GSSS BINCHAWA

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हिमालय का प्रादेशिक विभाजन

  

         हिमालय का प्रादेशिक विभाजन
     हिमालय को प्रादेशिक आधार पर (
हिमालय का प्रादेशिक विभाजन) चार भागों में विभाजित किया जा सकता है 
  1. कश्मीर हिमालयहिमालय का प्रादेशिक विभाजन
    इसे हिमांचल हिमालय, पंजाब हिमालय व पश्चिमी हिमालय भी कहा जाता है
    सिंधु और सतलुज नदियों के बीच का हिमालय क्षेत्र कश्मीर हिमालय के नाम से जाना जाता है
    इसकी लम्बाई 560 किमी है
    कश्मीर हिमालय का अधिकांश हिस्सा जम्मू- कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में है।
    काराकोरम, लद्दाख, ज़ास्कर, धौलाधार पर्वत श्रेणियां कश्मीर हिमालय में स्थित है
    कश्मीर हिमालय करेवा झिलीय निक्षेप के लिए प्रसिद्ध है जहाँ ज़ाफ़रान(केसर) की खेती की जाती हैं।
    दक्षिण एशिया के महत्वपूर्ण ग्लेशियर जैसे बोल्टोरोरो व सियाचिन ग्लेशियर इसी हिमालय में पाए जाते हैं।
    वैष्णोदेवी का मंदिर व अमरनाथ गुफा कश्मीर हिमालय के अन्तर्गत महत्वपूर्ण तीर्थ हैं |
    प्रसिद्ध कश्मीर घाटी ,कुल्लू-कांगड़ा, लाहोल व स्पीती घाटी कश्मीर हिमालय में स्थित है
    जोजिला, बनिहाल, पीरपंजाल, बुर्जिल, खर्दुंगला, रोहतांग व बरालाचा दर्रे कश्मीर हिमालय में स्थित है
    प्रसिद्ध डल झील व वुलर झील कश्मीर हिमालय में स्थित है 
  2. कुमाऊँ हिमालय
    हिमालय का प्रादेशिक विभाजन
    सतलुज से काली नदियों के बीच का हिमालय क्षेत्र कुमाऊँ हिमालय के नाम से जाना जाता है
    इसकी लम्बाई 320 किमी है
    कुमाऊँ हिमालय उत्तराखंड में स्थित है
    बद्रीनाथ ,केदारनाथ , त्रिशूल, गंगोत्री ,नन्दा देवी, कामेत, नन्दाकोट, आदि मुख्य चोटियाँ कुमाऊँ हिमालय
    हिमालय में स्थित है
    नंदा देवी कुमाऊँ हिमालय सबसे ऊँची चोटी है
    गंगा व यमुना नदियों का उद्गम क्षेत्र क्रमशः गंगोत्री व यमुनोत्री ग्लेशियर इसी हिमालय में स्थित हैं
    इसके दो भाग गढ़वाल हिमालय तथा कुमाऊँ हिमालय हैं।
    कुमाऊँ हिमालय में लघु हिमालय की मसूरी और नागटिबा पर्वतमाला स्थित है।
    प्रसिद्ध ‘फूलो की घाटी’ इसी हिमालय में स्थित हैं
  3. नेपाल हिमालय
    हिमालय का प्रादेशिक विभाजन
    यह पश्चिम में काली नदी और पूर्व में तीस्ता नदी के बीच मे स्थित है।
    इसकी लम्बाई 800 किमी है
    यह हिमालय सिक्किम, दार्जिलिंग तथा भूटान में फैला हुआ है।
    हिमालय की प्रसिद्ध काठमांडू घाटी इसी भाग में स्थित है।
    धौलागिरी, अन्नपूर्णा, माउंट एवरेस्ट, मकालू, कंचनजंगा आदि प्रसिद्ध चोटियां नेपाल हिमालय में स्थित है
    इस क्षेत्र में लघु हिमालय को महाभारत श्रेणी के नाम से जाना जाता है
  4. असम हिमालय
    हिमालय का प्रादेशिक विभाजन
    हिमालय का यह हिस्सा पश्चिम में तीस्ता नदी और पूर्व में ब्रह्मपुत्र नदी के बीच स्थित है
    इसकी लम्बाई 720 किमी है
    यह हिमालय सिक्कम, अरुणाचल प्रदेश व असम में फैला हुआ है
    हिमालय की सबसे पूर्वी चोटी नामचा बरवा चोटी असम हिमालय में स्थित है  

