर  कार्यलायाध्यक्ष  को लिखित रूप में MACP या ACP का विकल्प देना होगा। तीन महीने की निर्धारत  अवधि के अन्दर विकल्प प्रस्तुत  नहीं करनेपर MACP का विकल्प दिया हआ माना जायेगा।

4.    01.04.2023 को MACP योजना के तहत MACP की स्वीकृति देने या पे-लेवल के पुनर्निर्धारण के लिए सक्षम अधिकारी कौन है?

नियम 14(7) के अनुसार नियुक्ति प्राधिकारी सक्षम है। नियुक्ति प्राधिकारी  के द्वारा  MACP पे-लेवल की स्वीकृति दिये जाने के पश्चात्  वेतन निर्धारण सम्बंधित कार्यालयाध्यक्ष द्वारा किया जायेगा।

5.    दिनांक 01.04.2023 को किन कार्मिकों का MACP के पे-लेवल में वेतन का पुनःनिर्धारण किया जायेगा?

ऐसे कार्मिक जिन्हें  नियम 14 के उप-नियम (3) के प्रावधानों के अध्यधीन  देय पे-लेवल से नीचे का पे-लेवल स्वीकृत  है। उनका MACP के तहत देय पे-लेवल स्वीकृत  किया जायेगा तथा नियम 14 (2) (iii) के प्रावधान के अनुसार MACP के दिनांक 01.04.2023 को देय पे-लेवल में समान स्तर  पर वेतन निर्धारित किया जायेगा और यदि पे-लेवल में समान स्तर  नहीं है तो तत्काल आगामी स्तर पर वेतन निर्धारित  किया जायेगा।

6.    यदि किसी कार्मिक की पदोनात्ति  एवं आगामी MACP दोनों 01.04.2023 को देय होती है तो वेतन निर्धारण किस प्रकार  किया जायेगा अर्थार्त पहलेपदोनात्ति पद के पे-लेवल में वेतन निर्धारण होगा या MACP के पे-लेवल में वेतन निर्धारण होगा?

यदि किसी  कार्मिक की पदोनात्ति  एवं आगामी MACP दोनों दिनांक 01.04.2023 को देय होती है तो प्रथमतः कार्मिक का पदोनात्ति  पद के पे-लेवल में वेतन निर्धारित  किया जायेगा तत्पश्चात आगामी देय MACP के पे-लेवल में वेतन निर्धारित  किया जायेगा।

7.    Same Service/Cadre से क्या  आशय है?

Same Service/Cadre का आशय कार्मिक की जिस सेवा/संवर्ग  में नियमित नियुक्ति हई है। उस सम्बंधित सेवा के सेवा नियमों में उल्लेखित पदोनात्ति  के पदों से है। अधीनस्थ सेवा में नियुक्त  कर्मचारी  की अधीनस्थ सेवा के पदोनात्ति  पद से है। राज्यसेवा के पद पर नियुक्त  कर्मचारी की राज्यसेवा के पदोनात्ति  पद से है। अधीनस्थ  सेवा के पद से राज्य सेवा में पदोनात्ति  के पद  Same Service के नहीं है।

उदाहरण - किसी  कार्मिक की नियुक्ति कनिष्ठ लेखाकार के पद पर हई है यह पद राजस्थान अधीनस्थ  लेखा सेवा का पद है इस सेवा के पदोनात्ति  पद कमशः सहायक लेखाधिकारी ग्रेड-।। व सहायक लेखाधिकारी ग्रेड -। है। इस सेवा के कार्मिकों  का आगामी पदोनात्ति पद लेखाधिकारी है। लेखाधिकारी का पद राजस्थान लेखासेवा का पद है। अतः कनिष्ठ लेखाकार, सहायक लेखाधिकारी ग्रेड-।। व सहायक लेखाधिकारी ग्रेड-। पद पर कार्यरत  कार्मिक को MACP योजना के तहत वेतन उनयन का लाभ स्वीकृत  करने हेतु लेखाधिकारी का पद राज्य सेवा का पद होने के कारण Same Service का पद नहीं  है।

