GSSS BINCHAWA

GSSS BINCHAWA

GSSS KATHOUTI

GSSS KATHOUTI

GSSS BUROD

9.प्रकाश

  1. प्रकाश का वेग सर्वाधिक किसमें होता है
    निर्वात में
  2. समतल दर्पण की फोकस दूरी कितनी होती है
    अनंत
  3. वक्रता त्रिज्या और फोकस दूरी में संबंध लिखिए
    वक्रता त्रिज्या R फोकस दूरी F की दोगुनी होती है
    R=2f
  4. समतल दर्पण का आवर्धन कितना होता है
    +1
  5. जब कोई वस्तु प्रकाश के सभी रंगों को अवशोषित कर लेती है तो कैसी दिखाई देती है
    काली
     
  6. जब कोई वस्तु प्रकाश के सभी रंगो को परावर्तित कर देती है तो कैसी दिखाई देती है
    सफेद
  7. कोर्निया की गोलाई में अनियमितता के कारण कौन सा दोष उत्पन्न होता है
    दृष्टि वैषम्य दोष
  8. स्पेक्ट्रम किसे कहते हैं
    प्रकाश के अवयवी वर्णों का पर्दे पर प्राप्त सप्त वर्ण (सात रंग) प्रतिरूप स्पेक्ट्रम कहलाता है
  9. समंजन क्षमता से क्या अभिप्राय है
    अभिनेत्र लेंस की वह क्षमता जिसके कारण वह अपनी फोकस दूरी को समायोजित कर लेता है समंजन क्षमता कहलाती है
  10. प्रकाश का अपवर्तन क्यों होता है 
    जब प्रकाश एक माध्यम से दूसरे माध्यम में प्रवेश करता है तो प्रकाश के वेग में परिवर्तन होता है वेग में परिवर्तन के कारण अपवर्तन होता है 
  11. पार्श्व परावर्तन किसे कहते हैं
    समतल दर्पण से बने प्रतिबिंब में वस्तु का बायां भाग दांयी ओर तथा दायां भाग बांयी ओर दिखाई देता है इसे पार्श्व परावर्तन कहते हैं
  12. दृष्टिवैषम्य दोष या अबिंदुकता दोष क्या होता है (2020)
    कोर्निया की गोलाई में अनियमितता के कारण व्यक्ति को समान दूरी पर रखी ऊर्ध्वाधर व क्षेतिज रेखाएं एक साथ स्पष्ट दिखाई नहीं देती है इसे दृष्टिवैषम्य दोस्त कहते हैं
  13. समतल दर्पण से किस प्रकार का प्रतिबिंब बनता है
    1.आभासी व सीधा बनताा है
    2.प्रतिबिम्ब दर्पण के पीछे उतनी ही दूरी पर बनता है जितनी दूरी पर वस्तु सामने स्थित होती है 
  14. उत्तल दर्पण के उपयोग लिखिए
    1.उत्तल दर्पण का उपयोग वाहनों में पश्च दृश्य दर्पण एवं पार्श्व दर्पण के रूप में किया जाता है
    2.ATM मशीन के पास सुरक्षा की दृष्टि से उत्तल दर्पण लगाए जाते हैं
  15. पूर्ण आंतरिक परावर्तन क्या है (2020)
    जब प्रकाश किरण सघन माध्यम से विरल माध्यम में प्रवेश करती है, तो आपतन कोण का मान क्रान्तिक कोण से अधिक होने पर प्रकाश किरण पुन: उसी माध्यम में अपवर्तित हो जाती है। इस घटना को पूर्ण आन्तरिक परावर्तन कहते हैं।
  16. प्रकाश परावर्तन के नियम लिखिए
    (i)आपतित किरण, परावर्तित किरण तथा अभिलंब तीनों एक ही तल में होते हैं
    (ii)आपतन कोण ∠i व परावर्तन कोण ∠r बराबर होते हैं
    ∠ i = ∠ r
  17. प्रकाश का अपवर्तन किसे कहते हैं
    जब प्रकाश की किरण एक माध्यम से दूसरे माध्यम में प्रवेश करती है तो दोनों माध्यमों के पृथक्कारी तल पर अपने मूल मार्ग से विचलित हो जाती है इस घटना को प्रकाश का अपवर्तन कहते है जैसे पानी में आंशिक रूप से डूबी हुई पेंसिल का मुड़ा हुआ दिखाई देना, गिलास में बड़ा सिक्का ऊपर उठा हुआ दिखाई देना, नदी का पेंदा ऊपर उठा हुआ दिखाई देना
  18. क्रांतिक कोण किसे कहते हैं
    जब प्रकाश किरण सघन माध्यम से विरल माध्यम में प्रवेश करती है, तो आपतन कोण का वह मान जिस पर अपवर्तित किरण दोनों माध्यमों की सतह के समांतर हो जाती है क्रान्तिक कोण कहलाता है
  19. लेंस क्षमता से क्या अभिप्राय है इसका मात्रक लिखिए
    लेंस की फोकस(f) दूरी का व्युत्क्रम लेंस क्षमता कहलाता है
    इसका मात्रक डायोप्टर होता है

    उतल लेंस की लेंस क्षमता धनात्मक व अवतल लेंस की लेंस क्षमता ॠणात्मक होती है 
  20. दर्पण सूत्र लिखिए

    f= दर्पण की फोकस दूरी
    u= वस्तु की दर्पण से दूरी 
    v= प्रतिबिम्ब की दर्पण से दूरी 
  21. लेंस सूत्र लिखिए

    f= लेंस की फोकस दूरी
    u= वस्तु की लेंस से दूरी 
    v= प्रतिबिम्ब की लेंस से दूरी 
  22. वर्ण विक्षेपण से क्या अभिप्राय है
    जब किसी कांच के प्रिज्म में से गुजरता है तो यह अपने अवयवी रंगो (सात रंगों) में विभाजित हो जाता है। इसे प्रकाश का वर्ण विक्षेपण कहते हैं। इन रंगों के विक्षेपण का क्रम निम्न होता है 
    बैंगनी, जामुनी, नीला, हरा, पीला, नारंगी, लाल(VIBGYOR)
  23. जरादूर दृष्टिता से क्या अभिप्राय है
    आयु बढ़ने के साथ नेत्र लैंस एवं मांसपेशियों का लचीलापन कम होने से नेत्र की समंजन क्षमता कम हो जाती है जिसके कारण दूर दृष्टि दोष उत्पन्न हो जाता है अर्थार्त पास की वस्तुएं स्पष्ट दिखाई नहीं देती है इसे जरा दूरदर्शिता कहते हैं 
    इसके निवारण केे लिए उत्तल लेंस का प्रयोग किया जाता है
  24. मोतियाबिंद क्या होता है 
    आयु बढऩे के साथ नेत्र लेंस की पारदर्शिता खत्म होने लगती है एवं लेंस का लचिलापन कम होने लगाता है। इस कारण यह प्रकाश का परावर्तन करने लगता है। और वस्तुएं स्पष्ट नहीं दिखाई देती है। इस दोष को मोतियाबिंद कहते हैं।
    इस दोष के निवारण के लिए नेत्र लेंस को हटाकर कृत्रिम लेंस लगाया जाता है। जिसे इन्ट्रा आक्यूलर लेंस कहते हैं।
  25. अपवर्तनांक से क्या अभिप्राय है । यह पर निर्भर करता है?
    प्रकाश का निर्वात या हवा में वेग तथा किसी माध्यम में प्रकाश के वेग का अनुपात अपवर्तनांक कहलाता है 
    अपवर्तनांक माध्यम की प्रकृति, घनत्व व प्रकाश के रंग पर निर्भर करता है। बैंगनी रंग के प्रकाश के लिए अपवर्तनांक सबसे अधिक तथा लाल रंग के प्रकाश के लिए अपवर्तनांक सबसे होता है 
  26. अपवर्तन के नियम लिखिए
    1.अपवर्तन के दौरान आपतित किरण, अपवर्तित किरण और अभिलंब तीनों एक ही तल में होते है
    2.स्नेल का नियम -अपवर्तन में आपतन कोण की ज्या (sin i) तथा अपवर्तन कोण की ज्या (sin r)का अनुपात सदैव स्थिर रहता है इसे स्नेल का नियम कहते हैं
  27. निकट बिन्दु व दूर बिन्दु से क्या अभिप्राय है 
    निकट बिंदु -वस्तु की नेत्र से वह न्यूनतम दूरी जहां से वस्तु को स्पष्ट देखा जा सकता है नेत्र का निकट बिंदु कहलाता है सामान्य नेत्र के लिए निकट बिंदु 25 सेमी पर स्थित होता है 
    दूर बिंदु - वस्तु की नेत्र वह अधिकतम दूरी जहां तक वस्तु को स्पष्ट देखा जा सकता है नेत्र का दूर बिंदु कहलाता है सामान्य आंख के लिए दूर बिंदु अनंत पर स्थित होता है 
    दृष्टि परास- निकट बिंदु व दूर बिंदु के बीच की दूरी (अनन्त से 25 सेमी के बीच की दूरी) दृष्टि परास कहलाती है
  28. आवर्धनता से क्या अभिप्राय है (2020)
    किसी लेंस द्वारा वस्तु को आवर्धित करने की क्षमता को आवर्धनता कहते हैं प्रतिबिंब की ऊंचाई एवं बिंब की ऊंचाई के अनुपात को आवर्धनता को दर्शाता है