भौगोलिक हिमालय


हिमालय का भौगोलिक वर्गीकरण


  • हिमालय का भौगोलिक वर्गीकरण :-
    उत्तर का पर्वतीय प्रदेश पश्चिम में जम्मू-कश्मीर से पूर्व में अरुणाचल प्रदेश तक 2500 किमी. में फैला है। पूर्व में इसकी चौड़ाई 200 किलोमीटर व पश्चिम में इसकी चौड़ाई 500 किमी. है हिमालय पर्वत का निर्माण यूरेशियाई प्लेट और इंडिक प्लेट के टकराने से हुआ है। हिमालय के निर्माण के सम्बन्ध में कोबर का भू-सन्नति सिद्धांत व हैरी हैस का प्लेट विवर्तनिकी सिद्धांत सर्वाधिक मान्य है हिमालय का निर्माण टेथीस सागर से हुआ है अतः टेथीस सागर को 'हिमालय का गर्भ-गृह' या जन्म स्थल कहा जाता हैं। हिमालय विश्व के नवीनतम मोड़दार पर्वतों में से एक है। इसका निर्माण अल्पाइन भूसंचलन के तहत् टर्शियरी काल में हुआ उत्तरी पर्वतीय प्रदेश को तीन भागों में बाँटा जा सकता है-
    ट्रांस हिमालय
  1. ट्रांस हिमालय या 'तिब्बत हिमालय श्रेणी
    यह वृहद् हिमालय के उत्तर में स्थित है। इसमें काराकोरम, लद्दाख, जॉस्कर एवं कैलाश पर्वत श्रेणियाँ शमिल है ।
    काराकोरम श्रेणी - काराकोरम श्रेणी को एशिया की रीढ़ (Backbone of High Asia) कहा जाता है। इसका प्राचीन नाम कृष्णगिरी है  इसी श्रेणी में भारत (POK) की सर्वोच्च पर्वत चोटी K2 या गॉडविन ऑस्टिन (8,611 मी.) स्थित है। गॉडविन ऑस्टिन पर्वत को गौरी नन्दा पर्वत के नाम से भी जाना जाता है। ये चोटी माउंट एवरेस्ट के बाद विश्व की दूसरी उच्चतम पर्वत चोटी है
    भारतीय भूभाग में काराकोरम श्रेणी पाक-अधिकृत कश्मीर में स्थित है। सियाचिन,बियाफो, बल्तोरा, व हिस्पार ग्लेशियर काराकोरम श्रेणी में स्थित हैं। काराकोरम श्रेणी पश्चिम में पामीर की गाँठ से मिल जाती है
    लद्दाख श्रेणी - काराकोरम श्रेणी के दक्षिण में लद्दाख श्रेणी है। यह श्रेणी श्योक और सिन्धु नदी के बीच में स्थित है (लद्दाख श्रेणी के उत्तर में श्योक तथा दक्षिण में सिन्धु नदी बहती है) लद्दाख श्रेणी के दक्षिण में सिन्धु नदी के दाहिने तट पर लद्दाख की राजधानी “लेह” स्थित है विश्व की सर्वाधिक तीव्र ढाल वाली चोटी “राकपोशी चोटी” लद्दाख श्रेणी में स्थित है
    जासकर श्रेणी - लद्दाख श्रेणी के दक्षिण में जॉस्कर श्रेणी स्थित है सिन्धु नदी जॉस्कर और लद्दाख श्रेणियों के मध्य बहती है, भारत का सबसे ठंडा क्षेत्र द्रास यंही स्थित है
    कैलाश श्रेणी – कैलाश श्रेणी लद्दाख श्रेणी का विस्तार है जो तिब्बत में स्थित है
    हिमालय (भारत)