8.    ACP के स्थान  पर MACP के पे-लेवल में वेतन निर्धारण किस नियम के तहत किया जायेगा?

दिनांक 01.04.2023 को देय MACP के पे-लेवल में नियम 14(2) (iii) के प्रावधान के अनुसार पे-लेवल के सैल में वेतन निर्धारित  किया जायेगा।

9.    दिनांक 01.01.2013 को कनिष्ठ  अभियन्ता के पद पर नियमित रूप से नियुक्त  एवं जिसकी कोई पदोनात्ति  नहीं हुई है और दिनांक 01.01.2022 को 9 वर्ष की नियमित सेवा पूर्ण कर  दिनांक 01.04.2023 से पहले प्रथम ACP के रूप में पे-लेवल एल-11 में वेतन प्राप्त कर रहा है। उक्त  कार्मिक का दिनांक 01.04.2023 को प्रथम MACP में कौनसा पे-लेवल देय होगा ?

कनिष्ठ  अभियन्ता का पद अधीनस्थ सेवा का पद है इस पद से सहायक अभियन्ता के पद पर पदोनात्ति  होती है जो कि राज्य सेवा का पद है। इसलिए पदोनात्ति  पद Same Service में नहीं होने के कारण उक्त कनिष्ठ अभियन्ता को दिनांक 01.04.2023 को प्रथम MACP पर पे-लेवल एल-12 (नियम 14 (5) के अनुसार) देय होगा। ऐसे कनिष्ठ  अभियन्ता का दिनांक 01.04.2023 को पे-लेवल एल-12 में वेतन निर्धारण नियम 14 (2) (iii) के प्रावधान के अनुसार होगा।

10.  कनिष्ठ  अभियन्ता जो नियमि त रूप से दिनांक 01.01.2004 को नियुक्त  हआ एवं जिसकी कोई पदोनात्ति नहीं हई है और 18 वर्ष  की नियमित सेवा दिनांक 01.04.2023 से सेवा पूर्व पूर्ण कर द्वीतीय ACP के रूप में पे-लेवल एल-12 में वेतन प्राप्त कर रहा है। उक्त कार्मिक को दिनांक 01.04.2023 को द्वीतीय  MACP में कौनसा पे-लेवल देय होगा ?

उक्त कनिष्ठ  अभियन्ता को दिनांक 01.04.2023 को द्वितीय MACP में पे-लेवल एल-14 (नियम 14 (5) के अनुसार) देय होगा। ऐसे कनिष्ठ अभियन्ता का दिनांक 01.04.2023 को पे-लेवल एल-14 में वेतन निर्धारण नियम 14 (2) (iii) के प्रावधान के अनुसार होगा।

11.  कनिष्ठ  अभियन्ता जो नियमित रूप से दिनांक 01.01.1995 को नियुक्त  हआ एवं जिसकी कोई पदोनात्ति  नहीं हुई है और 27 वर्ष  की नियमित सेवा दिनांक 01.04.2023 से पूर्व पूर्ण कर तृतीय ACP (एक चयनित वेतनमान एवं दो ACP प्राप्त कर) में पे-लेवल एल-15 में वेतन प्राप्त कर रहा है। उक्त  कार्मिक को दिनांक 01.04.2023 को तृतीय MACP में कौनसा पे-लेवल देय होगा ?

उक्त कनिष्ठ  अभियन्ता को दिनांक 01.04.2023 को तृतीय MACP में पे-लेवल एल-15 (नियम 14 (5) के अनुसार) यथावत देय होगा।

12. कनिष्ठ अभियन्ता जो नियमित रूप से दिनांक 01.06.2005 को नियुक्त हुआ एवं जिसकी प्रथम पदोन्नति दिनांक 01.04.2018 को सहायक अभियन्ता के पद हुई तथा 18 वर्ष की नियमित सेवा दिनांक 01.06.2023 को पूर्ण होगी उक्त कार्मिक को द्वितीय एमएसीपी में कौनसा पे-लेवल  देय होगा ?

