GSSS BINCHAWA

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GSSS KATHOUTI

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GSSS BUROD

9.भौगोलिक परिप्रेक्ष्य में चयनित कुछ मुद्दे एवं समस्याएं

पर्यावरण प्रदूषण मानवीय क्रियाकलापों के अपशिष्ट उत्पादों से मुक्त द्रव्य एवं ऊर्जा का परिणाम है। प्रदूषकों के परिवहित एवं विसरित होने के माध्यम के आधार पर प्रदूषण को निम्नलिखित प्रकारों में वर्गीकृत किया जाता है  
जल प्रदूषण 
जल की भौतिक, रासायनिक व जैविक विशेषताओं में होने वाले अवांछित परिवर्तन जो मानव सहित अन्य जीवो पर बुरा असर डालते हैं जल प्रदूषण कहलाता है
जल प्रदूषण के कारण/स्रोत
A. मानवीय स्रोत 
1. औद्योगिक अपशिष्ट- जल प्रदूषण में उद्योग सर्वाधिक महत्वपूर्ण है उत्पादन प्रक्रिया में, उद्योग अनेक अवांछित उत्पाद जैसे औद्योगिक कचरा, प्रदूषित अपशिष्ट जल, जहरीली गैसें, रासायनिक अवशेष,  भारी धातुएँ, धूल, धुआँ आदि पैदा करते हैं जिनमें शामिल होता है। अधिकतर औद्योगिक कचरे को बहते जल में अथवा झीलों आदि में विसर्जित कर दिया जाता है। परिणामस्वरूप विषाक्त रासायनिक तत्व जलाशयों, नदियों तथा अन्य जल भंडारों में पहुँच जाते हैं जो इन जलों में रहने वाली जैव प्रणाली को नष्ट करते हैं। सर्वाधिक जल प्रदूषक उद्योग- चमड़ा, लुगदी व कागज, वस्त्र तथा रसायन हैं।
2. कृषि अपशिष्ट - आधुनिक कृषि में विभिन्न प्रकार के रासायनिक पदार्थों जैसे उर्वरक, कीटनाशक, खरपतवार नाशक आदि का उपयोग होता है इन रसायनों को नदियों, झीलों तथा तलाबों में बहा दिया जाता है। यह सभी रसायन जल के माध्यम में जमीन में स्रवित होते हुए भू-जल तक पहुँच जाते हैं। उर्वरक धरातलीय जल में नाइट्रेट की मात्रा को बढ़ा देते हैं।
3.सांस्कृतिक गतिविधियाँ - भारत में तीर्थ यात्राओं, धार्मिक मेले व पर्यटन आदि जैसी सांस्कृतिक गतिविधियाँ भी जल प्रदूषण का कारण हैं। इन गतिविधियों के आयोजन से विभिन्न प्रकार के अपशिष्ट उत्पन्न होते है जो जल प्रदूषण का कारण बनाते है 
4. घरेलू वाहित मल - वाहित मल के अन्तर्गत मुख्य रूप से घरेलू एवं सार्वजनिक शौचालयों से निःसृत मानव मल को सम्मिलित किया जाता है। वाहित मल नालों से होता हुआ जलस्रोतों में मिल जाता है जो भयंकर जल प्रदूषण का कारण बनता है।
B. जल प्रदूषण प्राकृतिक स्रोत-  अपरदन, भू-स्खलन और पेड़-पौधों तथा मृत पशु के सड़ने-गलने आदि से प्राप्त प्रदूषकों से भी जल प्रदूषित होता है,
जल प्रदूषण के दुष्परिणाम
1. प्रदूषित जल में विषाक्त पदार्थों के साथ-साथ कई बीमारियों के जीवाणु व विषाणु पाए जाते हैं अतः प्रदूषित जल से मनुष्यों में हैजा, डायरिया, पीलिया व हेपेटाइटिस जैसे रोग हो जाते हैं
2.जल का तापमान बढ़ने से जलीय जीवों तथा वनस्पति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है
3. जल प्रदूषण के कारण कई पवित्र नदियों का जल पीने योग्य नहीं रहा है
‘नमामि गंगे’ कार्यक्रम 
गंगा नदी जो भारत के उत्तर प्रदेश, बिहार व प. बंगाल राज्यों में बहती है जिसमे कानपुर, इलाहाबाद, वाराणसी, पटना तथा कोलकाता जैसे नगर घरेलू कचरे को नदी में निर्मुक्त करते हैं। जिससे नदी जल प्रदूषण बढ़ रहा है गंगा नदी की स्थिति में सुधार के लिए, केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर गंगा सफाई के लिए निम्नलिखित उद्देश्यों के साथ ‘नमामि गंगे’ कार्यक्रम आरंभ किया है -
1.शहरों में सीवर ट्रीटमेंट की व्यवस्था कराना।
2. औद्योगिक प्रवाह की निगरानी।
3. नदियों का विकास।
4. नदी के किनारों पर वनीकरण जिससे जैवविविधता में वृद्धि हो।
5. नदियों के तल की सफाई।
6. उत्तराखंड, यू.पी., बिहार, झारखंड में ‘गंगा ग्राम’ का विकास करना।
7. नदी में किसी भी प्रकार के पदार्थों को न डालना भले ही वे किसी अनुष्ठान से संबंधित हों, इससे प्रदूषण को बढ़ावा मिलता है। इसके संबंध् में लोगों में जागरूकता पैदा करना।
वायु प्रदूषण
वायु के संगठन में होने वाला अनचाहा परिवर्तन जो जीव जगत को हानि पहुंचाता है वायु प्रदूषण कहलाता है 
वायु प्रदूषण के कारण /स्रोत 
1.प्राकृतिक करण/ स्रोत- ज्वालामुखी उद्गार, धूल भरी आंधियां, दावानल, भूस्खलन, तूफान आदि 
2.मानवीय कारण /स्रोत- जीवाश्म ईंधन का दहन, उद्योग,खनन आदि
वायु प्रदूषण के दुष्प्रभाव 
1.वायु प्रदूषण का मानव स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है जिससे मनुष्य में श्वसन तंत्र, तंत्रिका तंत्र व रक्त परिसंचरण से संबंधित बीमारियां हो जाती है
2. वायु प्रदूषण से जलवायु एवं वायुमंडलीय दशाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है जैसे ओजोन परत क्षरण व ग्रीन हाउस प्रभाव
3.वायु प्रदूषण के कारण महानगरों एवं नगरों में कोहरे के गुबंद बन जाते हैं हैं
4.वायु प्रदूषण का वनस्पति एवं जीव जंतु पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है
ध्वनि प्रदूषण 
अवांछित ध्वनि जो सुनने में अच्छी नहीं लगे तथा मनुष्य की श्रवण शक्ति, स्वास्थ्य एवं कार्य क्षमता को प्रभावित करती है ध्वनि प्रदूषण कहलाता है ध्वनि की तीव्रता मापने की इकाई डेसीबल है ध्वनि प्रदूषण स्थान विशिष्ट होता है तथा इसकी तीव्रता प्रदूषण के स्रोत से दूर कम होती जाती है। 
ध्वनि प्रदूषण के कारण 
1. परिवहन के साधन 
2. उद्योग एवं कल-कारखाने
3. मनोरंजन के साधन
4. खनन कार्य
नगरीय अपशिष्ट निपटान
नगरीय क्षेत्रों को प्रायः अति संकुल, भीड़-भाड़ तथा तीव्र बढ़ती जनंसख्या के लिए अपर्याप्त सुविधाएँ और उसके परिणामस्वरूप साफ-सफाई की खराब स्थिति एवं प्रदूषित वायु के रूप में पहचाना जाता है। नगरीय क्षेत्रों में कूड़ा-करकट, रद्दी, गंदगी एवं कबाड़ आदि का दो स्रोतों से निपटान होता है- 
घरेलू प्रतिष्ठानों से
व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से। 
घरेलू कचरे को या तो सार्वजनिक भूमि पर या निजी ठेकेदारों के स्थलों पर डाला जाता है जबकि औद्योगिक/व्यावसायिक इकाइयों के कचरा का संग्रहण एवं निपटान नगरपालिकाओं के द्वारा निचली सतह की सार्वजनिक जमीन पर निस्तारित किया जाता है। 
नगरीय अपशिष्ट के हानिकारक प्रभाव 
1. ठोस अपशिष्ट से अप्रिय बदबू, मक्खियों एवं कृतकों से स्वास्थ्य संबंधी जोखिम पैदा हो जाते हैं जैसे टाइपफाइड  गलघोटूँ, दस्त तथा हैजा आदि। 
2. कूड़ा-कचरा अक्सर क्लेश पैदा करते हैं जब कभी भी इनका लापरवाही से निपटान किया जाता है तो यह हवा से फैलने एवं बरसाती पानी से छितरने के कारण परेशानी का कारण बनता है। 
3. नगरीय क्षेत्रों में औद्योगिक कचरे को नदियों में डालने से जल प्रदूषण की समस्या होती है। 
4. नगर आधारित उद्योगों तथा अनुपचारित वाहित मल के कारण नदियों के प्रदूषण से  स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएँ पैदा होती हैं।
5. भारत में अधिकांश शहरों में कचरा बिना एकत्र, किए छोड़ दिया जाता। जो गलियों में, घरों के पीछे खुली जगहों पर तथा परती जमीनों पर इकट्ठा हो जाता है जिसके कारण स्वास्थ्य संबंधी गंभीर जोखिम पैदा हो जाते हैं। अनुपचारित अपशिष्ट धीरे-धीरे सड़ते हैं और वातावरण में विषाक्त गैसें छोड़ते हैं जिनमें मिथेन गैस भी शामिल हैं।
ग्रामीण-शहरी प्रवास
नगरीय क्षेत्रों में मजदूरों की अधिक माँग,  ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के निम्न अवसर तथा नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों के बीच विकास के असंतुलित प्रारूप के कारण ग्रामीण क्षेत्रों से शहरों की ओर जनसंख्या का प्रवाह होता है जिससे भारत में, नगरीय जनसंख्या तेजी से बढ़ रही है। विकासशील देशों में गरीब, अर्धशिक्षित एवं अकुशल श्रमिक ग्रामीण क्षेत्रों से प्रायः शहरी क्षेत्रों में परिवार का पोषण करने के लिए प्रवास करते रहते हैं। चूँकि गंतव्य स्थान पर मजदूरी काफी कम होती है, इसलिए पत्नियों को गाँव में बच्चों और बड़ों की देखभाल के लिए छोड़ दिया जाता है। इसी कारण ग्रामीण-नगरीय प्रवास में पुरुषों का प्रभुत्व होता है। नगरीय जनसंख्या में वृद्धि एक प्राकृतिक वृद्धि के परिणामस्वरूप (जब मृत्यु दर की अपेक्षा जन्म दर अधिक हो), निवल आप्रवास (जहाँ बाहर जाने वालों की अपेक्षा आने वाले अधिक हो) और कभी-कभी नगरीय क्षेत्रों का पुनः वर्गीकरण जिसमें आसपास की ग्रामीण जनसंख्या को शामिल कर लिया जाता है, के कारण बढ़ती है। 
भू-निम्नीकरण
स्थायी या अस्थायी तौर पर भूमि की उत्पादकता की कमी आना भू-निम्नीकरण कहलाता है 
मृदा अपरदन, लवणता तथा भू-क्षारता से भू-निम्नीकरण होता है। भू-उर्वरकता के अप्रबंधन के साथ इसका अविरल उपयोग होने पर भू-निम्नीकरण होगा तथा उत्पादकता में कमी आएगी। 
भूनिम्नीकरण दो प्रकियाओं द्वारा तीव्रता से होता है। ये प्रक्रियाएँ प्राकृतिक तथा मानवजनित हैं। प्राकृतिक तथा मानवजनित प्रक्रियाओं से निम्नकोटि भूमियों में जलाक्रांत व दलदली क्षेत्र, लवणता व क्षारता से प्रभावित भूमियाँ, झाड़ी सहित व झाड़ियों रहित भूमियाँ आदि सम्मिलित हैं। कुछ अन्य निम्नकोटि भूमियाँ भी हैं जैसे  स्थानांतरित कृषि जनित क्षेत्र, रोपण कृषि जनित, क्षरित वन, क्षरित चरागाह तथा खनन व औद्योगिक व्यर्थ क्षेत्र जो मानवीय प्रक्रियाओं से कृषि के अयोग्य हुई हैं। 
गंदी बस्तियां
गंदी बस्तियाँ न्यूनतम वांछित आवासीय क्षेत्र होते हैं जहाँ जीर्ण-शीर्ण मकान, स्वास्थ्य की निम्न सुविधाएँ, खुली हवा का अभाव तथा पेयजल, प्रकाश तथा शौच सुविधाओं जैसी आधारभूत आवश्यक चीजों का अभाव पाया जाता है। 
गंदी बस्तियों की समस्याएँ
1. जन सुविधाओं का अभाव – भारत में गन्दी बस्तियों में शुद्ध पेयजल, शौचालय, शिक्षा, चिकित्सा, जल निकासी की सुविधा,सीवर लाइन चौड़ी सड़कें जैसी जनसुविधाओं का अभाव पाया जाता है 
2. निम्न स्तरीय स्वास्थ्य व बिमारियों की बहुलता- गंदी बस्तियों की अधिकांश जनसंख्या नगरीय अर्थव्यवस्था के असंगठित क्षेत्र में कम वेतन और अधिक जोखिम भरा कार्य करते हैं। परिणामस्वरूप ये लोग अल्प-पोषित होते हैं और इन्हें विभिन्न रोगों और बीमारियों की संभावना बनी रहती है।
3. अपराधों में वृद्धि - गंदी बस्तियों में गरीबी उन्हें नशीली दवाओं, शराब, अपराध, गुंडागर्दी, पलायन, उदासीनता और अंततः सामाजिक बहिष्कार के प्रति उन्मुख करती है।
स्वच्छ भारत मिशन शहरों के नवीकरण का एक हिस्सा है जिसे भारत सरकार ने शहरी गंदी बस्तियों में जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए शुरू किया है।
धारावी - एशिया की विशालतम गंदी बस्ती 
धारावी एशिया की विशालतम गंदी बस्ती है इस गंदी बस्ती से केवल एक मुख्य सड़क गुजरती है। इसे ‘नाइंटीपुफट रोड’ के गलत नाम से जाना जाता है। जो अपनी चौड़ाई में घटकर आधे से कम रह गई है। बसें सिर्फ बस्ती की परिधि से गुजरती हैं। गलियाँ एवं पगडंडियाँ इतनी सँकरी हैं कि वहाँ से एक साईकिल का गुजरना भी मुश्किल है। धारावी केंद्रीय मुंबई का एक हिस्सा है जहाँ तिपहिया वाहनों का प्रवेश भी निषेध है।
संपूर्ण बस्ती में दो से तीन मंजिले अस्थायी भवन है तथा उनमें जंग लगी लोहे की सीढ़ियाँ लगी हैं जहाँ एक ही कमरे को किराए पर लेकर पूरा परिवार रहता है। धारावी में शुद्ध वायु, पेयजल व प्रकाश की प्रयाप्त सुविधा नहीं है गंदे पानी की निकासी की सुविधा नहीं है शौचालय की सुविधा नहीं है  धारावी में मृतिका शिल्प, मिट्टी के बर्तन, कसीदाकारी एवं जरी का काम, परिष्वृफत चमड़े का काम आदि काम होते है 
केस अध्ययन
मेरठ के निकट दौराला में लोगों की प्रतिभागिता के सहारे पारिस्थितिकी के पुनर्भरण और मानव स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए प्रयास किया गया है। दौराला के उद्योगों के अनुपचारित अपशिष्ट जल का भू-जल स्तर में निक्षालन के कारण 12,000 लोगों की जनसंख्या वाले दौराला गाँव का भू-जल भारी धातुओं के संपर्क से संदूषित हो चुका था। सन् 2003 में दौरालावासियों की दयनीय दशा के कारण एक जनहित सभा रखी। 
एन.जी.ओ. के कार्यकर्ताओं ने घर-घर जाकर लोगों के स्वास्थ्य-स्तर संबंधी सर्वेक्षण किया और एक रिपोर्ट बनाई। संगठन, ग्रामीण समुदाय और जन-प्रतिनिधियों ने आपस में बैठकर इन समस्याओं के टिकाऊ समाधान ढूँढ़ने का प्रयास किया। उद्योगपतियों ने पारिस्थितिकी की गिरती दशा को नियंत्रित करने में गहरी रुचि दिखाई। गाँव की उपरली टंकी की क्षमता बढ़ाई गई और समुदाय को पीने योग्य जल उपलब्ध कराने के लिए 900 मीटर की अतिरिक्त पाइपलाइन बिछाई गई। गाँव के गाद-युक्त तालाब को साफ किया गया और इसे गाद-विमुक्त करके पुनः जल से भर दिया गया। बड़ी मात्रा में गाद को हटाकर अधिक मात्रा में जल का मार्ग प्रशस्त किया गया जगह-जगह वर्षा-जल संग्रहण की संरचनाएँ बनाई गई। जिनसे मानसून के पश्चात भू-जल के संदूषण में कमी आई। एक हजार वृक्षों की लगाए गए जिनसे पर्यावरण का संवर्धन हुआ।
केस अध्ययन
झबुआ जिला मध्य प्रदेश के अति पश्चिमी कृषि जलवायु क्षेत्र में अवस्थित है। यहाँ मुख्यत भील जनजाति पाई जाती है।यहाँ जंगल एवं भूमि दोनों संसाधनों के उच्च दर से निम्नीकरण के कारण लोग गरीबी की दशा में जी रहे हैं, यहाँ भारत सरकार के ‘ग्रामीण विकास’ तथा ‘कृषि मंत्रालय’ ने जल संभरण प्रबंधन कार्यक्रम क्रियान्वित किया गया है। पिछले पाँच वर्षों में, ग्रामीण विकास मंत्रालय से निधि प्राप्त राजीव गांधी मिशन द्वारा क्रियांवित जल संभरण प्रबंधन ने अकेले झबुआ जिले की लगभग 20 प्रतिशत भूमि का उपचार किया है। झबुआ जिले के पेटलावाड विकास खंड के भील समुदाय ने अपना स्वयं का प्रयास करके विस्तृत भागों की साझी संपदा संसाधनों को पुनर्जीवित किया है। प्रत्येक परिवार ने साझी संपदा में एक पेड़ लगाया और उसे अनुरक्षित किया। इसके साथ ही प्रत्येक परिवार ने चरागाह भूमि पर चारा घास को बोया और कम से कम दो वर्षों तक उसकी सामाजिक घेराबंदी की उनका कहना था, इन जमीनों पर कोई खुली चराई नहीं होगी और पशुओं की आहार पूर्ति हेतु नाँद बनाए जाएँगे और इस प्रकार से उन्हें यकीन था कि जो चरागाह उन्होंने विकसित किए हैं, वे भविष्य में उनके पशुओं का सतत पोषण करते रहेंगे। इस अनुभव का एक रोचक पक्ष यह है कि समुदाय इस चरागाह प्रबंधन प्रक्रिया की शुरुआत करते कि इससे पहले ही पड़ोसी गाँव के एक निवासी ने उस पर अतिक्रमण कर लिया। गाँव वालों ने तहसीलदार को बुलाया और साझी जमीन पर अपने अधिकारों को सुनिश्चित कराया। इस अनुवर्ती संघर्ष को गाँववालों द्वारा सुलझाया गया जिसके लिए उन्होंने साझी चरागाह भूमि पर अतिक्रमण करने वाले दोषी को अपने प्रयोक्ता समूह का सदस्य बनाकर उसे साझी चरागाह भूमि की हरियाली से लाभांश देना आरंभ किया। 