    उत्तल दर्पण के लिए आवर्धन का मान हमेशा धनात्मक होता है
  29. गोलीय दर्पण किसे कहते हैं ये कितने प्रकार के होते है
    ऐसे दर्पण जिसका परावर्तक पृष्ठ गोलीय होता है, गोलीय दर्पण कहलाता है गोलीय दर्पण दो प्रकार के होते है
    1.अवतल दर्पण- इसका परावर्तक पृष्ठ अन्दर की ओर धँसा हुआ होता है अवतल दर्पण प्रकाश की किरणों को अभिसरित (एकत्रित) करता है 
    2.उत्तल दर्पण-इसका परावर्तक पृष्ठ बाहर की तरफ उभरा हुआ होता है उत्तल दर्पण प्रकाश की किरणो को अपसरित (फैलाता) करता है 
  30. गोलीय लेंस किसे कहते हैं यह कितने प्रकार के होते हैं
    दो पृष्ठों से घिरा पारदर्शी माध्यम जिसका एक या दोनों पृष्ठ गोलीय होते है लेंस कहलाता है लेंस दो प्रकार के होते हैं
    1.उत्तल लेंस- उत्तल लेंस किनारों पर पतला व बीच में से मोटा होता है उत्तल लेंस प्रकाश की किरणों को अपवर्तन के पश्चात एक स्थान पर अभिसरित (केन्द्रित ) करता है इसलिए इसे अभिसारी लेंस भी कहते हैं
    2.अवतल लेंस -अवतल लेंस किनारों से मोटा व बीच में से पतला होते है अवतल लेंस प्रकाश की किरणों को अपवर्तन के पश्चात अपसरित ( फैला) देता है इसलिए इसे अपसारी लेंस भी कहते है  
  31. अवतल दर्पण के उपयोग लिखिए
    1.अवतल दर्पण का उपयोग वाहनों के अग्रदीपों में प्रकाश का शक्तिशाली समांतर किरण पुंज प्राप्त करने के लिए किया जाता है।
    परावर्तक टेलीस्कोप मेंं अवतल दर्पण का उपयोग किया जाता है
    2.उपग्रहों से प्राप्त संकेतों को एकत्रित कर रिसीवर तक पहुंचाने के लिए सेटेलाइट डिस एन्टीना में अवतल दर्पण का उपयोग किया जाता है
    3.दन्त विशेषज्ञों द्वारा दान्तो को बङा देखने के लिए अवतल दर्पण का उपयोग किया जाता है 
    4.अवतल दर्पण का उपयोग चेहरे का बड़ा प्रतिबिंब देखने के लिए सेविंग दर्पण के रूप मे किया जाता है 
  32. वास्तविक व आभासी प्रतिबिम्ब में अन्तर लिखिए
    वास्तविक प्रतिबिम्ब 
    1.प्रकाश की किरणें परावर्तन के पश्चात जब किसी बिंदु पर वास्तव मिलती है तो बनने वाला प्रतिबिंब वास्तविक प्रतिबिंब कहलाता है 
    2.वास्तविक प्रतिबिंब को पर्दे पर प्राप्त किया जा सकता है
    3.वास्तविक प्रतिबिंब सदैव उल्टे बनते हैं
    आभासी प्रतिबिम्ब 
    1.प्रकाश की किरणें परावर्तन के पश्चात जब वास्तव में नहीं मिलती है बल्कि उन्हें पीछे की और बढ़ाने पर मिलती हुई प्रतीत होती है तो बनने वाला प्रतिबिंब आभासी प्रतिबिंब कहलाता है 
    2.आभासी प्रतिबिंब को पर्दे पर प्राप्त नही किया जा सकता है
    3.आभासी प्रतिबिंब सदैव सीधे बनते हैं 
  33. प्रकाश के परावर्तन से क्या अभिप्राय है
    जब कोई प्रकाश की किरण एक माध्‍यम से चलकर दूसरे माध्‍यम की सतह से टकराकर वापस उसी माध्‍यम में लौट आती है तो इस घटना को प्रकाश का परावर्तन कहते हैं। परावर्तन दो प्रकार का होता है 
    1.नियमित परावर्तन- चिकने पृष्ठ द्वारा प्रकाश को किसी विशिष्ट दिशा में परिवर्तित करने की घटना नियमित परावर्तन कहलाती है 


    2.विसरित परावर्तन- खुदरे पृष्ठ द्वारा प्रकाश को सभी दिशाओं में परावर्तित करने (बिखेरने) की घटना विसरित परावर्तन कहलाती है 
  34. निकट दृष्टि दोष व दूर दृष्टि दोष से क्या अभिप्राय है 
    1.निकट दृष्टि दोष ( मायोपिया) – इस दोष में व्यक्ति को निकट की वस्तुएं तो साफ दिखाई देती है परन्तु दूर की वस्तुएं धुंधली दिखाई देती है इस दोष में नेत्र की वक्रता बढ जाती है जिससे दूर बिन्दु अनन्त पर न होकर पास आ जाता है इसलिए वस्तु का प्रतिबिम्ब रेटिना से पहले बन जाता है।
    इस दोष के निवारण के लिए उचित क्षमता केअवतल लेंस का उपयोग किया जाता है 

    2.दूर/ दीर्घ दृष्टि दोष – इस दोष में व्यक्ति को दूर की वस्तुएं तो स्पष्ट दिखाई देती है परन्तु पास की वस्तुएं धुंधली दिखाई देती है इस दोष में नेत्र का निकट बिन्दु दूर चला जाता है इसलिए वस्तु का प्रतिबिम्ब रेटिना के बाद बनता है।
    इस दोष के निवारण के लिए उचित क्षमता का उत्तल लेंस का उपयोग किया जाता है
  35. अवतल लैंस से प्रतिबिंब निर्माण समझाइए 
    1.जब वस्तु अनंत पर हो
    प्रतिबिंब फोकस F1 पर बनता है
    प्रतिबिम्ब आभासी व सीधा बनता है
    प्रतिबिम्ब अत्याधिक छोटा बनता है

