GSSS BINCHAWA

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GSSS KATHOUTI

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GSSS BUROD

13. अपशिष्ट एवं इसका प्रबंधन

  1. ग्रीन हाउस गैसों के नाम लिखिए ।
    कार्बन डाई ऑक्साइड, मेथेन, क्लोरोफ्लोरो कार्बन, नाइट्रस ऑक्साइड 
  2. वर्मी कम्पोस्ट किसे कहते हैं ?
    केंचुए की मदद से बनाई जाने वाली कंपोस्ट खाद वर्मी कंपोस्ट कहलाती है
  3. बायो गैस कैसे बनाई जाती है ?
    बायोगैस जैविक पदार्थों जैसे गोबर का ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में अपघटन करवाकर बनाई जाती है
  4. अपशिष्ट क्या है इनके प्रकार लिखिए ।
    किसी भी प्रक्रम के अंत में बनने वाले अनुपयोगी पदार्थ अपशिष्ट कहलाते हैं अपशिष्ट दो प्रकार के होते हैं
    1.जैव निम्नीकरणीय अपशिष्ट. 2.अजैव निम्नीकरणीय अपशिष्ट
  5. भूमिभराव से क्या अभिप्राय है ?
    भूमिभराव अपशिष्ट निस्तारण की एक विधि है इस विधि में ठोस अपशिष्ट पदार्थों  को गैर उपयोग की खानो, खनन रिक्तियों व गढ़ो में भरा जाता है तथा अपशिष्टों के ढेर को मिट्टी से ढक दिया जाता है 
  6. अपशिष्ट प्रबंधन से क्या अभिप्राय है ?
    अपशिष्ट प्रबंधन परिवहन, संसाधन पुनर्चक्रण व अपशिष्ट के काम में प्रयोग की जाने वाली सामग्री का संग्रह है अर्थात अपशिष्ट प्रबंधन में अपशिष्ट निर्माण से लेकर उसके संग्रहण, परिवहन, प्रसंस्करण व निस्तारण तक की सम्पूर्ण प्रकिया शामिल है 
  7. अपशिष्ट रहित विकास किस प्रकार संभव है ?
    अपशिष्ट रहित विकास सरकारी तंत्र, स्वयंसेवी संस्थाओं और नागरिकों के  सहयोग से उचित अपशिष्ट प्रबंधन द्वारा किया जा सकता है 
  8. शिवरमन कमेटी द्वारा अपशिष्ट प्रबंधन हेतु सुझाए गये उपाय लिखिए।
    1.बड़े-बड़े कूड़ेदानों की स्थापना
    2.मानव मल-मूत्र निष्कासन की उचित व्यवस्था
    3.नगरों में कूड़ा करकट उठाने की समुचित व्यवस्था
    4.कूड़े के ढेरों को जलाकर भस्म करना
  9. पुनर्चक्रण से क्या अभिप्राय है ?
    अपशिष्ट पदार्थों में से उपयोगी वस्तुओं या संसाधनों को निकालना पुनर्चक्रण कहलाता है धात्विक अपशिष्ट, प्लास्टिक व कागज का आसनी से पुनर्चक्रण किया जा सकता है प्राकृतिक जैविक अपशिष्ट, वानस्पतिक अपशिष्ट, कागज, बचा हुआ भोजन आदि का उपयोग कम्पोस्ट खाद, वर्मी कम्पोस्ट व जैविक खाद बनाने में किया जा सकता है 
  10. भस्मीकरण क्या है ? (2019) इसका उपयोग किन अपशिष्टों के निष्पादन हेतु किया जाता है ।
    भस्मीकरण अपशिष्ट प्रबंधन की विधि है  इस विधि में ठोस, तरल व गैसीय अपशिष्ट पदार्थों का दहन  किया जाता है जिससे ये अपशिष्ट ताप, गैस, भाप और राख में बदल जाते है  यह जैव चिकित्सकीय अपशिष्ट पदार्थों के निस्तारण की व्यावहारिक विधि है जो जापान में सर्वाधिक प्रचलित है इस विधि में भूमि की कम जरूरत होती है। इस विधि में गैसीय प्रदूषकों के उत्सर्जन की समस्या रहती है 
  11. जैव निम्नीकरणीय व अजैव निम्नीकरणीय अपशिष्ट में अन्तर लिखिए।
    वे अपशिष्ट पदार्थ जिनका जैविक कारकों द्वारा अपघटन हो जाता है जैव निम्नीकरणीय अपशिष्ट कहलाते हैं जैसे घरेलू कचरा, जैविक कचरा, कृषि अपशिष्ट व जैव चिकित्सकीय अपशिष्ट आदि।
    वे अपशिष्ट पदार्थ जिनका जैविक कारको द्वारा अपघटन नहीं होता है अजैव निम्नीकरणीय अपशिष्ट कहलाते हैं जैसे प्लास्टिक की बोतलें, पॉलीथिन, कांच, सीरींज, धातु के टुकड़े आदि।
  12. प्लास्टिक व पालीथीन अपशिष्टों के हानिकारक प्रभाव बताइए
    1.प्लास्टिक के ज्यादा सम्पर्क में रहने से खून में थेलेटस की मात्रा बढ़ जाती है जिससे गर्भवती महिलाओ के शिशु का विकास रुक जाता है
    2.प्लास्टिक में प्रयुक्त रसायन बिस्फेनाल शरीर में मधुमेह और लिवर एन्जाइम को असन्तुलित कर देता है
    3.पाॅलिथीन की थैलियों को नालो में फैंकने से जल बहाव अवरूद्ध हो जाता है और उसमे रोगकारक सूक्ष्म जीव पनपने लगते है
    4.कचरे में फैंकी गई पाॅलिथीन की थैलियों को जानवर खा लेते हैजो उनकी आंतों में फंस जाती है  जिससे उनकी मृत्यु हो जाती है
    5.पाॅलिथीन कचरे को जलाने से हानिकारक गैसें निकलती है जिससे पर्यावरण प्रदूषण फैलता है और श्वसन, त्वचा व आंखों से सम्बंधित फैलने की आशंका बढ जाती है 
  13. अपशिष्टों के स्रोतो का वर्णन कीजिए।
    1.घरेलू स्रोत - घरों से कचरा जैसे कागज, सब्जियों व फलो के छिलके, प्लास्टिक,कपड़े आदि तथा समारोह के दौरान अत्यधिक कचरा उत्पन्न होता है जिसे घरों के बाहर या सङको पर डाल दिया जाता है
    2.नगरपालिका- नगरपालिका से उत्पन्न अपशिष्टों में घरेलू अपशिष्ट के अलावा विभिन्न संस्थाओं से उत्पन्न कचरा, बाजारो व सङको से उत्पन्न कचरा, मलबा आदि सम्मिलित हैं नगरपालिका अपशिष्ट की मात्रा नगर की जनसंख्या व विस्तार पर निर्भर करती है
    3.उद्योग एवं खनन कार्य-उद्योगो से बङी मात्रा में कचरा उत्पन्न होता है जैसे धातु के टुकड़े, रासायनिक पदार्थ, विषैले पदार्थ, तैलीय पदार्थ, राख आदि। इसी प्रकार खनन क्षेत्रो निकले मलबे के विशाल ढेर भी प्राकृतिक सुन्दरता को नष्ट करते है
    4.कृषि -कृषि से जैव निम्नीकरणीय अपशिष्ट उत्पन्न होते है  कृषि कार्य करने के बाद बचा भूसा, घास फूस, पत्तियां, डंठल आदि बरसात के पानी से सङकर बदबू उत्पन्न करते है (2020)
    5.चिकित्सा क्षेत्र- अस्पतालों से अनेक प्रकार के अपशिष्ट उत्पन्न होते है जैसे काँच व प्लास्टिक की बोतलें, ट्यूब, सिरिंज आदि अजैव निम्नीकरणीय अपशिष्ट तथा रक्त, मांस के टुकड़े, संक्रमित उतक व अंग आदि जैव निम्नीकरणीय अपशिष्ट उत्पन्न होते है 
  14. अपशिष्ट प्रबंधन में 3R की क्या भूमिका है ?
    अपशिष्ट प्रबंधन में 3R की महत्वपूर्ण भूमिका है 3R अर्थात Reduse (कम उपयोग), Reuse (पुनः उपयोग) व Recycle (पुनर्चक्रण)  का उपयोग कर अपशिष्ट पदार्थों का प्रभावी ढंग से प्रबंधन किया जा सकता है 
    1. Reduse - Reduce का अर्थ है वस्तुओं का कम से कम उपयोग करना। जिससे अपशिष्ट कम उत्पन्न हो 
    2.Reuse - Reuse का अर्थ है वस्तुओं का दुबारा उपयोग करना। जैसे कागज कागज के लिफाफों को फेंकने के बजाय दुबारा उपयोग किया जा सकता है 
    3.Recycle- Recycle का अर्थ है पुनर्चक्रण। पुनर्चक्रण से अपशिष्ट पदार्थों में से उपयोग वस्तुओं या संसाधनों को निकालकर पुनः नये उत्पाद बनाये जा सकते है 
  15. अपशिष्ट प्रबंधन के उपाय बताइए।
    1.गहरे महासागरों में अपशिष्ट पदार्थों को डालकर उनका निस्तारण किया जा सकता है 
    2.हड्डियों, वसा, पंख, रक्त आदि पशु अवशेषों को पकाकर चर्बी प्राप्त की जा सकती है जिससे साबुन बनाई जा सकती है 
    3.कूङे-करकट को अत्यधिक दाब से ठोस ईंटों में बदला जा सकता है 
    4.नगरीय मल-मूत्राषय का शुद्धीकरण कर जल का सिंचाई में उपयोग किया जा सकता है 
    5.सर्वाधिक आवश्यक है जन चेतना। लोग अपशिष्ट पदार्थों के हानिकारक प्रभावों के बारे जागृत होने पर स्वत ही कचरे को इधर-उधर नहीं फेंकंगे 
  16. अपशिष्ट प्रबंधन के तरीके/विधियां बताइए (2020 कृषि अपशिष्ट)
    1.भूमिभराव - इस विधि में ठोस अपशिष्ट को गैर उपयोग की खानो, खनन रिक्तियों व गढ़ो में भरा जाता है तथा अपशिष्टों के ढेर को मिट्टी से ढक दिया जाता है यह अपशिष्ट निपटान का साफ व सस्ता तरीका है
    2.भस्मीकरण- इस विधि में ठोस, तरल व गैसीय अपशिष्ट पदार्थों का दहन  किया जाता है जिससे अपशिष्ट ताप, गैस, भाप और राख में बदल जाता है  यह जैव चिकित्सकीय अपशिष्ट पदार्थों के निस्तारण की व्यवहारिक विधि है जो जापान में सर्वाधिक प्रचलित है इस विधि में भूमि की कम जरूरत होती है। इस विधि में गैसीय प्रदूषकों के उत्सर्जन की समस्या रहती है
    3.पुनर्चक्रण- अपशिष्ट पदार्थों में से उपयोगी वस्तुओं या संसाधनों को निकालना पुनर्चक्रण कहलाता है धात्विक अपशिष्ट, प्लास्टिक व कागज का आसनी से पुनर्चक्रण किया जा सकता है प्राकृतिक जैविक अपशिष्ट जैसे वानस्पतिक अपशिष्ट, कागज, बचा हुआ भोजन आदि का उपयोग कम्पोस्ट खाद, वर्मी कम्पोस्ट व जैविक खाद बनाने में किया जा सकता है
    4.रासायनिक क्रिया -कई अपशिष्ट पदार्थों को रासायनिक क्रिया द्वारा नष्ट किया जा सकता है या पुनः उपयोगी बनाया जा सकता है 
  17. अपशिष्टों के हानिकारक प्रभाव बताइए ।
    1.अनियमित तरीके से फैंका गया कचरा प्राकृतिक सौन्दर्य को नष्ट करता है
    2.जैव निम्नीकरणीय अपशिष्ट हानिकारक सूक्ष्म जीवों व कीटों को आकर्षित करता है जिसमें अनेक प्रकार की बीमारियां फैलती है
    3.अपशिष्ट पदार्थों के सङने-गलने से दुर्गंध फैलती है एवं ग्रीन हाउस गैसे उत्सर्जित होती है
    4.जैव चिकित्सकीय अपशिष्ट से हेपेटाइटिस-बी, टिटेनस एवं संक्रमित सुई चुभने से एड्स जैसी बीमारियां हो सकती है
    5.प्लास्टिक के ज्यादा सम्पर्क में रहने से खून में थेलेटस की मात्रा बढ़ जाती है जिससे गर्भवती महिलाओ के शिशु का विकास रुक जाता है
    6.प्लास्टिक में प्रयुक्त रसायन बिस्फेनाल शरीर में मधुमेह और लिवर एन्जाइम को असन्तुलित कर देता है
    7.पाॅलिथीन की थैलियों को नालो में फैंकने से जल बहाव अवरूद्ध हो जाता है और उसमे रोगकारक सूक्ष्म जीव पनपने लगते है
    8.कचरे में फैंकी गई पाॅलिथीन की थैलियों को जानवर खा लेते हैजो उनकी आंतों में फंस जाती है  जिससे उनकी मृत्यु हो जाती है
    9.पाॅलिथीन कचरे को जलाने से हानिकारक गैसें निकलती है जिससे पर्यावरण प्रदूषण फैलता है
    10.नगरीय अपशिष्ट के एकत्रित होने से गन्दी बस्तियों का विकास हो रहा है जो नगरीय विकास पर एक कलंक है 
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14. पादपों और जन्तुओं का आर्थिक महत्व