  1. निम्नलिखित में से सर्वाधिक प्रदूषित नदी कौन-सी है? 
    (क) ब्रह्मपुत्र 
    (ख) सतलुज 
    (ग) यमुना
    (घ) गोदावरी।                                (ग) 
  2. निम्नलिखित में से कौन-सा रोग जलजन्य है? 
    (क) नेत्रश्लेष्मला शोथ 
    (ख) अतिसार 
    (ग) श्वसन संक्रमण 
    (घ) श्वासनली शोथ।                        (ख) 
  3. निम्नलिखित में से कौन-सा अम्ल वर्षा का एक कारण है?
    (क) जल प्रदूषण
    (ख) भूमि प्रदूषण
    (ग) शोर प्रदूषण
    (घ) वायु प्रदूषण                              (घ)
  4. .ध्वनि प्रदूषण के प्रमुख स्रोत है –
    [क] उद्योग
    [ख] मोटर वाहन
    [ ग] लाउडस्पीकर
    [घ] उपरोक्त सभी                            [घ]
  5. प्रतिकर्ष और अपकर्ष कारक उत्तरदायी हैं-
    (क) प्रवास के लिए
    (ख) भू-निम्नीकरण के लिए
    (ग) गंदी बस्तियाँ
    (घ) वायु प्रदूषण                               (क) 
  6. एशिया की विशालतम गन्दी बस्ती ‘धारावी’  किस नगर में स्थित है ?
    [अ] कोलकाता
    [ब] मुम्बई
    [स] दिल्ली
    [द] हैदराबाद                                  [ब]
  7. निम्नांकित में से कौन-सा कारण जल प्रदूषण के लिए सर्वाधिक रूप से उत्तरदायी है?
    (क) वन विनाश
    (ख) सांस्कृतिक गतिविधियाँ
    (ग) औद्योगिक अपशिष्ट
    (घ) कृषि अपशिष्ट                                 (ग)
  8. ध्वनि की तीव्रता का मापने की इकाई क्या है
    (क) ओम मीटर
    (ख) एम्पीयर
    (ग) बैकरल
    (घ) डेसीबल                                  (घ)
  9. झबुआ जिला किस राज्य में है
    (क) गुजरात 
    (ख) महाराष्ट्र 
    (ग) उत्तर प्रदेश 
    (घ) मध्य प्रदेश                                 (घ)
  10. निम्न में से भू-निम्नीकरण के लिए उत्तरदायी कारक है
    [अ] मृदा अपरदन
    [ब] लवणता 
    [स] भू-क्षारता 
    [द] उपरोक्त सभी।                                    [द]
  11. हेपेटाइटिस बीमारी का मुख्य कारण है ?
    [अ] ध्वनि प्रदुषण
    [ब] वायु प्रदुषण
    [स] जल प्रदुषण
    [द] भू-प्रदुषण                                          [स]
  12. कौनसी गैस ओजोन परत को नुकसान पहुँचाती है ?
    [अ] नाइट्रोजन
    [ब] क्लोरोफ्लोरो कार्बन
    [स] ऑक्सीजन
    [द] सल्फर                                            [ब]
  13. राष्ट्रीय स्तर पर गंगा की सफाई के लिए कौनसा अभियान चलाया गया
    (अ) हर हर गंगे 
    (स) गंगा ग्राम कार्यक्रम
    (ब) नमामि गंगे 
    (द) गंगा बचाओ कार्यक्रम                          [ब]
  14. डेसीबल (dB) किसको नापने की इकाई है ?
    (अ) वायु प्रदूषण
    (ब) ध्वनि प्रदूषण
    (स) भूमि प्रदूषण
    (द) जल प्रदूषण                                      [ब]
  15. कौनसा प्रदूषण स्थान - विशिष्ट होता है -
    (अ) जल 
    (ब) ध्वनि
    (स) वायु 
    (द) महासागरीय प्रदूषण                            [ब]
  16. रेफ्रिजरेटर व एयर कन्डीशनर्स के अधिकाधिक प्रयोग से पर्यावरण में कौन सी गैस की मात्रा बढ़ रही है 
    (अ) क्लोरोफ्लुओरो कार्बन
    (स) मिथेन
    (ब) कार्बन डाईऑक्साइड
    (स) नाइट्रस अ
    (द) नाइट्रस ऑक्साइड                      [अ]
                                             




  1. औद्योगिक/व्यावसायिक इकाइयों के कचरे का निपटान ........................द्वारा किया जाता है
  2. यमुना भारत की सर्वाधिक प्रदूषित ............................... है ।
  3. ....................................एशिया की विशालतम गन्दी बस्ती है 
  4. भारत में गाँवों को.................................. ने आदर्श गणतंत्र माना था 
  5. धारावी बस्ती से गुजरने वाली एक मुख्य सड़क को ...........................नाम से जाना जाता है 
  6. उर्वरक धरातलीय जल में ........................की मात्रा को बढ़ा देते हैं।
  7. ‘नमामि गंगे’ कार्यक्रम के तहत  उत्तराखंड, यू.पी., बिहार, झारखंड में ....................... विकास करने का लक्ष्य रखा गया है
  8. धारावी में तिपहिया वाहनों का प्रवेश ................ है।
  9. नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों के बीच विकास के असंतुलित प्रारूप के कारण ......................प्रवास होता है 
  10. ध्वनि प्रदूषण की तीव्रता प्रदूषण के स्रोत से दूर .......... होती जाती है
  1. प्रदूषत जल से होने वाली किन्ही दो बिमारियों के मान लिखिए
    डायरिया व हेपेटाइटिस
  2. जल प्रदूषण  के दो मुख्य  कारण लिखिए ।
    1. औद्योगिक अपशिष्ट    2.सांस्कृतिक गतिविधियाँ 
  3. गंगा नदी जो भारत के किन राज्यों में बहती है
    उत्तर प्रदेश, बिहार व प. बंगाल में
  4. चार सर्वाधिक जल प्रदूषक उद्योगों के नाम लिखिए 
    चमड़ा, लुगदी व कागज, वस्त्र तथा रसायन उद्योग
  5. वायु प्रदूषण से होने वाली बिमारियों से सम्बंधित किन्ही दो तंत्रों के नाम लिखिए 
    श्वसन तंत्र व तंत्रिका तंत्र
  6. ध्वनि प्रदूषण में सर्वाधिक योगदान किस स्रोत का है 
    परिवहन के साधन
  7. ध्वनि प्रदूषण को किस इकाई में मापा जाता है 
    डेसिबल 
  8. एशिया की विशालतम गन्दी बस्ती का नाम लिखिए
    धारावी
  9. केंद्र सरकार द्वारा गंगा सफाई के लिए कौनसा कार्यक्रम आरंभ किया है 
    ‘नमामि गंगे’ कार्यक्रम
  10. धारावी बस्ती से गुजरने वाली एक मुख्य सड़क को किस नाम से जाना जाता है 
     ‘नाइंटीफुट रोड’ 
  11. भारत सरकार द्वारा शहरी गंदी बस्तियों में जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए कौन सा कार्यक्रम शुरू किया है ।
    स्वच्छ भारत मिशन
  12. नमामि गंगे’ कार्यक्रम के दो उद्देश्य लिखिए 
    1. नदी के किनारों पर वनीकरण 
    2. नदियों के तल की सफाई।
  13. भू-निम्नीकरण से क्या अभिप्राय है 
    स्थायी या अस्थायी तौर पर भूमि की उत्पादकता की कमी आना भू-निम्नीकरण कहलाता है 
  14. भू-निम्नीकरण के लिए उत्तरदायी कारकों के नाम लिखिए  
    मृदा अपरदन, लवणता तथा भू-क्षारता 
  15. वायु प्रदूषण के कारण /स्रोत बताइए ।
    जीवाश्म ईंधन का दहन, उद्योग व खनन
  16. नगरीय क्षेत्रों में घरेलू प्रतिष्ठानों से प्राप्त अपशिष्टों का निपटान कैसे किया जाता है
    सार्वजनिक भूमि पर या निजी ठेकेदारों के स्थलों पर डालकर
  17. ग्रामीण-शहरी प्रवास के दो कारण  लिखिए
    1. नगरीय क्षेत्रों में मजदूरों की अधिक माँग
    2. ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के निम्न अवसर 
  18. भूनिम्नीकरण से निर्मित निम्नकोटि भूमियों के उदाहरण लिखिए 
    1. जलाक्रांत व दलदली क्षेत्र
    2. लवणता व क्षारता से प्रभावित भूमियाँ
  19. औद्योगिक/व्यावसायिक इकाइयों के कचरे का निपटान कैसे किया जाता है
    औद्योगिक/व्यावसायिक इकाइयों के कचरे का संग्रहण एवं निपटान नगरपालिकाओं के द्वारा निचली सतह की सार्वजनिक जमीन पर निस्तारित किया जाता है। 
  20. पर्यावरण प्रदूषण किसका का परिणाम है।
    पर्यावरण प्रदूषण मानवीय क्रियाकलापों से उत्पन्न अपशिष्ट उत्पादों से मुक्त द्रव्य एवं ऊर्जा का परिणाम है। 
  21. निवल आप्रवास किसे कहते है
    जब किसी क्षेत्र में बाहर जाने वालों लोगों  की अपेक्षा आने वाले लोगों की संख्या अधिक  हो तो इसे निवल आप्रवास कहते है
  22. गंदी बस्तियां किसे कहते है 
    गंदी बस्तियाँ न्यूनतम वांछित आवासीय क्षेत्र होते हैं जहाँ जीर्ण-शीर्ण मकान, स्वास्थ्य की निम्न सुविधाएँ, खुली हवा का अभाव तथा पेयजल, प्रकाश तथा शौच सुविधाओं जैसी आधारभूत आवश्यक चीजों का अभाव पाया जाता है। 
  23. प्रदूषक किसे कहते हैं
    ऐसे अवांछनीय पदार्थ जो पर्यावरण के किसी भी मूल तत्व में अपनी उपस्थिति से नकारात्मक प्रभाव उत्पन्न करते हैं या प्रदूषण फैलाते हैं प्रदूषक कहलाते हैं
  24. जल प्रदूषण से क्या अभिप्राय है ?
    जल की भौतिक, रासायनिक व जैविक विशेषताओं में होने वाले अवांछित परिवर्तन जो मानव सहित अन्य जीवो पर बुरा असर डालते हैं जल प्रदूषण कहलाता है
  25. वायु प्रदूषण से क्या अभिप्राय है ?
    वायु के संगठन में होने वाला अनचाहा परिवर्तन जो जीव जगत को हानि पहुंचाता है वायु प्रदूषण कहलाता है 
  26. गंदी बस्तियों की समस्याएँ लिखिए 
    1. जन सुविधाओं का अभाव 
    2. निम्न स्तरीय स्वास्थ्य व बिमारियों की बहुलता
    3. अपराधों में वृद्धि 
  27. ध्वनि प्रदूषण से क्या अभिप्राय है ?
    अवांछित ध्वनि जो सुनने में अच्छी नहीं लगे तथा मनुष्य की श्रवण शक्ति, स्वास्थ्य एवं कार्य क्षमता को प्रभावित करती है ध्वनि प्रदूषण कहलाता है
  28. जल प्रदूषण के दुष्परिणाम लिखिए ।
    1.प्रदूषित जल में विषाक्त पदार्थों के साथ-साथ कई बीमारियों के जीवाणु व विषाणु पाए जाते हैं अतः प्रदूषित जल से मनुष्यों में हैजा, डायरियाउ, पीलिया व हेपेटाइटिस जैसे रोग हो जाते हैं
    2.जल का तापमान बढ़ने से जलीय जीवों तथा वनस्पति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है
    3. जल प्रदूषण के कारण कई पवित्र नदियों का जल पीने योग्य नहीं रहा है
  29. ध्वनि प्रदूषण के कारण लिखिए ।
    1.परिवहन के साधन 
    2.उद्योग एवं कल-कारखाने
    3.मनोरंजन के साधन
    4. खनन कार्य
  30. ध्वनि प्रदूषण से होने वाली हानियां लिखिए ।
    1.श्रवण शक्ति में ह्रास
    2.मानसिक स्तर में बदलाव जैसे चिड़चिड़ापन, अनिंद्रा, पागलपन आदि
    3.कार्य क्षमता में कमी
    4.स्मरण शक्ति में कमी
  31. अम्लीय वर्षा से क्या अभिप्राय है ?
    प्रदूषित वायु में उपस्थित सल्फर डाइऑक्साइड हुए नाइट्रिक ऑक्साइड वायुमंडलीय जल के साथ क्रिया करके क्रमशः सल्फ्यूरिक अम्ल व नाइट्रिक अमल बनाते हैं जिससे वर्षा जल का ph मान घटकर 5 से कम हो जाता है इसे अम्लीय वर्षा कहते हैं
  32. वायु प्रदूषण नियंत्रण के उपाय लिखिए
    1. वायु प्रदूषण रोकने के लिए अधिक से अधिक वृक्षारोपण किया जाए
    2. जीवाश्म ईंधन के स्थान पर ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों का उपयोग किया जाए 
    3.निर्धूम चुल्हो का उपयोग किया जाना चाहिए
    4.ईट भट्टे एवं बर्तन उद्योग आबादी क्षेत्र से बाहर स्थापित किये जाए 
    5.उद्योगों में नवीन तकनीकी का उपयोग किया जाए
  33. वायु प्रदूषण के दुष्प्रभाव बताइए ।
    1.वायु प्रदूषण का मानव स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है जिससे मनुष्य में श्वसन तंत्र, तंत्रिका तंत्र व रक्त परिसंचरण से संबंधित बीमारियां हो जाती है
    2.वायु प्रदूषण से जलवायु एवं वायुमंडलीय दशाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है जैसे ओजोन परत क्षरण व ग्रीन हाउस प्रभाव
    3.वायु प्रदूषण के कारण महानगरों एवं नगरों में कोहरे के गुबंद बन जाते हैं हैं
    4.वायु प्रदूषण का वनस्पति एवं जीव जंतु पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है