    2.जब वस्तु अनंत व प्रकाश केंद्र के बीच कहीं भी हो
    प्रतिबिंब फोकस F1 व प्रकाश केंद्र के बीच बनता है
    प्रतिबिंब आभासी व सीधा बनता है
    प्रतिबिम्ब छोटा बनता है
  36. उत्तल दर्पण से प्रतिबिंब निर्माण समझाइए
    1.जब वस्तु अनंत पर हो
    प्रतिबिंब दर्पण के पीछे फोकस पर बनता है
    प्रतिबिम्ब आभासी व सीधा बनता है
    प्रतिबिम्ब अत्याधिक छोटा बनता है

    2.जब वस्तु अनंत व ध्रुव के बीच कहीं भी हो
    प्रतिबिंब दर्पण के पीछे ध्रुव व फोकस के बीच बनता है
    प्रतिबिंब आभासी व सीधा बनता है
    प्रतिबिम्ब छोटा बनता है
  37. गोलीय दर्पण से सम्बन्धित निम्न पदों को समझाइए।
    1.ध्रुव – गोलीय दर्पण के परावर्तक पृष्ठ का मध्य बिन्दु ध्रुव कहलाता है।
    2.वक्रता केन्द्र –गोलीय दर्पण को जिस गोले का कटा हुआ भाग माना जाता है उस गोले का केंद्र वक्रता केंद्र कहलाता है 
    3.वक्रता त्रिज्या – गोलीय दर्पण को जिस गोले का कटा हुआ भाग माना जाता है उस गोले की त्रिज्या वक्रता त्रिज्या कहलाती है 
    4.मुख्य अक्ष – गोलीय दर्पण के ध्रुव व वक्रता केन्द्र को मिलाने वाली रेखा मुख्य अक्ष कहलाती है।
    5.मुख्य फोकस –अवतल दर्पण की मुख्य अक्ष के समान्तर आने वाली प्रकाश की किरणे परावर्तन के पश्चात मुख्य अक्ष पर जिस बिन्दु पर मिलती है उसे अवतल दर्पण का फोकस कहते हैं। 
    उत्तल दर्पण की मुख्य अक्ष के समान्तर आने वाली प्रकाश की किरणे परावर्तन के पश्चात मुख्य अक्ष के एक बिन्दु आती हूई प्रतीत होती है उसे उत्तल दर्पण का फोकस कहते हैं। 
    6.फोकस दूरी (f)- गोलीय दर्पण के ध्रुव व फोकस के बीच की दूरी को फोकस दूरी कहलाती हैं।
    7.द्वारक- गोलीय दर्पण के परावर्तक पृष्ठ की वृत्ताकार सीमा रेखा का व्यास दर्पण का द्वारक कहलाता है
  38. गोलीय लेंस से संबंधित निम्न पदों को परिभाषित कीजिए
    1.वक्रता केंद्र -लेंस को जिन गोलो का कटा हुआ भाग माना जाता है उन दोनों के केंद्र वक्रता केन्द्र कहलाते हैं 2.वक्रता त्रिज्या- लेंस को जिन गोलो का कटा हुआ भाग माना जाता है उन गोलो की त्रिज्या वक्रतात्रिज्या कहलाती है
    3.मुख्य अक्ष- किसी लेंस के वक्रता केंद्रो को मिलाने वाली काल्पनिक रेखा मुख्य अक्ष कहलाती है
    4.प्रकाशिक केंद्र -किसी लेंस की मुख्य अक्ष पर स्थित वह बिंदु जहां से गुजरने वाली प्रकाश की किरण बिना मुङे सीधी निकल जाती है
    5.मुख्य फोकस - मुख्य के समांतर आने वाली प्रकाश की किरणें अपवर्तन के पश्चात मुख्य अक्ष पर जिस बिंदु पर मिलती है अथवा मिलती हुई प्रतीत होती है उसे मुख्य फोकस कहते हैं
    6.फोकस दूरी- लेंस के प्रकाशिक केंद्र व मुख्य पक्ष के बीच की दूरी फोकस दूरी कहलाती है 
  39. मानव नेत्र की संरचना का सचित्र वर्णन कीजिए। (2020)
    मानव नेत्र ऑटोफोक्स कैमरे की तरह कार्य करती है इसके निम्न भाग होते है 
    1. श्वेत पटल – यह नेत्र की सबसे बाहरी परत है जो अपारदर्शी होती है इसे दृढ पटल भी कहते है 
    2.रक्त पटल - श्वेत पटल के नीचे रक्त वाहिकाओं की एक परत होती है जिसे रक्त पटल या मध्य पटल कहते हैं यह पटल भी अपारदर्शक होती है यह पटल रेटीना को ऑक्सीजन व पोषण प्रदान करती है तथा आंख में आने वाली वाले प्रकाश का अवशोषण कर आंख की भीतरी दीवारों से प्रकाश के परावर्तन को रोकती है 
    3.दृष्टि पटल (रेटिना)- यह आंख की सबसे भीतरी परत है जो पारदर्शक होती है रेटिना में दो तरह की प्रकाश ग्राही कोशिकाएं पाई जाती है रेटिना पर वस्तु का उल्टा प्रतिबिम्ब बनता है जिसे मस्तिष्क उचित संयोजन करके हमें सीधा दिखाता है। रेटीना पर उपस्थित पीत बिंदु पर वस्तु का सबसे अच्छा प्रतिबिंब बनता है 
    4.कॉर्निया – श्वेत पटल का आगे का भाग उभरा हुआ पारदर्शक भाग काॅर्निया कहलाता है आंख में प्रकाश कोर्निया से ही होकर प्रवेश करता है
    5.परितारिका- कॉर्निया के ठीक पीछे मांसपेशियों का एक अपारदर्शी काला पर्दा होता है। जिसे परितारिका कहते है इसके बीच में एक छिद्र होता है। 
    6.पुतली - परितारिका के बीच वाले छिद्र को पुतली कहते हैं परितारिका के संकुचन व फैलने से पुतली का आकार बदलता है तीव्र प्रकाश में इसका आकार कम हो जाता है एवं कम प्रकाश में इसका आकार बढ जाता है है इस प्रकार यह नियंत्रित प्रकाश को ही आँख में प्रवेश करने देती है
    7.नेत्र लेंस – परितारिका के ठीक पीछे एक लचीला पारदर्शक पदार्थ का उतल लेंस होता है जो मांसपेशियों की सहायता से अपने स्थान पर रहता है। यह लैंस वस्तु का वास्तविक, उल्टा व छोटा प्रतिबिम्ब बनाता है 
    8. जलीय द्रव – नेत्र लेंस व कॉर्निया के मध्य पारदर्शक द्रव भरा रहता है। यह द्रव नेत्र की आकृति को गोल बनाये रखता है एवं कार्निया व अन्य भागों को पोषण प्रदान करता है 
    9..काचाभ द्रव – नेत्र लेंस व रेटिना के मध्य पारदर्शक द्रव भरा रहता है। जिसे काचाभ द्रव कहते हैं।
  40. अवतल दर्पण से प्रतिबिम्ब निर्माण समझाइए
    1.जब वस्तु अनंत पर हो-
    प्रतिबिंब मुख्य फोकस पर बनता है
    प्रतिबिम्ब वास्तविक और उल्टा बनता है
    प्रतिबिम्ब अत्यधिक छोटा बिंदु जैसा बनता हैै