  2. हिमालय पर्वतीय प्रदेश- हिमालय पर्वतीय प्रदेश के अंतर्गत तीन प्रमुख पर्वत श्रेणियाँ हैं-
    1. वृहद् हिमालय या आंतरिक हिमालय श्रेणी- वृहद् हिमालय का विस्तार पश्चिम में नंगा पर्वत (सिन्धु नदी के मोड़) से लेकर पूर्व में नामचा बरवा (ब्रह्मपुत्र के मोड़) तक है वृहद् हिमालय को आंतरिक हिमालय श्रेणी, हिमाद्रि, मुख्य हिमालय या बर्फीला हिमालय भी कहते है। ट्रांस हिमालय व वृहद् हिमालय के मध्य का क्षेत्र शचर जोन कहलाता है विश्व की सर्वाधिक ऊँची चोटियाँ इसी श्रेणी में पायी जाती हैं। वृहद् हिमालय की औसत ऊँचाई 6100 मीटर है। वृहद् हिमालय में पूर्व (असम हिमालय) में हिम रेखा की ऊँचाई 4400 मीटर के करीब है जबकि पश्चिम (कश्मीर हिमालय) में 5100 मीटर के करीब है।गंगोत्री व यमुनोत्री प्रमुख ग्लेशियर वृहद् हिमालय में स्थित है
    वृहद् हिमालय की प्रमुख चोटियाँ
    नंगा पर्वत इसकी ऊंचाई 8126 मी. है नंगा पर्वत गिलगित-बल्तिस्तान (POK) में स्थित है नंगा पर्वत विश्व की आठवीं सबसे ऊँची चोटी है
    माउंट एवरेस्ट-सकी ऊंचाई 8848 मीटर है यह चोटी नेपाल में स्थित है माउंट एवरेस्ट विश्व की सर्वोच्च चोटी चोटी है। माउंट एवरेस्ट को नेपाल में सागरमाथा के नाम से भी जाना जाता है।
    धौलागिरि - इसकी ऊंचाई 8172 मीटर है यह चोटी नेपाल में स्थित है धौलागिरि विश्व की सातवीं सबसे ऊँची चोटी है इसे सफ़ेद पर्वत कहा जाता है
    अन्नपूर्णा - इसकी ऊंचाई 8076 मीटर है यह चोटी नेपाल में स्थित है अन्नपूर्णा विश्व की दसवीं सबसे ऊँची चोटी है
    नंदा देवी -इसकी ऊंचाई 7817 मीटर है  यह चोटी उत्तराखंड में स्थित है यह उत्तराखंड की सर्वाधिक ऊँची चोटी है 
    मकालू - इसकी ऊंचाई 8481 मीटर है यह चोटी नेपाल में स्थित है मकालू विश्व की पांचवी सबसे ऊँची चोटी है
    कंचनजंघा - इसकी ऊंचाई 8598 मीटर है कंचनजंघा भारत में स्थित हिमालय की सबसे ऊँची चोटी है जो सिक्किम और नेपाल की सीमा पर स्थित है कंचनजंघा विश्व की तीसरी सबसे ऊँची चोटी है
    नामचा बरवा - इसकी ऊंचाई 7756 मी.है यह चोटी तिब्बत में स्थित है यह हिमालय की सबसे पूर्व में स्थित है
    2. लघु हिमालय या हिमाचल श्रेणी- इसका विस्तार मुख्य हिमालय के दक्षिण में है। यह नेपाल तक फैली हुई है इसकी औसत ऊँचाई 3700 से 4500 मी. के बीच है। लघु हिमालय की ढाल पर छोटे-छोटे घास के मैदान पाये जाते हैं, जिन्हें कश्मीर में 'मर्ग' तथा उत्तराखंड में 'बुग्याल' या 'पयार' कहा जाता है। गुलमर्ग शीतकालीन खेलों के केन्द्र के रूप में प्रसिद्ध है।
    लघु हिमालय के अंतर्गत पीरपंजाल श्रेणी, धौलाधर श्रेणी , नागटिब्बा श्रेणी(कुमायूं), महाभारत (नेपाल) श्रेणियाँ हैं पीरपंजाल श्रेणी में 'बनिहाल' और 'पीरपंजाल' दो प्रमुख दर्रे हैं।
    3. शिवालिक श्रेणी या बाह्य हिमालय या उप हिमालय-  हिमालय की सबसे बाहरी एवं दक्षिणी (निचली) श्रृंखला को शिवालिक हिमालय कहा जाता है शिवालिक श्रेणी लघु हिमालय के दक्षिण में अवस्थित है। यह हिमालय का सबसे नवीन भाग है। शिवालिक को लघु हिमालय से अलग करने वाली घाटियों को पश्चिम में 'दून' (जैसे-देहरादून) तथा पूरब में 'द्वार' (जैसे-हरिद्वार) कहते है शिवालिक हिमालय सर्वाधिक वर्ष प्राप्त करता है
    पूर्वांचल हिमालय