    8. अंतर्राष्ट्रीय व्यापार

    अंतर्राष्ट्रीय व्यापार
    विभिन्न राष्ट्रों के बीच राष्ट्रीय सीमाओं के आर-पार वस्तुओं और सेवाओं का आदान-प्रदान अंतरराष्ट्रीय व्यापार कहलाता है कोई भी देश आत्मनिर्भर नहीं है।अतः अंतर्राष्ट्रीय व्यापार सभी देशों के लिए परस्पर लाभदायक हैं विश्व व्यापार में भारत की भागीदारी कुल मात्रा का केवल एक प्रतिशत है
    भारत के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के बदलते प्रारूप
    भारत में अपने अंतरराष्ट्रीय व्यापार की मात्रा व संगठन के साथ-साथ दिशा में भी परिवर्तन हुआ है , जिसे निम्न बिंदुओं द्वारा स्पष्ट किया जा सकता है
    1. अंतरराष्ट्रीय व्यापार में वृद्धि :- वर्ष 1950-51 में, भारत का वैदेशिक व्यापार का मूल्य 1,214 करोड़ रुपए था, जो कि वर्ष 2016-17 में बढ़कर 44,29,762 करोड़ रुपए हो गया। विदेशी व्यापार में इस तीव्र वृद्धि के निम्न कारण हैं
    1. विनिर्माण के क्षेत्र में गतिशील उठान
    2. सरकार की उदार नीतियाँ
    3. बाजारों की विविधरूपता
    2. भारत के निर्यात-संघटन के बदलते प्रारूप :- भारत में कड़ी अंतर्राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा के कारण कृषि उत्पाद जैसे कॉफी, काजू, दालों आदि परंपरागत वस्तुओं के निर्यात में गिरावट आई है। हालाँकि पुष्प कृषि उत्पाद, ताज़े फल, समुद्री उत्पाद तथा चीनी आदि के निर्यात में वृद्धि दर्ज की गई जबकि पेट्रोलियम तथा अपरिष्कृत उत्पादों के निर्यात में वृद्धि हुई है।अयस्क खनिजों तथा निर्मित सामानों का निर्यात लगभग स्थिर-सा रहा है।
    3. भारत के आयात-संघटन के बदलते प्रारूप :- भारत में 1950 एवं 1960 के दशक में खाद्यान्नों कमी थी इसलिए उस समय आयात की प्रमुख वस्तुएँ खाद्यान्न, पूँजीगत माल एवं मशीनरी आदि थे। उस समय आयात मूल्य निर्यात मूल्य से अधिक था 1970 के दशक के बाद हरित क्रांति की सफलता के बाद खाद्यान्नों का आयात कम हुआ लेकिन 1973 में आए ऊर्जा संकट से पेट्रोलियम पदार्थों के मूल्य में उछाल आया फलतः आयात बजट भी बढ़ गया। खाद्य तेलों के अयात में आई गिरावट के साथ खाद्य तथा समवर्गी उत्पादों के आयात में कमी आई है। भारत के आयात में अन्य प्रमुख वस्तुओं में मोती तथा उपरत्नों, स्वर्ण एवं चाँदी, धातुमय अयस्क तथा धातु छीजन, अलौह धातुएँ तथा इलेक्ट्रॉनिक वस्तुएँ आदि आते हैं।
    4. व्यापार की दिशा :- भारत के व्यापारिक संबंध विश्व के अधिकांश देशों एवं प्रमुख व्यापारी गुटों के साथ हैं। भारत का अधिकतर विदेशी व्यापार समुद्री एवं वायु मार्गों द्वारा संचालित होता है। विदेशी व्यापार का छोटा सा भाग नेपाल, भूटान, बांग्लादेश व पाकिस्तान जैसे पड़ोसी राज्यों में सड़क मार्ग द्वारा किया जाता है।
    समुद्री पत्तन-अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के प्रवेश द्वार के रूप में
    भारत तीन ओर से समुद्र से घिरा हुआ है और प्रकृति ने हमें एक लंबी तटरेखा प्रदान की है। जल सस्ते परिवहन के लिए एक सपाट तल प्रदान करता है। भारत में पत्तनों का उपयोग प्राचीन काल से हो रहा है परन्तु पतन यूरोपीय व्यापारियों के आगमन तथा अंग्रेजी द्वारा भारत के उपनिवेशीकरण के बाद अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के प्रवेश द्वार के रूप में उभरे भारत में 13 प्रमुख और 200 छोटे या मझोले पत्तन हैं। प्रमुख पत्तनों के लिए केंद्र सरकार तथा छोटे पत्तनों के लिए राज्य सरकारें नीतियाँ बनाती है तथा नियामक क्रियाओं को निभाती हैं। प्रमुख पत्तन कुल यातायात के बड़े हिस्से का निपटान करते हैं।अंग्रेजों ने इन पत्तनों का उपयोग उनके पृष्ठप्रदेशों के संसाधनों के अवशोषण केंद्र के रूप में किया था। आंतरिक प्रदेशों में रेल परिवहन ने स्थानीय बाजारों को क्षेत्रीय बाजारों, क्षेत्रीय बाजारों को राष्ट्रीय बाजारों तथा राष्ट्रीय बाजारों को अंतर्राष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने की सुगमता प्रदान की। देश विभाजन से भारत के दो अति महत्त्वपूर्ण पत्तन अलग हो गए। कराची पत्तन पाकिस्तान में चला गया और चिटगाँव पत्तन तत्कालीन पूर्वी पाकिस्तान(बांग्लादेश) में चला गया। इस क्षतिपूर्ति के लिए पश्चिम में कांडला तथा पूर्व में हुगली नदी पर कोलकाता के पास डायमंड हार्बर को विकसित किया गया इस बड़ी हानि के बावजूद, देश की स्वतंत्रता-प्राप्ति के बाद से भारतीय पत्तन निरंतर वृद्धि कर रहे हैं। आज भारतीय पत्तन विशाल मात्रा में घरेलू के साथ-साथ विदेशी व्यापार का निपटान कर रहे हैं।
    भारतीय पत्तन
    1. कांडला पत्तन (गुजरात) - कांडला पत्तन कच्छ की खाड़ी के मुँहाने पर अवस्थित है कांडला पत्तन को देश के पश्चिमी एवं उत्तर-पश्चिमी भाग की जरूरतों को पूरा करने और मुंबई पत्तन पर दबाव कम करने के लिए विकसित किया गया है। इस पत्तन को विशेष रूप से भारी मात्रा में पेट्रोलियम, पेट्रोलियम उत्पादों एवं उर्वरकों को ग्रहण करने के लिए बनाया गया है। कांडला पत्तन के दबाव को कम करने के लिए वाडीनार में एक अपतटीय टर्मिनल विकसित किया गया है
    2. मुंबई पत्तन(महाराष्ट्र) - मुंबई पत्तन एक प्राकृतिक पत्तन और देश का सबसे बड़ा पत्तन है। यह पत्तन भूमध्य सागरीय देशों, उत्तरी अफ्रीका, उत्तरी अमेरिका तथा यूरोप के देशों के सामान्य मार्ग के निकट स्थित है यहाँ से देश के विदेशी व्यापार का अधिकांश भाग संचालित किया जाता है। यह पत्तन 20 कि.मी. लंबा तथा 6-10 कि.मी. चौड़ा है। जिसमें 54 गोदियाँ और देश का विशालतम टर्मिनल हैं। मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तर प्रदेश व राजस्थान के भाग मुंबई पत्तन की पृष्ठभूमि की रचना करते हैं।
    3. जवाहरलाल नेहरू पत्तन (महाराष्ट्र) - इसे न्हावा-शेवा में मुंबई पत्तन के दबाव को कम करने के लिए एक अनुषंगी पत्तन के रूप में विकसित किया गया था। यह भारत का विशालतम कंटेनर पत्तन है।
    4. मार्मागाओ पत्तन (गोवा) - मार्मागाओ पत्तन गोवा का एक प्राकृतिक बंदरगाह है। कोंकण रेलवे ने इस पत्तन के पृष्ठ प्रदेश में महत्त्वपूर्ण विस्तार किया है। कर्नाटक, गोआ तथा दक्षिणी महाराष्ट्र इसकी पृष्ठभूमि की रचना करते हैं
    5. न्यू मंगलौर पत्तन (कर्नाटक) - न्यू मंगलौर पत्तन कर्नाटक में स्थित है और लौह-अयस्क और लौह-सांद्र के निर्यात की जरूरतों को पूरा करता है। यह पत्तन भी उर्वरकों, पेट्रोलियम उत्पादों, खाद्य तेलों, कॉफी, चाय, लुगदी, सूत, ग्रेनाइट पत्थर, शीरा आदि का निपटान करता है। कर्नाटक इस पत्तन का प्रमुख पृष्ठप्रदेश है।
    6. कोच्चि पत्तन (केरल) - कोच्चि पत्तन बेंवानद कायाल (‘अरब सागर की रानी’/क्वीन ऑफ अरेबियन सी) के मुँहाने पर स्थित है यह एक प्राकृतिक पत्तन है। इस पत्तन को स्वेज कोलंबो मार्ग के पास अवस्थित होने का लाभ प्राप्त है। यह केरल, दक्षिणी कर्नाटक तथा दक्षिण-पश्चिमी तमिलनाडु की आवश्यकताओं को पूरा करता है।
    7. कोलकाता पत्तन(प०बंगाल) - कोलकाता पत्तन हुगली नदी पर अवस्थित है जो बंगाल की खाड़ी से 128 कि.मी. स्थल में अंदर स्थित है। हुगली नदी इसे समुद्र से जुड़ने का मार्ग प्रदान करती है। मुंबई पत्तन की भाँति इसका विकास भी अंग्रेजों द्वारा किया गया था। कोलकाता को ब्रिटिश भारत की राजधानी होने के प्रारंभिक लाभ प्राप्त थे। कोलकाता पत्तन हुगली नदी द्वारा लाई गई गाद की समस्या से जूझता रहा है इसके पृष्ठ प्रदेश के अंतर्गत उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और उत्तर-पूर्वी राज्य आते हैं। इन सबके अतिरिक्त, यह पत्तन हमारे भूटान और नेपाल जैसे स्थलरुढ पड़ोसी देशों को भी सुविधाएँ उपलब्ध कराता है।
    8. हल्दिया पत्तन (प०बंगाल) - हल्दिया पत्तन कोलकाता से 105 कि.मी अंदर अनुप्रवाह (डाउनस्ट्रीम) पर स्थित है। इसका निर्माण कोलकाता पत्तन की संकुलता को घटाने के लिए किया गया है। यह स्थूल नौभार जैसे लौह-अयस्क, कोयला, पेट्रोलियम तथा पेट्रोलियम उत्पाद, उर्वरक, जूट एवं जूट उत्पाद, कपास तथा सूती धागों आदि का निपटान करता है।
    9. पारादीप पत्तन (उड़ीसा) - पारादीप पत्तन कटक से 100 कि.मी. दूर महानदी डेल्टा पर स्थित है। इसका पोताश्रय सबसे गहरा है जो भारी पोतों के निपटान के लिए सर्वाधिक अनुकूल है। इसे मुख्य रूप से बड़े पैमाने पर लौह-अयस्क के निर्यात के लिए निपटान विकसित किया गया है। इस पत्तन के पृष्ठ प्रदेश के अंतर्गत ओडिशा, झारखंड और छत्तीसगढ़ आते हैं।
    10. विशाखापट्नम पतन(आंध्र प्रदेश) - विशाखापट्नम आंध्र प्रदेश में एक भू-आबद्ध पत्तन है जिसे ठोस चट्टान एवं बालू को काटकर एक नहर के द्वारा समुद्र से जोड़ा गया है। इस पत्तन का विकास लौह-अयस्क, पेट्रोलियम तथा सामान्य नौभार के निपटान हेतु विकसित किया गया है। इस पत्तन का प्रमुख पृष्ठ प्रदेश आंध्र प्रदेश तथा तेलंगाना है।
    11. चेन्नई पत्तन (तमिलनाडु)- चेन्नई पत्तन पूर्वी तट पर स्थित एक कृत्रिम पत्तन है जिसे 1859 में बनाया गया था। तट के निकट उथले जल के कारण यह पत्तन विशाल पोतों के लिए अनुकूल नहीं है। तमिलनाडु और पुदुच्चेरी इसके पृष्ठप्रदेश हैं।
    12. एन्नोर पत्तन (तमिलनाडु) - एन्नोर पत्तन चेन्नई(तमिलनाडु) के उत्तर में 25 कि.मी. दूर चेन्नई पत्तन के दबाव को कम करने के लिए बनाया गया है।
    13. तूतीकोरिन पत्तन (तमिलनाडु)- तूतीकोरिन पत्तन का विकास भी चेन्नई पत्तन के दबाव को कम करने के लिए किया गया था। यह विभिन्न प्रकार के नौभार का निपटान करता है जिसके अंतर्गत कोयला, नमक, खाद्यान्न, खाद्य तेल, चीनी, रसायन तथा पेट्रोलियम उत्पाद शामिल हैं।
    हवाई अड्डे
    अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में वायु परिवहन एक महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इन्हें लंबी दूरी वाले उच्च मूल्य वाले या नाशवान सामानों को कम से कम समय में ले जाने व निपटाने के लिए लाभ प्राप्त होते हैं। यह भारी और स्थूल वस्तुओं के वहन करने के लिए बहुत महँगा और अनुपयुक्त होता है। यही कारण अंततः अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में महासागरीय मार्गों की तुलना में इस क्षेत्र की भागीदारी को घटा देता है।
    देश में 25 अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे कार्य कर रहे हैं अंतर्राष्ट्रीय हवाई पत्तनों के अंतर्गत अहमदाबाद, बेंगलूरु, चेन्नई, दिल्ली, गोवा, गुवाहाटी, हैदराबाद, कोच्चि, कोलकाता, मुंबई, थिरुवनंथपुरम, श्रीनगर, जयपुर, कालीकट, नागपुर, कोयम्बटूर, लखनउ, पुणे, चण्डीगढ़, मंगलूरू, विशाखापट्नम, इंदौर, पटना, भुवनेश्वर और कन्नूर हैं।
    1. भारत का अधिकांश विदेशी व्यापार वहन होता है-
      [अ] स्थल और समुद्र द्वार
      [ब] स्थल और वायु द्वारा
      [स] समुद्र और वायु द्वारा
      [द] समुद्र द्वारा                  [द]
    2. निम्नलिखित में से कौन-सा एक स्थलबद्ध पोताश्रय है?
      [अ] विशाखापट्नम
      [ब] एन्नोर
      [स] मुंबई
      [द] हल्दिया                       [अ]  
    3. दो देशों के मध्य व्यापार कहलाता है-
      [अ] अंतर्देशीय व्यापार
      [ब] अंतर्राष्ट्रीय व्यापार
      [स] बाह्य व्यापार
      [द] स्थानीय व्यापार                       [ब]
    4. भारत का सड़क द्वारा व्यापार कौन-से देश के साथ किया जाता है?
      [अ] नेपाल
      [ब] भूटान
      [स] बांग्लादेश
      [द] उपर्युक्त सभी              [द]
    5. भारत का सबसे बड़ा पत्तन कौनसा है ।
      [अ] मुंबई
      [ब] विशाखापट्नम 
      [स] कांडला
      [द] हल्दिया               [अ]
    6. भारत का विशालतम कंटेनर पत्तन है।?
      [अ] जवाहरलाल नेहरू पत्तन 
      [ब] चेन्नई पत्तन
      [स] कोच्चि पत्तन 
      [द] कोलकात्ता पत्तन                                    [अ]
    7. न्हावा शेवा पत्तन किस राज्य में है-
      [अ] गुजरात
      [ब] महाराष्ट्र
      [स] गोवा
      [द] कर्नाटका                                                 [ब]
    8. भारत के अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार के किस घटक के परिवर्तन हुआ है ?
      [अ] मात्रा
      [ब] संघटन
      [स] दिशा
      [द] सभी उपरोक्त                                             [द]
    9. विश्व व्यापार में भारत की भागीदारी है।
      [अ] 1%
      [ब] 2%
      [स] 3%
      [द] 4%.                                                           [अ]
    10. ऋणात्मक व्यापार संतुलन किस स्थिति में होता है?
      [अ] जब निर्यात आयात से अधिक हो
      [ब] जब आयात निर्यात से अधिक हो
      [स] जब व्यापार बंद हो
      [द] जब व्यापार में कोई लाभ न हो              [ब]