    2.जब वस्तु वक्रता केंद्र व अनंत के मध्य हो
    प्रतिबिंब फोकस हुए वक्रता केंद्र के बीच बनता है
    प्रतिबिम्ब वास्तविक व उल्टा बनता है
    प्रतिबिंब छोटा बनता है

    3.जब वस्तु वक्रता केंद्र पर हो
    प्रतिबिंब वक्रता केंद्र पर बनता है
    प्रतिबिम्ब वास्तविक व उल्टा बनता है
    प्रतिबिम्ब स्तु के बराबर बनता है

    4.जब वस्तु वक्रता केंद्र व फोकस के मध्य हो
    प्रतिबिंब वक्रता केंद्र से परे बनता है
    प्रतिबिम्ब वास्तविक व उल्टा बनता है
    प्रतिबिम्ब वस्तु से बड़ा बनता है

    5.जब वस्तु मुख्य फोकस पर हो तो-
    प्रतिबिंब अनंत पर बनता है
    प्रतिबिम्ब वास्तविक एवं उल्टा बनता है
    प्रतिबिम्ब बहुत बड़ा बनता है

    6.जब वस्तु फोकस व ध्रुव के मध्य हो
    प्रतिबिंब दर्पण के पीछे बनता है
    प्रतिबिम्ब आभासी व सीधा बनता है
    प्रतिबिम्ब वस्तु से बड़ा बनता है
  41. उत्तल लैस से प्रतिबिम्ब निर्माण समझाइए
    1.जब वस्तु अनंत पर हो-
    प्रतिबिंब मुख्य फोकस F2 पर बनता है
    प्रतिबिम्ब वास्तविक और उल्टा बनता है
    प्रतिबिम्ब अत्यधिक छोटा बिंदु जैसा बनता हैै

    2.जब वस्तु अनंत व 2F1 के मध्य हो-
    प्रतिबिंब F2 व 2F2 के बीच बनता है
    प्रतिबिम्ब वास्तविक व उल्टा बनता है
    प्रतिबिंब छोटा बनता है

    3.जब वस्तु 2F1 पर हो-
    प्रतिबिंब 2F2 पर बनता है
    प्रतिबिम्ब वास्तविक व उल्टा बनता है
    प्रतिबिम्ब वस्तु के बराबर बनता है
    b
    4.जब वस्तु 2F1 व F1के मध्य हो-
    प्रतिबिंब 2F2 व अनन्त से परे बनता है
    प्रतिबिम्ब वास्तविक व उल्टा बनता है
    प्रतिबिम्ब वस्तु से बड़ा बनता है

    5.जब वस्तु F1 पर हो-
    प्रतिबिंब अनंत पर बनता है
    प्रतिबिम्ब वास्तविक एवं उल्टा बनता है
    प्रतिबिम्ब बहुत बड़ा बनता है

    6.जब वस्तु F1 व प्रकाश केंद्र के मध्य हो
    प्रतिबिंब दर्पण के पीछे बनता है
    प्रतिबिम्ब आभासी व सीधा बनता है
    प्रतिबिम्ब वस्तु से बड़ा बनता है
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10. विद्युत धारा


  1. विद्युत आवेश का मात्रक लिखिए
    कूलाम
  2. भारत में प्रत्यावर्ती धारा की आवृत्ति कितनी है
    50 हर्ट्ज
  3. घरों में विद्युत संयोजन किस प्रकार किया जाता है
    समांतर क्रम में
  4. एक अश्वशक्ति में कितने वाट होते हैं 
    746 वाट
  5. विद्युत जनित्र किस सिद्धांत पर कार्य करता है
    विद्युत चुंबकीय प्रेरण के सिद्धांत पर
  6. विद्युत धारा का मापन किसके द्वारा किया जाता है
    अमीटर के द्वाराअमीटर को विद्युत परिपथ में श्रेेेेणी क्रम में  जोङा जाता है 
  7. एंपियर से क्या अभिप्राय है
    किसी विद्युत परिपथ में प्रति सेकंड एक कूलाम आवेश प्रवाह से उत्पन्न धारा 1 एंपियर कहलाती है
  8. विद्युत जनित्र किसे कहते है
    यांत्रिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में बदलने वाली युक्ति को विद्युत जनित्र कहते हैं। 
  9. विद्युत विभव से क्या अभिप्राय है
    किसी बिंदु पर विद्युत विभव एकांक धनावेश को अनंत से उस बिंदु तक लाने में किए गए कार्य के बराबर होता है 
  10. विभवांतर का मापन किसके द्वारा किया जाता है
    विभवांतर का मापन वोल्टमीटर के द्वारा किया जाता है वोल्टमीटर को विद्युत परिपथ में समांतर क्रम में जोड़ा जाता है
  11. चुंबकीय फ्लक्स किसे कहते हैं
    किसी चुंबकीय क्षेत्र में रखे पर से गुजरने वाली चुंबकीय बल रेखाओं की संख्या कोचुंबकीय फ्लक्स कहते हैं इसका मात्रक वेबर होता है
  12. गैल्वेनोमीटर किसे कहते है
    विद्युत परिपथ में विद्युत धारा की उपस्थिति बताने वाला उपकरण गैल्वेनोमीटर कहलाता है
  13. प्रत्यावर्ती धारा किसे कहते हैं
    वह धारा जो निश्चित समय अंतराल के बाद अपनी दिशा में परिवर्तन कर लेती है प्रत्यावर्ती धारा कहलाती है
  14. चुंबकीय क्षेत्र किसे कहते हैं
    चुंबक के चारों ओर वह क्षेत्र जिसमें चुंबकीय प्रभाव महसूस किया जाता है चुंबकीय क्षेत्र कहलाता है
  15. विद्युत चुंबकीय प्रेरण किसे कहते हैं
    किसी कुंडली एवं चुम्बक  के बीच सापेक्ष गति के कारण कुंडली में उत्पन्न विद्युत प्रभाव को विद्युत चुंबकीय प्रेरण कहते हैं
  16. चुंबकीय क्षेत्र रेखाएं किसे कहते हैं (2020 केवल चित्र)
    किसी चुंबक के चारों ओर चुंबकीय क्षेत्र को प्रदर्शित करने वाली काल्पनिक रेखाएं चुंबकीय क्षेत्र रेखाएं कहलाती है
  17. प्रतिरोध किसे कहते हैं इसका मात्रक क्या होता है
    किसी चालक का वह गुण जो उसमेंआवेश प्रवाह का विरोध करता है प्रतिरोध कहलाता है प्रतिरोध का मात्रक ओम ( 
    Ω))होता है
  18. प्रतिरोधकता किसे कहते हैं
    इकाई लंबाई व इकाई अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल वाले तार का प्रतिरोध विशिष्ट प्रतिरोध  प्रतिरोधकता कहलाता है
  19. विद्युत धारा के तापीय प्रभाव से क्या अभिप्राय है
    जब किसी चालक में विद्युत धारा प्रवाहित की जाती है तो वह गर्म हो जाता है इसे विद्युत धारा का तापीय प्रभाव कहते हैं
  20. विद्युत धारा का चुंबकीय प्रभाव क्या है
    जब किसी चालक में विद्युत धारा प्रवाहित की जाती है तो चालक के चारों ओर चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न हो जाता है इस में विद्युत धारा का चुंबकीय प्रभाव कहते हैं
  21. एक ओम से क्या अभिप्राय है
    किसी चालक तार में 1 एंपियर विद्युत धारा प्रवाहित करने पर उसके सिरों के मध्य 1 वोल्ट विभवांतर उत्पन्न होता है तो उस चालक का प्रतिरोध एक ओम कहलाता है
  22. ओम का नियम क्या है
    स्थिर ताप पर किसी चालक के दो सिरों के बीच उत्पन्न विभवांतर उस चालक में प्रवाहित विद्युत धारा के समानुपाती होता है
           V  I
           V = IR
  23. प्रत्यावर्ती धारा जनित्र से उत्पन्न धारा का मान किन कारकों पर निर्भर करता है
    कुंडली में फेरों की संख्या
    कुंडली का क्षेत्रफल
    चुंबकीय क्षेत्र की तीव्रता
    घूर्णन वेग
  24. चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं के गुण लिखिए
    1.चुंबकीय क्षेत्र रेखाएं उत्तरी ध्रुव से दक्षिणी ध्रुव में विलीन हो जाती है
    2.चुंबक के भीतर चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं की दिशा दक्षिणी ध्रुव से उत्तरी ध्रुव की होती है
    3.चुंबकीय क्षेत्र रेखाएं एक बंद वक्र होती है
    4.चुंबकीय क्षेत्र रेखाएं एक दूसरे को काटती नहीं है
  25. चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा ज्ञात करने के नियम लिखिए
    1.मैक्सवेल का दक्षिणावर्त पेच नियम- इस नियम के अनुसार जब किसी पेच को दक्षिणावर्त इस प्रकार घुमाया जाए कि पेच की नोक विद्युत धारा की दिशा में आगे बढ़े तो पेच को घुमाने की दिशा चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा को व्यक्त करती है
    2.दक्षिण हस्त नियम - जब किसी धारावाही चालक को दाहिने हाथ से इस प्रकार पकड़े की अंगूठा धारा की दिशा की ओर रहे तो मुड़ी हुई अंगुलियों की दिशा चुंबकीय क्षेत्र की दिशा को व्यक्त करती है
  26. विद्युत शक्ति किसे कहते हैं इसका मात्रक लिखिए 
    किसी विद्युत परिपथ में धारा प्रवाहित करने पर प्रति सेकंड किया गया कार्य विद्युत शक्ति का लाता है इसका मात्रक वाट होता है 
  27. विधुत धारा किसे कहते है
    किसी चालक में आवेश प्रवाह की दर को विद्युत धारा कहते है विद्युत धारा का मात्रक एम्पीयर होता है
  28. प्रतिरोध किन-किन कारको पर निर्भर करता है
    1.चालक की लंबाई- किसी चालक तार का प्रतिरोध उसकी लंबाई के अनुक्रमानुपाती होता है
                        L
    2. अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल- किसी चालक तार का प्रतिरोध उसके अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल के व्युत्क्रमानुपाती होता है
    3.पदार्थ की प्रकृति -विद्युत के अच्छे चालक का प्रतिरोध कम तथा चालकता घटने पर प्रतिरोधत का मान बढ़ता है
  29. जूल का तापन नियम क्या है 
    जब किसी प्रतिरोध में विद्युत धारा प्रवाहित की जाती है तो उस में उत्पन ऊष्मा का मान (H = I2Rt) -
    1.प्रतिरोध में प्रवाहित विद्युत धारा के वर्ग के समानुपाती होता है 
       H  ∝  I2
    2.प्रतिरोध के समानुपाती होता है 
      H ∝ R
    3.प्रतिरोध में धाराप्रवाह के समय के समानुपाती होता है
      H ∝ t
     इसे ही जूल का तापन नियम कहते है 
  30. श्रेणी क्रम संयोजन से क्या अभिप्राय है श्रेणी क्रम संयोजन के लिए तुल्य प्रतिरोध की गणना कीजिए
    जब दो या दो से अधिक प्रतिरोधो को क्रमशः छोर से छोर मिलाते हुए संयोजित किया जाता है तो इस प्रकार के संयोजन को श्रेणी क्रम संयोजन कहते हैं