सहायक अभियन्ता पद पर पदोन्नत उक्त कार्मिक को प्रथम नियुक्ति (कनिष्ठ अभियन्ता) के पद से 18 वर्ष की नियमित सेवा दिनांक 01.06.2023 को पूर्ण करने पर द्वितीय एमएसीपी में राज्य सेवा के पदोन्नति पद (अधिशाषी अभियन्ता) का पे-लेवल एल-16 (नियम 14 (3) (v) के प्रावधानानुसार) देय होगा।

13. कनिष्ठ अभियन्ता जो नियमित रूप से दिनांक 01.01.2002 को नियुक्त हुआ एवं जिसकी प्रथम पदोन्नति दिनांक 01.04.2012 को सहायक अभियन्ता के पद हुई तथा 20 वर्ष की नियमित सेवा दिनांक 01.01.2022 को पूर्ण करने पर द्वितीय - एसीपी के रूप में पे-लेवल एल-15 प्राप्त कर रहा है। ऐसे कार्मिक को दिनांक 01.04.2023 को द्वितीय एमएसीपी में कौनसा पे-लेवल देय होगा?

उक्त सहायक अभियन्ता को दिनांक 01.04.2023 को द्वितीय एमएसीपी पर एल-16 देय होगा एवं दिनांक 01.04.2023 को एल-16 में वेतन निर्धारण नियम 14 ( 2 ) (iii) के प्रावधान के अनुसार किया जायेगा ।

14. कनिष्ठ अभियन्ता जो नियमित रूप से दिनांक 01.01.1995 को नियुक्त हुआ एवं जिसकी प्रथम पदोन्नति दिनांक 01.04.2005 को सहायक अभियन्ता के पद हुई तथा 20 वर्ष की नियमित सेवा दिनांक 01.01.2015 को पूर्ण करने पर द्वितीय एसीपी के रूप में पे लेवल एल-15 में वेतन प्राप्त कर रहा है। उक्त कार्मिक को दिनांक 01.04.2023 को द्वितीय एमएसीपी में कौनसा पे-लेवल देय होगा तथा तृतीय एमएसीपी किस तिथि को एवं किस पे-लेवल में देय होगी ?

उक्त सहायक अभियन्ता का प्रथमतः दिनांक 01.04.2023 को पे - लेवल एल-16 में द्वितीय एमएसीपी के पे-लेवल में नियम 14 (2) (iii) के प्रावधान के अनुसार वेतन निर्धारण होगा। तत्पश्चात दिनांक 01.04.2023 को 27 वर्ष से अधिक की नियमित सेवा पूर्ण कर लेने के कारण दिनांक 01.04.2023 को 27 वर्षीय तृतीय एमएसीपी में पे-लेवल एल-19 देय होगा तथा नियम 14 (8) के प्रावधान के अनुसार वेतन निर्धारण किया जायेगा ।

15. कनिष्ठ अभियन्ता जो नियमित रूप से दिनांक 01.01.1992 को नियुक्त हुआ एवं दिनांक 01.04.2015 से द्वितीय पदोन्नति प्राप्त कर अधिशाषी अभियन्ता के पद पर कार्यरत हैं एवं 30 वर्ष की नियमित सेवा पूर्ण होने पर दिनांक 01.01.2022 से तृतीय एसीपी के रूप में पे-लेवल एल-17 में वेतन प्राप्त कर रहा है उक्त कार्मिक को दिनांक 01.04.2023 को तृतीय एमएसीपी में कौनसा पे-लेवल देय होगा ?

उक्त अधिशाषी अभियन्ता को दिनांक 01.04.2023 को तृतीय एमएसीपी में पे-लेवल एल - 19 देय होगा एवं दिनांक 01.04.2023 को नियम 14 (2) (iii) के प्रावधान के अनुसार पे-लेवल एल-19 में वेतन निर्धारण किया जायेगा

16. कनिष्ठ लेखाकार जो नियमित रूप से दिनांक 01.01.1995 को नियुक्त हुआ एवं दिनांक 01.04.2021 से पदोन्नति प्राप्त कर सहायक लेखाधिकारी ।। अथवा सहायक लेखाधिकारी के पद पर कार्यरत हैं एवं 27 वर्ष की नियमित सेवा दिनांक 01.01.2023 को पूर्ण होने पर तृतीय एसीपी में पे लेवल एल-13 में वेतन प्राप्त कर रहा है। उक्त कार्मिक का दिनांक 01.04.2023 को तृतीय एमएसीपी में कौनसे पे - लेवल में वेतन निर्धारित किया जायेगा ?