  1. रेशम कीट का लार्वा क्या कहलाता है
    कैटरपिलर 
  2. रेशम कीट का वैज्ञानिक नाम लिखिए
    बोम्बिक्स मोराई
  3. रेशम किसका बना होता है
    प्रोटीन (फाइब्रिन व सेरीसिन)
  4. लाख के कीड़े का वैज्ञानिक नाम लिखिए
    लैसिफेर लैका
  5. भारतीय लाख अनुसंधान केंद्र कहाँ है
    रांची (झारखण्ड )
  6. राजस्थान का राज्य पुष्प क्या है
    रोहिङा 
  7. राजस्थान का राज्य वृक्ष क्या है(2020)
    खेजङी
  8. सर्वाधिक प्रोटीन किसमें पाई जाती है
    सोयाबीन में
  9. मधुमक्खी पालन से प्राप्त उत्पादो के नाम लिखिए
    शहद व मधुमोम
  10. एक महत्त्वपूर्ण मोटे(गौण) अनाज का नाम लिखिए
    बाजरा
  11. दालों का राजा किसे कहते हैं (2020)
    चना
  12. रेशम कीट किस वृक्ष पर पाले जाते हैं
    शहतूत पर
  13. खाद्य पदार्थ अनाज किस कुल के सदस्य है
    ग्रेमिनी/पीएसी
  14. दालें किस कुल के सदस्य है
    लेग्यूमिनेसी
  15. विश्व में चना उत्पादन में भारत का कौन सा स्थान है
    प्रथम
  16. मछली पालन के लिए कौन सा जल उपयुक्त माना जाता है
    मीठा जल (अलवणीय जल)
  17. दो अपमार्जक कीटों के नाम लिखिए (2020)
    दीमक, तिलचट्टा
  18. भेङो की देशी नस्लों के नाम लिखिए
    लौही, मारवाड़ी, नली, पाटनवाङी
  19. भारत का बकरी, भेङ व कुक्कुट की संख्या की दृष्टि से विश्व में कौन स्थान है
    क्रमश: दूसरा, तीसरा व सातवाँ 
  20. आर्थिक वनस्पति विज्ञान किसे कहते हैं
    आर्थिक महत्त्व के पादप व उनके उत्पादो का अध्ययन आर्थिक वनस्पति विज्ञान कहलाती है
  21. इमारती कास्ट किसे कहते हैं
    वह काष्ठ जिसका उपयोग फर्नीचर, दरवाजे, खिङकियां आदि बनाने में किया जाता है इमारती काष्ठ कहलाती हैं  इमारती काष्ट द्वितीयक जााईल से प्राप्त होती है 
  22. कोरल या प्रवाल किसे कहते हैं ( कोरल का बाह्य कंकाल किस पदार्थ का बना होता है 2020)
    सीलेन्ट्रेटा संघ के जीवों का कैल्शियम कार्बोनेट से बना बाह्य कंकाल कोरल या प्रवाल कहलाता है 
  23. फल किसे कहते हैं (2020)
    पुष्प के निषेचित अण्डाश्य से बनी संरचना फल कहलाती है 
  24. पशुपालन किसे कहते हैं
    कृषि विज्ञान की वह शाखा जिसमें पालतू पशुओ के भोजन, आवास, स्वास्थ्य व प्रजनन का अध्ययन किया जाता है उसे पशुपालन कहते हैं 
  25. मधुमक्खी पालन के दो लाभ लिखिए
    फसलोंं के परागण में सहायक
     शहद व मधुमोम की प्राप्ति 
  26. देशी व विदेशी मच्छलियो की प्रजातियों के नाम लिखिए
    देशी- रोहू, कतला व मृगल
    विदेशी- कामन कार्प
  27. चाय व काफी पौधों के किस भाग से प्राप्त होती है
    चाय- पत्तियोों  से
    काफी- भूनें हुए बीजो से  (2010)
  28. रबी व खरीफ की फसलों के नाम लिखो (2020)
    रबी- गेंहू , चना
    खरीफ- बाजरा, मक्का , चावल 
  29. चाय व काफी(2019) के वैज्ञानिक नाम लिखिए
    चाय- केमेलिया साइनेन्सिस
    काफी- काफिया अरेबिका
  30. काष्ठ क्या है
    बहुवर्षीय द्विबीजपत्री वृक्षों में बनने वाले द्वितीयक जाइलम को काष्ठ कहते हैं 
  31. भैंस, गाय व बकरी की अच्छी नस्लों के नाम लिखिए
    भैस- मुर्रा, जाफरावादी, मेहसाना, सूखी
    गाय- गिर, साहीवाल, सिन्ध, हरियाणवी
    बकरी- कश्मीरी, पश्मीना, सिरोही, जमनापरी
  32. तेलो का वर्गीकरण कीजिए
    खाद्य तेल - तिल, मूंगफली
    अखाद्य तेल- अरण्डी, तारपीन
    सुगन्धित तेल- चन्दन, लौंग 
  33. गेंहू ,चावल व मक्का की उन्नत किस्मों के नाम लिखिए
    गैंहू- सोनालिका, कल्याण सोना, शर्बती
    चावल -बामती,  स्वर्णदाना, जया, रत्ना, सोना
    मक्का -विजय , शक्ति ,रतन
  34. मूल, छाल,पर्ण व फल से प्राप्त होने वाले औषधीय पौधों के नाम लिखिए
    1.मूल-सफेद मूसली व अश्वगंधा
    2.छाल- कुनैनव अर्जुन
    3.पर्ण- ग्वारपाठा व तुलसी
    4.फल - अफीम व आंवला
  35. चार अनाजो के सामान्य व वैज्ञानिक नाम लिखिए
    1.गेंहू- ट्रिटिकम एस्टाइवम
    2.चावल- ओराइजा सेटाइवा
    3.मक्का-जीआ मेज
    4.बाजारा- पेनिसिटम टाईफाइडिस
  36. चार दाल वाले पौधों के सामान्य नाम व वैज्ञानिक नाम लिखिए
    1.चना- साइसर ऐराइटिनम (2020)
    2.मटर-पाइसम सेटाइवा
    3.सोयाबीन- ग्लाईसीन मैक्स
    4.अरहर- केजेनस केजन
  37. चार फलो के सामान्य व वैज्ञानिक नाम लिखिए
    1.आम- मैंजिफेरा इण्डिका
    2.पपीता-केरिका पपाया
    3.संतरा- सिट्रस रेटिकुलेटा
    4.केला- म्युजा पेराडिसियका
  38. चार ईमारती काष्ट उत्पादक पौधों के सामान्य नाम व वैज्ञानिक नाम लिखिए
    1.खेजङी- प्रोसोपिस सिनेरेरिया
    2.रोहिङा - टिकोमेला अन्डुलेटा
    3.शीशम- डलबर्जिया सिस्सू
    4.सागवान- टेक्टोना ग्रेन्डिस
  39. चार रेशे उत्पादक पौधों के सामान्य व वैज्ञानिक नाम लिखिए
    1.जूट- कोरकोरस केप्सूलेरिस
    2.कपास- गोसिपियम जातियां
    3.नारियल- कोकस न्यूसिफेरा
    4.सनई- क्रोटोलेरिया जुन्शिया
  40. चार औषधिय पौधों के सामान्य नाम व वैज्ञानिक नाम लिखिए
    1.हल्दी- कुरकुमा लौंगा (तना)
    2.सर्पगंधा- रावलफिया सर्पेंटाइना (मूल)
    3.कुनैन- सिनकोना ओफिसिनेलिस (छाल)
    4.ग्वारपाठा- एलोय वेरा (पत्ती)
    5.अफीम - पेपेवर सोमिनिफेरम (फल) (2020)
  41. चार सब्जियों के सामान्य व वैज्ञानिक नाम लिखिए
    1.गाजर- डाॅकस कैरोटा
    2.आलू- सोलेनम ट्यूबरोसम
    3.पालक- स्पाइनेसिया ओलेरेसिया
    4.गोभी- ब्रैसिका ओलेरेसिया
    5.बेंगन- सोलेनम मेलोन्जिया
  42. जङ, तना,पत्ता, पुष्पक्रम व फल से प्राप्त सब्जियों के नाम लिखो
    1.जङ- गाजर, मूली
    2.तना- आलू, अरबी
    3.पत्ता- पालक, मेथी
    4.पुष्षक्रम- फूल गोभी
    5.फल- टमाटर, बैंगन 
  43. मुक्ता संवर्धन से क्या अभिप्राय है
    कृत्रिम तकनीकी से सीपियों को पालकर उनसे मोती या मुक्ता  प्राप्त करना मुक्ता संवर्धन कहलाता है यह तकनीकी सर्वप्रथम जापान में शुरू की गई। मोती आयस्टर जैैसे मोलस्को अपने  कवच के नीचे स्वयं की रक्षा के लिए स्रावित करते हैं समुद्री आयस्टर से प्राप्त लिंघा मोती सबसे उत्तम माने जाते हैं 
  44. आर्थिक रूप से महत्त्वपूर्ण पादपों का वर्गीकरण कीजिए
    1.खाद्य पादप- अनाज, दालें, तेल, मसाले, सब्जियां, फल, पेेेय पदार्थ आदि
    2.औषधिय पादप- अश्वगंधा, अफीम सर्पगंधा सफेद मूसली आदि
    3.इमारती काष्ट पादप- सागवान, शीशम, रोहिङा, खेजङी आदि
    4.रेशे उत्पाक पादप- जूट ,कपास आदि 
  45. जन्तुओं का आर्थिक महत्त्व लिखिए
    1.मधुमक्खी पालन - 
    मधुमक्खी पालन को एपिकल्चर कहते है कृत्रिम रूप से छत्तों में मधुमक्खियों को पालकर बड़ी मात्रा में शहद प्राप्त करना मधुमक्खी पालन कहलाता है मधुमक्खी के छत्ते में तीन प्रकार की मधुमक्खियां पाई जाती है 1.श्रमिक  2.नर 3.रानी। मधुमक्खी पालन से परागण की क्रिया आसान हो जाती है और फसल पैदावार बढ़ जाती है मधुमक्खी पालन से शहद तथा मधुमोम प्राप्त होता है शहद का उपयोग उच्च ऊर्जा युक्त भोज्य पदार्थ, औषधि एवं परिरक्षक के रूप में किया जाता है
    2.रेशम कीट पालन- 
    रेशम उत्पादन में भारत का तीसरा स्थान है रेशम कीट पालन को सेरीकल्चर कहते हैं  रेशम कीट का पालन शहतूत के वृक्ष पर किया जाता है   रेशम कीट का जीवन चक्र चार अवस्थाओं में बांटा होता है 
    1.अण्डा 2.लार्वा 3.प्यूपा 4.व्यस्क रेशम कीट 
    सर्वप्रथम रेशम कीट शहतूत के पत्तों पर अण्डे देता है इन अण्डों से लार्वा बाहर निकलता है जिसे कैटरपिलर कहते हैं जो शहतूत के पत्तों को खाता है जब लार्वा पूर्ण विकसित हो जाता है तो यह भोजन करना बंद कर देता है तथा रेशम का स्रावण कर कोकून बनाता है कोकून के अन्दर बंद निष्क्रिय लार्वा प्यूपा कहलाता है यह प्यूपा कुछ समय बाद कोकून को काटकर बाहर निकल जाता है और वयस्क रेशम कीट में बदल जाता है रेशम कीट पालन में इन कोकूनो को उबाल कर रेशम प्राप्त किया जाता है
    3.लाख कीट संवर्धन
    लाख कीटों की लक्ष ग्रंथियों से स्रावित रेजिनयुक्त रालदार पदार्थ लाख कहलाता है लाख के व्यापारिक उत्पादन हेतु लाख के कीड़ों का पालन लाख संवर्धन कहलाता है लाख कीट एक रेंगने वाला शल्क कीट है जो स्वयं द्वारा स्रावित लाख के आवरण में बंद रहता है लाख कीट मुलायम शाखाओं से चिपक कर उनका रस चुसती है तथा अपने शरीर के चारों ओर लाख का आवरण बना लेती है  नर लाख कीट केवल निंफावस्था में ही लाख उत्पन्न करता है  लाख उत्पादन निम्न दो विधियों द्वारा किया जाता है
    1.पुरानी देशी विधि  2.आधुनिक विधि
    4.जंतुओं के अन्य महत्व  - 
    •कैक्टस पर रहने वाले शल्की कीटों के सूखे शरीर से टैनिन व कोकीनोल रंग प्राप्त होता है
    •कुछ कीट जैसे दीमक व तिलचट्टा मृत जीवों  को खाकर अपमार्जक का कार्य करते हैं
    •कुछ किट जैसे ब्लिस्टर भृंग से कैंथाराइडीन औषधि बनाई जाती है जो बालों को झड़ने से रोकती है इसी प्रकार मधुमक्खियों से प्राप्त शहद का उपयोग अल्सर ठीक करने में किया जाता है कोचीनील कीटो से प्राप्त कार्मिनिल अम्ल का उपयोग कुकर खांसी के इलाज में किया जाता है
    •कई कीट पुष्पी पादपों में परागण की क्रिया में सहायक होते हैं