    माना श्रेणी क्रम में संयोजित प्रतिरोध R1, R2 व R3 में धारा प्रवाहित हो रही है तथा इन प्रतिरोधो के सिरों के मध्य उत्पन्न विभवांतर क्रमशः V1,V2 व V3 है तो ओम के नियमानुसार प्रत्येक प्रतिरोध के लिए विभावान्टर का मान निम्न होगा    
                       V1 = IR1
                       V2 = IR2
                       V3 = IR3
    यदि बैटरी का विभवांतर हो तो
                       V = V1 + V2 + V3
                       V = IR1 + IR2 + IR3
                       V = I( R1 + R2 + R3)               .........(1)
    यदि परिपथ का तुल्य प्रतिरोध हो तो सम्पूर्ण परिपथ के लिए ओम के नियमानुसार-
                       V = IR                            ...........(2)
    समी० (1) वह (2) से
                        IR = I( R1 + R2 + R3)
                         R = R1 + R2 + R3       
    अतः श्रेणी क्रम संयोजन में परिपथ का कुल तुल्य प्रतिरोध सभी प्रतिरोधो के योग के बराबर होता है
  31. समांतर क्रम संयोजन से क्या अभिप्राय है समांतर क्रम संयोजन के लिए तुल्य प्रतिरोध की गणना कीजिए
     जब दो या दो से अधिक प्रतिरोधो को दो सिरों के मध्य संयोजित किया जाता है तो इसे समांतर क्रम संयोजन कहते हैं
    माना तीन प्रतिरोध R1, R2 व R3 समांतर क्रम में संयोजित है इनमें क्रमशः I1, I2 व I3 धारा प्रवाहित होती है इन प्रतिरोधो के सिरों पर उत्पन्न विभवांतर V हो तो ओम के नियमानुसार प्रत्येक प्रतिरोध में प्रवाहित धारा का मान  निम्न होगा
                    
     
        
    यदि परिपथ में प्रवाहित कुल धारा I हो तो
                             I= I1+ I2+ I3  
                    ........(1)
    यदि परिपथ का तुल्य प्रतिरोध R हो तो सम्पूर्ण परिपथ में प्रवाहित धारा का मान निम्न होगा
     ....,............(2)
    समी० (१) व (२) से
            
                       
               
  32. विभवांतर किसे कहते हैं इसका मात्रक लिखिए
    किसी विद्युत परिपथ में एकांक धनावेश को एक बिंदु से दूसरे बिंदु तक लाने में किया गया कार्य उन दोनों बिंदुओं के बीच विभवांतर होता है इसका मात्रक वोल्ट होता है 
  33. दिये गए विद्युत परिपथ में निम्न की गणना कीजिए
    (i)परिपथ का कुल प्रतिरोध 
    (ii)परिपथ की कुल धारा

    (i) परिपथ में प्रतिरोध श्रेणी क्रम में संयोजित है अतः श्रेणी क्रम में कुल प्रतिरोध-
    R= R1 +R2
    R =  10+30
        =  40 Ω
    (ii) परिपथ में कुल धारा
    I = V/R
      =  40/40
      = 1 एम्पीयर
  34. दिए गए विद्युत परिपथ के मध्य तुल्य प्रतिरोध ज्ञात कीजिए   
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    11. कार्य ऊर्जा और शक्ति