    11. व्यापारिक संतुलन में जब निर्यात आयात से अधिक होता है तो क्या स्थिति होती है?
      [अ] ऋणात्मक
      [ब] धनात्मक
      [स] संतुलन
      [द] व्यापार बंद                                  [ब]
    12. महानदी डेल्टा पर स्थित पत्तन है ?
      [अ]. विशाखपट्टनम
      [ब]. पारादीप
      [स]. हल्दिया
      [द]. तूतीकोरन                       [ब]
    13. मार्मगोवा पत्तन किस नदी पर स्थित है?
      [अ].गोदावरी
      [ब]. जुआर नदी
      [स]. हुगली नदी
      [द]. साबरमती                       [ब]
    14. भारत में वृहद् स्तरीय पत्तनों की संख्या है -
      [अ].12
      [ब]. 14
      [स]. 25
      [द]. 17                            [अ]
    15. भारत में अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के हवाई अड्डों की संख्या है-
      [अ].28
      [ब]. 26
      [स]. 25
      [द]. 17                            [स]
    16. कोलकाता पत्तन किस नदी पर स्थित है?
      [अ].गोदावरी
      [ब]. जुआर नदी
      [स]. हुगली नदी
      [द]. साबरमती                       [स]
    17. निम्न में से कौनसे पत्तन का पोताश्रय सबसे गहरा है-
      [अ] पारादीप
      [ब] एन्नोर
      [स] मुंबई
      [द] हल्दिया                        [अ]  
    18. कौनसे पत्तन को स्वेज कोलंबो मार्ग के पास अवस्थित होने का लाभ प्राप्त है ?
      [अ] कोच्चि
      [ब] एन्नोर
      [स] मुंबई
      [द] कांडला                        [अ]  
    19. हल्दिया पत्तन का निर्माण किस पत्तन की संकुलता को घटाने के लिए किया गया है। 
      [अ] कोच्चि
      [ब] एन्नोर
      [स] कोलकाता
      [द] कांडला                        [स]  
    20. एन्नोर पत्तन किस पत्तन के दबाव को कम करने के लिए बनाया गया है।
      [अ] चेन्नई 
      [ब] एन्नोर
      [स] मुंबई
      [द] कांडला                        [अ]   
    • तूतीकोरिन पत्तन का विकास भी ................ पत्तन के दबाव को कम करने के लिए किया गया था। (चेन्नई)
    • कोच्चि पत्तन............कायाल  के मुँहाने पर स्थित है ( बेंवानद )
    • कोलकाता पत्तन ..........नदी पर अवस्थित है। ( हुगली )
    • विश्व व्यापार में भारत की भागीदारी कुल मात्रा का केवल ............ प्रतिशत है (एक)
    • विशाखापट्नम आंध्रप्रदेश में एक .................. पत्तन है (भू-आबद्ध)
    • तूतीकोरिन पत्तन का विकास भी ............... पत्तन के दबाव को कम करने के लिए किया गया था।(चेन्नई)
    • जुआरी नदमुख के मुँहाने पर अवस्थित .................. पत्तन गोवा का एक प्राकृतिक बंदरगाह है।(मार्मागाओ)
    1. अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार के प्रवेश द्वार के रूप में किसे जाना जाता है ?
      अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार के प्रवेश द्वार के रूप में ‘समुद्री पत्तन’ को जाना जाता है।
    2. भारत के पूर्वी तट पर स्थित दो महत्त्वपूर्ण पत्तनों के नाम लिखिए।
      1. कोलकात्ता - पं. बंगाल    2. पाराद्वीप - उड़ीसा
    3. एन्नोर पत्तन किसका अनुषंगी पत्तन है ?
      मार्मागाओ पत्तन
    4. 1970 के दशक के बाद खाद्यानों के आयात की जगह किन उत्पादों का आयात बढ़ गया ?
      पेट्रोलियम उत्पाद तथा उर्वरक
    5. भारतीय पत्तनों में से सबसे पुराना व कृत्रिम पत्तन कौन सा है ?
      चेन्नई पत्तन
    6. 'अरब सागर की रानी' किस को कहते हैं ?
      बेंवानद कयाल को
    7. 1970 के दशक के बाद खाद्यान्नों के आयात में आई कमी का प्रमुख कारण क्या था ?
      हरित क्रान्ति
    8. भारत के विदेशी व्यापार का छोटा सा भाग सड़क मार्ग द्वारा किस-किस देश के साथ किया जाता है ?
      नेपाल, भूटान, बांग्लादेश एवं पाकिस्तान।
    9. देश विभाजन से भारत के कौनसे दो अति महत्त्वपूर्ण पत्तन अलग हो गए। 
      कराची पत्तन पाकिस्तान में  और चिटगाँव पत्तन तत्कालीन पूर्वी पाकिस्तान(बांग्लादेश) में चला गया।
    10. भारत की सबसे अधिक निर्यात विश्व में किन प्रदेशों से है ?
      एशिया और ओशेनिया
    11. कोलकाता पत्तन किस समस्या से जूझता रहा है ?
      हुगली नदी द्वारा लाई गई गाद की समस्या से ।
    12. चेन्नई पत्तन विशाल पोतों के लिए अनुकूल क्यों नहीं है ? 
      समुद्र तट के समीप उथले जल के कारण चेन्नई पत्तन विशाल पोतों के लिए अनुकूल नहीं है ।
    13. जोधपुर के एक हस्तशिल्प व्यापारी के लिए अपना माल निर्यात हेतु कौनसा बदरगाह सर्वाधिक लाभकारी रहेगा  ?
      कांडला बंदरगाह 
    14. अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार का क्या अर्थ है?
      विभिन्न राष्ट्रों के बीच राष्ट्रीय सीमाओं के आर-पार वस्तुओं और सेवाओं का आदान-प्रदान अंतरराष्ट्रीय व्यापार कहलाता है
    15. भारतीय पत्तनों में से कौन-सा समुद्री पत्तन स्थल रूद्ध देशों को पतन सुविधाएं प्रदान करता है? ऐसे किसी एक देश का नाम बताइये?
      भारतीय पत्तनों में से ‘‘कोलकात्ता पत्तन’’ सुविधाएं प्रदान करता है।
      पड़ोसी देश - नेपाल व भूटान
    16. पृष्ठ प्रदेश के अर्थ को स्पष्ट कीजिए?
      बंदरगाह से सटा हुआ भूमि का वह भाग जिससे निर्यात की जाने वाली वस्तुओं का संग्रह किया जाता है तथा आयात की जाने वाली वस्तुओं का वितरण किया जाता है बन्दरगाह का पृष्ठप्रदेश कहलाता है।
    17. पत्तन विदेशी व्यापार के केन्द्र बिन्दु है - स्पष्ट करो ?
      पत्तन व्यापार के प्रवेश द्वार है। एक और पत्तन अपने पृष्ठ प्रदेश से विदेशों को भेजी जाने वाली वस्तुओं के संकलन केन्द्र हैं तथा दूसरी ओर भारत में आयातित वस्तुओं को देश के आन्तरिक भागों में वितरित भी करते हैं। इसलिए पत्तन विदेशी व्यापार के केन्द्र बिन्दु है
    18. महाराष्ट्र तामिलनाडु व पं0 बंगाल के एक-एक पोताश्रय का नाम बताइये जिनका निर्माण पहले से स्थापित पोताश्रयों का दबाव कम करने के लिए किया गया ?
      महाराष्ट्र - जवाहर लाल नेहरू पतन
      तामिलनाडु – ऐनोर
      पं0 बंगाल - हल्दिया
    19. भारत के विदेशी व्यापार की प्रमुख विशेषताओं का उल्लेख कीजिए ?
      1. भारत का विदेशी व्यापार सदा ही प्रतिकूल रहा है । आयात का मूल्य निर्यात के मूल्य से सदा ही अधिक रहा है । 
      2. विश्व के सभी देशों के साथ भारत के व्यापारिक संबंध है। 
      3. वस्त्र, अयस्क व खनिज, हीरे आभूषण तथा इलेक्ट्रानिक वस्तुएँ भारत के मुख्य निर्यात है तथा पेट्रोलियम हमारे देश का सबसे बड़ा आयात है
      4. विश्व व्यापार में भारत के विदेशी व्यापार का योगदान केवल 1% है ।
    20. पत्तनों को ‘‘अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार के प्रवेश द्वार’’ क्यों कहते हैं ?
      समुद्री पतन अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, इसलिए इन्हें अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार के द्वार कहते हैं। 
      पत्तन जहाज के लिए गोदी, लादनें, उतारने तथा भंडारण की सुविधाएं प्रदान करते हैं। पत्तन अपने पृष्ठ प्रदेशों से वस्तुएं इकट्ठा करने का काम करते हैं जहां से उन वस्तुओं को अन्य स्थानों पर भेजा जाता है।
    21. पत्तन और पोताश्रय में अन्तर बताइए ।
      पत्तन-गोदी, घाट एवं सामान उतारने की सुविधाओं सहित तट पर ऐसा स्थान होता है जहाँ पर समुद्र-मार्ग से आने वाले माल को उतारकर स्थल मार्ग द्वारा आन्तरिक भागों को भेजा जाता है। साथ ही आन्तरिक भागों में आए माल को समुद्र मार्ग द्वारा विदेशों को भेजा जाता है।
      पोताश्रय-यह समुद्र का वह अंशत: परिषद् क्षेत्र है; जैसे—निवेशिका, नदमुख अथवा समुद्र-अन्तर्गम आदि, जो आने वाले जहाजों को आश्रय देता है।
    22. मुम्बई पत्तन देश का सबसे बड़ा पत्तन है - कैसे ?
      मुम्बई पत्तन देश का सबसे बड़ा पत्तन है क्योंकि
      1. यह एक प्राकृतिक बन्दरगाह है जहां गहरे जल के कारण बड़े-बड़े जहाजों के लिए सुरक्षित सुविधाएं हैं।
      2. यह पत्तन मध्यपूर्व, भूमध्य सागरीय देशों, उत्तरी अफ्रीका, उत्तरी अमेरिका तथा यूरोप के देशों के सामान्य मार्ग के निकट है।
      3. यह भारत का एक महत्वपूर्ण औद्योगिक व व्यापारिक केन्द्र है।
    23. ‘‘विभाजन के कारण बड़ी हानि के बावजूद, स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद से भारतीय पत्तन निरन्तर वृद्धि कर रहे हैं।’’ इस कथन की पुष्टि उपयुक्त उदाहरण देकर करें ।
      आज भारतीय पतन विशाल मात्रा में घरेलू के साथ-साथ विदेशी व्यापार के भी भागीदार हैं।
      अधिकतर सभी पत्तनों में आधुनिकतम तन्त्रों को विकसित किया गया है।
      कई पुराने पतनों के बोझ को कम करने के लिए नये पतनों को विकसित किया गया है जैसे कलकत्ता के साथ हल्दिया पतन, चेन्नई के साथ नूतीकेरिन पतन।
      पतनों के आधुनिकीकरण के लिए सरकारों के साथ साथ निजी कम्पनियों/उद्यमियों को भी कार्यभार दिया गया है।
      अधिकतर भारी मदों का व्यापार समुद्री मार्ग द्वारा ही होता है इसीलिए लगातार पतनों का विकास हो रहा है ।
    24. अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार में वायु परिवहन की क्या भूमिका है? तथा प्रमुख हवाई अड्डों के नाम बताइये ?
      अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में वायु परिवहन एक महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इन्हें लंबी दूरी वाले उच्च मूल्य वाले या नाशवान सामानों को कम से कम समय में ले जाने व निपटाने के लिए लाभ प्राप्त होते हैं। यह भारी और स्थूल वस्तुओं के वहन करने के लिए बहुत महँगा और अनुपयुक्त होता है।
      देश में 25 अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे कार्य कर रहे हैं अंतर्राष्ट्रीय हवाई पत्तनों के अंतर्गत अहमदाबाद, बेंगलूरु, चेन्नई, दिल्ली, गोवा, गुवाहाटी, हैदराबाद, कोच्चि, कोलकाता, मुंबई, थिरुवनंथपुरम, श्रीनगर, जयपुर, कालीकट, नागपुर, कोयम्बटूर, लखनउ, पुणे, चण्डीगढ़, मंगलूरू, विशाखापट्नम, इंदौर, पटना, भुवनेश्वर और कन्नूर हैं ।
    25. भारत के पूर्वी तथा पश्चिमी तटों पर स्थित पत्तनों के नाम राज्य सहित लिखिए ?
      पूर्वी तट 1. कोलकात्ता - पं. बंगाल 
      2. हल्दिया - पं. बंगाल
      3. पाराद्वीप - उड़ीसा
      4. विशाखा पट्नम - आन्ध्र प्रदेश
      5. इन्नोर - तामिलनाडु
      6. चेन्नई - तामिलनाडु
      7. तुतीकोरिन – तामिलनाडु
      पश्चिमी तट 1. कांडला - गुजरात
      2. मुम्बई - महाराष्ट्र
      3. जवाहर लाल नहरू बंदरगाह – महाराष्ट्र
      4. मार्मोगोआ – गोवा
      5. मंगलौर - कर्नाटक
      6. कोच्चि - केरल
    26. भारत के अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार की बदलती प्रकृति पर टिप्पणी लिखिए ?
      भारत में अपने अंतरराष्ट्रीय व्यापार की मात्रा व संगठन के साथ-साथ दिशा में भी परिवर्तन हुआ है , जिसे निम्न बिंदुओं द्वारा स्पष्ट किया जा सकता है
      1. अंतरराष्ट्रीय व्यापार में वृद्धि :  - वर्ष 1950-51 में, भारत का वैदेशिक व्यापार का मूल्य 1,214 करोड़ रुपए था, जो कि वर्ष 2016-17 में बढ़कर 44,29,762 करोड़ रुपए हो गया। विदेशी व्यापार में यह तीव्र वृद्धि विनिर्माण के क्षेत्र में गतिशील उठान, सरकार की उदार नीतियाँ, बाजारों की विविधरूपता, भारत के निर्यात-संघटन के बदलते प्रारूप के कारण  हुई हैं .
      2. भारत के निर्यात-संघटन के बदलते प्रारूप :- भारत में कड़ी अंतर्राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा के कारण कृषि उत्पाद जैसे कॉफी, काजू, दालों आदि परंपरागत वस्तुओं के निर्यात में गिरावट आई है। हालाँकि पुष्प कृषि उत्पाद, ताज़े फल, समुद्री उत्पाद तथा चीनी आदि के निर्यात में वृद्धि दर्ज की गई जबकि पेट्रोलियम तथा अपरिष्कृत उत्पादों के निर्यात में वृद्धि हुई है।
      3. भारत के आयात-संघटन के बदलते प्रारूप :- भारत में 1950 एवं 1960 के दशक में खाद्यान्नों कमी थी इसलिए उस समय आयात की प्रमुख वस्तुएँ खाद्यान्न, पूँजीगत माल एवं मशीनरी थे। उस समय आयात मूल्य निर्यात मूल्य से अधिक था 1970 के दशक के बाद हरित क्रांति की सफलता के बाद खाद्यान्नों का आयात कम हुआ लेकिन 1973 में आए ऊर्जा संकट से पेट्रोलियम पदार्थों के मूल्य में उछाल आया फलतः आयात बजट भी बढ़ गया। 
      4. व्यापार की दिशा :- भारत के व्यापारिक संबंध विश्व के अधिकांश देशों एवं प्रमुख व्यापारी गुटों के साथ हैं। भारत का अधिकतर विदेशी व्यापार समुद्री एवं वायु मार्गों द्वारा संचालित होता है। विदेशी व्यापार काछोटा सा भाग नेपाल, भूटान, बांग्लादेश एवं पाकिस्तान जैसे पड़ोसी राज्यों में सड़क मार्ग द्वारा किया जाता है।