  3. पूर्वांचल की पहाड़ियाँ
    ये भारत के उत्तर पूर्वी राज्यों में फैली हैं। दिहांग गॉर्ज के बाद हिमालय दक्षिण की ओर मुड़ जाता है और भारत की पूर्वी सीमा का निर्धारण करता है| हिमालय के इस भाग को ‘पूर्वांचल पहाड़ियाँ’ कहा जाता है पूर्वांचल निम्नलिखित पहाड़ियाँ स्थित है 
    फला पहाड़ियाँ -नका विस्तार अरूणाचल प्रदेश राज्य में पाया जाता है  ये पहाड़ियां शिवालिक हिमालय का भाग है 
    मिरी पहाड़ियाँ - नका विस्तार अरूणाचल प्रदेश राज्य में पाया जाता है  ये पहाड़ियां शिवालिक हिमालय का भाग है 
    अबोर पहाड़ियाँ- नका विस्तार अरूणाचल प्रदेश राज्य में पाया जाता है  ये पहाड़ियां शिवालिक हिमालय का भाग है 
    मिश्मी पहाड़ियाँ:- इनका पूर्वी व उत्तरी भाग चीन की सीमा को स्पर्श करता है| इनका विस्तार अरूणाचल प्रदेश राज्य में पाया जाता है
    पटकोई बूम पहाड़ियाँ:- ये पहाड़ियाँ भारत व म्यांमार की सीमा के सहारे विस्तृत है इनका विस्तार भी अरूणाचल प्रदेश राज्य में पाया जाता है
    नागा पहाड़ियाँ:- ये पहाड़ियाँ भारत व म्यांमार की सीमा का निर्माण करती और और इनका विस्तार भारत के नागालैंड राज्य में पाया जाता है|
    मणिपुर पहाड़ियाँ:- इन पहाड़ियाँ का विस्तार मुख्यतः मणिपुर राज्य में मिलता है |
    मिज़ो पहाड़ियाँ:- मिजोरम में स्थित इन पहाड़ियों को पूर्व में ‘लुशाई पहाड़ियों’ के नाम से जाना जाता था| ये पहाड़ियाँ अराकान योमा तंत्र के उत्तरी भाग का निर्माण करती हैं|
    त्रिपुरा पहाड़ियाँ:- ये पहाड़ियाँ त्रिपुरा राज्य में अवस्थित हैं|
    मीकिर पहाड़ियाँ:- असम के काजीरंगा राष्ट्रीय पार्क के दक्षिण में ये पहाड़ियाँ स्थित हैं और कार्बी-आंगलांग पठार का एक हिस्सा हैं| इस क्षेत्र में धनसिरी व जमुना नदियाँ प्रवाहित होती हैं|
    गारो पहाड़ियाँ:- मेघालय राज्य में स्थित इन पहाड़ियों को पृथ्वी के सर्वाधिक आर्द्र स्थानों में से एक माना जाता है|
    ख़ासी पहाड़ियाँ: -मेघालय राज्य में स्थित इन पहाड़ियों का नाम ख़ासी जनजाति के नाम पर रखा गया है, जोकि इस क्षेत्र में निवास करती हैं| चेरापूँजी, जोकि विश्व का सर्वाधिक वर्षा वाला स्थान है, पूर्वी ख़ासी पहाड़ियों में ही स्थित है
    जयंतिया पहाड़ियाँ:- ये मुख्य रूप से मेघालय राज्य में गारो पहाड़ियों के पूर्व में स्थित हैं|