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15. पृथ्वी की संरचना

  1. सूर्य के उत्तरायण व दक्षिणायन का क्या कारण है ?
    पृथ्वी का 23. 5° पर झुका होना 
  2. पृथ्वी का एकमात्र प्राकृतिक उपग्रह कौन है ? (2019)
    चन्द्रमा 
  3. भूकंप मापने की इकाई क्या है ?
    रिक्टर पैमाना
  4. आज जहां हिमालय है वहां पहले क्या था ?
    टेथिस सागर
  5. पृथ्वी की सतह पर कितनी विवर्तनिक प्लेटे पाई जाती है ?
    29 प्लेटे। जिनमें से 6 प्रमुख है
  6. सुनामी उत्पन्न होने का प्रमुख कारण लिखिए ।
    सागर तल में आया 7 ईकाई से अधिक का भूकम्प 
  7. चक्रवात क्यों उत्पन्न होते हैं ?
    चक्रवात केंद्र में वायुदाब कम होने के कारण उत्पन्न होता है 
  8. हिमनद या ग्लेशियर किसे कहते हैं ?
    बहती हुई बर्फ  की परत को हिमनद या ग्लेशियर कहते हैं 
  9. विवर्तनिक प्लेटो के किनारों के प्रकार लिखिए
    विवर्तनिक प्लेटो के तीन प्रकार के किनारे होते हैं
    1. रचनात्मक 2.विनाशी 3. संरक्षी
  10. ग्लोबल वार्मिंग किसे कहते हैं
    ग्रीन हाउस गैसों के कारण विश्व के औसत तापमान में वृद्धि हो रही है इसे ग्लोबल वार्मिंग कहते हैं 
  11. जैवमण्डल किसे कहते हैं
    जलमंडल, थलमंडल व वायुमंडल का वह भाग जिसमें जीवन पाया जाता है जैवमण्डल कहलाता है 
  12. आन्तरिक शक्तियां जब भूगर्भ के लम्बवत कार्य करती है तो क्या होता है
    भूमि के कुछ भाग ऊपर उठ जाते हैं व कुछ भाग नीचे दब जाते हैं जिससे महाद्वीप, द्वीप, पठार व समुद्र बनते हैं 
  13. आन्तरिक शक्तियां जब भूगर्भ के क्षैतिज कार्य करती है तो क्या होता है
    भूगर्भ में तंरगे उत्पन्न होती है जिससे धरातल पर वलन, भ्रंशन व चटकन पैदा होती है तथा घाटी व पर्वत बनते हैं
  14. आन्तरिक विवर्तनिक शक्तियों की उत्पत्ति कैसे हुई
    पृथ्वी की सतह के अन्दर ताप से चट्टानो के संकुचन व फैलाव तथा मैग्मा स्थानांतरण के कारण आंतरिक विवर्तनिक शक्तियों की उत्पत्ति हुई
  15. अपक्षयण शक्तियो का कृषि में महत्त्व लिखिए(2020)
    1.अपक्षयण शक्तियों से मृदा निर्माण होता है
    2. अपक्षयण शक्तियों से मैदानो का निर्माण होता है
    3.अपक्षयण के कारण कई प्रकार के रसायन चट्टानों से बाहर आते हैं
  16. अपक्षयण में सहायक कारकों(शक्तियों) के नाम लिखिए
    1.भौतिक कारक- सूर्य की गर्मी, वर्षा, पाला व वायु
    3.रासायनिक कारक- ऑक्सीकरण, कार्बोनेटीकरण, जलयोजन
    3.जैविक कारक- पेड़-पौधे, जीव-जंतु व मानव
  17. ग्लोबल वार्मिंग के दो प्रभाव लिखिए 
    1.ग्लोबल वार्मिंग के कारण हिमनद ज्यादा तङ रहे हैं अतः हिमनदों का आकार सिकुड़ने लगा है
    2.ग्लोबल वार्मिंग के कारण समुद्र का जलस्तर बढ़ रहा है जिससे समुद्र तट पर बसे शहरों के जल में डूबने का खतरा उत्पन्न हो गया है
  18. समुद्री धाराएं क्या है 
    समुद्री धाराएं समुद्र में बहने वाली नदी है जिनमें एक निश्चित दिशा में जल निरंतर बहता है समुद्री जलधाराएं दो प्रकार की होती है ठंडी जलधारा और गर्म जलधारा। जिस स्थान पर ठंडी व गर्म जलधाराएं मिलती है वहां हरिकेन  व टाइफून जैसे तूफान उत्पन्न होते हैं
  19. अपरदन किसे कहते हैं अपरदनकारी शक्तियों के नाम लिखिए  
    वायु,जल व बर्फ जब बहते है तो ये रास्ते में आने वाली टूटी हुई चट्टानो तथा चट्टानों को तोङकर एक स्थान से दूसरे स्थान पर पर ले जाते है इसे ही अपरदन  कहते है
    अपरदन की तशक्तियां -
    1.बहती वायु की शक्ति
    2.बहते पानी की शक्ति
    3.हिमनद
  20. पृथ्वी की आन्तरिक संरचना का सचित्र वर्णन कीजिए
    (i) भूपर्पटी- यह पृथ्वी की सबसे ऊपरी परत है  जिसे पृथ्वी की त्वचा भी कहते है इसकी मोटाई सब जगह समान नहीं है यह स्लथलमण्डल व जलमण्डल में बंटी हुई है इसका 70% भाग जल से ढका है व शेष 30% भाग स्थल है भूपर्पटी विशाल चट्टान खण्डो से बनी होती है जिन्हें विवर्तनिक प्लेटे कहते हैं ये प्लेटे धीरे-धीरे खिसक रही है
    (ii) मेंटल- पृथ्वी की दूसरी परत मेंटल कहलाती है यह पृथ्वी की सबसे मोटी परत है जो पिघली हुई चट्टानो से बनी है इसकी मौटाई 2900 किमी. तक है। इस परत में लोहे तथा मैग्नीशियम की प्रचुर मात्रा पाई जाती है
    (iii) क्रोड- यह पृथ्वी का सबसे आंतरिक भाग है। जो मेंटल के नीचे पृथ्वी के केन्द्र तक पाया जाता है। यहां लगभग सात हजार डिग्री सेंटीग्रेड तापमान पाया जाता है इसकी गहराई 2900 किमी. से 6371 किमी. तक है यह सबसे गर्म व सघन भाग है पृथ्वी के चुंबकत्व का कारण क्रोड ही है क्रोड दो भागों में बंटा है आंतरिक क्रोड जो ठोस है तथा शुद्ध लौह का बना हुआ है बाहरी क्रोड जो तरल है तथा  लौहा व निकिल का बना है
     
  21. विवर्तनिक शक्तियां किसे कहते हैं इसके प्रकारो का संक्षिप्त वर्णन करो  या पृथ्वी के ऊर्जा तंत्र को समझाइए
    पृथ्वी की सतह को लगातार बदलने का कार्य करने वाली शक्तियां विवर्तनिक शक्तियां कहलाती है ये दो प्रकार की होती है
    (अ) आन्तरिक विवर्तनिक शक्तियां- पृथ्वी की सतह के अन्दर ताप से चट्टानो के संकुचन व फैलाव तथा मैग्मा स्थानांतरण के कारण उत्पन्न शक्तियां आन्तरिक विवर्तनिक शक्तियां कहलाती है जैसे ज्वालामुखी  व भूकम्प । आंतरिक  विवर्तनिक शक्तियां  सर्जनात्मक प्राकृतिक बल के रूप में कार्य करती है जब आंतरिक विवर्तनिक शक्तियांं भूगर्भ के लंबवत कार्य करती हैै तो सतह पर महाद्वीप, पठार, मैदान, समुद्र आदि का निर्मााण होता हैै और जब आंतरिक विवर्तनिक शक्तियां भूगर्भ क्षैतिज कार्य करती है तो पर्वत व घाटी बनते हैं
    (ब) बाह्य विवर्तनिक शक्तियां- पृथ्वी की सतह के ऊपर कार्य करने वाली शक्तियां बाह्य विवर्तनिक कहलाती है बाह्य  विवर्तनिक शक्तियां विनाशक प्राकृतिक बल के रूप में कार्य करती है ये दो प्रकार की होती है
    1.अपक्षयण की शक्तियां- अपक्षयण शक्तियांं चट्टानोंं को तोड़़कर मिट्टी बनाती है चट्टानों का अपक्षय भौतिक, रासायनिक और जैविक कारकों द्वारा होता है सूर्य की गर्मी, वर्षा, पाला व वायु भौतिक रूप से चट्टानों को तोड़ते हैं रासायनिक रूप से चट्टानों का  अपक्षय ऑक्सीकरण, कार्बोनेटीकरण, विलेयीकरण आदि क्रियाओं के द्वारा होता है तथा पेड़़ पौधे, जीव जंतु और मानव जैसी  जैविक  शक्तियां भी चट्टानों के अपक्षय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है (2020)
    2.अपरदन की शक्तियां- बहता जल, बहती हवा व हिमनद आदि अपरदनकारी शक्तियां टूटी हुई चट्टानों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने का कार्य करती है अपरदन की शक्तियां चट्टानों के परिवहन के साथ-साथ अपक्षयण का कार्य भी करती है
  22.  निम्नलिखित विवर्तनिक शक्तियो का वर्णन कीजिए
    (i) ज्वालामुखी- पृथ्वी के अन्दर पिघली हुई चट्टानो (मैग्मा) के भूपटल को फोङकर धुआँ, राख, वाष्प व गैसों के रूप में बाहर निकलने की क्रिया ज्वालामुखी क्रिया कहलाती है तथा बाहर निकला पदार्थ लावा कहलाता है यह लावा बहार निकल कर फैलने लगता है ज्वालामुखी के मुख से  ज्वालाएं निकलने के कारण इसे  ज्वालामुखी कहते हैं ज्वालामुखी के कारण जान माल की  अपार हानि होती है ज्वालामुखी से विनाश के साथ लाभ भी होता है जैसे उपजाऊ मिट्टी बनती हैं कीमती धातुएँ व कीमती रसायन जैसे गंधक, बोरिक अम्ल आदि लावा के साथ बाहर आ जाते है तथा  गर्म पानी के झरने बनते हैं
    (ii)भूकम्प- आन्तरिक विवर्तनिक शक्तियों के कारण धरातल के किसी भाग में उत्पन्न होने वाला आकस्मिक कम्पन भूकंप कहलाता हैं भूगर्भ में स्थित जिस स्थान से कम्पन प्रारम्भ होता है उसे अधिकेेेन्द्र (एपीसेन्टर) कहते है एपीसेंटर से तरंगे जब चारों ओर फैल कर भूमि की सतह पर पहुंचती है तो भूूूसतह पर कंपन उत्पन्न होता है तथा भूकंप आता है भूकंप का मापन भूकम्पमापी से करते हैं तथा भूकम्प की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर मापी जाती है प्लेट विवर्तनिकी सिद्धांत से भूकम्प की व्याख्या की जाती है  भूकंप की तीव्रता भूगर्भीय हलचल की तीव्रता तथा एपीसेंटर से दूरी पर निर्भर करती है भूकम्प की उत्पत्ति पृथ्वी के अन्दर की बनावट में उत्पन्न असन्तुलन के कारण होती है यह असन्तुलन प्राकृतिक या मानवीय कारको द्वारा उत्पन्न होता है जब विवर्तनिक प्लेटें आपस में टकराती है तो अधिक तीव्रता वाले विनाशकारी भूकंप आते हैं
    (iii) सुनामी- समुद्र में आए तीव्र भूकम्प (7ईकाई से अधिक) के कारण उत्पन्न उच्च ऊर्जा वाली लहरे समुद्र तट से टकराकर भारी विनाश लाती है जिन्हे सुनामी कहते हैं सुनामी जापानी भाषा का शब्द है इसका अर्थ होता है "भूकंपीय सागरीय लहरें"। सुनामी का प्रमुख कारण सागर तल में आया 7 इकाई से अधिक का भूकंप है सुनामी तटीय क्षेत्रों में भारी नुकसान पहुंचाती है सुनामी के साथ बहकर आया मलबा भवनो,मकानों व जानवरों को भारी नुकसान पहुंचाता है जन-धन की अपार हानि होती है  सुनामी के कारण तटीय क्षेत्र पूरी तरह बर्बाद हो जाते हैं ऐसा माना जाता है कि गुजरात का धोलावीरा बंदरगाह सुनामी के कारण ही भूमि में दब गया
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16.ब्रह्मांड एवं जैव विकास