    7.परिवहन व संचार

    परिवहन-यात्रियों व सामान को एक स्थान से दूसरे स्थान पर लाने व ले जाने की प्रकिया परिवहन कहलाती है
    मानव विभिन्न वस्तुओं और पदार्थों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने के लिए भिन्न विधियों (विधाओं) का प्रयोग करता है। परिवहन की निम्लिखित विधाएं है
    1. स्थल परिवहन 2. जल परिवहन 3. वायु परिवहन
    1. स्थल परिवहन
    भारत में स्थल परिवहन का उपयोग परिवहन के लिए प्राचीन काल से किया जाता रहा है। स्थल परिवहन के अन्तर्गत सड़क परिवहन, रेल परिवहन व पाईप लाइन परिवन को सम्मलित किया जाता है 
    (1) सड़क परिवहन
    सड़क परिवहन परिवहन के अन्य साधनों का आधार स्तंभ है भारत का सड़क जाल विश्व का दूसरा सबसे बड़ा सड़क-जाल है। इसकी कुल लंबाई लगभग 62.16 लाख कि.मी. है। भारत में सड़कों द्वारा प्रतिवर्ष 85% यात्री तथा 70% माल का परिवहन किया जाता है। छोटी दूरियों की यात्रा के लिए सड़क परिवहन अपेक्षाकृत अनुकूल होता है।  भारत में पहला गंभीर प्रयास 1943 में ‘नागपुर योजना’ बनाकर किया गया।  स्वतंत्राता प्राप्ति के पश्चात् भारत में सड़कों की दशा सुधारने के लिए एक बीस वर्षीय सड़क योजना (1961) आरंभ की गई। 
    निर्माण एवं रख-रखाव के उद्देश्य के आधार पर सड़कों को चार वर्गों में विभाजित किया गया है
    1.राष्ट्रीय महामार्ग(NH)- राष्ट्रीय महामार्गों का निर्माण व रखरखाव केंद्र सरकार करती है राष्ट्रीय महामार्गों का उपयोग अंतर्राज्यीय परिवहन तथा सामरिक क्षेत्रों तक रक्षा सामग्री एवं सेना के आवागमन के लिए होता है। ये महामार्ग राज्यों की राजधानियों, प्रमुख नगरों, महत्वपूर्ण पत्तनों तथा रेलवे जंक्शनों को भी जोड़ते हैं। 1995 में भूतल परिवहन मंत्रालय के अधीन एक स्वायत्तशासी निकाय “भारतीय राष्ट्रीय महामार्ग प्राधिकरण” (NHAI) का गठन किया गया है जो राष्ट्रीय महामार्गों के विकास, रख-रखाव तथा प्रचालन का कार्य करता है। यह राष्ट्रीय महामार्गों की गुणवत्ता सुधार के लिए एक शीर्ष संस्था है। राष्ट्रीय महामार्गों की लंबाई पूरे देश की कुल सड़कों की लंबाई की मात्र 2 प्रतिशत है परन्तु ये यातायात के 40% भाग का परिवहन होता है
    ग्रांड ट्रंक (जी. टी.) रोड - शेरशाह सूरी ने अपने साम्राज्य को सिंधु घाटी (पाकिस्तान) से लेकर बंगाल की सोनार घाटी तक सुदृढ़ एवं संघटित रखने के लिए शाही राजमार्ग का निर्माण कराया था। जो कोलकाता को पेशावर से जोडती थी ब्रिटिश शासन काल इसका नाम ग्रांड ट्रंक (जी. टी.) रोड रखा गया था। वर्तमान में यह अमृतसर से कोलकाता के बीच विस्तृत है जो दो खंडों में विभाजित है
    (क) राष्ट्रीय महामार्ग NH-1 दिल्ली से अमृतसर तक
    (ख) राष्ट्रीय महामार्ग NH-2 दिल्ली से कोलकाता तक
    स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना
    यह भारत के चार महानगरों दिल्ली-मुंबई-चैन्नई-कोलकाता को 5846 किलोमीटर लम्बी चार/छ: लेन सड़क द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग द्वारा जोङने की परियोजना है
    उत्तर-दक्षिण गलियारा -श्रीनगर (जम्मू कश्मीर) से कन्याकुमारी (तमिलनाडु) को जोड़ता है इसकी लंबाई 4016 किमी है
    पूर्व-पश्चिम गलियारा- यह सिलचर (असम) को पोरबंदर (गुजरात) से जोड़ता है इसकी लंबाई 3640 किमी है
    2. राज्य महामार्ग (SH)-  इन सड़कों का निर्माण और रखरखाव राज्य सरकार करती है ये सड़के राजधानी को जिला मुख्यालय से जोड़ती है राज्य महामार्गों की लंबाई पूरे देश की कुल सड़कों की लंबाई की 4 % है
    3. जिला सड़क मार्ग - ये सड़कें जिला मुख्यालय को जिले के अन्य स्थानों से जोड़ती है जिला सड़क मार्ग की लंबाई पूरे देश की कुल सड़कों की लंबाई की 14% है
    4. ग्रामीण सड़कें- इन सड़कों की सर्वाधिक लंबाई है भारत की कुल सड़कों की लंबाई कालगभग 80 प्रतिशत हिस्सा ग्रामीण सड़कों के रूप में वर्गीकृत किया गया है। यह ग्रामीण क्षेत्रों को शहरों तथा कस्बों से जोड़ती है इस इन के विकास के लिए प्रधानमंत्री सड़क योजना का कार्य प्रगति पर है ये सड़कें ग्रामीण क्षेत्रों को आपस में जोड़ने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होती हैं
    5. अन्य सड़के - अन्य सड़कों के अंतर्गत सीमांत सड़कें (सीमावर्ती सड़के) एवं अंतर्राष्ट्रीय महामार्ग आते हैं सीमांत सड़कों के निर्माण के लिए 1960 में सीमा सड़क संगठन BRO की स्थापना की गई जिसका प्रमुख उद्देश्य सीमावर्ती सड़कों का निर्माण करना व इनका रखरखाव करना है BRO ने पर्वतीय क्षेत्रों में चंडीगढ़ को मनाली (हिमाचल प्रदेश) तथा लेह (लद्दाख) से जोड़ने वाली सड़क बनाई है। सामरिक दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में सड़कें बनाने व रखरखाव करने के साथ-साथ बी.आर.ओ. अति ऊँचाइयों वाले क्षेत्रों में बर्फ हटाने का कार्य भी करता है अंतर्राष्ट्रीय महामार्गों का उद्देश्य पड़ोसी देशों के बीच भारत के साथ प्रभावी संपर्कों को उपलब्ध कराते हुए सद्भावपूर्ण संबंधों को बढ़ावा देना है
    विश्व की सबसे लंबी राजमार्ग सुरंग -
    विश्व की सबसे लंबी राजमार्ग सुरंग अटल टनल है जिसकी लम्बाई 9.02 किलोमीटर है यह सुरंग सीमा सड़क संगठन द्वारा बनाई गयी है। यह सुरंग पूरे साल मनाली को लाहौल-स्पीति घाटी से जोड़ती है। यह सुरंग हिमालय की पीरपंजाल पर्वतमाला में औसत समुद्र तल से 3000 मीटर कीऊँचाई पर अति-आधुनिक सुविधाओंके साथ बनाई गई है।
    भारतमाला परियोजना
    भारतमाला एक प्रस्तावित वृहद् योजना है जो 2022 में पूरी होगी जिसमे निम्न प्रावधान है
    (i) तटवर्ती राज्यों की सड़कों का विकास/सीमावर्ती भागों तथा छोटे बंदरगाहों को जोड़ना।
    (ii) पिछडे़ इलाकों, धर्मिक, पर्यटन स्थलों को जोड़ने की योजना।
    (iii) सेतू भारतम परियोजना के अंतर्गत 1500 बड़े पुलों तथा 200 रेल ओवर ब्रिज/रेल अंडर ब्रिज का निर्माण।
    (iv) लगभग 900 कि.मी. के नए घोषित राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास के लिए जिला मुख्यालय जाडेऩे की योजना।
    (2) रेल परिवहन
    भारतीय रेल देश का सबसे बड़ा राष्ट्रीयकृत उपक्रम है भारत में प्रथम रेल 16 अप्रैल 1853 में मुंबई से थाने के मध्य (34 किमी) चलाई गई ।भारतीय रेल प्रणाली एशिया की सबसे बड़ी एवं विश्व की दूसरी बड़ी रेल प्रणाली है भारतीय रेल का संचालन केंद्र सरकार द्वारा किया जाता है भारतीय रेल का 1950 में राष्ट्रीयकरण किया गया।वर्तमान में भारतीय रेल 16 रेल मण्डल व 1 मेट्रो रेल मंडलों में विभाजित है भारतीय रेल जाल की कुल लंबाई 66030 कि.मी. है रेल्वे पटरी की चौड़ाई के आधार पर भारतीय रेल के तीन वर्ग बनाए गए हैं।
    बड़ी लाइन (Broad Guage) - बड़ी लाइन में रेल पटरियों के बीच की दूरी 1.616 मीटर होती है।
    मीटर लाइन (Meter Guage)- मीटर लाइन में रेल पटरियों के बीच की दूरी एक मीटर होती है।
    छोटी लाइन (Narrow Guage)- छोटी लाइन में रेल पटरियों के बीच की दूरी 0.762 मीटर या 0.610 मीटर होती है।
    मेट्रो रेल - मेट्रो रेल का शुभारंभ 1972 में कोलकाता में हुआ यह अंत:नगरीय द्रुतगामी रेल सेवा है वर्तमान में कोलकाता, दिल्ली, बेंगलुरु, चेन्नई, हैदराबाद तथा जयपुर में मेट्रो रेल का संचालन हो रहा है मेट्रो रेल का प्रचालन नगरीय केंद्रों के वायु प्रदूषण को नियंत्रण करने की दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है।
    कोंकण रेल्वे -26 जनवरी 1998 में रोहा(महाराष्ट्र) से मंगलौर(कर्नाटक)के बीच 760 किलोमीटर लम्बे रेल मार्ग की शुरुआत की गई जो 146 नदियों व धाराओं, 2000 पुल व 91 सुरंगों से गुजरता है इस उद्यम में कर्नाटक, गोवा तथा महाराष्ट्र राज्य भागीदार हैं। इसे कोकण रेल्वे के नाम से जाना जाता है
    2. जल परिवहन
    परिवहन का सबसे सस्ता साधन है क्योंकि इसमें परिवहन मार्ग के निर्माण एवं रखरखाव की समस्या नहीं है तथा भारी सामानों का सुरक्षित परिवहन होता है यह ईंधन-दक्ष तथा पारिस्थितिकी अनुकूल परिवहन प्रणाली है। भारत के जलमार्ग को दो भागों में विभक्त किया जा सकता है
    (क) अन्तः स्थलीय जलमार्ग और (ख) महासागरीय जलमार्ग।
    A. अंतःस्थलीय जलमार्ग - भारत में 14,500 कि.मी. लंबा अंतःस्थलीय जलमार्ग नौकायन हेतु उपलब्ध है जो देश के परिवहन में लगभग 1% का योगदान देता है। इसके अंतर्गत नदियाँ, नहरें, पश्च जल तथा सँकरी खाड़ियाँ आदि आती हैं। भारत में राष्ट्रीय जलमार्ग के विकास व नियमन के लिए 1986 में भारतीय अन्त: स्थलीय जलमार्ग प्राधिकरण का गठन किया गया भारत में 6 राष्ट्रीय जलमार्ग बनाए गए
    1.राष्ट्रीय जलमार्ग-1  हल्दिया से इलाहाबाद तक 1620 किलोमीटर लंबा (गंगा नदी में)
    यह पटना तक यंत्रीकृत नौकाओं द्वारा तथा हरिद्वार तक साधारण नौकाओं द्वारा नौकायन योग्य है। यह तीन भागों में विभाजित है
    (i) हल्दिया-फरक्का - 560 कि.मी. (ii) फरक्का-पटना - 460 कि.मी.
    (iii) पटना-इलाहाबाद - 600 कि.मी.
    2.राष्ट्रीय जलमार्ग-2  धुबरी से सादिया तक 891 किलोमीटर (ब्रह्मपुत्र नदी में) इसका भारत व बांग्लादेश साझेदारी में प्रयोग करते हैं।
    3.राष्ट्रीय जलमार्ग -3  कोट्टापुरम से कोलम तक 168 किलोमीटर (पश्चिमी तट नहर में)
    इसके अंतर्गत पश्चिमी तट नहर (168 कि.मी.) के साथ चंपाकारा (14 कि.मी.) तथा उद्योग मंडल (23 कि.मी.) नहरें आती हैं।
    4. राष्ट्रीय जलमार्ग-4  काकीनाडा से मरक्कानम तक 1078 किलोमीटर (गोदावरी और कृष्णा नदी)
    5. राष्ट्रीय जलमार्ग- 5 तलचर से धमरा तक 588 किमी (ब्राहमणी नदी )
    पश्च जल (कडल) का अंतः स्थलीय जलमार्गों में अपना एक विशिष्ट महत्व है। ये परिवहन का सस्ता साधन उपलब्ध कराने के साथ-साथ केरल में भारी संख्या में पर्यटकों को भी आकर्षित करते हैं। यहाँ की प्रसिद्ध नेहरू ट्रॉफी नौकादौड़ (वल्लामकाली) भी इसी पश्च जल में आयोजित की जाती है।
    B.महासागरीय जल मार्ग- भारत में लंबी समुद्र तटीय रेखा के कारण महासागरीय जल परिवहन का विकास अधिक हुआ है भारत में 12 प्रमुख बंदरगाह तथा 185 छोटे बंदरगाह है जिनमें भारत का अधिकतर समुद्री व्यापार होता है भारत में भार के अनुसार लगभग 95% तथा मूल्य के अनुसार 70% विदेशी व्यापार महासागरीय मार्गों द्वारा होता है।
    3. वायु परिवहन