कनिष्ठ लेखाकार पद से पदोन्नत उक्त सहायक लेखाधिकारी-1 अथवा सहायक लेखाधिकारी-II को 27 वर्ष की नियमित सेवा पूर्ण करने पर स्वीकृत एसीपी पे - लेवल एल-13 के स्थान पर दिनांक 01.04.2023 को तृतीय एमएसीपी में नियम 14 ( 3 ) (iii) एवं 14 ( 5 ) के प्रावधान के अनुसार पे लेवल एल-14 देय होगा। दिनांक 01.04.2023 को एल-14 में नियम 14 (2) (iii) के प्रावधान के अनुसार वेतन निर्धारण किया जायेगा ।

17. एक सूचना सहायक (पुराना पदनाम डेटा एंट्री ऑपरेटर) नियमित रूप से 01.01.1992 को नियुक्त हुआ एवं दो पदोन्नतियां प्राप्त कर प्रोग्रामर के पद पर कार्यरत है एवं दिनांक 01.04.2023 से पूर्व 30 साल की नियमित सेवा पूर्ण करने के कारण तृतीय एसीपी के रूप में पे लेवल एल-13 में वेतन प्राप्त कर रहा है उक्त कार्मिक का दिनांक 01.04.2023 को तृतीय एमएसीपी में कौनसे पे लेवल में वेतन निर्धारित किया जायेगा ?

सूचना सहायक से उक्त प्रोग्रामर को दिनांक 01.04.2023 को तृतीय एमएसीपी में पे लेवल एल - 15 ( नियम 14 ( 3 ) (v) के प्रावधानानुसार ) देय होगा एवं दिनांक 01.04.2023 को पे लेवल एल-15 में नियम 14 ( 2 ) (iii) के प्रावधान के अनुसार वेतन निर्धारित किया जायेगा।

18. एक सूचना सहायक (पुराना पदनाम डेटा एंट्री ऑपरेटर) नियमित रूप से 01.01.1995 को नियुक्त हुआ एवं दो पदोन्नतियां प्राप्त कर प्रोग्रामर के पद पर दिनांक 01.04.2020 से कार्यरत है एवं दिनांक 01.01.2022 को 27 साल की सेवा पूर्ण कर चुका है उक्त कार्मिक को दिनांक 01.04.2023 को तृतीय एमएसीपी में कौनसा पे लेवल देय होगा?

उक्त कार्मिक की द्वितीय पदोन्नति प्रोग्रामर के पद पर दिनांक 01.04.2023 से पूर्व ही पे लेवल एल-12 में हो चुकी है। अतः उक्त कार्मिक को तृतीय एमएसीपी की पात्रता हेतु आवश्यक 27 वर्ष से अधिक की नियमित सेवा दिनांक 01.04.2023 से पूर्व ही पूर्ण कर लेने के कारण दिनांक 01.04.2023 को तृतीय एमएसीपी में नियम 14 (3) (v) के प्रावधानानुसार पे - लेवल एल-15 देय होगा एवं नियम 14 (8) के प्रावधान के अनुसार वेतन निर्धारित किया जायेगा ।

19. एक कार्मिक प्रोग्रामर के पद पर सीधी भर्ती से नियमित रूप से दिनांक 01.01.2013 को नियुक्त है जिसे दिनांक 01.01.2023 को 10 वर्षीय प्रथम एसीपी पे - लेवल एल-13 में स्वीकृत है। उक्त प्रोग्रामर को दिनांक | 01.04.2023 को प्रथम एमएसीपी में कौनसा पे-लेवल देय होगा ?