  1. 'डिस्कवरी ऑफ इण्डिया' पुस्तक के लेखक कौन थे
    प. जवाहर लाल नेहरू 
  2. "दी ऑरिजन ऑफ स्पीशीज़"11 पुस्तक किसने लिखी
    चार्ल्स डार्विन 
  3. जीव की उत्पत्ति में ईश्वर की भूमिका न करने वाले वैज्ञानिक कौन थे
    चार्ल्स डार्विन
  4. ऋग्वेद के किस सुक्त में ब्रह्मांड की उत्पत्ति के बारे में उल्लेख है
    नासदीय सूक्त में
  5. उत्परिवर्तनवाद का सिद्धांत (नव डार्विनवाद) किसने दिया 
    ह्यूगो डी ब्रीज ने
  6. विकासवाद का सिद्धांत किसने दिया 
    चार्ल्स डार्विन ने
  7. आर्कियोप्टेरिक्स का जीवाश्म किस रूप में मिला है
    आर्कियोप्टेरिक्स का जीवाशम चित्र रूप में मिला है
  8. जाति किसे कहते हैं 
    पीढी दर पीढी अपने स्वरूप को बनाए रखने में सक्षम जीवो के समूह को जाति कहा जाता है
  9. उत्परिवर्तन किसे कहते हैं
    जीवों में अकस्मात होने वाले वंशानुगत परिवर्तन उत्परिवर्तन कहलाते हैं
  10. कल्प से क्या अभिप्राय है
    सृष्टि के कुछ समय सूक्ष्म रुप में रहकर फिर प्रकट होने के समय को एक कल्प कहते हैं
  11. ब्रह्माण्ड विज्ञान किसे कहते हैं
    ब्रह्माण्ड से संबंधित अध्ययन को ब्रह्माण्ड विज्ञान कहते हैं
  12. जीवाश्मों की आयु ज्ञात करने की विधियों के नाम लिखिए
    1.रेडियो कार्बन डेटिंग
    2.खुदाई की गहराई (सापेक्ष)
  13. जैव विकास से क्या अभिप्राय है
    सरल जीवों से जटिल जीवों का क्रमिक विकास जैव विकास कहलाता है
  14. जीवाश्म किसे कहते हैं दो जीवाश्मों के नाम लिखिए
    प्राचीन जीवों के भूमि में दबे हुए परिरक्षित  अवशेष  जीवाश्म कहलाते हैं आर्कियोप्टेरिक्स  व डायनासौर
  15. ब्रह्माण्ड किसे कहते हैं
    आकाश में दिखाई देने वाले ग्रहों, असंख्य तारों व अन्य खगोलीय पिण्डो के समूह को ब्रह्माण्ड कहते हैं
  16. अवशेषी अंग किसे कहते हैं मानव के अवशेषी अंगो के नाम लिखिए
    जीवो के शरीर में पाए जाने वाले अंग जिनका कोई उपयोग नहीं होता है अवशेषी अंग कहलाते हैं जैसे अक्ल दाढ, अपेन्डिक्स, पुच्छ कशेरूक, निमेषक पटल, कर्ण पल्लव की पेेशियाँ 
  17. जातिवृत से क्या अभिप्राय है उदाहरण सहित समझाइए
    प्रत्येक जाति का विकास पूर्ववर्ती जाति से हुआ है अतः प्रत्येक जाति के विकसित होने का होने का अपना एक इतिहास होता है जिसे जातिवृत कहते है DNA विशलेषण द्वारा जाति का इतिहास जाना जा सकता है 
  18. जीव की उत्पत्ति के संबंध में ओपेरिन की अवधारणा समझाइए
    ओपेरिन ने निर्जीव पदार्थों से जीवन की उत्पत्ति का सिद्धांत दिया। इस सिद्धांत के अनुसार प्रथम जीव की उत्पत्ति निर्जीव पदार्थों से हुई है ओपेरिन के अनुसार सजीव व निर्जीव में कोई मूलभूत अंतर नहीं होता है तथा रासायनिक पदार्थों के जटिल संयोजन से ही जीवन का विकास हुआ है अतः पृथ्वी के प्रारंभिक वायुमंडल में उपस्थित मीथेन, अमोनिया, हाइड्रोजन तथा जलवाष्प के संयोग से जटिल कार्बनिक यौगिकों का निर्माण हुआ इन जटिल कार्बनिक यौगिकों न ही जीवन की नींव रखी।
  19. बिग बैंग सिद्धान्त का वर्णन कीजिए
    इस सिद्धांत का प्रतिपादन जॉर्ज लैमित्रे ने किया। यह ब्रह्माण्ड की उत्पत्ति की सर्वमान्य अवधारणा है इस सिद्धांत के अनुसार ब्रह्माण्ड की उत्पत्ति 13.8 अरब वर्ष पूर्व एक अत्यंत सघन व गर्म पिण्ड में महाविस्फोट के कारण हुई है इस महाविस्फोट के कारण ब्रह्माण्ड के भाग अभी भी फैलते हुए एक दूसरे से दूर जा रहे है विस्फोट के बाद हुए विस्तार के कारण ब्रह्माण्ड ठण्डा हुआ और उप-परमाणवीय कणों की उत्पत्ति हुई जिन से सरल परमाणु बने और परमाणु से प्रारम्भिक तत्व हाइड्रोजन, हीलियम व लिथियम के विशाल बादल बने। ये बादल गुरुत्व बल के कारण संघनित होकर तारो व आकाश गंगाओं मे बदल गए 
  20. जैव केन्द्रिकता के सिद्धांत का वर्णन कीजिए
    इस सिद्धांत का प्रतिपादन राबर्ट लान्जा व बोब बर्मन ने किया इस सिद्धांत में दर्शन शास्त्र व भौतिक शास्त्र के सिद्धांतों को सम्मिलित किया गया है इस सिद्धांत के अनुसार जीवन के सृजन व विकास के लिए ही विश्व की रचना हुई है अतः विश्व का अस्तित्व जीवन के कारण ही है तथा चेतना के द्वारा ही विश्व के स्वरूप को समझा जा सकता है जैवकेन्द्रिकता सिद्धांत के अनुसार आइन्सटीन की स्थान व समय की अवधारणा का कोई भौतिक अस्तित्व नहीं है अपितु ये सब चेतना की ही अनुभूतियाँ है चेतना को केन्द्र में रखकर भौतिकी की कई अबूझ पहेलियों को समझा जा सकता है यह सिद्धांत मानता है कि प्रकृति की प्रत्येक घटना पूर्व नियोजित व मानव हित में घटित होती है जैसे अरबों वर्ष पहले हुआ उल्कापात मानव हित में ही हुआ जिससे डायनोसौर नष्ट हुए और अन्य स्तनधारियों का तेजी से विकास हुआ
  21. सृष्टि की उत्पत्ति की भारतीय अवधारणा को स्पष्ट कीजिए
    भारतीय संस्कृति में वैदिक काल से ब्रह्माण्ड की उत्पत्ति का अध्ययन किया जा रहा है ॠग्वेद के नासदीय सूक्त में ब्रह्माण्ड की उत्पत्ति के पूर्व की स्थिति का वर्णन किया गया है मैक्स मूलर ने इस सूक्त को 'उत्पत्ति का गीत' कहा है प्रसिद्ध धारावाहिक "भारत एक खोज" में इस सूक्त को शीर्षक गीत के रूप में  गया गया है इस सूक्त के अनुसार प्रलयकाल में पंच-महाभूत सृष्टि का अस्तित्व नहीं था और न ही असत् का अस्तित्व था। उस समय भूलोक, अंतरिक्ष तथा अन्तरिक्ष से परे अन्य लोक नहीं थे। सबको आच्छादित करने वाला (ब्रह्मांड) भी नहीं था। किसका स्थान कहाँ था? अगाध और गम्भीर जल का भी अस्तित्व कहाँ था?
    स्वामी विवेकानंद के अनुसार चेतना ने एक से अनेक होते हुए ब्रह्माण्ड का निर्माण किया है
    संसार में दिखाई देने वाले विभिन्न जीव व पदार्थ इस चेतना के ही रूप है स्वामी विवेकानंद के अनुसार सृष्टि की उत्पत्ति और विकास कैसे हुआ इस प्रश्न का उत्तर कई बार दिया जा चुका है और अभी कई बार और दिया जाएगा
  22. जीव की उत्पत्ति संबंध में मिलर के प्रयोग को समझाइए
    स्टैनले मिलर ने जीव की उत्पत्ति के भौतिक सिद्धांत को समझाने के लिए अमोनिया, मिथेन, हाइड्रोजन व जलवाष्प से अमीनो अम्ल के संश्लेषण को प्रयोग द्वारा समझाया मिलर ने एक बङे फ्लास्क में मिथेन, अमोनिया व हाइड्रोजन को 2:1:2 के अनुपात में भरकर इसे एक तरफ संघनक से तथा दूसरी तरफ छोटे फ्लास्क  से जोड़ दिया। छोटे फ्लास्क में पानी भरकर उबालने का प्रबंध किया ताकि जलवाष्प पूरे  उपकरण में घूमती रहे । बड़े फ्लास्क में एक सप्ताह तक विद्युत विसर्जन के बाद इन गैसों का संघनन कर विश्लेषण किया गया तो संघनित द्रव में अमीनो अम्ल व अन्य जटिल कार्बनिक  पदार्थ पाए गए
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17. पृथ्वी के बाहर जीवन की खोज