    1. विद्युत ऊर्जा का व्यवसायिक मात्रक लिखिए
      यूनिट या किलो वाट घंटा
    2. एक यूनिट या एक किलो वाट घंटा ऊर्जा में कितने जूल होते हैं
      3.6×106 जूल
    3. एक अश्व शक्ति क्या है
      एक अश्व शक्ति 746 वाट के बराबर होता है
    4. किसी वस्तु की गतिज ऊर्जा का मान कितना होता है
      गतिज ऊर्जा =  1/2 mv2                                                 
    5. सरल लोलक या स्प्रिंग के लिए स्थितिज ऊर्जा का मान कितना होता है
      EP = 1/2 kx
    6. ऊंचाई पर स्थित वस्तु की स्थितिज ऊर्जा का मान कितना होता है
      स्थितिज ऊर्जा=mgh
    7. ℏ ऊंचाई पर स्थित वस्तु की स्थितिज ऊर्जा कितनी होती है
      EP = mgh
    8. विद्युत जनित्र की खोज किसने की
      माइकल फैराडे ने
    9. ऊर्जा का क्षय किन रूपों में होता है
      उष्मा, प्रकाश व ध्वनि के रूप में
    10. घरों में बिजली की खपत कम करने के लिए किस लाइट का प्रयोग करना चाहिए
      CFL व LED
    11. कौन सा विद्युत संयंत्र वातावरण के लिए हितकारी है
      पवन ऊर्जा संयंत्र
    12. 1 जूल में कितने अर्ग होते हैं
      107 अर्ग
    13. गुरुत्व बल के विरुद्ध किया गया कार्य कितना होता है
      W= mgh
    14. शक्ति ज्ञात करने का सूत्र लिखिए
      P= W/t =mgh/t
    15. यदि बल F व विस्थापन s के मध्य θ° कोण हो तो किया गया कार्य कितना होगा
      W = Fs cosθ
    16. यदि बल को न्यूटन में तथा विस्थापन को मीटर में दर्शाया जाए तो कार्य का मात्रक क्या होगा
      जूल  {न्यूूूटन × मीटर}
    17. यदि बल को डाईन तथा विस्थापन को सेंटीमीटर में दर्शाया जाए तो कार्य का मात्रक क्या होगा
      अर्ग { डाइन × सेमी }
    18. ऊर्जा क्या है ऊर्जा का मात्रक लिखिए
      कार्य करने की क्षमता को ऊर्जा कहते हैं ऊर्जा का मात्रक जूल होता है
    19. LED व CFL का पूरा नाम लिखिए
      LED - Light-emitting diode
      CFL - Compact fluorescent lamp
    20. 1 जूल को परिभाषित कीजिए
      एक न्यूटन बल से किसी वस्तु को 1 मीटर विस्थापित करने में किया गया कार्य 1 जूल होता है
    21. एक यूनिट को परिभाषित कीजिए
      1 किलो वाट शक्ति का उपयोग 1 घंटे तक करने में खर्च ऊर्जा 1 यूनिट कहलाती है
    22. स्थितिज ऊर्जा किसे कहते हैं(2019)
      वस्तु की स्थिति या अवस्था के कारण उसमें संचित ऊर्जा स्थितिज ऊर्जा कहलाती है
    23. दो विद्युत संयंत्रों के नाम लिखिए
      1.कोयला संयंत्र 2.नाभिकीय संयंत्र
      3.जल विद्युत संयंत्र 4.पवन ऊर्जा संयंत्र
    24. कार्य का ऋणात्मक मान कब होता है
      जब कार्य बल के विरुद्ध किया जाता है (जब बल व विस्थापन की दिशा एक दूसरे के विपरीत हो)
    25. कार्य का धनात्मक  मान कब होता है
      जब बल और विस्थापन की दिशा समान हो
    26. विद्युत ऊर्जा किसे कहते हैं
      आवेशित कणों में निहित ऊर्जा विद्युत ऊर्जा कहलाती है
    27. कार्य किसे कहते हैं इसका मात्रक लिखिए
      बल द्वारा किसी वस्तु को विस्थापित करने को कार्य कहते हैं कार्य का मात्रक जूल होता है
    28. विद्युत शक्ति किसे कहते हैं इसका मात्रक लिखिए
      कार्य करने की दर को शक्ति कहते हैं इसका मात्रक वाट है
    29. यांत्रिक ऊर्जा के किन्हीं दो स्वरूपों के नाम लिखिए
      गतिज ऊर्जा व स्थितिज ऊर्जा
    30. यूनिट में ऊर्जा ज्ञात करने का सूत्र लिखिए
      ऊर्जा = शक्ति (वाट)× समय(घंटे)
                           1000
    31. ऊर्जा संरक्षण का नियम लिखिए(2020)
      किसी विलगित निकाय की कुल ऊर्जा सदैव नियत रहती है अर्थात ऊर्जा को न तो उत्पन्न किया जा सकता है न ही नष्ट किया जा सकता है केवल उर्जा का रूप परिवर्तन होता है
    32. गतिज ऊर्जा किसे कहते हैं उदाहरण लिखिए
      किसी वस्तु में उसकी गति के कारण संचित ऊर्जा को गतिज ऊर्जा कहते हैं
      वायु की गतिज ऊर्जा से पवन चक्की चलती है
      गतिशील पानी से टरबाइन चलता है
      बंदूक की गोली गतिज ऊर्जा के कारण ही लक्ष्य को भेद पाती है
    33. ऊर्जा क्षय से क्या अभिप्राय है
      जब ऊर्जा का एक स्वरुप दूसरे स्वरूप में रूपांतरित होता है तो उर्जा का कुछ भाग उष्मा, ध्वनि या प्रकाश ऊर्जा के रूप में क्षय हो जाता है इसे ऊर्जा क्षय कहते हैं
    34. जब बल व विस्थापन की दिशा एक दूसरे के विपरीत हो { θ= 180° } तो कार्य का व्यंजक ज्ञात कीजिए
      W = Fs cosθ
      W = Fs cos180°        { cos180° = -1}
      W = Fs × -1
      W= - Fs
    35. जब बल व विस्थापन की दिशा एक ही हो {  θ= 0° } तो कार्य का व्यंजक ज्ञात कीजिए
      W = Fs cosθ
      W = Fs cos0°        { cos0° = 1}
      W = Fs × 1
      W= Fs
    36. यदि वस्तु पर लगने वाला बल वस्तु के विस्थापन की दिशा के लंबवत हो तो कार्य का मान कितना होगा {θ=90°}
      शून्य
      W = Fs cosθ
      W= Fscos90°
      W=Fs ×0             { cos90° = 0}
      W = 0
    37. 1 किलो वाट घंटा को जूल में बदलिए
      1KW-H = 1000W × 60×60s
                    = 1000×3600 Ws
                    = 36 × 105 j
                   = 3.6 × 106 j
    38. ऊर्जा क्षय कम करने के उपाय लिखिए
      1.घरों में प्रयुक्त विद्युत युक्तियां जब काम में नहीं आती है तो इनका स्विच ऑफ रखना चाहिए
      2.ज्यादा स्टार रेटिंग वाले विद्युत उपकरणों का प्रयोग करना चाहिए
      3.घरों में LED व CFL लाइटों का प्रयोग करना चाहिए
      4.वातानुकूलन में खर्च ऊर्जा को बचाने के लिए घरों की दीवारों व छतो को ऊष्मारोधी बनाना चाहिए
      5.उचित क्षमता के विद्युत साधित्रो का उपयोग करना चाहिए
    39. 5 किलोग्राम की वस्तु को 4 मीटर की ऊंचाई पर ले जाने में किए गए कार्य की गणना कीजिए (g= 9.8 m/sec2,)
      वस्तु का द्रव्यमान         m = 5 Kg
                                       h = 4 m
                                       g = 9.8 m/sec2
      वस्तु द्वारा किया गया कार्य = वस्तु की स्थितिज ऊर्जा
                                           = mgh
                                           = 5 × 4 × 9.8
                                           = 196 J
    40. एक व्यक्ति 12 किलोग्राम के थेले को जमीन से उठाकर 1.5 मीटर ऊपर अपनी पीठ पर रखता है तो थेले पर किए गए कार्य की गणना कीजिए
              थेले का द्रव्यमान         = 12 Kg
              विस्थापन  (h/S)        = 1.5 m
              गुरुत्व त्वरण (g)         = 10 m/s2
      थेले पर किया गया कार्य (W) = F.S.         
                                              = mg.S
                                              = 12×10×1.5 J
                                              = 180 J
    41. एक बंदूक से 200 ग्राम की गोली  50 मीटर/सैकंड के वेग से दागी जाती है तो गोली की गतिज ऊर्जा ज्ञात कीजिए
    42. एक स्प्रिंग का स्प्रिंग नियतांक k = 6× 103 N/m है इसे मध्य स्थिति से 1 सेंटीमीटर खींचने में कितना कार्य करना पड़ेगा ?   