      उक्त प्रोग्रामर को दिनांक 01.01.2023 को प्रथम एसीपी में स्वीकृत पे-लेवल एल-13 के स्थान पर नियम 14 (3) (iv) के प्रावधानानुसार दिनांक 01.04.2023 को एमएसीपी में पे लेवल एल-15 देय होगा एवं दिनांक 01.04.2023 को पे लेवल एल-15 में नियम 14 (2) (iii) के प्रावधान के अनुसार वेतन पुर्ननिर्धारित किया जायेगा।

20. एक प्रोग्रामर पद पर सीधी भर्ती से नियमित रूप से दिनांक 01.01.1994 को नियुक्त कार्मिक जो दो पदोन्नति प्राप्त कर संयुक्त निदेशक के पद पर पे लेवल एल-18 में कार्यरत है तथा तृतीय एसीपी हेतु वांछित 30 वर्ष की सेवा पूर्ण नही होने के कारण एसीपी योजना के अन्तर्गत तृतीय एसीपी स्वीकृत नहीं हुई है उक्त कार्मिक को दिनांक 01.04.2023 से पूर्व 27 वर्ष की नियमित सेवा पूर्ण करने के आधार पर तृतीय एमएसीपी में कौनसा पे लेवल देय होगा?

उक्त संयुक्त निदेशक पद पर कार्यरत कार्मिक को दिनांक 01.04.2023 को नियम 14 (3) (iv) के अनुसार तृतीय एमएसीपी पे लेवल एल-20 में देय होगी तथा तृतीय एमएसीपी में नियम 14 (8) के प्रावधान अनुसार पुनः वेतन निर्धारण किया जायेगा।

21. अधीनस्थ कार्यालय में स्टेनोग्राफर के पद पर नियमित रूप से दिनांक 01.04.1995 को नियुक्त होकर दो पदोन्नति प्राप्त कर एपीएस (पुराना पदनाम सीनियर पीए) के पद पर कार्यरत है और दिनांक 01.04.2023 से पूर्व 27 वर्ष की नियमित सेवा पूर्ण कर तृतीय एसीपी पे लेवल एल-13 प्राप्त कर रहा है उक्त कार्मिक को तृतीय एमएसीपी के तहत दिनांक 01.04.2023 को किस पे लेवल में वेतन निर्धारित किया जायेगा?

उक्त कार्मिक को नियम 14 (3) (iii) के प्रावधानानुसार दिनांक 01.04.2023 को तृतीय एमएसीपी में पे लेवल एल-14 देय होगा एवं नियम 14 (2) (iii) के प्रावधान के अनुसार पे-लेवल एल-14 में वेतन निर्धारित किया जायेगा

22. अधीनस्थ कार्यालय में स्टेनोग्राफर के पद पर दिनांक 01.01.2000 को नियमित रूप से नियुक्त होकर दो पदोन्नति प्राप्त कर एपीएस (पुराना पदनाम सीनियर पीए) के पद पर कार्यरत है एवं एल-12 में वेतन प्राप्त कर रहा है और 27 वर्ष की नियमित सेवा दिनांक 01.04.2023 के पश्चात पूर्ण होगी, उक्त कार्मिक को तृतीय एमएसीपी में वेतन निर्धारण किस पे लेवल में निर्धारित किया जायेगा ?

उक्त कार्मिक को नियम 14 (3) (iii) के प्रावधानानुसार 27 वर्ष की सेवा पूर्ण करने की दिनांक को तृतीय एमएसीपी में पे लेवल एल-14 देय होगा एवं नियम 14 (8) के अनुसार पे लेवल एल-14 में वेतन निर्धारित किया जायेगा।

23. एक कार्मिक जो शिक्षक ग्रेड-III के पद पर नियमित रूप से 01.01.2004 को नियुक्त हुआ एवं कोई पदोन्नति नहीं हुई है तथा 18 साल की नियमित सेवा दिनांक 01.04.2023 से पूर्व पूर्ण कर द्वितीय एसीपी में पे लेवल एल-12 प्राप्त कर रहा है। उक्त कार्मिक को दिनांक 01.04.2023 को द्वितीय एमएसीपी पर कौनसा पे लेवल देय होगा एवं किस पे लेवल में वेतन निर्धारण होगा?