  1. भारत का प्रथम स्वदेशी राकेट कौन सा था ?
    रोहिणी -75 
  2. भारत का प्रथम उपग्रह कौन सा था?
    आर्यभट्ट  
  3. विश्व का प्रथम अंतरिक्ष यात्री कौन था ?(2019)
    यूरी गागरिन 
  4. हमारी आकाश गंगा का क्या नाम है ?
    दुग्ध मेखला
  5. यूरोपा व टाइटन किन ग्रहों के उपग्रह है 
    यूरोपा बृहस्पति का तथा टाइटन शनि का उपग्रह है
  6. भारत सूर्य पर कौन सा अंतरिक्षयान भेजने की तैयारी कर रहा है 
    आदित्य अंतरिक्षयान
  7. अंतरिक्ष में फुसफुसाहट सुनने के लिए किस यंत्र का प्रयोग किया जाता है ?
    रेडियो दूर संवेदी यंत्र का
  8. अंतरिक्ष में भारहीनता से बचने के लिए किसका सहारा लिया जाता है ?
    व्यायाम का (ट्रेडमिल उपकरण से)
  9. इसरो का पूरा नाम लिखिए
    भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान (1969)
  10. विश्व का प्रथम मानव निर्मित उपग्रह कौन सा था ?
    स्पूतनिक-1 (सोवियत संघ द्वारा भेजा गया)
  11. एलियन क्या है ?
    पृथ्वी के बाहर के जीव को एलियन कहते हैं
  12. भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी का नाम लिखिए
    इसरो (
    भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान, बेंगलुरु)
  13. पायनियर-10 अंतरिक्ष यान कब छोड़ा गया ?
    1972 में (सौरमंडल से बाहर जाने वाला पहला अंतरिक्ष यान)
  14. SLV व PSLV का पूरा नाम लिखिए
    SLV- Satellite Launch Vehicle   उपग्रह प्रक्षेपण वाहन
     PSLV-Polar Satellite Launch Vehicle ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण वाहन
  15. क्षुद्रग्रह क्या है ?
    मंगल व बृहस्पति ग्रह के बीच में लाखों की संख्या में छोटे-छोटे पिंड पाए जाते हैं   जिन्हें  क्षुद्रग्रह कहते हैं
  16. खगोल शास्त्र किसे कहते हैं ?
    पृथ्वी और उसके वायुमंडल के बाहर अंतरिक्ष में  घटित होने वाली घटनाओं का अध्ययन करना खगोलशास्त्र कहलाता है
  17. अंतरिक्ष में दुर्घटना उत्पन्न करने वाला कचरा कौन-कौन सा है ?
    काम आ चुके राकेट एवं उनके टुकड़े, निष्क्रिय कृत्रिम उपग्रह ,उपग्रह को नष्ट करने हेतु छोड़े गए हथियार तथा प्राकृतिक सूक्ष्म उल्का पिंड आदि
  18. रूस ,चीन ,अमेरिका व यूरोपीय संघ के अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्रों के नाम लिखिए 
    रूस---- रोसकोसमोस
    अमेरिका -‌‌---नासा
    चीन --राष्ट्रीय अंतरिक्ष प्राधिकरण
    यूरोपीय संघ --यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी
  19. 'अंतरिक्ष में निजी प्रयास' पर टिप्पणी लिखिए
    1.मून एक्सप्रेस नामक एक निजी कंपनी पृथ्वी से चांद पर पहुंचने वाली सेवा प्रारंभ कर रही है 
    2.गूगल ने अंतरिक्ष कार्यक्रम को प्रोत्साहित करने के लिए लूनर X पुरस्कार की घोषणा की है
    3.मार्स-1 नामक एक निजी संगठन मंगल पर बसने हेतु लोगों की एक तरफा यात्रा की तैयारी कर रहा है
  20. गैअन परिकल्पना क्या है
    किसी पिण्ड पर जीवन उत्पन्न के बाद ,जीवन ग्रह के भौतिक वातावरण के साथ पुर्नभरण संवाद करने लगता है। यह संवाद सकारात्मक या नकारात्मक हो सकता है। सामान्यतः यह नकारात्मक होता है और जीवन प्रारम्भिक अवस्था में ही नष्ट हो जाता है। जहाँ जीवन का अपने वातावरण से सकारात्मक पुर्नभरण संवाद स्थापित हो पाता है वहां ही जीवन का आगे विकास होता है। जैसा कि पृथ्वी पर हुआ। इस सकारात्मक पुर्नभरण संवाद को वैज्ञानिक जेम्स लवलोक व लिन मार्गुलिस (1974) ने गैअन (धरती माता) परिकल्पना नाम दिया है।इसे धर्म आधारित परिकल्पना माना गया है
  21. कृत्रिम उपग्रहों के महत्व को समझाइए
    1.विश्व की संपूर्ण संचार व्यवस्था पूर्णत: कृत्रिम उपग्रहों पर आधारित है
    2.कृत्रिम उपग्रहों की सहायता से अन्तरिक्ष अनुसंधान कार्य को गति मिली है
    3.कृत्रिम उपग्रहों से वायुमंडल के बारे में जानकारी मिलती है
    4.कृत्रिम उपग्रहों की सहायता से मौसम सम्बन्धी जानकारी प्राप्त होती है
    5.कृत्रिम उपग्रह सैन्य कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं
  22. अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन क्या है  समझाइए (2020 अपने विचार )
    अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पृथ्वी की निचली कक्षा में स्थापित उपग्रह है जो पृथ्वी से 330 से 435 किलोमीटर दूर स्थित है यह पृथ्वी की कक्षा में उपस्थित सबसे बड़ी कृत्रिम संरचना है यह 1 दिन में पृथ्वी के 15 से अधिक चक्कर लगा लेता है अंतरिक्ष स्टेशन पर ऊर्जा उत्पादन के लिए सौर पैनल लगे हैं इसके कमरों में वायुमंडलीय दाब पर हवा भरी है जिससे अंतरिक्ष यात्री बिना अंतरिक्ष सूट पहने आराम से वहां रहकर कार्य कर सकता है अंतरिक्ष स्टेशन स्थापना में जापान, कनाडा ,रूस, अमेरिका व यूरोपियन स्पेस एजेंसी की भागीदारी है यहां सरकार द्वारा चयनित लोग ही जाते हैं भारतीय मूल की अमेरिकी नागरिक सुनीता विलियम्स भी अंतरिक्ष स्टेशन में कार्य कर चुकी है अंतरिक्ष स्टेशन में कार्य करने वाले यात्रियों के लिए भोजन प्लास्टिक की थैलियों में पैक कर भेजा जाता है पेय पदार्थों को स्ट्रा की सहायता से मुंह में खींचा जाता है भारहीनता से बचने के लिए अंतरिक्ष यात्री ट्रेडमिल जैसे उपकरण से व्यायाम करते हैं
  23. विश्व अंतरिक्ष अभियान में भारत का महत्व समझाइए
    1.भारत में अंतरिक्ष अनुसंधान का कार्य 1948 में अहमदाबाद में भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला के रूप में शुरू हुआ
    2.1962 में डॉ विक्रम साराभाई के नेतृत्व में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान समिति का गठन किया गया इसने थुंबा (केरल) में 'थुंबा रॉकेट प्रक्षेपण  स्टेशन' की स्थापना कर अंतरिक्ष अनुसंधान कार्य प्रारंभ किया
    3.भारत ने 1969 में अपना पहला रॉकेट रोहिणी-75 छोड़ा
    4.1969 में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान समिति को  भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान (इसरो) में बदल दिया गया
    5.भारत ने 1975 में रूसी राकेट की सहायता से अपना पहला उपग्रह आर्यभट्ट अंतरिक्ष में भेजा और अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में विश्व में ग्यारहवें स्थान पर आ गया
    6.भारत ने 1979 में स्वयं के राकेट से अंतरिक्ष यान भेजने के लिए उपग्रह प्रक्षेपण यान-3(एसएलवी-3) तैयार किया
    7.1981 में भारत ने अपना पहला संचार उपग्रह एप्पल अंतरिक्ष में भेजा।
    8.भारत की एक बड़ी सफलता शक्तिशाली रॉकेट ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण वाहन (PSLV) के विकास के रूप में हुई। सर्वाधिक विश्वसनीयता के कारण यह सभी देशों के लिए पसंदीदा वाहन बन गया
    9.भारत  ने 2008 में चंद्रयान प्रथम चंद्रमा की सतह पर भेजकर वहां भारत का झंडा गाड़ने व चंद्रमा पर जल खोजने में सफलता प्राप्त की
    10.भारत ने 2014 में प्रथम प्रयास में मंगल की कक्षा में मंगलयान को स्थापित किया तथा 2016 में भारत ने एक साथ 20 उपग्रह अंतरिक्ष में भेजकर विश्व में नया रिकॉर्ड स्थापित किया