    वायु परिवहन परिवहन का सबसे तीव्रतम एवं आधुनिक व मंहगा साधन है वायु परिवहन दुर्गम व दूरस्थ स्थानों पर पहुंच तथा प्राकृतिक आपदाओं से राहत हेतु उत्तम साधन है भारत में वायु परिवहन की शुरुआत 1911 में इलाहाबाद से नैनी (10 किलोमीटर) के बीच हुई जिससे केवल वायु डाक प्रचालन संपन्न किया गया था। भारत में वायु परिवहन का संचालन भारतीय विमान पत्तन प्राधिकरण करता है
    उड़ान (उड़े देश का आम नागरिक) विश्व स्तर पर अपनी तरह की पहली योजना है, जिसे क्षेत्रीय विमानन बाजार में तेजी लाने के लिए डिजाइन किया गया है। आम नागरिक के लिए उड़ान को किफायती बनाकर क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए नगर विमानन मंत्रालय, द्वारा क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना (RCS) उड़ान की कल्पना की गई थी। योजना का मुख्य विचार सक्षम नीतियों और प्रोत्साहनों के माध्यम से एयरलाइनों को क्षेत्रीय और दूरस्थ मार्गों पर उड़ानें संचालित करने के लिए प्रोत्साहित करना है।
    पवन हंस
    पवन हंस एक हेलीकॉप्टर सेवा है जो पर्वतीय क्षेत्रों में सेवारत है और उत्तर-पूर्व सेक्टर में व्यापक रूप से पर्यटकों द्वारा उपयोग में लाया जाता है। पवन हंस लिमिटेड मुख्यतः पेट्रोलियम सेक्टर के लिए हेलीकॉप्टर सेवाएँ उपलब्ध कराता है।
    तेल एवं गैस पाइप लाइन
    पाइप लाइनें गैसों एवं तरल पदार्थों के लंबी दूरी तक परिवहन हेतु अत्यधिक सुविधाजनक एवं सक्षम परिवहन प्रणाली है। यहाँ तक की इनवेफ द्वारा ठोस पदार्थों को भी घोल या गारा में बदलकर परिवहित किया जा सकता है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के प्रशासन के अधीन स्थापित आयल इंडिया लिमिटेड (ओ.आई.एल.) कच्चे तेल एवं प्राकृतिक गैस के अन्वेषण, उत्पादन और परिवहन में संलग्न है। इसे 1959 में एक कंपनी के रूप में निगमित किया गया था। 
    भारत की पाइपलाइने 
    1.नाहरकटिया-नूनमति-बरौनी पाइपलाइन - यह एशिया की प्रथम पाइपलाइन है जो असम के नाहरकटिया तेल कुओं से बरौनी (बिहार) तक 1157 किलोमीटर तक बिछाई गई है इसका निर्माण आयल इंडिया लिमिटेड द्वारा किया गया  इसे 1966 में और आगे कानपुर तक विस्तारित किया गया।
    2. हजीरा- विजयपुर -जगदीशपुर पाइपलाइन- यह विश्व की सबसे लंबी भूमिगत गैस पाइपलाइन है जिसकी लम्बाई 1700 किलोमीटर है 
    इसका निर्माण गेल (इंडिया) लिमिटेड (स्थापना 1984) द्वारा किया गया यह पाइपलाइन हजीरा (महाराष्ट्र)- विजयपुर (मध्य प्रदेश) - जगदीशपुर (उत्तर प्रदेश) के मध्य है
    यह क्रॉस कंट्री गैस पाइपलाइन ने मुंबई हाई और बेसीन गैस क्षेत्रों को पश्चिमी और उत्तरी भारत में विभिन्न उर्वरक, बिजली और औद्योगिक परिसरों से जोड़ा है।
    संचार
    दो या दो से अधिक व्यक्तियो के बीच सूचनाओं का आदान प्रदान संचार कहलाता है संचार के साधन को दो भागों में बांटा या है
    1.व्यक्तिक संचार तंत्र -एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक सूचना को पंहुचाने वाला साधन व्यक्तिक संचार साधन कहलाता है पत्र, टेलीफोन, इमेल, इंटरनेट, मोबाइल
    2.जनसंचार संचार तंत्र -जनसाधारण तक सूचनाओं को पहुंचाने वाले साधन जनसंचार संचार तंत्र कहलाते हैं रेडियो, टेलीविजन, उपग्रह, समाचार पत्र आदि
    रेडियो- भारत में रेडियो का प्रसारण सन् 1923 में रेडियो क्लब ऑफ बाम्बे द्वारा प्रारंभ किया गया था। इसने लोगों के सामाजिक-संस्कृतिक जीवन में परिवर्तन ला दिया है। 1930 में इंडियन ब्रॉड कास्टिंग सिस्टम के अंतर्गत इस लोकप्रिय संचार माध्यम को अपने नियंत्राण में ले लिया। 1936 में इसे ऑल इंडिया रेडियो और 1957 में आकाशवाणी में बदला दिया गया। ऑल इंडिया रेडियो सूचना, शिक्षा एवं मनोरंजन से जुडे़ विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों को प्रसारित करता है। विशिष्ट अवसरों जैसे संसद तथा राज्य विधानसभाओं के सत्रों के दौरान विशेष समाचार बुलेटिनों को भी प्रसारित किया जाता है।
    टेलीविजन (टी.वी.)- सूचना के प्रसार और आम लोगों को शिक्षित करने में टेलीविजन प्रसारण एक अत्यधिक प्रभावी दृश्य-श्रव्य माध्यम के रूप में उभरा है। इसे 1959 में प्रारंभ किया गया था। सन् 1976 में टी.वी. को ऑल इंडिया रेडियो से विगलित कर दिया गया और इसे दूरदर्शन (डी.डी.) के रूप में एक अलग पहचान दी गई। इनसैट-1A (राष्ट्रीय टेलीविजन डीडी-1) के चालू होने के बाद समूचे नेटवर्क के लिए साझा राष्ट्रीय कार्यक्रमों की शुरुआत की गई और इन्हें देश-भर के पिछड़े और सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों तक विस्तारित किया गया।
    उपग्रह संचार- पृथ्वी की कक्षा में कृत्रिम उपग्रहो के सफलतापूर्वक प्रक्षेण के पश्चात उपग्रहों के माध्यम से होने वाले संचार ने संचार तकनीकी के क्षेत्र में नवीन युग का आरंभ किया है
    उपग्रह संचार प्रणाली ने विश्व के विभिन्न क्षेत्रों को एक दूसरे के निकट ला दिया तथा पृथ्वी के वे स्थान जहां पहुंचना असंभव था उन स्थानों को संचार प्रणाली से जोड़ दिया। उपग्रह संचार का उपयोग दूरदर्शन संचालन, मौसम का पूर्वानुमान लगाने, प्राकृतिक आपदाओं जानकारी, सीमा क्षेत्रों की चौकसी आदि में किया जाता है
    भारत की उपग्रह प्रणाली को दो भागों में वर्गीकृत किया जा सकता है
    इंडियन नेशनल सेटेलाइट सिस्टम (INSAT) इनसैट स्थापना 1983 में हुई थी, एक बहुउद्देश्यीय उपग्रह प्रणाली है जो दूरसंचार, मौसम विज्ञान संबंधी अवलोकनों तथा विभिन्न अन्य आँकड़ों एवं कार्यक्रमों के लिए उपयोगी है।
    इंडियन रिमोट सेंसिंग सेटेलाइट सिस्टम (IRS) आई आर एस उपग्रह प्रणाली मार्च 1988 में रूस के वैकानूर से IRS -1 A के प्रक्षेपण के साथ आरंभ हो गई थी।
    भारत ने भी अपना स्वयं का प्रक्षेपण वाहन PSLV (पोलर सेटेलाइट लाँच वेहकिल) विकसित किया।
    हैदराबाद स्थित नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर (NRSC) आँकड़ों के अधिग्रहण एवं प्रक्रमण की सुविधा उपलब्ध कराती है।


    1. भारतीय रेल प्रणाली को कितने मंडलों में विभाजित किया गया है?
      [अ] 9
      [ब] 12
      [स] 17
      [द] 14                                                      [स] 
    2. राष्ट्रीय जल मार्ग संख्या-1 किस नदी पर तथा किन दो स्थानों के बीच पड़ता है?
      [अ] ब्रह्मपुत्र- सादिया धुबरी
      [ब] गंगा-हल्दिया-इलाहाबाद
      [स] पश्चिमी तट नहर-कोट्टापुरम से कोल्लाम 
      [द] ब्राहमणी- तलचर से धमरा             [ब] 
    3. निम्नलिखित में से किस वर्ष में पहला रेडियो कार्यक्रम प्रसारित हुआ था?
      [अ] 1911
      [ब] 1936
      [स] 1927
      [द] 1923                                                    [द]
    4. भारतीय राष्ट्रीय महामार्ग प्राधिकरण ( NHA) की शुरूआत (प्रचालन) कब हुई थी ?
      [अ]1961
      [ब]1976
      [स]1995
      [द]1985                                                      [स]
    5. भारत में अंतःस्थलीय जलमार्ग प्राधिकरण की स्थापना कब हुई थी ?
      [अ]1996
      [ब]1986
      [स]1976
      [द]1966                                                       [ब]
    6. निम्नलिखित में से परिवहन का प्रकार नहीं है ?
      [अ] सड़क
      [ब] वायु
      [स] जल
      [द] मोबाइल                                                 [द] 
    7. भारत में रेल सेवा की शुरूआत कब हुई ?
      [अ] 1853
      [स] 1911
      [ब] 1857
      [द] 1923                                                   [अ]
    8. सड़क जाल के हिसाब से भारत का विश्व में कौनसा स्थान है ?
      [अ]पहला
      [ब]दूसरा
      [स] तीसरा
      [द] चौथा                                                   [ब]
    9. सीमा सड़क संगठन की स्थापना कब हुई थी?
      [अ] 1947
      [ब] 1956
      [स] 1960
      [द] 1970                                                  [स]
    10. स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना के अंतर्गत कौन से शहर शामिल हैं?
      [अ] दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता
      [ब] दिल्ली, बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई
      [स] दिल्ली, लखनऊ, जयपुर, भोपाल
      [द] दिल्ली, कोलकाता, पटना, मुंबई              [अ]
    11.  भारत में सड़को की दशा सुधारने के लिए "बीस वर्षीय सड़क योजना कब आरम्भ की गई थी ?
      [अ] 1943
      [ब] 1961
      [स] 1981
      [द] 1972                                          [ब]
    12. भारत में प्रथम रेलवे लाइन का निर्माण कहाँ हुआ था ?
      [अ]मुंबई और थाणे के बीच
      [ब]हावड़ा और सेरामपुर के बीच
      [स]चेन्नई और गुंटूर के बीच
      [द]दिल्ली और आगरा के बीच              [अ]
    13. भारत का सबसे लंबा जलमार्ग कौन सा है?
      [अ] राष्ट्रीय जलमार्ग I
      [ब] राष्ट्रीय जलमार्ग II
      [स] राष्ट्रीय जलमार्ग III
      [द] राष्ट्रीय जलमार्ग IV                    [अ]
    14. पाइपलाइन द्वारा गैस के परिवहन के लिए किस कंपनी की स्थापना की गई थी?
      [अ] BPCL
      [ब] GAIL
      [स] ONGC
      [द] IOCL                                 [ब]
    15. कोंकण रेलवे परियोजना का निर्माण किन राज्यों में हुआ था?
      [अ] तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश
      [ब] महाराष्ट्र, कर्नाटक, गोवा
      [स] केरल और गुजरात
      [द] पश्चिम बंगाल और ओडिशा      [ब]
    16. सबसे सस्ता परिवहन साधन कौन सा है?
      [अ] वायुमार्ग
      [ब] सड़क मार्ग
      [स] रेलमार्ग
      [द] जलमार्ग                             [द]
    17. कोंकण रेलवे जोड़ता है -
      [अ]मुम्बई में मनमाड को
      [ब]रोहा से मंगलौर को
      [स]मंगलुरु से कोच्चि को
      [द]मुम्बई से पुणे को                    [ब]
    18. कोंकण रेलवे की लंबाई कितनी है?
      [अ] 650 किलोमीटर
      [ब] 700 किलोमीटर
      [स] 760 किलोमीटर
      [द] 820 किलोमीटर                    [स]
    19. भारतीय रेलवे किस प्रकार के रेलवे लाइन का प्रयोग करती है ?
      [अ]ब्रौड गेज
      [ब]मीटर गेज
      [स]नैरो गेज
      [द]इनमे से सभी                        [द]
    20. भारत का सर्वाधिक विदेशी व्यापार किस मार्ग द्वारा होता है ?
      [अ] स्थल मार्ग
      [ब] वायु मार्ग
      [स] समुद्री मार्ग
      [द] पाइपलाइन   [स]
    21. दिल्ली से कोलकाता तक की राष्ट्रीय राजमार्ग किस नाम से प्रसिद्ध है –
      [अ] NH-1
      [ब] NH-2
      [स] NH-4
      [द] NH-5          [ब]
    22. नागपुर सड़क योजना किस वर्ष बनी थी ?
      [अ] 1941
      [ब] 1942
      [स] 1945
      [द] 1943      [द]
    23. हजीरा-विजयपर-जगदीशपर पाइपलाइन से किस पदार्थ का परिवहन किया जाता है ?
      [अ] जल
      [ब] पेट्रोल
      [स] गैस
      [द] तरल खनिज   [स] 
    24. देश में नौकायन-योग्य जलमार्गों की कुल लम्बाई कितनी है ?
      [अ] 14,500 किमी०
      [ब] 15,400 किमी०
      [स] 12,500 किमी०
      [द] 11,200 किमी०      [अ]
    25. ग्रैंडट्रंक रोड किस नाम से जाना जाता है ?
      [अ] NH-1 एवं NH-2
      [ब] NH-8
      [स] NH-3
      [द] NH-10             [अ]
    26. भारत का सड़क जाल विश्व का .................. सबसे बड़ा सड़क-जाल है। (दूसरा)
    27. भारत में भार के अनुसार लगभग ...............विदेशी व्यापार महासागरीय मार्गों द्वारा होता है। (95% तथा 70%)
    28. भारत का सड़क जाल विश्व का .................सबसे बड़ा सड़क-जाल है। (दूसरा )
    29. छोटी दूरियों की यात्रा के लिए ............................अपेक्षाकृत अनुकूल होता है? (सड़क परिवहन)
    30. भारतीय रेल प्रणाली को .............मण्डलों में विभाजित किया जाता है।(17)
    31. मेट्रो रेल ने भारत में ................परिवहन व्यवस्था में क्रांति  ला दी है। (नगरीय )
    32. स्वतंत्राता प्राप्ति के पश्चात भारत में सड़कों की दशा सुधारने के  लिए एक ........सड़क योजना आरंभ की गई (बीस वर्षीय )
    33. भारत की कुल सड़कों की लंबाई का लगभग........... प्रतिशत हिस्सा ग्रामीण सड़कों के रूप में वर्गीकृत किया गया है। ( 80)
    34. विश्व की सबसे लंबी राजमार्ग सुरंग -............ सीमा सड़क संगठन द्वारा बनाई गयी है।(अटल टनल )
    35. देश में भारतीय रेल सरकार का ................. उद्यम है।(विशालतम) 
    36. भारत के पास द्वीपों सहित लगभग ................... कि.मी. लंबा व्यापक समुद्री तट है (7517)
    37. वायु परिवहन एक स्थान से दूसरे स्थान तक गमनागमन का ........................साधन है (तीव्रतम)
    38. ................. एक हेलीकॉप्टर सेवा है (पवन हंस)
    39. पवन हंस लिमिटेड मुख्यतः ........................ सेक्टर के लिए हेलीकॉप्टर सेवाएँ उपलब्ध कराता है।(पेट्रोलियम)
    40. भारत में रेडियो का प्रसारण सन्............... में रेडियो क्लब ऑफ बाम्बे द्वारा प्रारंभ किया गया था (1923)
    41. उपग्रह, ............... की स्वयं में एक विधा है (संचार)