भारत : सामान्य परिचय



  • ग्लोब पर भारत की अवस्थिति दक्षिण एशिया में है।
  • अक्षांशीय दृष्टि से भारत की अवस्थिति उत्तरी गोलार्द्ध में तथा देशान्तरीय दृष्टि से पूर्वी गोलार्द्ध में है।
  • भारत का अक्षांशीय विस्तार 8° 4' उत्तरी अक्षांश से 37°6' उत्तरी अक्षांश तक है ।
  • भारत का देशान्तरीय विस्तार 68° 7' पूर्वी देशान्तर से 97° 25' पूर्वी देशान्तर तक है ।
  • भारत का सबसे उत्तरी बिन्दु 'इन्दिरा-कॉल' को माना जाता है जो लद्दाख में है। इसके दक्षिणी भाग में सियाचिन ग्लेशियर एवं उत्तरी भाग में उरडोक (Urdok) ग्लेशियर स्थित है।
  • भारत का सबसे दक्षिणी बिन्दु 'इन्दिरा-प्वाइन्ट' है जो अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के ग्रेट निकोबार द्वीप का दक्षिणी बिन्दु (6° 45' उत्तरी अक्षांश) है। इंदिरा प्वाइन्ट को पहले 'पिगमेलियन प्वाइन्ट' अथवा, 'पारसन प्वाइन्ट' के नाम से जाना जाता था । भूमध्य रेखा से इसकी दूरी लगभग 876 किमी. है।
  • भारत की मुख्य भूमि का दक्षिणतम बिन्दु (8° 4' उत्तरी अक्षांश) कन्याकुमारी/ केप कमोरिन अंतरीप (तमिलनाडु) है।
  • कर्क रेखा भारत के मध्य भाग से 8 राज्यों गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखण्ड, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा एवं मिजोरम से होकर गुजरती है कर्क रेखा भारत को लगभग दो बराबर में बाँटती है
  • 82° 30' पूर्वी देशान्तर रेखा को देश का मानक याम्योत्तर (देशांतर) माना गया है। यह मानक याम्योत्तर उत्तर प्रदेश के (इलाहबाद के निकट) मिर्जापुर से होकर गुजरती है। भारतीय मानक समय (I.S.T.) ग्रीनविच मीन टाइम (G.M.T) से 5 घंटा 30 मिनट आगे है। हमारे देश के सबसे पूर्वी व सबसे पश्चिमी भागों के समय में लगभग 2 घंटों का अंतर है। यह रेखा भारत के पांच राज्यों (उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश ,छतीसगढ़, ओडिशा, आंध्र प्रदेश) से होकर गुजरती है
  • भारत का पश्चिमी बिन्दु गौरमोता (गुजरात) और पूर्वी बिन्दु किबिथु (अरूणाचल प्रदेश) है
 भारत : आकार 
India Area

  • भारत की आकृति पूर्णतः त्रिभुजाकार न होकर चतुष्कोणीय है।
  • भारत की उत्तर से दक्षिण तक दूरी 3214 किलोमीटर और पूर्व से पश्चिम तक दूरी 2933 किलोमीटर है
  • भारत का कुल 32,87,263 वर्ग किमी. है। जो विश्व के स्थलीय धरातल का 2.4 प्रतिशत भाग है। इस प्रकार क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत विश्व का सातवाँ बड़ा देश है क्षेत्रफल की दृष्टि भारत से बड़े देशों का क्रम निम्नानुसार है
  • कनाडा > चीन > संयुक्त राज्य > अमेरिका > ब्राजील > ऑस्ट्रेलिया > भारत
  • भारत की स्थलीय सीमा की लम्बाई 15200 कि.मी. है स्थलीय सीमा भारत के 16 राज्यों एवं 2 केन्द्रशासित प्रदेशों को छूती है।
  • भारत की समुद्र तटीय सीमा की कुल लम्बाई (लक्षद्वीप समूह, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह की तटीय लम्बाई सहित) 7516.6 किमी. है । मुख्य भूमि की तटीय लम्बाई 5422.6 किमी. है।' तटीय सीमा 9 राज्यों एवं 4 केन्द्रशासित प्रदेशों को छूती है।
  • तटीय राज्यों में गुजरात की तटीय लम्बाई (1214.70 किमी) सर्वाधिक है। इसके बाद आन्ध्र प्रदेश का स्थान है। केन्द्रशासित प्रदेशों में अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह की तटीय लम्बाई (1962.00 किमी) सर्वाधिक है।
  • प्रादेशिक जल सीमा (Territorial Sea) - भारत की 'प्रादेशिक जल सीमा' तट रेखा से 12 समुद्री मील (लगभग 21.9 किलोमीटर) की दूरी तक है। इस क्षेत्र के उपयोग का भारत को संपूर्ण अधिकार प्राप्त है।
  • संलग्न क्षेत्रमण्डल (Contiguous Zone) - प्रादेशिक जल सीमा से आगे तथा तट रेखा से 24 समुद्री मील की दूरी तक के क्षेत्र को 'संलग्न क्षेत्रमण्डल' कहते हैं। इस क्षेत्र में भारत को राजकोषीय अधिकार, सीमा शुल्क से संबंधित अधिकार, प्रदूषण नियंत्रण से संबंधित अधिकार तथा आप्रवासी कानून लागू करने का अधिकार प्राप्त है।
  • 'अनन्य आर्थिक क्षेत्र' (Exclusive Economic Zone) – इस क्षेत्र के अंतर्गत 'संलग्न क्षेत्र' के आगे के वे समुद्री क्षेत्र आते हैं जो तट रेखा से 200 समुद्री मील की दूरी तक हैं। इस क्षेत्र के अंतर्गत भारत को खनिज सम्पदा , सागरीय जल शक्ति, सागरीय जीवों का सर्वेक्षण, विदोहन, सरक्षण व अनुसन्धान का अधिकार है
 भारत : राज्य व केंद्र शासित प्रदेश  