18. भारतीय वैज्ञानिक जीवन परिचय एवं उपलब्धियां

  1. भारतीय परमाणु विज्ञान के पिता किसे कहा गया है
    डॉ होमी जहांगीर भाभा
  2. भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC) कहां है
    ट्रांबे (मुंबई )
  3. डॉक्टर भाभा के निर्देशन में किन परमाणु भट्टीयो की स्थापना हुई
    अप्सरा ,सायरस व जरलीना
  4. देश के पहले परमाणु बिजली घर का निर्माण कहां किया गया   (2020)
    तारापुरा (1963)
  5. किस पुस्तक में शल्य चिकित्सा का विस्तृत वर्णन मिलता है
    सुश्रुत द्वारा रचित सुश्रुत संहिता
  6. सुश्रुत किसके वंशज थे
    विश्वामित्र के
  7. आयुर्वेद चिकित्सा के महान आचार्य कौन थे
    चरक
  8. शल्य चिकित्सा का महानतम चिकित्सक किसे कहा जाता है
    सुश्रुत को
  9. प्लास्टिक सर्जरी का पिता किसे कहा जाता है
    सुश्रुत को
  10. चरक के अनुसार शरीर के तीन दोष कौन से है
    पित्त, कफ व वात
  11. संस्कृत भाषा का प्राचीनतम ग्रंथ चरक संहिता किसने लिखा (2019)
    चरक ने
  12. पाचन उपापचय व शरीर प्रतिरक्षा की अवधारणा सर्वप्रथम किसने दी
    चरक
  13. विज्ञान दिवस (28 फरवरी) किस वैज्ञानिक के सम्मान में मनाया जाता है
    सी वी रमन
  14. चरक के अनुसार बच्चों में अनुवांशिक दोष क्यों उत्पन्न होते हैं
    उनके माता-पिता में किसी अभाव या त्रुटि के कारण
  15. द फॉल ऑफ स्पैरो किसकी आत्मकथा है
    डॉ. सलीम अली की
  16. सलीम अली सेंटर फॉर ऑर्निथोलोजी नेचुरल हिस्ट्री (SACON) कहां है
    कोयंबतूर
  17. भारत के प्रसिद्ध पक्षी वैज्ञानिक कौन थे
    डॉ. सलीम अली
  18. भारत के बर्डमेन के नाम से किस वैज्ञानिक को जाना जाता है
    डॉ. सलीम अली
  19. डॉक्टर सलीम अली ने किस उद्यान के निर्माण पर जोर दिया
    केवलादेव नेशनल पार्क, भरतपुर
  20. बंगाल कैमिकल एण्ड फ़ार्मास्युटिकल वर्क की स्थापना किसने की
    प्रफुल्लचन्द राय
  21. भारत का पहला राकेट कौन सा था
    नाइके अपाचे
  22. डॉ एपीजे अब्दुल कलाम का पूरा नाम लिखिए
    डॉ अबुल पाकिर जैनुअल आबदीन अब्दुल कलाम
  23. किस वैज्ञानिक को मिसाइल मैन ऑफ इंडिया कहा जाता है
    डॉ एपीजे अब्दुल कलाम
  24. डाॅ हाॅमी जहांगीर भाभा ने किन क्षेत्रो मे विशेष अनुसंधान किया
    कॉस्मिक किरणें व परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में
  25. विज्ञान दिवस कब मनाया जाता है (2020)
    28 फरवरी को (सी वी रमन व रमन प्रभाव की खोज की उपलक्ष)
  26. चरक का नाम चरक क्यों पड़ा
    चरक शब्द का अर्थ है चलना ! चरक पीड़ित जनता का इलाज करने व उन्हें शिक्षा देने दूर-दूर तक पैदल जाते थे इसलिए उनका नाम चरक पड़ा
  27. कॉस्मिक किरणें क्या है 
    कॉस्मिक किरणें वे सूक्ष्म कण है जो बाह्य अंतरिक्ष से वायुमंडल में आते हैं तथा वायु से क्रिया करके इलेक्ट्रॉन जैसे कणो का फुव्वारा बनाते है इन कणों को सोन कण कहते हैं
  28. चरक ने चिकित्सको को क्या सलाह दी
    चिकित्सको को रोगी से किसी प्रकार की शत्रुता नही रखनी चाहिए
    रोगी की घर की बातों को बहार नहीं बतानी चाहिए
    चिकित्सक को सदैव ज्ञान की खोज में तत्पर रहना चाहिए
  29. रमन प्रभाव क्या है इसका महत्व लिखिए  (2020)
    जब प्रकाश किसी पारदर्शी माध्यम में से गुजरता है तो प्रकाश व माध्यम के बीच अंतःक्रिया होती है और प्रकाश का प्रकीर्णन हो जाता है इसे रमन प्रभाव कहते हैं रमन प्रभाव द्वारा समुद्र व आकाश के नीले रंग की व्याख्या की जा सकती है
  30. डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का जीवन परिचय व उपलब्धियां बताइए
    डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का जन्म धनुषकोडी (तमिलनाडु) में 15 अक्टूबर 1931 को हुआ इनके पिता का नाम जैनुल आबदीन व माता का का नाम आसियम्मा था
    डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने सोलोमन के गुरु मंत्र को अपने जीवन का आधार बनाया जिसके अनुसार जीवन में सफलता पाने के लिए तीन बातों का ध्यान रखना जरूरी है इच्छाशक्ति, आस्था व उम्मीद
    सर्वप्रथम डाॅ कलाम रक्षा अनुसंधान एवं विज्ञान संगठन में हावर क्राफ्ट परियोजना पर काम करने के लिए नियुक्त किए गए
    कलाम ने नासा से रॉकेट प्रक्षेपण तकनीकी का ज्ञान प्राप्त कर भारत का पहला रॉकेट नाइके अपाचे छोड़ा इसके बाद कलाम को SLV परियोजना का प्रबंधक बनाया डॉ कलाम के नेतृत्व में ही SLV-3 द्वारा रोहिणी उपग्रह को सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किया गया
    डॉ कलाम ने समन्वित निर्देशित मिसाइल कार्यक्रम 1983 के तहत पृथ्वी, अग्नि, त्रिशूल, नाग व आकाश नामक मिसाइलों का विकास एवं प्रक्षेपण किया
    1998 में पोकरण में किए गए परमाणु परीक्षण का नेतृत्व भी डाॅ कलाम ने ही किया
    डॉक्टर कलाम 2002 से 2007 तक भारत के राष्ट्रपति रहे भारत सरकार ने इन्हें पदम भूषण, पदम विभूषण तथा भारत रत्न से सम्मानित किया
  31. आचार्य सुश्रुत के जीवन परिचय व उपलब्ध का वर्णन कीजिए।
    आचार्य सुश्रुत का जन्म 600 ईसा पूर्व काशी में हुआ था।.
    सुश्रुत संहिता में सुश्रुत को विश्वामित्र के वंशज माना गया है आचार्य सुश्रुत काशी नरेश धन्वंतरी के शिष्य थे
    सुश्रुत ने संसार को सबसे पहले शल्य क्रिया का ज्ञान कराया इसलिए सुश्रुत को शल्य चिकित्सा का जनक कहा जाता है
    सुश्रुत को ‘प्लास्टिक सर्जरी’ का जनक कहा जाता है.
    आचार्य सुश्रुत द्वारा रचित "सुश्रुत संहिता" में शल्य चिकित्सा के विभिन्न पहलुओं को विस्तार से समझाया गया है। "सुश्रुत संहिता" में शल्य क्रिया में प्रयुक्त 101 यंत्रों की जानकारी दी गई है
    मानव शारीर की अंदरूनी रचना को समझाने के लिए सुश्रुत शव के ऊपर शल्य क्रिया करके अपने शिष्यों को समझाते थे।
    शल्य क्रिया के दौरान होने वाले दर्द को कम करने के लिए वे मद्यपान या विशेष औषधियां देते थे। यह क्रिया संज्ञाहरण (Anaesthesia) कहलाती है
    सुश्रुत शल्‍य क्रिया करने से पहले उपकरणों को गर्म करते थे, जिससे उपकरणों में लगे कीटाणु नष्‍ट हो जाएँ और रोगी को आपूति दोष न हो।
    सुश्रुत ने रक्त का थक्का जमने से रोकने के लिए विषहीन जोंको का प्रयोग किया
    सुश्रुत टूटी हड्डियों के जोड़ने, मूत्र नलिका में पाई जाने वाली पथरी निकालने, शल्‍य क्रिया द्वारा प्रसव कराने एवं मोतियाबिंद की शल्‍य-चिकित्‍सा में भी दक्ष थे।
  32. महर्षि चरक का जीवन परिचय एवं उपलब्धियां बताइए

    चरक का शाब्दिक अर्थ है ” चलाना”।  चरक पीङित जनता का ईलाज करने व उनको शिक्षा देने के लिए दूर दूर तक पैदल यात्रा करते थे । इसी कारण इनका नाम चरक पड़ा।
    महर्षि चरक द्वारा लिखित "चरक संहिता" संस्कृत भाषा का सबसे प्राचीन ग्रन्थ है ।
    महर्षि चरक को औषधि विज्ञान का पिता माना जाता है
    चरक ऐसे पहले चिकित्सक थे जिन्होंने पाचन, उयापचय और शरीर प्रतिरक्षा की अवधारणा दी थी. उन्‍होंने बताया कि शरीर में तीन स्‍थायी दोष पाए जाते हैं, जिन्‍हें पित्‍त, कफ और वात के नाम से जाना जाता है। ये तीनों दोष शरीर में जब तक संतुलित अवस्‍था में रहते हैं, व्‍यक्ति स्‍वस्‍थ रहता है। लेकिन जैसे ही इनका संतुलन बिगड़ जाता है, व्‍यक्ति बीमार हो जाता है।
    चरक के अनुसार चिकित्सको को रोगी से किसी प्रकार की शत्रुता नही रखनी चाहिए, रोगी की घर की बातों को बहार नहीं बतानी चाहिए और चिकित्सक को सदैव ज्ञान की खोज में तत्पर रहना चाहिए
    चरक के अनुसार बच्चों में अनुवांशिक दोष उनके माता-पिता में किसी अभाव या त्रुटि के कारण उत्पन्न होते हैं
  33. सी.वी. रमन का जीवन परिचय एवं उपलब्धियां बताइए

    चंद्रशेखर वेंकट रमन का जन्म  तमिलनाडु  के  तिरुचिरापल्ली शहर में 7 नवम्बर 1888 को हुआ था। उनके पिता का नाम चंद्रशेखर अय्यर व माता का नाम पार्वती अम्मा था
    वर्ष 1930 में रमन प्रभाव की खोज के लिए उन्हे नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
    1954 में भारत सरकार ने उन्हें देश का सर्वोच्च सम्मान ‘भारत रत्न’ दिया।
    1957 में शांतिपूर्ण वैज्ञानिक कार्यो द्वारा विभिन्न राष्ट्रों के मध्य मैत्रीपूर्ण संबंध स्थापित करने के कारण उन्हें ‘लेनिन शांति पुरस्कार’ से सम्मानित किया।
    चंद्रशेखर वेंकट रमन ने 28 फ़रवरी 1928 को रमन प्रभाव की खोज की । इस महान खोज की याद में 28 फ़रवरी का दिन भारत में हर वर्ष ‘राष्ट्रीय विज्ञान दिवस’ के रूप में मनाया जाता है
  34. डॉक्टर होमी जहांगीर भाभा का जीवन परिचय एवं उनकी उपलब्धियां बताइए

    होमी जहाँगीर भाभा का जन्म मुम्बई के एक सम्पन्न पारसी परिवार में 30 अक्टूबर 1909 को हुआ था
    होमी जहांगीर भाभा न केवल वैज्ञानिक थे बल्कि कुशल प्रशासक, कलाप्रेमी व उच्च कोटि के चित्रकार भी थे
    होमी जहांगीर भाभा भारत के महान परमाणु वैज्ञानिक थे। उन्हे भारत के परमाणु उर्जा कार्यक्रम का जनक कहा जाता है।
    होमी जहांगीर भाभा ने 1945 में ‘टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ़ फंडामेंटल रिसर्च’ (TIFR) की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
    डॉ. होमी जहाँगीर भाभा की अध्यक्षता में 1948 को परमाणु ऊर्जा आयोग की स्थापना की गई
    डॉ. भाभा के निर्देशन में अप्सरा ,साइरस व जरलीना आदि परमाणु भट्टीयों की स्थापना हुई
    1954 मेें मुम्बई के पास ट्राम्बे में परमाणु शक्ति संस्थान की स्थापना की गई जिसे 1967 में होमी जहाँगीर भाभा के समान में भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC) में बदल दिया गया
    भारत के इस महान वैज्ञानिक का 24 जनवरी  1966 में एक विमान दुर्घटना में निधन हो गया
  35. डॉ. प्रफुल्लचंद्र राय का जीवन परिचय एवं उनकी उपलब्धियां बताइए
    डाॅ. प्रफुल्लचंद्र राय का जन्म बंगाल के खुलना जिले के ररूली कतिपरा नामक ग्राम में 2 अगस्त 1861 ई. को हुआ था
    डॉ. प्रफुल्लचंद्र राय रसायन विज्ञान के प्रथम भारतीय प्रवक्ता बने एवं भारत में रसायन उद्योग की नींव रखी।
    डॉ. प्रफुल्लचंद्र राय ने अपना अनुसंधान कार्य पारद के योगिको से शुरू किया तथा पारद नाइट्रेट का निर्माण किया
    डा. प्रफुल्लचंद्र राय ने "हिस्ट्री ऑफ हिन्दू केमिस्ट्री" (हिन्दू रसायन का इतिहास) नामक ग्रंथ लिखा
    इंग्लैंड से रसायन विज्ञान की उच्च परीक्षा पास कर लेने के पश्चात् प्रफुल्लचंद्र राय भारत में कलकत्ता के प्रेसीडेंसी कॉलेज में सहायक प्रोफेसर के पद पर कार्य किया
    डाॅ. प्रफुल्लचंद्र राय ने1906 ई. में  "बंगाल कैमिकल एण्ड फार्मास्युटिकल वर्क्स" नाम से कारखाना खोला |
    19 जून 1944 को भारत के महान वैज्ञानिक डॉ. प्रफुल्ल चंद्र राय का निधन हो गया
  36. डॉ. पंचानन माहेश्वरी का जीवन परिचय एवं उनकी उपलब्धियां बताइए

    डॉ .पंचानन माहेश्वरी सुप्रसिद्ध वनस्पति विज्ञानी थे। इनका जन्म 9 नवम्बर 1904 को जयपुर में हुआ था,
    डॉ .पंचानन माहेश्वरी 1948 में दिल्ली विश्वविद्यालय में वनस्पति विज्ञान के अध्यक्ष बने और तब से जीवनपर्यंत वहीं रहे।
    डॉ .पंचानन माहेश्वरी ने पादप भ्रूणविज्ञान एवं पादप आकारिकी पर विशेष कार्य किया। इन्होने भ्रूणविज्ञान व पादप क्रियाविज्ञान के सम्मिश्रण से एक नई शाखा का विकास किया।
    पंचानन माहेश्वरी को टिशु कल्चर प्रयोगशाला की स्थापना व टेस्ट ट्यूब कल्चर पर शोध के लिए लंदन की रॉयल सोसाइटी ने अपना फैलो बनाकर सम्मानित किया।
    डॉ. पंचानन माहेश्वरी ने फूलों के विभिन्न भागों की कृत्रिम पोषण द्वारा वृद्धि कराने में सफलता प्राप्त की
    18 मई 1966 को दिल्ली में डाॅ.पंचानन माहेश्वरी का निधन हो गया 
  37. डॉ. सलीम अली का जीवन परिचय एवं उनकी उपलब्धियां बताइए