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                                          12. प्राकृतिक संसाधन

                                          1. थार का कल्पवृक्ष किसे कहते हैं?
                                            खेजङी को
                                          2. खेजड़ी को राजस्थान का राज्य वृक्ष कब घोषित किया ?(2020) राजस्थान का राज्य वृक्ष क्या है
                                            1983 में 
                                          3. वन्य जीव सुरक्षा अधिनियम कब बनाया गया?
                                            1972 में 
                                          4. राजस्थान के एक बायोस्फियर का नाम लिखो।
                                            थार रेगिस्तान 
                                          5. भविष्य का ईंधन किसे माना गया है ?
                                            बायोडीजल को
                                          6. दो जीवाश्म ईंधनो के नाम लिखिए।
                                            कोयला व पेट्रोलियम 
                                          7. खेजङी का वैज्ञानिक नाम लिखिए।(2020)
                                            प्रोसोपिस सिनेरेरिया
                                          8. भारत में झूम खेती किन राज्यों में की जाती है?
                                            अरूणाचल प्रदेश, नागालैण्ड, मिजोरम, मेघालय, त्रिपुरा 
                                          9. कोयले के भंजक आसवन से क्या प्राप्त होते है?
                                            कोलतार,कोल गैस व अमोनिया 
                                          10. सिंचाई की विधियों के नाम बताइए|
                                            (i) फव्वारा विधि (ii)टपकन विधि
                                          11. दो नवीकरणीय संसाधनों के नाम लिखिए।
                                             सौर ऊर्जा व पवन ऊर्जा
                                          12. दो अनवीकरणीय संसाधनों के नाम लिखिए।
                                            कोयला व पेट्रोलियम
                                          13. उड़न गिलहरी किस वन्यजीव अभयारण्य में पाई जाती है?
                                            सीतामाता अभ्यारण,प्रतापगढ़
                                          14. कोयले के चार प्रकारों के नाम लिखिए।
                                            1.एन्थ्रासाइट         2.बिटूमिनस        3.लिग्नाइट         4.पीट
                                          15. IUCN का पूरा नाम लिखिए।
                                             इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर
                                            International Union for  Conservation of Nature 
                                          16. बेरी किसे कहते हैं?
                                            तालाब की तलहटी पर बना हुआ कुआ  बेरी कहलाता है
                                          17. टोबा क्या है ?
                                            थार के रेगिस्तान में नाड़ी के आकार का परंतु नाड़ी से अधिक गहरा जल संग्रहण का प्रमुख पारंपरिक स्रोत टोबा कहलाता है
                                          18. राजस्थान के दो वन्य जीव अभ्यारण्य के नाम लिखो।
                                            1.सरिस्का वन्य जीव अभ्यारण्य  अलवर
                                            2.कैला देवी वन्य जीव अभ्यारण्य, करौली 
                                          19. वन्य-जीव संरक्षण से क्या अभिप्राय है ?
                                            वन्य जीवों की पूर्ण सुरक्षा तथा विलुप्त होने वाले जंतुओं को संरक्षण प्रदान करना वन्य जीव संरक्षण कहलाता है
                                          20. प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण से क्या अभिप्राय है ?
                                            प्राकृतिक संसाधनों का योजनाबद्ध, समुचित व विवेकपूर्ण उपयोग ही प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण कहलाता है 
                                          21. पेट्रोलियम के घटकों के नाम लिखो|
                                            (पेट्रोलियम के प्रभाजी आसवन से क्या प्राप्त होता है)
                                            पेट्रोल, डीजल, केरोसिन, प्राकृतिक गैस, वैसलीन, स्नेहक आदि
                                          22. खङीन क्या है ?
                                            खङीन ढालदार भूमि पर मिट्टी के बने अस्थायी तालाब होते है जिनमें वर्षा जल संग्रह एवं संग्रहित जल से कृषि भूमि में पर्याप्त नमी उत्पन्न कर फसल उत्पादन किया जाता है
                                          23. प्राकृतिक संसाधन किसे कहते हैं ?
                                            प्रकृति से प्राप्त हर वस्तु जिसका उपयोग मनुष्य अपनी आवश्यकता पूर्ति के लिए सीधा अर्थात उसमें बिना कोई बदलाव किये  करता है प्राकृतिक संसाधन कहलाता है
                                          24. रेड डाटा बुक (लाल आंकड़ा पुस्तक) क्या है? इसका प्रकाशन किसने किया।
                                            रेड डाटा बुक में विलुप्त हो रही जातियों (संकटग्रस्त जातियों) को सूचीबद्ध किया गया है इस पुस्तक का प्रकाशन IUCN ने 1972 में किया
                                          25. जल संरक्षण व प्रबंधन के तीन सिद्धांत लिखिए।
                                            1.जल की उपलब्धता बनाये रखना
                                            2.जल को प्रदूषित होने से बचाना
                                            3.संदूषित जल को स्वच्छ कर उसका पुनर्चक्रण करना
                                          26. अनवीकरणीय संसाधन से क्या अभिप्राय है ?
                                            वे संसाधन जिनका एक बार उपयोग करने के बाद पुनः उत्पादन नहीं  किया जा सकता है अनवीकरणीय संसाधन कहलाते हैं ये संसाधन सीमित व समाप्य होते हैं  जैसे कोयला व पेट्रोलियम 
                                          27. नवीकरणीय संसाधन से क्या अभिप्राय है ?उदाहरण लिखिए (2019)
                                            वे संसाधन जिनका एक बार उपयोग करने के बाद पुनः उत्पादन किया जा सकता है नवीकरणीय संसाधन कहलाते हैं ये संसाधन असीमित व असमाप्य  होते हैं  जैसे सौर ऊर्जा व पवन ऊर्जा 
                                          28. संकटापन्न जातियों से क्या तात्पर्य है? दो संकट्टापन्न जातियों के नाम लिखिए।
                                            वे प्रजातियां जिनके संरक्षण के उपाय नहीं किए गए तो निकट भविष्य में समाप्त हो जाएगी संकटापन्न प्रजातियां कहलाती है जैसे गोडावण, गेंडा, बब्बर शेर
                                          29. सतत् पोषणीय विकास से क्या अभिप्राय है?
                                            ऐसा विकास जिसमें वर्तमान पीढ़ी अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए संसाधनों का उपयोग आने वाली पीढ़ियों की आवश्यकताओं की पूर्ति को बिना नुकसान पहुंचाए करती है सतत् पोषणीय विकास कहलाता है 
                                          30. निम्न को सुमेलित कीजिए।
                                            1.काजीरंगा राष्ट्रीय  उद्यान        - असम
                                            2.गिर राष्ट्रीय उद्यान                 - गुजरात
                                            3.सुन्दर बन राष्ट्रीय उद्यान        - प. बंगाल