Union Territories of India

  • वर्तमान में भारत में 28 राज्य एवं 8 केन्द्रशासित प्रदेश हैं।
  • क्षेत्रफल की दृष्टि से चार बड़े राज्य (घटते क्रम में)- राजस्थान >मध्यप्रदेश > महाराष्ट्र > उत्तर प्रदेश
  • क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे छोटा राज्य गोवा है।
  • भारत में वर्तमान में 8 केंद्र शासित प्रदेश है
  1. अण्डमान और निकोबार द्वीप समूह 
  2. चण्डीगढ़
  3. दादरा नागर हवेली और दमन दीव
  4. लक्षद्वीप
  5. पुदुचेरी
  6. दिल्ली
  7. जम्मू और कश्मीर
  8. लद्दाख
  • अंडमान निकोबार द्वीप समूह के प्रमुख द्वीप - उत्तरी अंडमान, मध्य अंडमान, दक्षिणी अंडमान, लघु अंडमान, कार निकोबार, छोटा निकोबार, बड़ा (ग्रेट) निकोबार है
  • अंडमान निकोबार द्वीप समूह की राजधानी 'पोर्ट ब्लेयर'( दक्षिणी अंडमान द्वीप) है।
  • भारत का दक्षिणतम बिन्दु 'इन्दिरा प्वाइंट' ग्रेट निकोबार द्वीप का दक्षिणी बिन्दु है।
  • बैरन द्वीप जो भारत का एकमात्र जाग्रत ज्वालामुखी है, मध्य अंडमान के पूर्वी भाग में अवस्थित है।
  • नारकोंडम द्वीप (उत्तरी अंडमान के उत्तर पूर्वी भाग में स्थित) एक ज्वालामुखी द्वीप है।
  • डंकन दर्रा दक्षिणी अंडमान और लघु अंडमान के बीच है।
  • अंडमान निकोबार द्वीप समूह 'मरकत द्वीप' (एमराल्ड आईलैंड) के नाम से भी प्रसिद्ध है।
  • 26 जनवरी 2020 को दो केंद्रशासित प्रदेश दादरा व नागर हवेली तथा दमन व दीव को मिलाकर “दादरा नागर हवेली और दमन दीव” नया केन्द्रशासित प्रदेश बनाया
  • 31अक्टूबर 2019 को जम्मू कश्मीर राज्य के दो केन्द्रशासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर तथा लद्दाख बनाए गए
  • लक्षद्वीप की राजधानी कवरत्ती है।
  • लक्षद्वीप प्रवाल भित्ति द्वारा निर्मित द्वीप हैं।
  • पुदुचेरी की राजधानी पुदुचेरी है।
  • पुडुचेरी (पांडिचेरी) एक ऐसा केन्द्रशासित प्रदेश है जिसका फैलाव तीन राज्यों में है।
  • पुडुचेरी (पांडिचेरी) केन्द्रशासित प्रदेश के अंतर्गत पुडुचेरी (मुख्य), यनम, कराईकल, माहे चार क्षेत्र आते हैं।
  • पांडिचेरी (मुख्य)         ⇒ तमिलनाडु की सीमा में अवस्थित
  • कराईकल                ⇒ तमिलनाडु की सीमा में अवस्थित
  • यनम                   ⇒ आन्ध्र प्रदेश की सीमा में अवस्थित
  • माहे                    ⇒ केरल की सीमा में अवस्थित
  • दादरा नागर हवेली और दमन दीव की राजधानी दमन है 
 भारत : पड़ोसी देश 
  • भारतीय उपमहाद्वीप में पाकिस्तान, नेपाल, भूटान, बांग्लादेश और भारत आते हैं।
  • भारत की सीमाओं से लगे कुल सात पड़ोसी देश हैं। भारत के 16 राज्य व 2 केन्द्रशासित प्रदेश 7 पड़ोसी देशों की स्थलीय सीमाओं से जुड़े हैं।