उक्त कार्मिक को दिनांक 01.01.2022 को द्वितीय एसीपी में पे-लेवल एल-12 स्वीकृत है। दिनांक 01.04.2023 को द्वितीय एमएसीपी में उक्त पे - लेवल एल - 12 यथावत रहेगा। अतः दिनांक 01.04.2023 को पे लेवल में कोई परिवर्तन नहीं होने के कारण वेतन निर्धारण यथावत रहेगा।

24. एक कार्मिक जो शिक्षक ग्रेड-III के पद पर नियमित रूप से 01.01.1995 को नियुक्त हुआ ।

(i) कोई पदोन्नति नहीं हुई है। 27 वर्ष की नियमित सेवा पूर्ण करने पर तृतीय एसीपी प्राप्त कर रहा है।

(ii) प्रथम पदोन्नति प्राप्त कर वरिष्ठ अध्यापक के पद पर कार्यरत है तथा 27 साल की सेवा दिनांक 01.04.2023 से पूर्व पूर्ण कर एक पदोन्नति एवं एक चयनित वेतनमान एवं एक एसीपी प्राप्त कर एल-13 प्राप्त कर रहा है।

उक्त कार्मिक को दिनांक 01.04.2023 को तृतीय एमएसीपी में किस पे-लेवल में वेतन निर्धारण किया जायेगा?

उक्त कार्मिक को 27 वर्ष की सेवा पूर्ण करने पर स्वीकृत एसीपी के स्थान पर नियम 14 (3) (iii) एवं 14 (5) के प्रावधानानुसार दिनांक 01.04.2023 को तृतीय एमएसीपी में पे-लेवल एल-14 देय होगा एवं नियम 14 (2) (iii) के अनुसार पे लेवल एल-14 में वेतन निर्धारित किया जायेगा।

25. एक कार्मिक जो वरिष्ठ अध्यापक के पद पर नियमित रूप से 01.01.2004 को नियुक्त हुआ एवं कोई पदोन्नति नहीं हुई है तथा 18 साल की सेवा दिनांक 01.04.2023 से पूर्व पूर्ण कर द्वितीय एसीपी में पे लेवल एल-13 प्राप्त कर रहा है, उक्त कार्मिक का दिनांक 01.04.2023 को द्वितीय एमएसीपी में किस पे लेवल में वेतन निर्धारण किया जायेगा?

उक्त कार्मिक को दिनांक 01.04.2023 को नियम 14 (3) (iii) एवं 14 (5) के प्रावधानानुसार द्वितीय एमएसीपी में पे लेवल एल-14 देय होगा एवं नियम 14 ( 2 ) (iii) के प्रावधान के अनुसार पे लेवल एल-14 में वेतन निर्धारित किया जायेगा।

26. एक कार्मिक जो सीधी भर्ती से प्राध्यापक / व्याख्याता के पद पर नियमित रूप से 01.01.2012 को नियुक्त हुआ एवं कोई पदोन्नति नहीं हुई है तथा 10 साल की सेवा दिनांक 01.04.2023 से पूर्व पूर्ण कर प्रथम एसीपी पर पे लेवल एल-13 प्राप्त कर रहा है, उक्त कार्मिक को दिनांक 01.04.2023 को प्रथम एमएसीपी में किस पे - लेवल में वेतन निर्धारण किया जायेगा ?

उक्त कार्मिक को दिनांक 01.04.2023 को नियम 14 (3) (iv) के प्रावधानानुसार प्रथम एमएसीपी में पे - लेवल एल - 14 देय होगा एवं नियम 14 (2) (iii) के प्रावधान के अनुसार  पे लेवल एल-14 में पुनः वेतन निर्धारित किया जायेगा

27. एक कार्मिक कनिष्ठ प्रारूपकार के पद पर नियमित रूप से नियुक्त हुआ एवं एक पदोन्नति प्राप्त कर वरिष्ठ प्रारूपकार के पद पर कार्यरत रहते हुये 27 साल की सेवा दिनांक 01.04.2023 से पूर्व पूर्ण कर तृतीय एसीपी में पे-लेवल एल-12 में प्राप्त कर रहा है, उक्त कार्मिक का दिनांक 01.04.2023 को तृतीय एमएसीपी में किस पे लेवल में वेतन निर्धारण होगा?

उक्त कार्मिक को नियम 14 (3) (iii) एवं 14 ( 5 ) के प्रावधानानुसार दिनांक 01.04.2023 को तृतीय एमएसीपी में पे-लेवल एल-12 देय है। अतः पूर्व में पे-लेवल एल-12 में निर्धारित वेतन यथावत रहेगा।