  • सलीम अली  एक भारतीय पक्षी विज्ञानी और प्रकृतिवादी थे। उन्हें "भारत के बर्डमैन" के रूप में जाना जाता है,
  • सलीम अली का जन्म मुम्बई के एक सुलेमानी बोहरा मुस्लिम परिवार में 12 नवम्बर 1896 को हुआ।
  • सलीम अली भारत के ऐसे पहले व्यक्ति थे, जिन्होंने भारत भर में व्यवस्थित रूप से पक्षियों का सर्वेक्षण किया तथा पक्षियों पर कई पुस्तकें लिखी
  • डा.सलीम अली ने बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी के सचिव मिलार्ड की देख-रेख में पक्षियों पर गंभीर अध्ययन किया।
  • डॉ. सलीम अली ने केवलादेव नेशनल पार्क भरतपुर के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई ।
  • 1983 में उन्हें पद्मविभूषण से अलंकृत किया तथा 20 जून 1987 को सलीम अली का निधन हो गया
  • भारत सरकार द्वारा ने उनके सम्मान में कोयंबटूर में "सलीम अली सेंटर फॉर ओर्निथोलोजी एंड नेचुरल हिस्ट्री" की स्थापना की और गोवा में "सलीम अली पक्षी विहार" की स्थापना की गई है।




विश्व की जनजातियां

एस्किमो 
  1. एस्किमो जनजाति किस प्रजाति से संबंधित है ?
    मंगोल
  2. एस्किमो कौन सी भाषा बोलते हैं?
    एल्युट
  3. एस्किमो के जीविकोपार्जन का साधन क्या है?
    आखेट (शिकार करना)
  4. एस्किमो जनजाति की संपत्ति व सामाजिक स्तर का मापदंड क्या है ?
    रेन्डियर
  5. एस्किमो के वस्त्र किसके बने होते हैं ?
    कैरिबो (बारहसिंघा) की खाल के
  6. एस्किमो स्लेज गाङी का  निर्माण किससे करते हैं? 
    सील मच्छलियो की हड्डियों से 
  7. एस्किमो शब्द का क्या अर्थ है ?
    कच्चा मांस खाने वाला व बर्फीले प्रदेश के निवासी
  8. हारफून क्या है ?
    एस्किमो जनजाति का शिकार करने वाला भालेनुमा हथियार हारफून कहलाता है
  9. स्लेज क्या होती है ?
    बर्फ पर चलने वाली बिना पहिए की गाड़ी जिसे कुत्ते व रेन्डियर खींचते हैं जैसे  
  10. कार्मिक या मुक्लूक्स क्या है ?
    एस्किमो द्वारा पहने जाने वाले सील मछली की खाल से बने जूते कार्मिक या मुक्लूक्स कहलाते हैं
  11. एस्किमो जनजाति कहां पाई जाती है?
    एस्कीमों जनजाति अलास्क, कनाड़ा, ग्रीनलैण्ड और उत्तरी साइबेरिया क्षेत्र  (टुंड्रा प्रदेश) में 1पाई जाती है ! 
  12. एस्किमो का प्रमुख भोजन क्या है ?
    एस्किमो का प्रमुख भोजन शील, ह्वेल, सी लाॅयन(वालरस) का कच्चा मांस है
  13. एस्कीमो को विभिन्न क्षेत्रों में किन नामों से जाना जाता है ?
    (अ) उत्तरी कनाडा व ग्रीनलैंड- एस्कीमो
    (ब) स्केंडिनेविया- लैप्स
    (स) उत्तरी साइबेरिया- सैमोयड्स, कचकी, याकूत व तुंग
  14. एस्किमो जनजाति के शारीरिक लक्षण लिखिए
    एस्किमो का चेहरा चपटा व चौङा, नाक चपटी, बाल काले व भद्दे, दांत सफेद व मजबूत, शरीर हष्ट-पुष्ट तथा पुट्ठे मांसल होते हैं तथा ये स्वभाव से  सरल, स्थिर व हंसमुख होते है 
  15. इग्लू व कर्मक क्या है ?
    एस्किमो द्वारा शीतकाल में बनाए गए बर्फ के मकान इग्लू कहलाते हैं ।
    लकड़ी व ह्वेल की हड्डियों के ढांचे से बने एस्किमो के मकान कर्मक कहलाते हैं ।
  16. तिमियाक व अनोहाक क्या है ?
    एस्किमो द्वारा पहना जाने वाला जर्सीनुमा बांहदार वस्त्र तिमियाक कहलाते हैं ।
    एस्किमो द्वारा जर्सीनुमा बांहदार वस्त्र के ऊपर पहना जाने वाला वस्त्र अनोहाक कहलाता है ।
  17. उतोक क्या है ?
    एस्किमो द्वारा बसंत काल में सील मछली के शिकार करने की प्रक्रिया को उतोक कहा जाता है इस विधि में बसंत काल में जब सील मछलीयां श्वास लेने हेतु बाहर आकर धूप सेकने लगती है तब कुत्तों द्वारा इनका शिकार कर लिया जाता है।
  18. कयाक व ऊमियाक क्या है ?
    एस्किमो जनजाति द्वारा बसंत ऋतु में परिवहन के लिए काम में ली जाने वाली चमड़े से बनी छोटी नाव कयाक कहलाती है
    एस्किमो जनजाति द्वारा ह्वेल मछली का शिकार करने हेतु काम में ली जाने वाली बड़ी नाव ऊमियाक कहलाती है ।
  19. एस्किमो जनजाति में सील मछली का उपयोग लिखिए ।[2019]
    1.खाने के लिए मांस
    2.कपड़े व तंबू बनाने के लिए खाल
    3.ईंधन के लिए चर्बी
    4.स्लेज गाड़ी बनाने के लिए हड्डियां
    5.धागे के रूप में तांत प्राप्त होती है
  20. एस्किमो जनजाति ने वातावरण समायोजन किस प्रकार किया है ?
    1.बर्फ का प्रयोग कर बर्फ का घर (इग्लू) बनाकर
    2.स्लेज गाड़ी बनाने के लिए वालरस की हड्डियों को काम में लेते हैं ।
    3.बर्फीले तूफान तथा सूर्य की किरणों की चमक से आंखों को बचाने के लिए आंख पर कवच का उपयोग करते हैं।
  21. एस्किमो जनजाति की सामाजिक एवं सांस्कृतिक विशेषताएं लिखिए
    1.एस्किमो जनजाति छोटे -छोटे समूहों में निवास करने वाली घुमक्कड़ जनजाति है
    2.एस्किमो जादू-टोने में विश्वास करते हैं
    3.इनका समाज पितृवंशीय होता है तथा इनमें बहुपत्नी प्रथा प्रचलित हैं
    4.रेन्डियर एस्किमो जनजाति की संपत्ति व सामाजिक स्तर का मापदंड  है 
  22. एस्किमो की शीतकालीन आखेट की विधियों का वर्णन कीजिए ।
    1. माउपाक- माउपाक का अर्थ होता है प्रतीक्षा करना ।एस्किमो द्वारा शीतकाल में एक छिद्र के माध्यम से सील मछली का शिकार करने की विधि को माउपाक कहते हैं जब सील मछली श्वास लेने के लिए बर्फ में बने छिद्र के समीप आती है तो इन छिद्रों में एस्किमो द्वारा रखी हड्डी हिल जाती है तभी एस्किमो अपने हथियार हारफून से सील मछली का शिकार कर लेते हैं।
    2. इतुरपाक- एस्किमो द्वारा शीतकाल में दो छिद्रों के माध्यम से सील मछली का शिकार करने की विधि को इतुरपाक कहते हैं इस विधि में एस्किमो द्वारा बर्फ में दो छिद्र बनाए जाते हैं एक छिद्र में एक व्यक्ति सील मच्छली को चारा डाल कर बुलाता है तथा दूसरे छिद्र से दूसरा व्यक्ति हारफून से सील मछली का शिकार करता है।

बुशमैन

  1. बुशमैन जनजाति किस प्रजाति से संबंधित है ?
    नीग्रिटो
  2. एटोशा राष्ट्रीय उद्यान कहाँ है 
    नामिबिया(अफ्रीका)/ कालाहारी मरुस्थल
  3. बुशमैन का प्रिय भोजन क्या है ?
    दीमक, चीटियां और उनके अंडे बुशमैन का प्रिय भोजन है
  4. वेर्फ क्या है ?
    बुशमैन के 8-10 झोंपड़ीयों वाले अल्पपकालीन  गांव वेर्फ कहलाते हैं
  5. बुशमैन को अन्य किन नामों से जाना जाता है ?
    सॉन, रव्वी 
    व बसारवा
  6. दो भगवान में  कौनसी जनजाति विश्वास रखती हैं? 
    बुशमैन जनजाति 
  7. शुतुरमुर्ग के अंडे के खोल को बर्तन व आभूषण के लिए कौन सी जनजाति प्रयोग करती है 
    बुशमैन जनजाति
  8. बेचुआनालैण्ड कहां स्थित है ?
    बेचुआनालैण्ड अफ्रीका महाद्वीप में 18 डिग्री दक्षिणी अक्षांश से 24 डिग्री दक्षिणी अक्षांश के मध्य स्थित है
  9. क्रॉस क्या है ? (Board Exam 2020)
    बुशमैन जनजाति की महिलाओं का  बिस्तरबंद वस्त्र चोंगा स्थानीय भाषा में क्रॉस  कहलाता है
  10. बुशमैन बड़े पशुओं का शिकार किन तरीकों से करते हैं ?
    1.कीचड़ में घंसाकर          2.फंदे में फंसाकर
    3.गड्ढे में गिराकर             
    4.विषाक्त जल पिलाकर
  11. बुशमैन जनजाति  कहां पाई जाती है ?
    बुशमैन (बेचुआनालैंड, कालाहारी मरुस्थल) दक्षिण अफ्रीका,  बोत्सवाना, नामीबिया व अंगोला में निवास करने वाली एक बेहद प्राचीन जनजाति हैं।
  12. त्यामा क्या है ?
    कालाहारी मरुस्थल में पाया जाने वाला तरबूज जिसका उपयोग जल पूर्ति के लिए मानव और पशु करते हैं त्यामा कहलाता है।
  13. बुशमैन जनजाति की सामाजिक एवं सांस्कृतिक विशेषताएं लिखिए
    1.बुशमैन की धार्मिक परंपराओं, संस्कारों व कलाओं में प्राणियों व प्रकृति का केंद्रीय स्थान होता है
    2.बुशमैन जादू-टोना व भूत-प्रेत में विश्वास करते हैं
    3.बुशमैन दो भगवान में विश्वास करते हैं
    4.बुशमैन  चट्टानों पर सुन्दर  पेंटिंग बनाते है
  14. बुशमैन जनजाति ने वातावरण समायोजन किस प्रकार किया है 
    1.थोड़े सामान, कम बच्चे और सामान के बंटवारे के कारण  स्वतंत्र रूप से घूमते रहते हैं
    2.अकाल के समय बुशमैन स्त्रियां गर्भधारण करना बंद कर देती है
    3.शिकार के समय मादा एवं अल्प वयस्क  जीव को हानि नहीं पहुंचाते हैं
    4.अग्नि जलाने के लिए कम-से-कम इंधन का उपयोग करते हैं
    5.शिकार किए गए पशु के प्रत्येक भाग का उपयोग करते हैं
  15. बुशमैन जनजाति के आर्थिक क्रियाकलापों को समझाइए 
    1.आखेट- बुशमैन मूल रूप से आखेटक होते है ये तीर कमान व भाले से शिकार करते हैं बङे शिकार को कीचड़ में धँसाकर, फंदे में फंसा कर, गड्ढे में गिरा कर व विषाक्त जल पिलाकर मारते हैं बुमैन जंतुओं की बोली की नकल करने में निपुण होते है
    2.भोजन- बुशमैन सर्वभक्षी होते हैं बुशमैन मछली, पौधे की जड़ें, बेरी व शहद आदि खाते हैं दीमक, चिट्टियां व उनके अंडे इनका प्रिय भोजन है
    3.वस्त्र- बुशमैन पुरुष तिकोनी लंगोट पहनते हैं स्त्रियां सामने और पीछे की ओर कमर में बांधकर चमड़े की चौकोर एप्रन पहनती है स्त्रियां एक महत्वपूर्ण वस्त्र चोंगा पहनती है जिसे क्रॉस कहते हैं
    4- निवास गृह- बुशमैन चट्टानी गुफाओं में रहते हैं खुले में घास-फूस व जानवरों की खाल से झोपड़ी  बनाते है बुशमैन के 8-10 झोंपड़ीयों वाले अल्पपकालीन  गांव वेर्फ कहलाते हैं
    5.औजार व बर्तन- बुशमैन तीर कमान, भाले, अग्नि दंड व विष बुझे तीर आदि औजार काम में लेते हैं शुतुरमुर्ग के अंडे का उपयोग जल रखने और आभूषण बनाने में करते हैं