    1. भारत में कितने रेल मण्डल है ?
      17 रेल मण्डल
    2. भारतीय राष्ट्रीय महामार्ग प्राधिकरण ( N. H. A. I.) कि मंत्रालय के अधीन कार्य करता है ?
      भूतल परिवहन मंत्रालय के अधीन
    3. बड़ी लाइन में रेल पटरियों के बीच की दूरी कितनी होती है ?
      1.616
    4. विश्व की सबसे लंबी राजमार्ग सुरंग कौनसी है ?
      अटल टनल
    5. “भारतीय राष्ट्रीय महामार्ग प्राधिकरण” [NHAI] का गठन कब किया गया है ?
      1995
    6. भारत में पाइप लाइन द्वारा परिवहन का संचालन कौन करता है ?
      भारतीय गैस प्राधिकरण लिमिटेड
    7. राज्य महामार्गों का निर्माण और रखरखाव कौन करता है ?
      राज्य सरकार
    8. भारत में रेडियो का प्रसारण कब और किसके द्वारा प्रारंभ किया गया था ?
      सन् 1923 में रेडियो क्लब ऑफ बाम्बे द्वारा
    9. भारत में रेल परिवहन [प्रथम रेल] की शुरुआत कब हुई ?
      1853 में मुंबई से ठाणे [34 किलोमीटर]
    10. अन्तःनगरीय द्रुतगामी रेल मण्डल सेवा कौनसी है ?
      मेट्रो रेल्व
    11. भारत के चार महानगरों को जोड़नेवाली सड़क है ?
      स्वर्णिम-चतुर्भुज मार्ग
    12. पश्चिमी रेगिस्तान में परिवहन साधनों का विकास कम विकास किन कारणों से हुआ है ?
      विरल जनसंख्या के कारण
    13. भारत में सबसे लंबा राष्ट्रीय जलमार्ग [NW] कौन सा है ?
      राष्ट्रीय जलमार्ग-1 - हल्दिया से इलाहाबाद तक 1620 किलोमीटर लंबा [गंगा नदी में]
    14. नागपुर योजना किस परिवहन से संबंधित है?
      सड़क
    15. भारत में परिवहन का सबसे तीव्रतम, आधुनिक व मंहगा साधन कौनसा है ?
      वायु परिवहन
    16. रोहा [महाराष्ट्र] से मंगलौर [कर्नाटक] के बीच बनाये गए रेलमार्ग का नाम लिखिए
      कोंकण रेलमार्ग
    17. भारत में वायु परिवहन की सुविधाएं कौन प्रदान करता है ?
      भारतीय विमान पतन प्राधिकरण
    18. मेट्रो रेल की शुरुआत कहाँ हुई ?
      1972 में कलकत्ता
    19. वर्तमान में मेट्रो रेल किन शहरों में संचालित है ?
      कलकत्ता, दिल्ली, चैन्नई, बेंगलूर, हैदराबाद व जयपुर
    20. नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर [NRSC] कहाँ स्थित है ?
      हैदराबाद
    21. परिवहन का कौनसा साधन दुर्गम व दूरस्थ स्थानों पर पहुंच तथा प्राकृतिक आपदाओं से राहत हेतु उत्तम साधन है ?
      वायु परिवहन
    22. कोंकण रेलवे की लम्बाई कितनी है ?
      760 किलोमीटर
    23. राष्ट्रीय जलमार्ग-2 किन दो स्थानों को जोड़ता है ?
      धुबरी से सादिया तक 891 किलोमीटर [ब्रह्मपुत्र नदी में]
    24. भारत में वायु परिवहन कब शुरू हुई ?
      1911 में इलाहाबाद से नैनी के बीच
    25. राष्ट्रीय जल मार्ग -1 किस नदी पर किन दो स्थानों को जोड़ता है इसकी लम्बाई कितनी है ?
      गंगा नदी में पर हल्दिया को इलाहाबाद से जोड़ता है इसकी 1620 किलोमीटर है
    26. परिवहन किसे कहते हैं ?
      यात्रियों व सामान को एक स्थान से दूसरे स्थान पर लाने व ले जाने की प्रकिया परिवहन कहलाती है
    27. HBJ/HVJ का पूरा नाम लिखिए
      हजीरा-विजयपुरा-जगदीशपुर ।यह विश्व की सबसे लम्बी भूमिगत गैस पाइप लाइन [1700किमी] है
    28. परिवहन व संचार में अंतर लिखिए
      यात्रियों व सामान को एक स्थान से दूसरे स्थान पर लाने व ले जाने की प्रकिया परिवहन कहलाती है जबकि दो या दो से अधिक व्यक्तियो के बीच सूचनाओं का आदान प्रदान संचार कहलाता है
    29. सीमा सङक संगठन की स्थापना किस उद्देश्य से की गई?
      1960 में सीमावर्ती सङको के निर्माण व रखरखाव के उद्देश्य से BRO की स्थापना की गई
    30. स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना क्या है?
      यह भारत के चार महानगरों दिल्ली-मुंबई-चैन्नई-कोलकाता को 5846 किलोमीटर लम्बी चार/छ: लेन सड़क द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग द्वारा जोङने की परियोजना है
    31. सड़क परिवहन के लिए नागपुर योजना कब बनाई गई। यह योजना क्रियान्वित क्यों नहीं हो पाई ?
      1943 में बनाई गई थी लेकिन रजवाड़ों और ब्रिटिश भारत के बीच समन्वय के अभाव के कारण यह योजना असफल रही।
    32. राष्ट्रीय महामार्ग किसे कहते है ?
      वे महामार्गों जिनका निर्माण व रखरखाव केंद्र सरकार करती है तथा जिनका उपयोग अंतर्राज्यीय परिवहन तथा सामरिक क्षेत्रों तक रक्षा सामग्री एवं सेना के आवागमन के लिए होता है । राष्ट्रीय महामार्ग कहलाते है ये महामार्ग राज्यों की राजधानियों, प्रमुख नगरों, महत्वपूर्ण पत्तनों तथा रेलवे जंक्शनों को भी जोड़ते हैं ।
    33. पश्च जल [कडल] का अंतः स्थलीय जलमार्गों में क्या महत्व है ?
      पश्च जल [कडल] का अंतः स्थलीय जलमार्गों में अपना एक विशिष्ट महत्व है । ये परिवहन का सस्ता साधन उपलब्ध कराने के साथ-साथ केरल में भारी संख्या में पर्यटकों को भी आकर्षित करते हैं । यहाँ की प्रसिद्ध नेहरू ट्रॉफी नौकादौड़ [वल्लामकाली] भी इसी पश्च जल में आयोजित की जाती है
    34. विश्व की सबसे लंबी राजमार्ग सुरंग कौनसी है ?
      विश्व की सबसे लंबी राजमार्ग सुरंग अटल टनल है जिसकी लम्बाई 9.02 किलोमीटर है यह सुरंग सीमा सड़क संगठन द्वारा बनाई गयी है । यह सुरंग मनाली को लाहौल-स्पीति घाटी से जोड़ती है ।
    35. उत्तर-दक्षिण व पूर्व-पश्चिम गलियारा क्या है ?
      उत्तर-दक्षिण गलियारा -श्रीनगर [जम्मू कश्मीर] से कन्याकुमारी [तमिलनाडु] को जोड़ता है इसकी लंबाई 4016 किमी है
      पूर्व-पश्चिम गलियारा- यह सिलचर [असम] को पोरबंदर [गुजरात] से जोड़ता है इसकी लंबाई 3640 किमी है
    36. पवन हंस क्या है ?
      पवन हंस एक हेलीकॉप्टर सेवा है जो पर्वतीय क्षेत्रों में सेवारत है और उत्तर-पूर्व सेक्टर में व्यापक रूप से पर्यटकों द्वारा उपयोग में लाया जाता है । पवन हंस लिमिटेड मुख्यतः पेट्रोलियम सेक्टर के लिए हेलीकॉप्टर सेवाएँ उपलब्ध कराता है ।
    37. मेट्रो रेल क्या है ?
      मेट्रो रेल का शुभारंभ 1972 में कोलकाता में हुआ यह अंत:नगरीय द्रुतगामी रेल सेवा है वर्तमान में कोलकाता, दिल्ली, बेंगलुरु, चेन्नई, हैदराबाद तथा जयपुर में मेट्रो रेल का संचालन हो रहा है मेट्रो रेल का प्रचालन नगरीय केंद्रों के वायु प्रदूषण को नियंत्रण करने की दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है ।
    38. कोंकण रेलवे परियोजना क्या है ?
      कोंकण रेल्वे -26 जनवरी 1998 में रोहा [महाराष्ट्र] से मंगलौर[कर्नाटक] के बीच 760 किलोमीटर लम्बे रेल मार्ग की शुरुआत की गई जो 146 नदियों व धाराओं, 2000 पुल व 91 सुरंगों से गुजरता है इस उद्यम में कर्नाटक, गोवा तथा महाराष्ट्र राज्य भागीदार हैं । इसे कोकण रेल्वे के नाम से जाना जाता है
    39. भारत में “भारतीय राष्ट्रीय महामार्ग प्राधिकरण” [NHAI] क्या है इसका मुख्य कार्य लिखिए
      1995 में भूतल परिवहन मंत्रालय के अधीन एक स्वायत्तशासी निकाय “भारतीय राष्ट्रीय महामार्ग प्राधिकरण” [NHAI] का गठन किया गया है जो राष्ट्रीय महामार्गों के विकास, रख-रखाव तथा प्रचालन का कार्य करता है । यह राष्ट्रीय महामार्गों की गुणवत्ता सुधार के लिए एक शीर्ष संस्था है ।
    40. पटरियों के बीच दूरी के अनुसार रेलमार्गों को किस प्रकार बाँटा गया है ?
      रेल्वे पटरी की चौड़ाई के आधार पर भारतीय रेल के तीन वर्ग बनाए गए हैं ।
      1.बड़ी लाइन [Broad Guage] -बड़ी लाइन में रेल पटरियों के बीच की दूरी 1.616 मीटर होती है ।
      2.मीटर लाइन [Meter Guage] -मीटर लाइन में रेल पटरियों के बीच की दूरी एक मीटर होती है ।
      3.छोटी लाइन [Narrow Guage] -छोटी लाइन में रेल पटरियों के बीच की दूरी 0.762 मीटर या 0.610 मीटर होती है ।
    41. ग्राण्ड ट्रक रोङ किसने और क्यों बनवाई । यह किन स्थानों को जड़ती है ?
      शेरशाह सूरी ने अपने साम्राज्य को सिंधु घाटी [पाकिस्तान] से लेकर बंगाल की सोनार घाटी तक सुदृढ़ एवं संघटित रखने के लिए शाही राजमार्ग ग्रांड ट्रंक [जी. टी.] रोड का निर्माण कराया था । जो कोलकाता को पेशावर से जोडती थी वर्तमान में यह अमृतसर से कोलकाता के बीच विस्तृत है जो दो खंडों में विभाजित है
      1.राष्ट्रीय महामार्ग NH-1 दिल्ली से अमृतसर तक
      2.राष्ट्रीय महामार्ग NH-2 दिल्ली से कोलकाता तक
    42. संचार से क्या अभिप्राय है ? इसके प्रकार लिखिए
      दो या दो से अधिक व्यक्तियो के बीच सूचनाओं का आदान प्रदान संचार कहलाता है संचार तंत्र को दो भागों में बांटा गया है
      1.व्यक्तिक संचार तंत्र -एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक सूचना को पंहुचाने वाला साधन व्यक्तिक संचार साधन कहलाता है पत्र, टेलीफोन, इमेल, इंटरनेट, मोबाइल
      2.जनसंचार संचार तंत्र -जनसाधारण तक सूचनाओं को पहुंचाने वाले साधन जनसंचार संचार तंत्र कहलाते हैं रेडियो, टेलीविजन, उपग्रह, समाचार पत्र आदि
    43. राष्ट्रीय महामार्गों व राज्य महामार्गों में अंतर लिखिए
      1.राष्ट्रीय महामार्गों का निर्माण व रखरखाव केंद्र सरकार करती है जबकि राज्य महामार्गों का निर्माण और रखरखाव राज्य सरकार करती है
      2.राष्ट्रीय महामार्ग राज्यों की राजधानियों, प्रमुख नगरों, महत्वपूर्ण पत्तनों तथा रेलवे जंक्शनों को भी जोड़ते हैं । जबकि राज्य महामार्ग राजधानी को जिला मुख्यालय से जोड़ती है
      3.राष्ट्रीय महामार्गों की लंबाई कुल सड़कों की लंबाई की 2% है जबकि राज्य महामार्गों की लंबाई कुल सड़कों की लंबाई की 4% है
    44. भारतमाला परियोजना क्या है ?
      भारतमाला सड़क परिवहन की एक प्रस्तावित वृहद् योजना है जो 2022 में पूरी होगी जिसमे निम्न प्रावधान है
      1.तटवर्ती राज्यों की सड़कों का विकास/सीमावर्ती भागों तथा छोटे बंदरगाहों को जोड़ना ।
      2.पिछडे़ इलाकों, धर्मिक, पर्यटन स्थलों को जोड़ना
      3.सेतू भारतम परियोजना के अंतर्गत 1500 बड़े पुलों तथा 200 रेल ओवर ब्रिज/रेल अंडर ब्रिज का निर्माण ।
      4.लगभग 900 कि.मी. के नए घोषित राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास के लिए जिला मुख्यालय जाडेऩे की योजना ।
    45. भारत के राष्ट्रीय जल मार्गों [आंतरिक जलमार्ग] के नाम लिखिए
      1.राष्ट्रीय जलमार्ग-1 - हल्दिया से इलाहाबाद तक 1620 किलोमीटर लंबा [गंगा नदी में]
      यह पटना तक यंत्रीकृत नौकाओं द्वारा तथा हरिद्वार तक साधारण नौकाओं द्वारा नौकायन योग्य है । यह तीन भागों में विभाजित है
      [i] हल्दिया-फरक्का - 560 कि.मी.
      [ii] फरक्का-पटना - 460 कि.मी.
      [iii] पटना-इलाहाबाद - 600 कि.मी.
      2.राष्ट्रीय जलमार्ग-2 - धुबरी से सादिया तक 891 किलोमीटर [ब्रह्मपुत्र नदी में] इसका भारत व बांग्लादेश साझेदारी में प्रयोग करते हैं ।
      3.राष्ट्रीय जलमार्ग -3 - कोट्टापुरम से कोलम तक 168 किलोमीटर [पश्चिमी तट नहर में] इसके अंतर्गत पश्चिमी तट नहर [168 कि.मी.] के साथ चंपाकारा [14 कि.मी.] तथा उद्योग मंडल [23 कि.मी.] नहरें आती हैं ।
      4.राष्ट्रीय जलमार्ग-4 - काकीनाडा से मरक्कानम तक 1078 किलोमीटर [गोदावरी और कृष्णा नदी]
      5.राष्ट्रीय जलमार्ग- 5- तलचर से धमरा तक 588 किमी [ब्राहमणी नदी ]
    46. भारत में वायु परिवहन की प्रमुख विशेषताओं को लिखें ।
      1.यह यातायात का सबसे तीव्रगामी साधन है ।
      2.इसके लिए मार्ग का निर्माण और रख-रखाव नहीं करना पड़ता है ।
      3.अत्यधिक ऊँचाई पर उड़ने के कारण इसे प्राकृतिक बाधाओं का सामना नहीं करना पड़ता है । इससे पहाड़ों, मरुस्थलों, गहरे महासागरों और घने वनों को आसानी से पार कर लिया जाता है ।
      4.परिवहन के अन्य साधनों की अपेक्षा इसका मार्ग समय के संदर्भ में छोटा होता है । इस कारण समय की बचत होती है
    47. भारत में परिवहन के प्रमुख साधन कौन से हैं ?
      1. स्थल परिवहन [1] सड़क परिवहन [2] रेल परिवहन [3] पाइपलाइन परिवहन
      2. जल परिवहन [1] अन्तः स्थलीय जलमार्ग [2] महासागरीय जलमार्ग
      3. वायु परिवहन [1] राष्ट्रीय वायुमार्ग [2] अन्तर्राष्ट्रीय वायुमार्ग
    48. उड़ान क्या है ?
      उड़ान (उड़े देश का आम नागरिक) विश्व स्तर पर अपनी तरह की पहली योजना है, जिसे क्षेत्रीय विमानन बाजार में तेजी लाने के लिए डिजाइन किया गया है। आम नागरिक के लिए उड़ान को किफायती बनाकर क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए नगर विमानन मंत्रालय, द्वारा क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना (RCS) उड़ान की कल्पना की गई थी। योजना का मुख्य विचार सक्षम नीतियों और प्रोत्साहनों केमाध्यम से एयरलाइनों को क्षेत्रीय और दूरस्थ मार्गों पर उड़ानें संचालित करने के लिए प्रोत्साहित करना है।
    49. जनसंचार संचार तंत्र के माध्यमो का वर्णन कीजिए
      1.रेडियो- भारत में रेडियो का प्रसारण सन् 1923 में रेडियो क्लब ऑफ बाम्बे द्वारा प्रारंभ किया गया था इसने लोगों के सामाजिक-संस्कृतिक जीवन में परिवर्तन ला दिया है । 1930 में इंडियन ब्रॉड कास्टिंग सिस्टम के अंतर्गत इस लोकप्रिय संचार माध्यम को अपने नियंत्राण में ले लिया । 1936 में इसे ऑल इंडिया रेडियो और 1957 में आकाशवाणी में बदला दिया गया ।
      2.टेलीविजन [टी.वी.] - सूचना के प्रसार और आम लोगों को शिक्षित करने में टेलीविशन प्रसारण एक अत्यधिक प्रभावी दृश्य-श्रव्य माध्यम के रूप में उभरा है । इसे 1959 में प्रारंभ किया गया था । सन् 1976 में टी.वी. को ऑल इंडिया रेडियो से विगलित कर दिया गया और इसे दूरदर्शन [डी.डी.] के रूप में एक अलग पहचान दी गई । इनसैट-1A [राष्ट्रीय टेलीविजन डीडी-1] के चालू होने के बाद समूचे नेटवर्क के लिए साझा राष्ट्रीय कार्यक्रमों की शुरुआत की गई ।
      3.उपग्रह संचार - पृथ्वी की कक्षा में कृत्रिम उपग्रहो के सफलतापूर्वक प्रक्षेण के पश्चात उपग्रहों के माध्यम से होने वाला संचार उपग्रह संचार कहलाता है उपग्रह संचार प्रणाली ने विश्व के विभिन्न क्षेत्रों को एक दूसरे के निकट ला दिया तथा पृथ्वी के वे स्थान जहां पहुंचना असंभव था उन स्थानों को संचार प्रणाली से जोड़ दिया । उपग्रह संचार का उपयोग दूरदर्शन संचालन, मौसम का पूर्वानुमान लगाने, प्राकृतिक आपदाओं जानकारी, सीमा क्षेत्रों की चौकसी आदि में किया जाता है
    50. भारत के आर्थिक विकास में सड़कों की भूमिका का वर्णन कीजिए
      1.भारत में सड़क परिवहन द्वारा प्रतिवर्ष 85 % यात्री एवं 70% भार यातायात का परिवहन किया जाता है
      2.यह गांव को शहर से जोड़ने का बारहमासी परिवहन तंत्र है, जिससे कृषि उपकरण एवं खाद को गांव तक पहुंचाया जाता है ।
      3.सड़क परिवहन द्वारा कृषिगत उत्पादों को बाजार तक पहुंचाया जाता है सड़क परिवहन द्वारा मण्डी के लिए कृषि उपजें व उद्योगों के लिए कच्चा माल पहुँचाया जाता है
      4.सड़क परिवहन भारतीय सीमा पर सुरक्षा की दृष्टि से निगरानी एवं दुर्गम क्षेत्रों के आर्थिक विकास का कार्य भी करता है ।
      5.सड़कें भारतीय व्यापार की जीवन रेखा के रूप में कार्य करती हैं । वे उपभोक्ताओं को उत्पादकों से जोड़ते हैं हैं । सड़कें विभिन्न क्षेत्रों को जोड़ती हैं, इसलिए वे औद्योगिक क्षेत्रों को कच्चे माल के उत्पादक क्षेत्रों, उपभोक्ताओं को उत्पादकों के साथ जोड़कर व्यापार को बढ़ावा देने में मदद करती हैं ।
      6.सड़कों की कनेक्टिविटी बढ़ने से न केवल प्रमुख उद्योगों के व्यापार में वृद्धि हुई है, बल्कि उन्हें निकटतम बाजारों तक पहुंच प्रदान करके लघु और मध्यम स्तर के उद्योगों को स्थापित करने में भी मदद मिली है । सड़कों ने देश के अंदरूनी हिस्सों को मुख्य भागों से जोड़ने और इस प्रकार अर्थव्यवस्था का विस्तार करने में मदद की है ।
      7.सड़कें बंदरगाहों और वायुमार्गों की पूरक हैं । बंदरगाह और हवाई मार्ग भारत के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार होता हैं, लेकिन बंदरगाहों और हवाई अड्डों को भारत के अंदरूनी हिस्सों को जोड़ने के लिए सड़क परिवहन की महत्वपूर्ण भूमिका है
    51. भारत में पाइपलाइन परिवहन का वर्णन कीजिए
      पाइप लाइनें गैसों एवं तरल पदार्थों के लंबी दूरी तक परिवहन हेतु अत्यधिक सुविधाजनक एवं सक्षम परिवहन प्रणाली है। यहाँ तक की इनके द्वारा ठोस पदार्थों को भी घोल या गारा में बदलकर परिवहित किया जा सकता है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के प्रशासन के अधीन स्थापित आयल इंडिया लिमिटेड (ओ.आई.एल.) कच्चे तेल एवं प्राकृतिक गैस के अन्वेषण, उत्पादन और परिवहन में संलग्न है। इसे 1959 में एक कंपनी के रूप में निगमित किया गया था।
      भारत की पाइपलाइने
      1.नाहरकटिया-नूनमति-बरौनी पाइपलाइन - यह एशिया की प्रथम पाइपलाइन है जो असम के नाहरकटिया तेल कुओं से बरौनी (बिहार) तक 1157 किलोमीटर तक बिछाई गई है इसका निर्माण आयल इंडिया लिमिटेड द्वारा किया गया इसे 1966 में और आगे कानपुर तक विस्तारित किया गया।
      2. हजीरा- विजयपुर -जगदीशपुर पाइपलाइन- यह विश्व की सबसे लंबी भूमिगत गैस पाइपलाइन है जिसकी लम्बाई 1700 किलोमीटर है इसका निर्माण गेल (इंडिया) लिमिटेड (स्थापना 1984) द्वारा किया गया यह पाइपलाइन हजीरा (महाराष्ट्र)- विजयपुर (मध्य प्रदेश) - जगदीशपुर (उत्तर प्रदेश) के मध्य है यह क्रॉस कंट्री गैस पाइपलाइन ने मुंबई हाई और बेसीन गैस क्षेत्रों को पश्चिमी और उत्तरी भारत में विभिन्न उर्वरक, बिजली और औद्योगिक परिसरों से जोड़ा है।
    52. भारत में जल परिवहन का वर्णन कीजिए
      परिवहन का सबसे सस्ता साधन है क्योंकि इसमें परिवहन मार्ग के निर्माण एवं रखरखाव की समस्या नहीं है तथा भारी सामानों का सुरक्षित परिवहन होता है यह ईंधन-दक्ष तथा पारिस्थितिकी अनुकूल परिवहन प्रणाली है । भारत के जलमार्ग को दो भागों में विभक्त किया जा सकता है
      A. अंतःस्थलीय जलमार्ग - भारत में 14,500 कि.मी. लंबा अंतःस्थलीय जलमार्ग नौकायन हेतु उपलब्ध है जो देश के परिवहन में लगभग 1% का योगदान देता है । इसके अंतर्गत नदियाँ, नहरें, पश्च जल तथा सँकरी खाड़ियाँ आदि आती हैं । भारत में राष्ट्रीय जलमार्ग के विकास व नियमन के लिए 1986 में भारतीय अन्त: स्थलीय जलमार्ग प्राधिकरण का गठन किया गया भारत में 6 राष्ट्रीय जलमार्ग बनाए गए
      1.राष्ट्रीय जलमार्ग-1 - हल्दिया से इलाहाबाद तक 1620 किलोमीटर लंबा [गंगा नदी में]
      2.राष्ट्रीय जलमार्ग-2 - धुबरी से सादिया तक 891 किलोमीटर [ब्रह्मपुत्र नदी में]
      3.राष्ट्रीय जलमार्ग -3 - कोट्टापुरम से कोलम तक 168 किलोमीटर [पश्चिमी तट नहर में]
      इसके अंतर्गत पश्चिमी तट नहर [168 कि.मी.] के साथ चंपाकारा [14 कि.मी.] तथा उद्योग मंडल [23 कि.मी.] नहरें आती हैं ।
      4.राष्ट्रीय जलमार्ग-4 - काकीनाडा से मरक्कानम तक 1078 किलोमीटर [गोदावरी और कृष्णा नदी]
      5.राष्ट्रीय जलमार्ग- 5- तलचर से धमरा तक 588 किमी [ब्राहमणी नदी ]
      B.महासागरीय जल मार्ग- भारत में लंबी समुद्र तटीय रेखा के कारण महासागरीय जल परिवहन का विकास अधिक हुआ है भारत में 12 प्रमुख बंदरगाह तथा 185 छोटे बंदरगाह है जिनमें भारत का अधिकतर समुद्री व्यापार होता है भारत में भार के अनुसार लगभग 95% तथा मूल्य के अनुसार 70% विदेशी व्यापार महासागरीय मार्गों द्वारा होता है ।
    53. भारत में सड़क परिवहन का वर्णन कीजिए
      सड़क परिवहन परिवहन के अन्य साधनों का आधार स्तंभ है भारत का सड़क जाल विश्व का दूसरा सबसे बड़ा सड़क-जाल है । इसकी कुल लंबाई लगभग 56 लाख कि.मी. है । भारत में सड़कों द्वारा प्रतिवर्ष 85% यात्री तथा 70% माल का परिवहन किया जाता है । छोटी दूरियों की यात्रा के लिए सड़क परिवहन अपेक्षाकृत अनुकूल होता है ।
      निर्माण एवं रख-रखाव के उद्देश्य के आधार पर सड़कों को चार वर्गों में विभाजित किया गया है
      1.राष्ट्रीय महामार्ग[NH] -राष्ट्रीय महामार्गों का निर्माण व रखरखाव केंद्र सरकार करती है राष्ट्रीय महामार्गों का उपयोग अंतर्राज्यीय परिवहन तथा सामरिक क्षेत्रों तक रक्षा सामग्री एवं सेना के आवागमन के लिए होता है । ये महामार्ग राज्यों की राजधानियों, प्रमुख नगरों, महत्वपूर्ण पत्तनों तथा रेलवे जंक्शनों को भी जोड़ते हैं । 1995 में भूतल परिवहन मंत्रालय के अधीन एक स्वायत्तशासी निकाय “भारतीय राष्ट्रीय महामार्ग प्राधिकरण” [NHAI] का गठन किया गया है जो राष्ट्रीय महामार्गों के विकास, रख-रखाव तथा प्रचालन का कार्य करता है । यह राष्ट्रीय महामार्गों की गुणवत्ता सुधार के लिए एक शीर्ष संस्था है ।
      राष्ट्रीय महामार्गों की लंबाई पूरे देश की कुल सड़कों की लंबाई की मात्र 2 प्रतिशत है परन्तु ये यातायात के 40% भाग का परिवहन होता है
      2.राज्य महामार्गों [SH] -राज्य राजमार्ग -इन सड़कों का निर्माण और रखरखाव राज्य सरकार करती है ये सड़के राजधानी को जिला मुख्यालय से जोड़ती है राज्य महामार्गों की लंबाई पूरे देश की कुल सड़कों की लंबाई की 4% है
      3.जिला सड़क मार्ग - ये सड़कें जिला मुख्यालय को जिले के अन्य स्थानों से जोड़ती है जिला सड़क मार्ग की लंबाई पूरे देश की कुल सड़कों की लंबाई की 14% है
      4.ग्रामीण सड़कें- इन सड़कों की सर्वाधिक लंबाई है भारत की कुल सड़कों की लंबाई कालगभग 80 प्रतिशत हिस्सा ग्रामीण सड़कों के रूप में वर्गीकृत किया गया है । यह ग्रामीण क्षेत्रों को शहरों तथा कस्बों से जोड़ती है इस इन के विकास के लिए प्रधानमंत्री सड़क योजना का कार्य प्रगति पर है ये सड़कें ग्रामीण क्षेत्रों को आपस में जोड़ने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होती हैं
      5.अन्य सड़के - अन्य सड़कों के अंतर्गत सीमांत सड़कें [सीमावर्ती सड़के] एवं अंतर्राष्ट्रीय महामार्ग आते हैं सीमांत सड़कों के निर्माण के लिए 1960 में सीमा सड़क संगठन BRO की स्थापना की गई जिसका प्रमुख उद्देश्य सीमावर्ती सड़कों का निर्माण करना व इनका रखरखाव करना है BRO ने पर्वतीय क्षेत्रों में चंडीगढ़ को मनाली [हिमाचल प्रदेश] तथा लेह [लद्दाख] से जोड़ने वाली सड़क बनाई है । सामरिक दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में सड़कें बनाने व रखरखाव करने के साथ-साथ बी.आर.ओ. अति ऊँचाइयों वाले क्षेत्रों में बर्फ हटाने का कार्य भी करता है अंतर्राष्ट्रीय महामार्गों का उद्देश्य पड़ोसी देशों के बीच भारत के साथ प्रभावी संपर्कों को उपलब्ध कराते हुए सद्भावपूर्ण संबंधों को बढ़ावा देना है