                                            4.कार्बेट राष्ट्रीय उद्यान             - उत्तरांचल
                                            5.सतपुड़ा राष्ट्रीय उद्यान          - मध्यप्रदेश
                                          31. राष्ट्रीय उद्यान क्या है? राजस्थान के दो राष्ट्रीय उद्यानो के नाम लिखो।
                                            राष्ट्रीय उद्यान एक प्राकृतिक क्षेत्र है जहां पर्यावरण के साथ-साथ वन्य जीव एवं प्राकृतिक अवशेषों का संरक्षण किया जाता है
                                            1.रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान, सवाई माधोपुर
                                            2.केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान,  भरतपुर
                                          32. सामाजिक वानिकी क्या है इसके तीन घटको के नाम लिखिए।
                                            सामाजिक वानिकी वन सुरक्षा हेतु लोगों का, लोगों के लिए, लोगों द्वारा संचालित एक विशिष्ट कार्यक्रम है जो पारिस्थितिकी सन्तुलन बनाये रखने, वन क्षेत्र में वृद्धि करने तथा रोजगार सृजन में सहायक है
                                            सामाजिक वानिकी के घटक-
                                            1.कृषि वानिकी
                                            2.वन विभाग द्वारा सार्वजनिक स्थानों पर वृक्षारोपण
                                            3.ग्रामीणो द्वारा सार्वजनिक स्थानों पर वृक्षारोपण
                                          33. वन्यजीवों के विलुप्त होने के कारण लिखिए।
                                            1. प्राकृतिक आवासों का नष्ट होना - निम्न कारणों से वन्य जीवों के प्राकृतिक आवास नष्ट हो रहे हैं
                                            (i)जनसंख्या वृद्धि।            (ii)वृहद जल परियोजनाएं
                                            (iii)जंगलों में खनन कार्य.   (iv)समुद्र में ते रिसाव
                                            (v)ग्रीन हाउस प्रभाव
                                            2. वन्य जीवों का अवैध शिकार
                                            3. प्रदूषण
                                            4. मानव तथा वन्य जीवों में संघर्ष
                                          34. वन संरक्षण के उपाय लिखिए।
                                            1.वनों की पोषणीय सीमा तक कटाई
                                            2.वनों की आग से सुरक्षा
                                            3.वनों की हानिकारक कीटो से सुरक्षा
                                            4.ईन्धन व इमारती लकड़ी के नवीन वैकल्पिक स्रोतों का उपयोग
                                            5.सामाजिक वानिकी को प्रोत्साहन
                                            6.वन संरक्षण के नियम व कानून की कङाई से पालना
                                            7.वनों के महत्व के बारे में जन चेतना
                                            8.विविधता पूर्ण वनों का विकास
                                          35. जल संरक्षण व प्रबंधन के उपाय लिखिए।
                                            1.जल को बहुमूल्य राष्ट्रीय संपदा घोषित करना
                                            2.वर्षा जल संग्रहण करना
                                            3.घरेलू उपयोग में जल की बर्बादी को रोकना
                                            4.भू-जल के अति दोहन पर पाबंदी
                                            5.जल प्रदूषण को रोकना
                                            6.जल का पुनर्चक्रण करना
                                            7.सिंचाई फव्वारा विधि या टपकन विधि से करना
                                            8.बाढ़ नियंत्रण व जल के समुचित उपयोग के लिए नदियों को आपस में जोड़ना
                                          36. राजस्थान की परम्परागत जल संग्रहण पद्धतियां लिखिए।
                                            1.खड़ीन -खङीन ढालदार भूमि पर मिट्टी के बने अस्थायी तालाब होते है जिनमें वर्षा जल संग्रह एवं संग्रहित जल से कृषि भूमि में पर्याप्त नमी उत्पन्न कर फसल उत्पादन किया जाता है
                                            2.तालाब  -तालाब वर्षा जल संग्रहण की प्राचीन पद्धति है  तथा भूमि जल स्तर बढ़ाने का वैज्ञानिक आधार है
                                            3.झील - झील वर्षा जल संग्रहण की अति प्राचीन पद्धति है झीलों से रिसने वाले पानी के कारण आसपास के बावड़ी,कुओं, कुंड आदि का जलस्तर बढ़ जाता है
                                            4.बावड़ी - बावड़ी जल संचयन की पुरानी तकनीक है बावड़ी में उतरने के लिए सीढ़ियां बनी होती हैं तथा ये कलाकृतियों से सम्पन्न होती है
                                            5.टोबा - थार के रेगिस्तान में नाड़ी के आकार का परंतु नाड़ी से अधिक गहरा जल संग्रहण का प्रमुख पारंपरिक स्रोत टोबा कहलाता है
                                          37. चिपको आन्दोलन पर लेख लिखिए।
                                            चिपको आन्दोलन वनो की सुरक्षा हेतु उठाया गया एक प्रगतिशील कदम है। इस आन्दोलन की शुरुआत 1730 में जोधपुर के खेजङली गाम से अमृता देवी विश्नोई के नेतृत्व में हुई। सन् 1730 में जोधपुर महाराजा ने महल निर्माण के लिए लकड़ियां लाने हेतु सिपाहियों को खेजङली ग्राम भेजा । जब सिपाही गांव पहुंचकर खेजङी के वृक्ष काटने लगे तो अमृता देवी व उसकी पुत्रियों ने पेङ न काटने का आग्रह किया परन्तु सिपाही नहीं माने तब अमृता देवी व उसकी पुत्रियां पेङो से चिपक गई सिपाहियों ने पेङो के साथ उन्हें भी काट दिया यह खबर जब गांव में फैली तो गांव के लोग पेङो से चिपकाते गये और अपना बलिदान देते गये इस प्रकार वृक्षों की सुरक्षा हेतु 363 लोगों ने अपना बलिदान दिया। इस आन्दोलन के बाद 1973 में उत्तराखंड मे चिपक आन्दोलन व कर्नाटक में एप्पिको आन्दोलन चलाया गया
                                          38. प्राकृतिक संसाधनों का वर्गीकरण कीजिए।
                                            1.विकास के आधार पर
                                            (i) वास्तविक संसाधन - वे संसाधन जिनका हम वर्तमान समय में उपयोग कर रहे है तथा जिनकी मात्रा हमें ज्ञात है वास्तविक संसाधन कहलाते है जैसे जर्मनी में कोयला व महाराष्ट्र में काली मिट्टी
                                            (ii) संभाव्य संसाधन-वे संसाधन जिनका हम वर्तमान समय में उपयोग नहीं कर रहे है तथा जिनकी मात्रा हमें ज्ञात नहीं  है सम्भव्य संसाधन कहलाते है जैसे लद्दाख में पाया जाने वाला यूरेनियम
                                            2.उद्गम या उत्पत्ति के आधार पर
                                            (i) जैव संसाधन -वे संसाधन जिनमें जीवन व्याप्त होता है जैव संसाधन कहलाते हैं जैसे मानव, वन
                                            (ii)अजैव संसाधन- वे संसाधन जो निर्जीव होते हैं अजैव संसाधन कहलाते है जैसे वायु, खनिज
                                            3.वितरण के आधार पर
                                            (i)सर्वव्यापक संसाधन- वे संसाधन जो सर्वत्र आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं सर्वव्यापक संसाधन कहलाते है जैसे वायु
                                            (ii)स्थानिक संसाधन- वे संसाधन जो  कुछ निश्चित जगहों पर पाये जाते है स्थानिक संसाधन कहलाते हैं जैसे ताम्र, लौहा
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