गौंड

  1. विश्व का सबसे बड़ा जनजातीय समूह कौन सा है ?
    गौंड
  2. गौंड अपने आप को क्या कहते हैं ?
    कोइटुर या कोल
     
  3. गौंड जनजाति का मुख्य भोजन क्या है ?
    कोदू व कुटकी
  4. गौंड जनजाति द्वारा बोली जाने वाली गौंडी बोली किस भाषा परिवार से संबंधित है 
    द्रविङियन भाषा परिवार से 
  5. गोंड जनजाति के प्रमुख वर्ग कौन-कौन से हैं ?
    कुरुख, केवट धीवर, रावत
  6. गौंड शासित भारत के चार साम्राज्यो के नाम लिखिए ।
    गढ माण्डला, देवगढ़, चांदा, खेङला
  7. गौंड शब्द की उत्पत्ति कैसे हुई ?
    गौंड शब्द की उत्पत्ति खोण्डा से हुई है जिसका अर्थ है पहाड़ी
  8. गौंड जनजाति कहां निवास करती है ?
    मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, तेलगाना, महाराष्ट्र, उड़ीसा  व असम ।
  9. पटेल या मुखादम किसे कहते हैं ?
    गौंड जनजाति में गांव के मुखिया को पटेल या मुखादम कहते हैं 
  10. सगा किसे कहते हैं ?
    गौंड जनजाति में गौंडों के चार मुख्य वर्गों को सगा कहा जाता है
  11. कोतवार व देबारी क्या होते हैं ?
    गौंड जनजाति में गांव के चौकीदार को कोतवार तथा गांव के पुजारी व पुरोहित को देबारी कहा जाता है
  12. कबाड़ी प्रथा से क्या अभिप्राय है ?
    गौंड जनजाति में छोटे से कर्ज को चुकाने के लिए ऋणी की कई पीढ़ियों को साहूकारों के गुलामों की भांति कार्य करना पड़ता है इस प्रथा को कबाड़ी प्रथा कहते हैं 
  13. पेंडा कृषि क्या है ?
    गोंड जनजाति द्वारा मध्य प्रदेश के बस्तर में तीव्र पहाड़ी ढालों पर सीढीदार खेतों पर की जाने वाली कृषि पेंडा कृषि कहलाती है
  14. दीप्पा कृषि क्या है ? 
    दीप्पा कृषि गोंड जनजाति द्वारा की जाने वाली झूमिंग कृषि का एक प्रकार है जिसमें भूमि पर दो-तीन वर्ष खेती करने के बाद उसे पङत छोड़ दिया जाता है
  15. धूलिया व प्रधान किसे कहते हैं ?
    धूलिया गौंडों की प्रमुख गायक जाति है तथा प्रधान गौंडों की मान्यताओं एवं इतिहास को गाकर लोगों को सुनाते हैं
  16. गोंड जनजाति के सामाज एवं सांस्कृति को स्पष्ट कीजिए 
    1.गौंड जनजाति मे पितृसत्तात्मक समाज पाया जाता है तथा  सबसे बुजुर्ग पुरुष परिवार का मुखिया होता है
    2.गौंड जनजाति मे सेवा विवाह, हरण विवाह, विनिमय विवाह व विधवा विवाह का प्रचलन है विवाह समारोह का आयोजन जल स्रोत के पास या आम के पेड़ के नीचे किया जाता है
    3.गौंड जनजाति में आपसी विवादों का निपटारा पंचायत करती है
    4.गौंड द्रविङियन भाषा परिवार से संबंधित  गौंडी भाषा बोलते है
    5.गौंड नृत्य व गीतों के साथ उत्सव व त्यौहार मनाते है भूतकाल में  मुर्गो को लङाकर मनोरंजन करते थे
    6.बङा देवी, श्री शंभूनाथ महादेव, परसा पेन, शीतला माता व  छोटी माता गौंडो के प्रमुख  देवी-देवता है 
  17. गोंड जनजाति की आर्थिक क्रियाओं को स्पष्ट कीजिए
    आखेट और झूमिंग कृषि गोंड जनजाति का प्रमुख व्यवसाय है ये वनोत्पाद संग्रह, पशुपालन व मछली पकड़ने का कार्य भी करते हैं दीप्पा कृषि तथा पैंडा कृषि झूमिंग कृषि के दो रूप है कुरुख, केवट व धीवर गौंड मछली पकड़ने का कार्य करते हैं तथा रावत गोंड पशु पालन करते हैं
    1.आखेट- गौौड जानवरों का शिकार करते हैं 
    2.भोजन- कोदू व कुटकी गौंडों के मुख्य खाद्यान्न है ये उत्सव व त्यौहार पर चावल बनाते हैं शिकार व बलि से प्राप्त जानवरों का मांस भी खाते हैं 
    3.वस्त्र -पुरुष धोती तथा स्त्रियां साड़ी व चोली पहनती है स्त्रिय शरीर पर गोदना गुदवाती है 
    4. निवास गृह- इनके मकान घास-फूस व मिट्टी के बने होते हैं घर में पूजाघर जरूर होता है 
    5.औजार व बर्तन- गोंड खुरपी, फावड़ा, कुल्हाड़ी, तीर के नोक आदि औजार काम मे लेते हैं ये घर में चारपाई , लकड़ी के स्टूल व दरियां रखते हैं 

भील 

  1. भीलों का मार्गदर्शक क्या कहलाता है 
    बोलावा
  2. भीलों का रण घोष क्या है 
    फाईरे -फाईरे
  3. एकलव्य और शबरी का संबंध किस जनजाति से है 
    भील
  4. भीलो के गाँव (पाल) का मुखिया क्या कहलाता है 
    गमेती
  5. भील जनजाति का मुख्य भोजन क्या है 
    मक्का 
  6. भील जनजाति की उत्पत्ति किससे मानी गई है 
    महादेव के पुत्र निषाद से
  7. फलां व पाल किसे कहते हैं 
    भीलों के छोटे गांव फलां तथा बड़े गांव पाल कहलाते हैं
  8. भील शासित चार स्थानों के नाम बताइये 
    डगारिया(डूंगरपुर), बासिया(बांसवाडा), कोटिया(कोटा), देआवा(उदयपुर)
  9. भील जनजाति का प्रसिद्ध बेणेश्वर मेला कहां लगता है 
    बेणेश्वर मेला माघ पूर्णिमा को सोम, जाखम व माही नदियों के संगम पर स्थित बेणेश्वर (डूंगरपुर) नामक स्थान  पर लगता है 
  10. फटकिया किसे कहते हैं 
    भील जनजाति द्वारा पक्षियों को पकड़ने के लिए एक फंदे का प्रयोग किया जाता है जिसे फटकिया कहते हैं
  11. दापा क्या होता है
    भील जनजाति में वर पक्ष द्वारा वधु पक्ष को दिया जाने वाला कन्या का मूल्य दापा कहलाता है 
  12. चिमाता व दजिया क्या है
    भीलों द्वारा पहाङी ढालो पर की जाने वाली कृषि को चिमाता तथा भीलों द्वारा मैदानी  क्षेत्र में की जाने वाली खेती को दजिया कहते है 
  13. गोल गाधेड़ो प्रथा क्या है 
    भील जनजाति के युवक द्वारा शूरवीरता व साहस का कार्य दिखाकर शादी हेतु युवती को चुनने का अधिकार प्राप्त करना गोल गधेड़ो प्रथा कहलाती है
  14. जनजाति किसे कहते हैं  ?
    लोगों का ऐसा समूह जो सामाजिक रीति रिवाजों व सांस्कृतिक परंपराओं द्वारा एक दूसरे से घनिष्ठ रूप से संबंधित होता है जनजाति कहलाता है।
  15. भीलों की शारीरिक संरचना लिखिए 
    भीलो का रंग काला, नाक चौङी, आंखे लाल, तथा जबङा बाहर निकला होता है 
    इनका शरीर सुगठित व सुडौल तथा कद छोटा होता है 
  16. भारत में भील किन राज्यों में पाये जाते हैं 
    1.राजस्थान -बांसवाडा, डूंगरपुर, उदयपुर, चितौङगढ
    2.मध्यप्रदेश -धार, झाबुआ, रथलाम
    3.गुजरात -पंचमहल, बङोदरा
    4.महाराष्ट्र म - औरंगाबाद, अहमदनगर, जलगांव, नासिक, धुले
     
  17. भील जनजाति की सामाजिक एवं सांस्कृतिक विशेषताएं लिखिए
    1.भीलो का परिवार पितृसत्तात्मक होता है तथा इनमें बहुपत्नी प्रथा प्रचलित है
    2. विवाह का प्रस्ताव वर पक्ष की ओर से आता है जिसमें वर के पिता को कन्या का मूल्य (दापा) देना पड़ता है
    3.भील प्रकृति पूजक होते हैं तथा कृषि यंत्रों की पूजा करते हैं
    4.भील अंधविश्वासी होते हैं तथा भूत-प्रेत में विश्वास करते हैं
    5.घूमर व गैर भीलों के प्रमुख नृत्य तथा होली व दीपावली प्रमुख त्यौहार है
        
  18. विश्व में पाई जाने वाली प्रमुख जनजातियों के निवास स्थान बताइए ।
    1.ध्रुवीय व टुन्ड्रा प्रदेश- एस्किमो, सैमोयड्स
    2.विषुवत रेखीय सघन वन- पिग्मी, सकाई, सेमांग 
    3.उष्ण व शुष्क कालाहारी मरुस्थल -बुशमैन 
    4.उष्ण कटिबंधीय घास के मैदान -मसाई व बद्दू
    5.सम शीतोष्ण कटिबंधीय घास के मैदान- खिरगीज 
    6.दुर्गम पहाड़ी व पठारी क्षेत्र- भील, गोंड, संथाल, मीणा, नागा
  19. भील जनजाति के आर्थिक क्रियाकलाप को स्पष्ट कीजिए
    भील जनजाति की आजीविका का मुख्य आधार खाद्य संग्रह, आखेट, आदिम कृषि व पशुपालन है
    1.आखेट- यह लोग तीर कमान से पशुओं का शिकार करते हैं पुरुष मछइली पकड़ने का कार्य भी करते हैं इनके द्वारा पहाड़ी क्षेत्रों में की जाने वाली झूमिंग कृषि को चिमाता तथा मैदानी क्षेत्रों में की जाने वाली झूमिंग कृषि को दजिया कहते हैं
    2.भोजन -मक्का भीलों का प्रिय भोजन है उत्सव व त्यौहार पर चावल एवं लापसी बनाते हैं तथा छाछ व आटे की राबड़ी बनाते हैं
    3.वस्त्र -सामान्य वस्त्र पहनते हैं पुरुष कमीज धोती साफा या पैंट शर्ट तथा स्त्रियों घाघरा काँचली व लुगड़ी पहनती है
    4.निवास गृह- इनके घर मिट्टी, पत्थर व बांस के बने होते हैं छत खपरैल की बनी होती है वर्तमान में पक्के मकान भी मिलते हैं
    5.औजार व बर्तन- धनुष-बाण, तलवार व खंजर इनके प्रमुख अस्त्र-शस्त्र है हरियो व रोबदो दो प्रकार के बाण काम में लेते हैं घरों में मिट्टी के बर्तन, चक्की व पालना जरूर होता है

                             

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