    रेल-मंडल 

    =

    मुख्यालय

    सेंट्रल/मध्य रेलमंडल 

    =

    मुंबई

    ईस्टर्न/पूर्व रेलमंडल

    =

    कोलकाता

    ईस्ट सेंट्रल /मध्य पूर्व रेलमंडल

    =

    हाजीपुर

    ईस्ट कोस्ट /पूर्व तटीय रेलमंडल

    =

    भुवनेश्वर

    नार्दन/उत्तरी रेलमंडल

    =

    नई दिल्ली

    नार्थ सेंट्रल/उत्तरी मध्य रेलमंडल

    =

    इलाहाबाद

    नार्थ इस्टर्न/उत्तरी पूर्व रेलमंडल

    =

    गोरखपुर

    नार्थ ईस्ट फ्रंटियर/ पूर्वोत्तर सीमान्त रेलवे

    =

    मालीगाँव [गुवाहाटी]

    नार्थ वेस्टर्न /उत्तरी पश्चिमी रेलमंडल

    =

    जयपुर

    साउथ /दक्षिण रेलमंडल

    =

    चेन्नई

    साउथ सेंट्रल /दक्षिणी मध्य रेलमंडल

    =

    सिकंदराबाद

    साउथ ईस्टर्न/ दक्षिणी रेलमंडल

    =

    कोलकाता

    साउथ ईस्ट सेंट्रल/ दक्षिणी पश्चिमी मध्य रेलमंडल

    =

    बिलासपुर

    साउथ वेस्टर्न/ दक्षिणी  पश्चिमी रेलमंडल

    =

    हुबली

    वेस्टर्न/ पश्चिमी रेलमंडल

    =

    मुंबई [चर्च गेट]

    वेस्ट सेंट्रल / पश्चिमी मध्य रेलमंडल

    =

    जबलपुर