  • भारत एवं पाकिस्तान सीमा - भारत एवं पाकिस्तान के बीच 3323 किमी लम्बी अन्तर्राष्ट्रीय सीमा है भारत एवं पाकिस्तान के बीच इस सीमा का निर्धारण 1947 में सर सीरिल रेडक्लिफ द्वारा किया गया। इसलिए इसे रेडक्लिफ रेखा कहते है भारत के दो केन्द्रशासित प्रदेश (जम्मू-कश्मीर व लद्दाख) तथा तीन राज्य (पंजाब, राजस्थान, गुजरात) पाकिस्तान के साथ सीमा बनाते है
  • भारत-चीन सीमा- भारत एवं चीन के बीच 3488 किमी लम्बी अन्तर्राष्ट्रीय सीमा है इस सीमा रेखा का निर्धारण 1914 में सर हेनरी मैकमोहन द्वारा किया गया। इसलिए इसे मैकमोहन रेखा कहते है है भारत के एक केन्द्रशासित प्रदेश (लद्दाख) तथा चार राज्य (हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश) चीन के साथ सीमा बनाते है
  • भारत-अफगानिस्तान सीमा – भारत एवं अफगानिस्तान के बीच 106 किमी लम्बी अन्तर्राष्ट्रीय सीमा है इस सीमा रेखा का निर्धारण 1896 में सर मोर्टीमर डूरण्ड द्वारा किया गया। इसलिए इसे डुरण्ड रेखा कहते है है भारत एवं अफगानिस्तान की सीमा रेखा सबसे छोटी अन्तेर्राष्ट्रीय सीमा है यह वर्तमान में पाक अधिकृत कश्मीर (POK) एवं अफगानिस्तान के बीच सीमा रेखा का निर्धारण करती है।
  • भारत - म्यांमार सीमा रेखा – भारत एवं म्यांमार सीमा के बीच 1643 किमी लम्बी अन्तर्राष्ट्रीय सीमा है भारत के चार राज्य (अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम ) म्यांमार के साथ सीमा बनाते है
  • भारत – नेपाल सीमा – भारत एवं नेपाल सीमा के बीच 1751 किमी लम्बी अन्तर्राष्ट्रीय सीमा है भारत के पांच राज्य (उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, प. बंगाल, सिक्किम।) नेपाल के साथ सीमा बनाते है
  • भारत – भूटान सीमा - भारत एवं भूटान सीमा के बीच 699 किमी लम्बी अन्तर्राष्ट्रीय सीमा है भारत के चार राज्य (सिक्किम, प. बंगाल, असम,अरुणाचल प्रदेश।) भूटान के साथ सीमा बनाते है
  • भारत- बांग्लादेश सीमा - भारत एवं बांग्लादेश के बीच 4096.7 किमी लम्बी अन्तर्राष्ट्रीय सीमा है भारत के पांच राज्य (पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय,त्रिपुरा, मिजोरम।) बांग्लादेश के साथ सीमा बनाते है यह भारत के साथ लगने वाली सबसे लम्बी अन्तर्राष्ट्रीय स्थलीय सीमा है
  • 8° चैनल (8° उत्तरी अक्षांश) मिनीकाय एवं मालदीव के बीच है।
  • 9° चैनल (9° उत्तरी अक्षांश) मिनीकाय को मुख्य लक्षद्वीप समूह से अलग करता है।
  • 10° चैनल (10° उत्तरी अक्षांश रेखा) अंडमान को निकोबार से अलग करता है।
  • कोको स्ट्रेट कोको द्वीप(म्यांमार ) और उत्तरी अंडमान द्वीप के बीच में
  • 'पाक स्ट्रेट' तमिलनाडु एवं श्रीलंका के मध्य स्थित है।
  • 'आदम ब्रिज' तमिलनाडु एवं श्रीलंका के मध्य स्थित है। 'पम्बन द्वीप' आदम ब्रिज का हिस्सा है।
  • आदम ब्रिज के उत्तर में पाक की खाड़ी एवं दक्षिण में मन्नार की खाड़ी स्थित है।

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